New Delhi: नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने कक्षा 11वीं और 12वीं की पॉलिटिकल साइंस की नई पाठ्यपुस्तकें तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए 20 सदस्यों वाली टीम का पुनर्गठन किया गया है। इस टीम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन (NCF-SE) के हिसाब से पाठ्यक्रम को अंतिम रूप देने और नई किताबें तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रो. संदीप शास्त्री करेंगे टीम की अगुवाई
नई समिति की अध्यक्षता निट्टे डीम्ड यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु के वाइस प्रेसिडेंट और अकादमिक एवं राजनीतिक विश्लेषक प्रो. संदीप शास्त्री करेंगे। डॉ. वंथांगपुई खोबुंग और डॉ. सुभाष सिंह को सदस्य समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई है। इनका काम टीम और NCERT के बीच औपचारिक संवाद बनाए रखना और बैठकों के साथ-साथ प्रकाशन से जुड़े नियमों की जानकारी सदस्यों तक पहुंचाना होगा।
कुछ सदस्यों के RSS और ABVP से जुड़ाव का दावा
नई टीम के गठन के बाद इसके कुछ सदस्यों की पृष्ठभूमि को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। उपलब्ध दावों के अनुसार, 20 सदस्यीय समिति में कम से कम चार ऐसे नाम हैं, जिनके RSS, ABVP या उनसे जुड़े संगठनों के साथ संबंध बताए गए हैं।
इनमें शिक्षा मंत्रालय की नेशनल सिलेबस एंड टीचिंग-लर्निंग मैटेरियल कमेटी से जुड़े वरिष्ठ सलाहकार यदुनाथ देशपांडे का नाम शामिल है। ABVP के रिकॉर्ड के मुताबिक, वह महाराष्ट्र में संगठन के संयुक्त राज्य संगठन सचिव और मुंबई-कोंकण क्षेत्र में संगठन सचिव की भूमिका निभा चुके हैं।
पुणे स्थित ज्ञान प्रबोधिनी के टीचर एजुकेशन सेंटर एंड रिसर्च प्रोग्राम के प्रमुख डॉ. प्रशांत दिवेकर भी समिति में हैं। इसके अलावा JNU की प्रोफेसर वंदना मिश्रा और JNU के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रवि रमेश चंद्र शुक्ला के संबंधों को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
पहले 11वीं की किताब होगी तैयार
NCERT ने किताबों को तैयार करने के लिए समयसीमा भी तय की है। योजना के मुताबिक कक्षा 11वीं की पॉलिटिकल साइंस की नई किताब 30 नवंबर 2026 तक तैयार करने का लक्ष्य है। इसके बाद कक्षा 12वीं की किताब को 30 जुलाई 2027 तक पूरा करने की समयसीमा रखी गई है।
नई पाठ्यपुस्तकों में NEP 2020 और NCF-SE 2023 के तहत किए जा रहे बदलावों को शामिल किया जाएगा। समिति में विश्वविद्यालयों, कानून संस्थानों, ओपन लर्निंग संस्थानों और अन्य शैक्षणिक क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ और शिक्षक शामिल हैं।
भारतीय ज्ञान प्रणाली पर रहेगा खास ध्यान
नई किताबों में भारतीय ज्ञान प्रणाली यानी Indian Knowledge System को एक प्रमुख विषय के रूप में जगह देने की योजना है। इसके साथ सांस्कृतिक जुड़ाव, समानता, समावेशन, मूल्य शिक्षा, पर्यावरण शिक्षा और सूचना एवं संचार तकनीक जैसे पहलुओं को भी शामिल किया जाएगा।
समिति को NCERT के भारतीय ज्ञान प्रणाली, सामाजिक विज्ञान, भाषाओं, पर्यावरण शिक्षा और नई शिक्षण पद्धतियों से जुड़े समूहों के साथ चर्चा करनी होगी। हर अध्याय में इन पहलुओं को किस तरह जोड़ा गया है, इसकी भी समीक्षा की जाएगी।
सीधे नहीं छपेंगी नई किताबें
नई किताबें तैयार होने के बाद उन्हें तुरंत छात्रों के लिए जारी नहीं किया जाएगा। पहले लेखन, विषयवस्तु की समीक्षा, भाषा संपादन और अलग-अलग विषयों के बीच तालमेल की प्रक्रिया पूरी होगी।
तैयार अध्याय पूरी टीम के सामने रखे जाएंगे। इसके बाद टेक्स्टबुक कोर ग्रुप और NCERT की संबंधित समितियां इनकी समीक्षा करेंगी। जरूरी बदलावों के बाद अंतिम मंजूरी दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर किसी विशेष अध्याय के लिए बाहरी विशेषज्ञ, शिक्षक, इलस्ट्रेटर या डिजाइनर की मदद भी ली जा सकती है।








