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UPSC Civil Services Mains Exam Date 2020: यूपीएससी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2020 की डेटशीट जारी, यहां देखें पूरा शेड्यूल

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा मुख्य परीक्षा की डेट शीट जारी कर दी है। युवा डाइनामाइट पर देखें पूरी एग्जाम का शेड्यूल नई दिल्लीः यूपीएससी ने सिविल सेवा मुख्य परीक्षा का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है। ये एग्जाम जनवरी के महीने में शुरू होंगे। मुख्य परीक्षा का आयोजन 8 जनवरी 2021 से 17 जनवरी 2021 के बीच किया होगा। इससे पहले कैंडिडेट्स को डिटेल्ड एप्लीकेशन फॉर्म (डीएएफ) भरना होगा। जिसे भरने की आखिरी तारिख 11 नवंबर है। अभ्यर्थियों को upsconline.nic.in पर जाकर ये फॉर्म ऑनलाइन भरना होगा। बता दें कि 4 अक्टूबर को सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2020 का आयोजन किया गया था। 23 अक्टूबर को इसका परिणाम जारी कर दिया गया था।

ज्वलंत मुद्दाः नई शिक्षा नीति 2020- आखिर क्यों पड़ी इसकी जरूरत

भारत में लंबे समय के बाद शिक्षा नीति में बड़े बदलाव किए गए हैं। इस नीति में बदलाव के बाद अब ये सवाल खड़े हो रहे हैं कि इस बदलाव की क्यों जरूरत पड़ी और क्या खास है इस नई नीति में.. नई दिल्लीः देश में मौजूदा शिक्षा नीति को अंतिम बार 1992 में अपडेट किया गया था। इस नीति का उद्देश्य स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा को तकनीकी शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षाओं को दायरे में लाना है। छात्र को बचपन से ही उसके हुनर और दिलचस्पी के हिसाब शिक्षा देना है। ताकि छात्रों को पढ़ाई के साथ साथ किसी लाइफ स्‍क‍िल से सीधा जोड़ा जा सके। ऐसा माना जा रहा है कि देश में रट्टू तोते वाली शिक्षा व्यवस्था से पढाई करने पर बच्चों को शिक्षा से लाभ मिलना बंद हो जाता है। यही कारण है कि भारत में समय समय पर शिक्षा नीति को बदला जाता रहा है। अभी तक हमारे देश में स्कूली पाठ्यक्रम 10+2 के हिसाब से चलता है लेकिन अब नई शिक्षा नीति में इसे खत्म कर 5+ 3+ 3+ 4 के फार्मेट को मंजूरी दी गयी है। जिसका मतलब प्राइमरी से दूसरी कक्षा तक एक हिस्सा, फिर तीसरी से पांचवीं तक दूसरा हिस्सा, छठी से आठवीं तक तीसरा हिस्सा और नौंवी से 12 तक आखिरी हिस्सा होगा।

ज्वलंत मुद्दाः आरक्षण के साथ और बिना आरक्षण, इन दो हिस्सों में बंटा भारत

भारत इस समय दो हिस्सों में बंटा हुआ, जिसमें एक आरक्षण के साथ है, जबकि एक बिना आरक्षण के। आज के समय में ये युवाओं के लिए एक अहम मुद्दा बना हुआ है, फिर चाहे बात नौकरी से जुड़ी हुई हो या पढ़ाई। पढ़ें युवा डाइनामाइट की ये विशेष खबर.. नई दिल्लीः आज के समय में देश में कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर फैसला का इंतजार पूरा भारत कर रहा है। इन्हीं मुद्दों में से एक है आरक्षण का मुद्दा। संविधान की पांचवी अनुसूची में शेड्यूल ट्राइब्स परिषद के अंतर्गत शेड्यूल ट्राइब्स को विशेष अधिकार प्राप्त है। आरक्षण जैसी नीतियां सिर्फ भारत में नहीं और भी काफी देशों में हैं, जहां रंग, भाषा, धर्म के आधार पर आरक्षण दिया जाता है। आरक्षण इसलिए दिया जाता है कि जिन लोगों से उनकी पहचान के आधार पर भेदभाव करते हुए उनके अधिकारों से वंचित रखा गया हो, उनको मुख्यधारा में लाया जा सके। भारत में इस वक्त इस चीज को लेकर बहस रही है कि मेडिकल जैसी फिल्ड से (ओबीसी) के आरक्षण के कितने सीट हैं और असल में उन्हें कितनी सीटें दी जा रही हैं।

ज्वलंत मुद्दा: क्या चीनी सामान का बहिष्कार कर आत्मनिर्भर भारत का निर्माण होगा?

अगर ये कहा जाए की भारत और भारत के लोगों में चीनी सामान ने अपनी एक अलग जगह बना ली है। ऐसे में चीनी सामानों को पूरी तरह से बहिष्कार करना एक बड़ा सवाल है। पढ़ें युवा डाइनामाइट न्यूज़ विशेष.. नई दिल्लीः देश में चीनी सामान के बहिष्कार का अभियान चल पड़ता है। सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट की भरमार हो जाती है जिसमें चीनी सामान नहीं खरीदने का आह्वान होता है। चीन को सबक सिखाने के लिए चीनी सामान का बहिष्कार किया जाएगा तो यह बात पूरी तरह से व्यावहारिक दिखाई नहीं देती है। अगर अपने घर में नजर डाले तो हमें ज्यादातर सामान चीन का ही मिलेगा। ऐसे में पूरी तरह से चीन के सामान का बहिष्कार करना एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।

UPSC: सिविल सेवा प्री परीक्षा की डेटशीट जारी, यहां देखें पूरी डिटेल्स

संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करने का सपना देखने वाले युवाओं को यह जानकर खुशी होगी कि आयोग ने इसके लिये प्रारंभिक परीक्षा की तिथि घोषित कर दी है। जानिये, पूरा विवरण.. नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2020 की तिथी घोषित कर दी है। देश के लाखों युवा इस तिथि का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। कोरोना महामारी के चलते इसकी तिथि को आगे बढाया गया। आयोग द्वारा शुक्रवारो को घोषित अधिसूचना के मुताबिक अब इस साल-2020 के लिए यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 4 अक्टूबर को किया जाएगा। परीक्षा कार्यक्रम पहले यह परीक्षा 31 मई 2020 को आयोजित की जाने वाली थी। लेकिन आयोग ने लॉकडाउन (Lockdown) के कारण इस स्थगित कर दिया गया था। इस परीक्षा में बैठने वाले इच्छुक युवा और उम्मीदवार आयोग की वेबसाइट upsc.gov.in पर जाकर इसका पूरा विवरण जान सकते हैं।

ज्वलंत मुद्दाः कोरोना का चीन और अमेरिका पर प्रभाव

एक तरफ कोरोना के कारण पूरी दुनिया संकट में है, वहीं दूसरी ओर इसे लेकर अमेरिका और चीन में भी पलटवार शुरू हो गया है। एक तरफ अमेरिका चीन पर कोरोना फैलाने का आरोप लगा रहा है, वहीं चीन भी अमेरिका को जवाब देने से पीछे नहीं हट रहा है। पढ़ें युवा डाइनामाइट विशेष.. नई दिल्लीः कोरोना वायरस ने अपनी चपेट में अब तक लाखों लोगों को लिया है। दुनिया का अधिकतर हिस्सों में कोरोना का कहर जारी है। इन दिनों चीन को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का गुस्सा और जलन सातवें आसमान पर है। कोरोना के बहाने वो इसका खुलकर इज़हार कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर चीन भी अमेरिका को जवाब देने से बाज नहीं आ रहा है। इस महामारी के बादल छटने के बाद दुनिया की तस्वीर ही बदल जाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका का सुपरपॉवर का तमगा भी छिन सकता है और दुनिया का पॉवर सेंटर वेस्ट से ईस्ट की तरफ हो जाए यानी चीन की तरफ। क्योंकि मौजूदा हालात को देखते हुए साफ है कि कोरोना से बचने के लिए दुनिया चीन की शरण में जा रही है।

ज्वलंत मुद्दाः नौकरी ढूंढते समय युवा इन बातों का रखें खास ध्यान

इस समय देश में नौकरी की काफी मार चल रही है। ऐसे में कई युवा नौकरी की तलाश कर रहे हैं। नौकरी ढूंढ रहे हैं। नौकरी ढूंढते समय कई युवा कुछ गलतियां कर बैठते है, जिससे बाद में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। युवा डाइनामाइट पर जानिए नौकरी ढूंढते समय कुछ खास बातें.. नई दिल्लीः बाजार की मौजूदा स्थितियों में बड़ी संख्या में लोग नौकरी गंवा रहे हैं। नौकरी न मिलने का एक और कारण जॉब सेलेक्शन की प्रक्रिया में कुछ गलतियां भी कर देते हैं। जानिए नौकरी ढूंढते समय कुछ खास बातों का। आप कहां और कैसे जॉब सर्च करते हैं, यह महत्वपूर्ण है। अगर आप आंख मूंदकर अनाप-शनाप तरीके से सीवी भेजते हैं या संस्थानों के कभी-कभार वैकेंसी के लिए चेक करते हैं तो नौकरी मिलने के आसार कम ही हैं। नौकरी की तलाश में अच्छा नेटवर्क काफी कारगर साबित हो सकता है। केवल नौकरी चले जाने पर ही नेटवर्क से संपर्क नहीं साधना चाहिए। नौकरी तलाशने की छटपटाहट में ज्यादातर लोगों को अपनी योग्यता से मिलता-जुलता जो भी पहला विकल्प दिखता, वे उसके लिए अप्लाई कर देते हैं। इससे उनकी कंज्यूजन का पता लगता है।

ज्वलंत मुद्दाः दो खेमों मे बंटी मीडिया के हालात..

भारत में कई ऐसे मीडिया संस्थान हैं जो खुद को लिबरल तो कहते हैं लेकिन पक्षपात करने से बाज नहीं आते हैं। ऐसा माना जा रहा है कि भारत का मीडिया इन दिनों चाहे जो भी कर रहा हो मगर पत्रकारिता नहीं कर रहा है। यहां मीडिया दो खेमों में बंट गया है। पढ़ें युवा डाइनामाइट विशेष.. नई दिल्लीः भारत का मीडिया इन दिनों चाहे जो भी कर रहा हो मगर पत्रकारिता नहीं कर रहा है। सच की आवाज बुलंद करने वालों को दबाया जा रहा है। मीडिया सूचना स्त्रोत के रुप में खबरें पहुंचाने का काम करता है, तो वहीं हमारा मनोरंजन भी करता है। मीडिया जहां संचार का साधन है, तो वहीं परिवर्तन का वाहक भी है। लेकिन, वर्तमान परिप्रेक्ष्य में निरंतर हो रही पत्रकारों की हत्या, मीडिया चैनलों के प्रसारण पर लगायी जा रही बंदिशें और कलमकारों के मुंह पर आए दिन स्याही पोतने जैसी घटनाओं ने प्रेस की आजादी को संकट के घेरे में ला दिया है। आज ऐसा कोई सच्चा पत्रकार नहीं होगा, जिसे रोज-ब-रोज मारने व डराने की धमकी नहीं मिलती होगी। हालांकि, भारत में मीडिया पर भ्रष्टाचार का आरोप बेहद पुराना है। समाचारपत्रों और टी.वी. चैनलों पर किसी विशिष्ट व्यक्ति, कॉरपोरेट इकाई, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों आदि के पक्ष में धन लेकर सूचनाएँ प्रकाशित या प्रसारित करने के आरोप लगते रहे हैं।

UPSC Update: सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा हुई स्थगित, जानें कब घोष‍ित होगी नई तारीख

यूपीएसई ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को स्थगित कर दिया है। यह परीक्षा 31 मई को होनी थी, लेकिन लॉकडाउन के कारण अब इस परीक्षा को आगे बढ़ा दिया गया है। पढ़ें युवा डाइनामाइट पर पूरी खबर.. नई दिल्लीः देश में लॉकडाउन का तीसरा चरण शुरू हो चुका है। जिसके कारण कई अब यूपीएसई ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को स्थगित कर दिया है। ये एग्जाम 31 मई को होने वाली थी। यूपीएससी अधिकारियों के अनुसार अब 20 मई तक स्थ‍ितियों के मूल्यांकन के बाद परीक्षा की नई तिथ‍ि घोष‍ित की जाएगी। यूपीएससी का कहना है कि अभी कोविड 19 के लगातार बढ़ते प्रभाव को देखते हुए आयोग ने ये फैसला लिया है। अभी जिस तरह तीसरी बार लॉकडाउन बढ़ाया गया है, इसे देखते हुए इतने बड़े पैमाने पर परीक्षा आयोजित करना संभव नहीं है। खासकर रेड या ऑरेंज जोन में ये और भी मुश्कि‍ल है।

ज्वलंत मुद्दाः भ्रष्टाचार की गहरी होती जड़.. कैसे लगे अंकुश?

भारत में भ्रष्टाचार का एक प्रमुख विषय रहा है। आजादी केबाद से ही भारत भ्रष्टाचार के दलदल में धंसा नजर आने लगा है। 21 दिसम्बर 1963 को भारत में भ्रष्टाचार के खात्मे पर संसद में हुई बहस में डॉ राममनोहर लोहिया ने जो भाषण दिया था वह आज भी प्रासंगिक है। उस वक्त डॉ लोहिया ने कहा था सिंहासन और व्यापार के बीच संबंध भारत में जितना दूषित, भ्रष्ट और बेईमान हो गया है उतना दुनिया के इतिहास में कहीं नहीं हुआ है। ऐसे में अब ये सवाल उठता है कि आखिर भ्रष्टाचार की इस बढ़ती जड़ को कैसे रोका जाए। पढ़ें युवा डाइनामाइट विशेष.. नई दिल्लीः भ्रष्टाचार से देश की अर्थव्यवस्था और प्रत्येक व्यक्ति पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। भारत में राजनीतिक और नौकरशाही का भ्रष्टाचार बहुत ही आम माना जाता है। इसके अलावा न्यायपालिका, मीडिया, सेना, पुलिस आदि में भी भ्रष्टाचार है। शिक्षा विकास की जननी है। इसके बिना सर्वांगीण विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। लेकिन भ्रष्टाचार ने शिक्षा क्षेत्र में भी जड़ जमा लिया है। पिछले कुछ वर्षों से भारत एक नए तरह के भ्रष्टाचार का सामना कर रहा है। बड़े घपले-घोटालों के रूप में सामने आया यह भ्रष्टाचार कॉरपोरेट जगत से जुड़ा हुआ है। ऐसे में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कोई पक्का रास्ता नजर नहीं आ रहा है, पर हां एक कोशिश तो जरूर की जा सकती है। ऐसा माना जाता है कि भारत में भ्रष्टाचार के आरोपियों के लिए सजा की सीमा बहुत ही कम होती है। इसलिए भ्रष्टाचार की सजा ज्यादा से ज्यादा होनी चाहिए। अगर लोगों का परिश्रमिक उनकी जरूरतों के अनुसार होगा तो शायद भ्रष्टाचार पर लगाम लग सकती है। इन सबसे भी ज्यादा जरूरी है कि अगर हम अपने जीवन का ही मूल्य सिद्धांत ही ईमानदारी बना लें।

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