किन छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप?
FFE की इस स्कॉलरशिप का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा जारी रखने में मदद करना है। इसके लिए वे विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में BE-BTech, पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड या ड्यूल डिग्री, MTech, MBBS या पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड LLB कोर्स के पहले साल में एडमिशन लिया है। दी गई जानकारी के मुताबिक, BDS, अन्य डेंटल कोर्स और B.Arch के विद्यार्थी इस योजना के पात्र नहीं हैं।
आय और प्रवेश परीक्षा से जुड़ी शर्तें
स्कॉलरशिप के लिए छात्र के परिवार की सालाना आय चार लाख रुपये से कम होनी चाहिए। उम्मीदवार ने साल 2024 या उसके बाद 12वीं की परीक्षा पास की हो और मान्यता प्राप्त राज्य या राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा के जरिए संबंधित कोर्स में दाखिला लिया हो। MBBS के लिए NEET की ऑल इंडिया कॉमन मेरिट लिस्ट में 50,000 तक की रैंक की शर्त बताई गई है। वहीं, इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सेज के लिए संबंधित प्रवेश परीक्षा, कॉलेज और राज्य के एडमिशन नियमों के अनुसार रैंक या कटऑफ की पात्रता लागू होगी।
पैसों के साथ करियर बनाने में भी मदद
इस योजना के तहत आर्थिक सहायता के अलावा छात्रों को करियर डेवलपमेंट से जुड़ी सुविधाएं भी मिल सकती हैं। इनमें इंडस्ट्री एक्सपर्ट से मार्गदर्शन, अंग्रेजी और कम्युनिकेशन स्किल की ट्रेनिंग, एप्टीट्यूड ट्रेनिंग, Coursera के जरिए टेक्निकल कोर्स और मॉक इंटरव्यू जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इनका मकसद छात्रों को नौकरी और प्रोफेशनल करियर के लिए तैयार करना है।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
आवेदन करने के लिए FFE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और स्कॉलरशिप की पात्रता संबंधी शर्तें पढ़ें। इसके बाद Apply Fresh विकल्प चुनकर रजिस्ट्रेशन करें। फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत, शैक्षणिक और पारिवारिक जानकारी भरें। जरूरी दस्तावेज अपलोड करने के बाद सभी जानकारियों की जांच करें और फॉर्म सबमिट कर दें।
आवेदन से पहले तैयार रखें ये दस्तावेज
आवेदन के दौरान 12वीं की मार्कशीट, NEET या JEE जैसी प्रवेश परीक्षा का रैंक या स्कोरकार्ड, परिवार की आय का प्रमाण पत्र, कॉलेज फीस की रसीद, बैंक पासबुक और बोनाफाइड सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ सकती है। आवेदन करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर कोर्स के अनुसार पात्रता, दस्तावेजों और अंतिम तारीख की पुष्टि जरूर करें, ताकि किसी जरूरी शर्त के कारण आपका आवेदन अधूरा न रह जाए।