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Abroad में नौकरी चाहिए तो ये 10 कोर्स बन सकते हैं गेमचेंजर, भारत में भी बढ़ रही डिमांड

New Delhi: विदेश में अच्छी सैलरी वाली नौकरी पाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए सही कोर्स का चुनाव करियर की दिशा बदल सकता है। नर्सिंग, आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंजीनियरिंग और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ-साथ कई विदेशी देशों में भी अवसर उपलब्ध हैं। जानिए ऐसे 10 कोर्स के बारे में, जो आपके लिए देश और विदेश में करियर के नए रास्ते खोल सकते हैं। Abroad में नौकरी के लिए इन 10 कोर्स की है चर्चा आज के समय में केवल डिग्री हासिल करना ही काफी नहीं है। अच्छी नौकरी और बेहतर सैलरी के लिए किसी ऐसे क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करना जरूरी है, जिसकी जरूरत अलग-अलग देशों में हो। हालांकि, नौकरी के अवसर उम्मीदवार की योग्यता, अनुभव, भाषा कौशल और संबंधित देश के नियमों पर भी निर्भर करते हैं। 1. नर्सिंग और हेल्थकेयर नर्सिंग, पैरामेडिकल और हेल्थकेयर से जुड़े कोर्स विदेश में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए अच्छे विकल्प हो सकते हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में योग्य स्वास्थ्यकर्मियों के लिए अवसर मौजूद हैं। हालांकि, नर्सिंग की नौकरी के लिए संबंधित देश में पंजीकरण, लाइसेंस और भाषा संबंधी शर्तें पूरी करनी पड़ सकती हैं। 2. कंप्यूटर साइंस और आईटी कंप्यूटर साइंस और आईटी की पढ़ाई करने वाले युवा सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग और वेब डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं। तकनीकी कौशल और प्रैक्टिकल अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों के लिए भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में अवसर उपलब्ध हैं। 3. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग AI और मशीन लर्निंग तेजी से विकसित हो रहे तकनीकी क्षेत्र हैं। इनसे जुड़े कोर्स करने वाले युवा AI इंजीनियर, मशीन लर्निंग इंजीनियर और रिसर्चर जैसे पदों के लिए तैयारी कर सकते हैं। इस क्षेत्र में प्रोग्रामिंग, गणित और डेटा विश्लेषण की मजबूत समझ फायदेमंद होती है। 4. इंजीनियरिंग मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, सिविल और ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में योग्य पेशेवरों के लिए भारत और विदेश में अवसर मिल सकते हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, ऊर्जा और ऑटोमोबाइल सेक्टर में विशेषज्ञता रखने वाले उम्मीदवारों के लिए अलग-अलग देशों में करियर की संभावनाएं रहती हैं। 5. बिजनेस मैनेजमेंट (MBA) MBA करने वाले युवा फाइनेंस, मार्केटिंग, ह्यूमन रिसोर्स, ऑपरेशंस और इंटरनेशनल बिजनेस जैसे क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं। अच्छी शैक्षणिक योग्यता, कार्य अनुभव और प्रबंधन कौशल रखने वाले उम्मीदवारों को मल्टीनेशनल कंपनियों में अवसर मिल सकते हैं। 6. चार्टर्ड अकाउंटेंसी और फाइनेंस अकाउंटिंग और फाइनेंस में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए CA, CMA और ACCA जैसे प्रोफेशनल कोर्स उपयोगी हो सकते हैं। इन योग्यताओं के जरिए अकाउंटिंग, ऑडिटिंग, टैक्सेशन और फाइनेंशियल एनालिसिस जैसे क्षेत्रों में नौकरी के अवसर तलाशे जा सकते हैं। अलग-अलग देशों में इन योग्यताओं की मान्यता और लाइसेंसिंग नियम अलग हो सकते हैं। 7. होटल मैनेजमेंट और हॉस्पिटैलिटी पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए होटल मैनेजमेंट एक विकल्प है। इस क्षेत्र में होटल ऑपरेशंस, फूड एंड बेवरेज, इवेंट मैनेजमेंट और गेस्ट रिलेशन जैसे क्षेत्रों में काम किया जा सकता है। दुबई और सिंगापुर जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्रों में भी संबंधित पदों के अवसर मिल सकते हैं। 8. एविएशन और एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस एविएशन सेक्टर में रुचि रखने वाले युवा पायलट ट्रेनिंग, एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस और एविएशन मैनेजमेंट से जुड़े कोर्स पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, पायलट और एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस जैसे तकनीकी पदों के लिए निर्धारित प्रशिक्षण, प्रमाणपत्र और लाइसेंस संबंधी शर्तें पूरी करना जरूरी है। 9. डिजिटल मार्केटिंग डिजिटल मार्केटिंग में SEO, सोशल मीडिया मार्केटिंग, कंटेंट मार्केटिंग और ऑनलाइन विज्ञापन जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इस क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाले युवा एजेंसियों, ई-कॉमर्स कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के साथ काम करने के अवसर तलाश सकते हैं। पोर्टफोलियो, प्रैक्टिकल अनुभव और डेटा विश्लेषण का ज्ञान नौकरी पाने में मददगार हो सकता है। 10. डेटा साइंस और बिजनेस एनालिटिक्स डेटा साइंस और बिजनेस एनालिटिक्स ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें कंपनियां डेटा के आधार पर कारोबारी फैसले लेने के लिए विशेषज्ञों की मदद लेती हैं। डेटा एनालिस्ट, बिजनेस एनालिस्ट और डेटा साइंटिस्ट जैसे पदों के लिए सांख्यिकी, प्रोग्रामिंग और डेटा विजुअलाइजेशन का ज्ञान उपयोगी है।

AMU में 8 साल बाद छात्रसंघ चुनाव का रास्ता साफ, VC नईमा खातून का बड़ा एक्शन; नए प्रॉक्टर नियुक्त

AMU

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्रों के प्रदर्शन के बीच प्रशासन का बड़ा फैसला, प्रो. मोहम्मद नफीस अहमद अंसारी बने नए प्रॉक्टर अलीगढ़: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर जारी प्रदर्शन के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। लंबे समय से लंबित छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्वीकार कर लिया है। इससे करीब 8 साल से छात्रसंघ चुनाव का इंतजार कर रहे छात्रों में नई उम्मीद जगी है। वहीं, कैंपस में जारी तनाव और छात्रों के प्रदर्शन के बीच विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नईमा खातून ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए प्रॉक्टर को भी बदल दिया है। छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग स्वीकार, छात्रों में जगी उम्मीद AMU परिसर में पिछले कई दिनों से छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी था। छात्रों का कहना था कि लंबे समय से चुनाव नहीं होने के कारण छात्रसंघ प्रतिनिधित्व और उनकी समस्याओं को उठाने के लिए लोकतांत्रिक मंच प्रभावित हुआ है। प्रदर्शन के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग स्वीकार कर ली है। इस फैसले को कैंपस में छात्र राजनीति की वापसी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, चुनाव की तारीख और पूरी प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक कार्यक्रम सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। प्रो. मोहम्मद नवेद खान की जगह प्रो. नफीस अहमद को जिम्मेदारी छात्रों के प्रदर्शन के बीच कुलपति प्रो. नईमा खातून ने प्रॉक्टर के पद पर भी बदलाव किया है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी ऑफिस मेमो के मुताबिक, राजनीति विज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर मोहम्मद नफीस अहमद अंसारी को AMU का नया प्रॉक्टर नियुक्त किया गया है। उन्होंने प्रो. मोहम्मद नवेद खान की जगह ली है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से दो साल या अगले आदेश तक के लिए की गई है। कैंपस में तनाव के बीच प्रशासनिक फेरबदल AMU में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन पिछले कई दिनों से चर्चा में है। प्रदर्शनकारी छात्र चुनाव कराने की मांग पर जोर दे रहे थे। ऐसे में प्रशासन की ओर से मांग स्वीकार किए जाने और प्रॉक्टर बदले जाने को कैंपस की मौजूदा परिस्थितियों के बीच अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। अब छात्रों की नजर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से चुनाव की तारीख घोषित करने और चुनाव प्रक्रिया शुरू करने पर रहेगी। यदि चुनाव का कार्यक्रम जारी होता है, तो करीब आठ साल बाद AMU में छात्रसंघ चुनाव का रास्ता खुल सकता है

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