New Delhi: टीवी पर अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट (KBC) पर बैठा कंटेस्टेंट जब किसी सवाल का जवाब देता है, तो करोड़ों दर्शकों की नजर सिर्फ उसके जवाब पर होती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि वह सवाल बना कैसे? किसने तय किया कि चार विकल्पों में सही जवाब कौन-सा होगा? और कैसे यह सुनिश्चित किया जाता है कि सवाल में कोई गलती न रह जाए?
दरअसल, ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) जैसे क्विज शो के पीछे सिर्फ कैमरा, लाइट और होस्ट नहीं होते। पर्दे के पीछे एक पूरी कंटेंट और रिसर्च टीम काम करती है, जो सवालों को तैयार करने, उनकी जानकारी जांचने और उन्हें क्विज के स्तर के मुताबिक ढालने में जुटी रहती है। KBC के पुराने प्रोडक्शन से जुड़े दस्तावेजों और रिपोर्टों में भी सवालों का बड़ा डेटाबेस तैयार करने वाली टीम का जिक्र मिलता है।
KBC 18 में भी दिखेगा ज्ञान का नया अंदाज (KBC)
KBC का 18वां सीजन 10 अगस्त 2026 से शुरू हो रहा है। इस बार शो की थीम ‘सोचना पड़ेगा’ रखी गई है। यानी सिर्फ जानकारी याद रखना काफी नहीं होगा, बल्कि सवाल को समझकर उसका जवाब निकालने और ज्ञान को सही तरीके से इस्तेमाल करने पर जोर रहेगा। शो की नई थीम को मौजूदा दौर में तेजी से बढ़ती तकनीक और आसानी से उपलब्ध जानकारी से जोड़कर पेश किया गया है।
यही बदलाव इस बात को भी दिलचस्प बनाता है कि पर्दे के पीछे सवाल तैयार करने वालों का काम आखिर कितना अहम है।
सवाल तैयार करना कोई आसान काम नहीं (KBC)
KBC के किसी सवाल को स्क्रीन पर आने में कुछ सेकंड लगते हैं, लेकिन उसके पीछे काफी तैयारी हो सकती है। रिसर्च टीम को पहले किसी विषय से जुड़ी जानकारी खोजनी होती है। इसके बाद यह देखना पड़ता है कि जानकारी सही है या नहीं, उसका भरोसेमंद स्रोत क्या है और सवाल को किस तरह पूछा जाए ताकि उसका एक स्पष्ट उत्तर हो।
पुरानी रिपोर्टों के मुताबिक, KBC के सवालों और जवाबों का बड़ा डेटाबेस तैयार करने के लिए कंटेंट टीम काम करती थी। BIG Synergy के कंटेंट हेड भास्कर ज्योति डे ने एक समय बताया था कि उनकी टीम KBC के सवालों के डेटाबेस पर काम करती थी।
कंटेंट रिसर्चर क्या करता है? (KBC)
अगर आपको इतिहास, भूगोल, विज्ञान, खेल, सिनेमा, राजनीति, साहित्य और करेंट अफेयर्स पढ़ना पसंद है, तो Content Researcher जैसी भूमिका आपके लिए दिलचस्प करियर विकल्प हो सकती है।
इस काम में रिसर्चर अलग-अलग विषयों से उपयोगी और रोचक जानकारी खोजता है। फिर उसके स्रोतों की जांच करता है और ऐसी जानकारी चुनता है जिसे क्विज या दूसरे डिजिटल कंटेंट में इस्तेमाल किया जा सके।
इसके बाद Question Writer या Question Curator उस जानकारी को सवाल के रूप में बदल सकता है। चार विकल्प तैयार करते समय भी यह देखना जरूरी होता है कि सवाल भ्रमित करने वाला न हो और सही उत्तर स्पष्ट रूप से तय किया जा सके।
क्विज मास्टर बनने के लिए क्या चाहिए? (KBC)
इस फील्ड में सिर्फ बहुत ज्यादा सामान्य ज्ञान होना ही काफी नहीं है। सबसे जरूरी चीज है जिज्ञासा और फैक्ट चेकिंग की आदत।
आपको अलग-अलग विषयों पर पढ़ने की रुचि होनी चाहिए। साथ ही किसी जानकारी को बिना जांचे इस्तेमाल करने की आदत नहीं होनी चाहिए। इतिहास की तारीख हो या किसी वैज्ञानिक उपलब्धि का तथ्य, स्रोत की विश्वसनीयता देखना जरूरी है।
पत्रकारिता, इतिहास, साहित्य, राजनीति विज्ञान या अन्य संबंधित विषयों की पढ़ाई मददगार हो सकती है, लेकिन इस तरह की नौकरियों में आपकी रिसर्च क्षमता, भाषा, लिखने का तरीका और ज्ञान को दिलचस्प सवाल में बदलने की क्षमता भी काफी मायने रखती है।
KBC के पीछे सिद्धार्थ बसु का भी रहा बड़ा योगदान
भारतीय टीवी क्विजिंग की बात हो और सिद्धार्थ बसु का नाम न आए, ऐसा मुश्किल है। वह KBC से लंबे समय तक जुड़े रहे और BIG Synergy के जरिए शो के शुरुआती दौर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में वह क्रिएटिव कंसल्टेंट और नॉलेज से जुड़े कामों में भी जुड़े रहे। 2025 में उन्होंने KBC के 25 साल पूरे होने पर शो के कंटेंट और फॉर्मेट की अहमियत पर बात की थी।
BIG Synergy के पुराने रिकॉर्ड में भी KBC को कंपनी के प्रमुख क्विज शो के रूप में दर्ज किया गया है।
कितनी हो सकती है सैलरी?
यहां एक जरूरी बात समझना चाहिए, KBC में Content Researcher की कोई एक सार्वजनिक और तय सैलरी नहीं है। वेतन कंपनी, अनुभव, भूमिका और प्रोजेक्ट के हिसाब से अलग हो सकता है।
टीवी, डिजिटल मीडिया, EdTech, क्विज कंपनियों और गेमिंग प्लेटफॉर्म पर रिसर्च व क्विज कंटेंट से जुड़े अलग-अलग पद मिलते हैं। शुरुआती स्तर पर वेतन सामान्य कंटेंट रिसर्च या एडिटोरियल भूमिकाओं के आसपास हो सकता है, जबकि अनुभव, विशेषज्ञता और जिम्मेदारी बढ़ने पर कमाई काफी बेहतर हो सकती है।
फ्रीलांस क्विज मास्टर के लिए भी कमाई कार्यक्रम, अनुभव और क्लाइंट पर निर्भर करती है। इसलिए ₹35,000-₹50,000 शुरुआती वेतन या एक दिन के शो के लिए ₹20,000 से ₹1 लाख तक की कमाई को KBC की तय सैलरी मानना सही नहीं होगा। ये आंकड़े व्यापक इंडस्ट्री के संभावित उदाहरण के तौर पर ही देखे जाने चाहिए।
टीवी से आगे भी हैं करियर के रास्ते
आज क्विज और रिसर्च का काम सिर्फ टीवी चैनलों तक सीमित नहीं है। डिजिटल मीडिया, शिक्षा प्लेटफॉर्म, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी, गेमिंग ऐप्स, कॉर्पोरेट क्विज और स्कूल-कॉलेज प्रतियोगिताओं में भी ऐसे लोगों की जरूरत होती है, जो जानकारी को रोचक और भरोसेमंद कंटेंट में बदल सकें।