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MP Scholarship 2026: अब पढ़ाई के लिए पैसों की टेंशन होगी कम! मजदूरों के मेधावी बच्चों को हर महीने मिलेंगे 7,500

10वीं और 12वीं पास छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी (Img: AI Generated Image)

MP Scholarship 2026: मध्य प्रदेश में पढ़ाई का सपना देख रहे निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए सरकार बड़ी राहत देने की तैयारी में है। राज्य सरकार ऐसी छात्रवृत्ति योजना लाने जा रही है, जिसके तहत चयनित मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के दौरान हर महीने 7,500 रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी।

खास बात यह है कि इस सहायता का इस्तेमाल सिर्फ कॉलेज की पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी किया जा सकेगा।

सरकार ने तैयार किया योजना का ड्राफ्ट

मध्य प्रदेश सरकार की ओर से भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिक श्री मेधा छात्र उन्नयन योजना शुरू करने की तैयारी है। योजना का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और इसे गजट नोटिफिकेशन के लिए भेजने की प्रक्रिया चल रही है। श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के मुताबिक सरकार इसे इसी शैक्षणिक सत्र से लागू करने की योजना बना रही है।

शुरुआत में सीमित विद्यार्थियों को योजना में शामिल किया जाएगा। इसके बाद देखा जाएगा कि छात्रों को इसका कितना फायदा मिल रहा है।

₹7,500 से क्या-क्या कर सकेंगे? (MP Scholarship 2026)

योजना के तहत मिलने वाली मासिक सहायता का इस्तेमाल विद्यार्थी अपनी पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों के लिए कर सकेंगे। इसमें ट्यूशन फीस, किताबें, हॉस्टल, आने-जाने का खर्च और अन्य शैक्षणिक जरूरतें शामिल हैं।

इसके अलावा NEET, JEE और CLAT जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए कोचिंग फीस में भी यह राशि काम आ सकेगी। यानी सरकार की कोशिश सिर्फ आर्थिक मदद देने की नहीं, बल्कि छात्रों को आगे की पढ़ाई और करियर की तैयारी में सहारा देने की है।

पहले चरण में 600 छात्रों को मिलेगा लाभ (MP Scholarship 2026)

योजना की शुरुआत करीब 600 मेधावी विद्यार्थियों से करने की तैयारी है। इनमें 100 बच्चों को श्रमिक कल्याण बोर्ड के माध्यम से शामिल किए जाने की बात कही गई है।

सरकार पहले चरण को एक तरह से परीक्षण के तौर पर देख रही है। अगर योजना से विद्यार्थियों को अच्छा लाभ मिलता है, तो भविष्य में लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने और पात्रता के नियमों में बदलाव पर भी विचार किया जा सकता है।

10वीं में 80 फीसदी अंक जरूरी

इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। विद्यार्थी का नियमित छात्र होना जरूरी होगा और 10वीं कक्षा में कम से कम 80 प्रतिशत अंक होने चाहिए। पढ़ाई मध्य प्रदेश बोर्ड या CBSE से होना जरूरी बताया गया है।

साथ ही माता-पिता का संबंधित निर्माण श्रमिक बोर्ड में पंजीकरण होना चाहिए। श्रमिक के लिए निर्धारित अवधि तक पंजीकरण और कम से कम 90 दिन काम करने की शर्त भी लागू होगी। विद्यार्थी की उम्र 14 से 19 वर्ष के बीच रखी गई है।

मेरिट से चयन, छात्राओं के लिए 20% सीटें

पात्र विद्यार्थियों में चयन MP Board और CBSE की संयुक्त मेरिट के आधार पर किया जाएगा। शुरुआती व्यवस्था के अनुसार हर साल अधिकतम 500 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। इनमें 20 प्रतिशत सीटें छात्राओं के लिए आरक्षित रहेंगी।

सिर्फ 10वीं के अंकों से ही बात खत्म नहीं होगी। योजना में चयन के बाद सहायता जारी रखने के लिए विद्यार्थी को 12वीं कक्षा में कम से कम 75 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे। यानी छात्रवृत्ति पाने के साथ पढ़ाई में प्रदर्शन बनाए रखना भी जरूरी होगा।

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