Comscore Analytics
Section-Specific Split Button

UP TET 2026: हाई कोर्ट के फैसले से अभ्यर्थियों को बड़ी राहत! दो सवाल हटे, अब बदलेगा रिजल्ट; जानिए किसे मिलेगा फायदा

UP TET 2026
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रश्न 36 और 37 को मूल्यांकन से हटाया (Img: AI Generated)

UP TET 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP TET) 2026 के अभ्यर्थियों के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट से अहम फैसला आया है। कोर्ट ने परीक्षा के प्रश्न संख्या 36 और 37 को मूल्यांकन से बाहर करने का आदेश दिया है। खास बात यह है कि इस फैसले का लाभ सिर्फ याचिका दाखिल करने वाले चार अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समान स्थिति वाले सभी उम्मीदवारों को मिलेगा। इससे कई अभ्यर्थियों के अंकों और पात्रता पर असर पड़ सकता है।

प्रश्न 36 और 37 को मूल्यांकन से हटाने का आदेश (UP TET 2026)

इलाहाबाद हाई कोर्ट की एकलपीठ ने कानपुर नगर के विजय सोनकर और तीन अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने की। अदालत ने कहा कि प्रश्न संख्या 36 और 37 को मूल्यांकन में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। अंतिम उत्तर कुंजी में इन दोनों सवालों के दो-दो विकल्प सही माने गए थे। कोर्ट के आदेश के बाद अब प्रश्नपत्र का मूल्यांकन 150 के बजाय 148 प्रश्नों के आधार पर किया जाएगा। अर्हता का मानक निर्धारित प्रतिशत के हिसाब से तय होगा।

चार अभ्यर्थियों को क्यों नहीं मिले थे अंक? (UP TET 2026)

याचिकाकर्ताओं ने 3 जुलाई 2026 को दूसरी पाली में यूपी टीईटी की परीक्षा दी थी। 26 अगस्त 2026 को परिणाम घोषित हुआ, जिसमें चारों के सामान्यीकृत अंक निर्धारित 82 अंकों से कम थे। उनके अंक क्रमशः 81.39, 81.32, 80.40 और 80.94 थे। प्रोविजनल उत्तर कुंजी में प्रश्न 36 और 37 का सही जवाब केवल विकल्प (डी) बताया गया था। लेकिन अंतिम उत्तर कुंजी में प्रश्न 36 के लिए विकल्प (बी) और (डी), जबकि प्रश्न 37 के लिए (ए) और (डी) को सही मान लिया गया।

ये भी पढ़ें- CBSE का बड़ा बदलाव! 10वीं में अब नहीं पढ़ना होगा पर्यावरण शिक्षा, जानिए कौन-से विषय हटे और किनकी बढ़ी अहमियत

आयोग ने इन विकल्पों में से कोई एक चुनने वाले अभ्यर्थियों को अंक दिए। याचिकाकर्ताओं ने इनमें से कोई विकल्प नहीं चुना था, इसलिए उन्हें इन सवालों के अंक नहीं मिले। इसी फैसले को चुनौती देते हुए उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

कोर्ट ने सभी समान अभ्यर्थियों को दिया लाभ (UP TET 2026)

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया कि राहत केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित नहीं रहेगी। जिन अभ्यर्थियों की स्थिति समान है, उन्हें भी इसका फायदा मिलेगा। आयोग को निर्देश दिया गया है कि याचिकाकर्ताओं के अंकों की दोबारा गणना कर परिणाम और स्कोरकार्ड में जरूरी सुधार किया जाए।

ये भी पढ़ें- AIIMS Fellowship Programme January 2027: एम्स में 93 सीटों पर एडमिशन, 11 नवंबर तक करें आवेदन; दिसंबर में परीक्षा

कोर्ट ने यह भी कहा कि जब किसी सवाल के दो विकल्प सही मान लिए जाते हैं, तो वह प्रश्न सही और गलत जानकारी रखने वाले अभ्यर्थियों के बीच अंतर करने का आधार नहीं रह जाता। ऐसे में केवल संयोग से सही विकल्प चुनने वालों को अंक देना उचित नहीं है।

प्रश्न 38 हटने का भी कोर्ट ने किया जिक्र (UP TET 2026)

अदालत ने यह भी ध्यान दिलाया कि इसी परीक्षा में आयोग पहले ही प्रश्न संख्या 38 को मूल्यांकन से हटा चुका था। ऐसे में प्रश्न 36 और 37 के साथ अलग व्यवहार करने का कोई तर्कसंगत आधार नहीं था। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस फैसले से किसी भी अभ्यर्थी को भविष्य की भर्ती में नियुक्ति या चयन का स्वतः अधिकार नहीं मिलेगा। राहत केवल यूपी टीईटी 2026 के परिणाम में सुधार और उससे जुड़ी पात्रता तक सीमित रहेगी।

मामले में याचियों की ओर से अधिवक्ता अंकिता सिंह और तनिया पांडेय पेश हुईं, जबकि प्रतिवादियों की ओर से स्थायी अधिवक्ता शिव कुमार सिंह और उदयन नंदन ने पक्ष रखा।

Previous Post
Next Post

Advertisement

कैटेगरी

Advertisement

error: Content is protected !!