Hapur: हापुड़ के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा और स्कूल में पढ़ाई का माहौल बेहतर बनाए रखने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। अब कोई भी बाहरी व्यक्ति, यू-ट्यूबर (YouTubers) या सोशल मीडिया से जुड़ा व्यक्ति बिना अनुमति स्कूल परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) दीपा भाटी ने सभी संबंधित प्रभारी प्रधानाध्यापकों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने साफ किया है कि स्कूल में बिना अनुमति किसी भी तरह की गतिविधि की इजाजत नहीं होगी।
फोटो और वीडियो बनाने पर भी रोक (YouTubers)
विभाग के सामने यह बात आई थी कि कुछ बाहरी लोग और यू-ट्यूबर्स बिना अनुमति स्कूलों में पहुंचकर स्कूल, शिक्षकों और परिसर के फोटो-वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह की गतिविधियों से कई बार स्कूल में चल रही पढ़ाई प्रभावित होती है। साथ ही शिक्षकों की गरिमा और विभाग की छवि पर भी इसका असर पड़ सकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए अब किसी बाहरी व्यक्ति को स्कूल में प्रवेश से पहले संबंधित अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। फोटो या वीडियो बनाने के लिए भी अनुमति जरूरी होगी।
स्कूलों में पहले से मौजूद है निरीक्षण का सिस्टम (YouTubers)
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्कूलों की निगरानी और निरीक्षण के लिए शासन और प्रशासन की ओर से जनपद और ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय है।
ये अधिकारी समय-समय पर स्कूलों में पहुंचकर पढ़ाई, व्यवस्थाओं और अन्य गतिविधियों की निगरानी करते हैं। ऐसे में विभाग का कहना है कि स्कूलों की मॉनिटरिंग के लिए अनधिकृत लोगों के प्रवेश की जरूरत नहीं है।
इस कदम का एक अहम मकसद यह भी है कि बच्चों की मौजूदगी वाले परिसर में बिना अनुमति फोटो और वीडियो बनाए जाने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
गेट बंद रखने का भी आदेश
बीएसए ने स्कूलों के गेट को लेकर भी सख्त निर्देश दिए हैं। प्रभारी प्रधानाध्यापकों को कहा गया है कि स्कूल संचालन के दौरान और स्कूल बंद होने के बाद भी गेट को अनावश्यक रूप से खुला न रखा जाए।
अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि स्कूल परिसर में कोई अनधिकृत गतिविधि न हो। साथ ही सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने की जिम्मेदारी भी संबंधित अधिकारियों और स्कूल प्रभारियों को दी गई है।
विभाग के इस फैसले के बाद अब परिषदीय स्कूलों में सोशल मीडिया कंटेंट बनाने या किसी अन्य उद्देश्य से पहुंचने वाले बाहरी लोगों को पहले अनुमति लेनी होगी। यानी अब स्कूल परिसर में कैमरा लेकर पहुंचना उतना आसान नहीं होगा, जितना पहले था।








