New Delhi: जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रों के प्रदर्शन और भूख हड़ताल के बाद अब शैक्षणिक गतिविधियां सामान्य होने जा रही हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 10 नवंबर से पहले की तरह ऑफलाइन क्लासेस शुरू करने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही मिड टर्म परीक्षाओं का शेड्यूल भी घोषित कर दिया गया है।
यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रोफेसर मोहम्मद महताब आलम रिजवी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, छात्र 10 नवंबर से कैंपस में कक्षाएं ज्वाइन कर सकेंगे। इससे पहले छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच प्रशासन ने ऑनलाइन क्लासेस कराने का फैसला लिया था।
16 से 21 नवंबर तक होंगे मिड टर्म एग्जाम
ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने के छह दिन बाद यानी 16 नवंबर से मिड टर्म परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। परीक्षाएं 21 नवंबर तक चलेंगी। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सभी विभागों के डीन और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे कक्षाओं और परीक्षाओं का संचालन सुचारू रूप से सुनिश्चित करें।
इसके अलावा छात्रों की उपस्थिति का पूरा रिकॉर्ड रखने के लिए भी कहा गया है।
छात्रसंघ चुनाव की मांग पर बनी सहमति
जामिया में पिछले कई दिनों से छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। कुछ छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे थे। उनकी प्रमुख मांगों में छात्रसंघ चुनाव कराना शामिल था। यूनिवर्सिटी में वर्ष 2006 के बाद से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं।
छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच कई दौर की बातचीत के बाद सहमति बनी, जिसके बाद दो दिन पहले छात्रों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। प्रशासन की ओर से छात्रसंघ का संविधान लागू करने का आदेश भी जारी किया गया है। इसके साथ ही छात्रों की अन्य मांगों पर भी बातचीत हुई है।
आपत्तिजनक नारों और तोड़फोड़ के मामले में कार्रवाई की मांग
इस बीच जामिया के टीचिंग स्टाफ ने विश्वविद्यालय की दीवारों पर आपत्तिजनक और देशविरोधी नारे लिखने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिक्षकों ने तोड़फोड़ में शामिल लोगों पर भी कार्रवाई की मांग उठाई है।
शिक्षकों का कहना है कि यह मामला विश्वविद्यालय के अंदर का है और इसे किसी की जीत या हार के रूप में देखना उचित नहीं है।