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Maharashtra Exam Fee: महाराष्ट्र के 2.40 लाख छात्रों की मौज, परीक्षा फीस माफ; जानें क्या करना है?

महाराष्ट्र में 2.4 लाख छात्रों की परीक्षा फीस माफ (Img: AI Generated)

Maharashtra Exam Fee: महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त इलाकों में रहने वाले हजारों छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने पात्र विश्वविद्यालय छात्रों की सेमेस्टर परीक्षा फीस माफ करने का फैसला लागू किया है। अब तक 2,40,365 छात्र इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं। खास बात यह है कि जिन छात्रों ने पहले ही परीक्षा फीस जमा कर दी है, उन्हें भी पैसे वापस मिल सकते हैं। लेकिन इस राहत का फायदा लेने के लिए छात्रों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा।

2.40 लाख से ज्यादा छात्रों को मिली राहत

महाराष्ट्र सरकार ने सूखे से प्रभावित परिवारों के बच्चों को आर्थिक राहत देने के लिए परीक्षा फीस माफी की व्यवस्था की है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मुताबिक, अब तक 2,40,365 छात्र इस योजना का लाभ ले चुके हैं। यह सुविधा राज्य के 26 विश्वविद्यालयों से जुड़े 305 सूखाग्रस्त तालुकों के पात्र छात्रों के लिए है। सरकार का मकसद है कि आर्थिक तंगी के कारण किसी छात्र की पढ़ाई या परीक्षा में रुकावट न आए। सूखे की मार झेल रहे परिवारों के लिए यह फैसला बड़ी राहत माना जा रहा है।

परीक्षा फॉर्म भरने की आखिरी तारीख (Maharashtra Exam Fee)

पात्र छात्रों के लिए परीक्षा फॉर्म जमा करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026 तय की गई है। ऐसे में छात्रों को समय रहते अपने कॉलेज और विश्वविद्यालय के निर्देशों की जांच कर लेनी चाहिए। परीक्षा फॉर्म भरते समय पात्र छात्रों को Zero Challan यानी जीरो फीस विकल्प चुनना होगा। इसके जरिए परीक्षा शुल्क जमा किए बिना फॉर्म भरा जा सकता है। हालांकि, छात्रों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे योजना की पात्रता पूरी करते हों और उनके विश्वविद्यालय में यह विकल्प उपलब्ध हो।

पहले फीस जमा कर दी है तो क्या होगा?

सरकार ने उन छात्रों को भी राहत देने का निर्देश दिया है, जिन्होंने फीस माफी का आदेश लागू होने से पहले ही परीक्षा शुल्क जमा कर दिया था। ऐसे पात्र छात्रों को नियमानुसार फीस वापस की जाएगी। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अनुसार, मुंबई विश्वविद्यालय ने इस योजना के तहत करीब 3.5 करोड़ रुपये की फीस वापसी की प्रक्रिया शुरू की है। दूसरे विश्वविद्यालयों को भी पात्र छात्रों की पहचान कर रिफंड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। इसलिए अगर आपने पहले ही परीक्षा फीस भर दी है, तो यह मानकर न बैठें कि आपको राहत नहीं मिलेगी। अपने कॉलेज के परीक्षा विभाग से रिफंड की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों के बारे में जानकारी लें।

265 से बढ़ाकर 305 किए गए सूखाग्रस्त तालुके

इस योजना का दायरा बढ़ाने में राज्य सरकार के राहत एवं पुनर्वास विभाग के 25 सितंबर को जारी सरकारी प्रस्ताव की अहम भूमिका है। इसके तहत सूखाग्रस्त तालुकों की संख्या 265 से बढ़ाकर 305 कर दी गई। इसके बाद उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों को संशोधित सूची के अनुसार फीस माफी लागू करने और पात्र छात्रों को इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए। इससे पहले राहत सूची में शामिल नहीं रहे कुछ क्षेत्रों के पात्र छात्रों को भी अब लाभ मिलने का रास्ता खुला है।

शिक्षा मंत्री ने क्या कहा? (Maharashtra Exam Fee)

महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि सरकार चाहती है कि सूखे के कारण पैदा हुई आर्थिक परेशानियों से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पात्र छात्रों को इस सुविधा से वंचित नहीं रहना चाहिए।

फीस माफी नहीं मिले तो क्या करें?

अगर आप पात्र हैं, लेकिन परीक्षा फॉर्म भरते समय फीस मांगी जा रही है, तो सबसे पहले अपने कॉलेज के परीक्षा विभाग या विश्वविद्यालय के संबंधित अधिकारी से संपर्क करें। विश्वविद्यालय का सर्कुलर और पात्रता सूची भी जांचें।

छात्रों के लिए जरूरी बात: 30 अक्टूबर 2026 की अंतिम तारीख से पहले परीक्षा फॉर्म भरें, जीरो फीस विकल्प की उपलब्धता जांचें और फीस पहले जमा की है तो रिफंड के बारे में जानकारी जरूर लें।

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