DU AI Filmmaking Course 2026: फिल्म बनाने का सपना है, लेकिन महंगे कैमरे, स्टूडियो और एडिटिंग के खर्च से परेशान हैं? अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से फिल्म मेकिंग सीखने का रास्ता खुल सकता है। दिल्ली यूनिवर्सिटी का नया कोर्स उन युवाओं के लिए खास हो सकता है, जो अपनी कहानियों को वीडियो और फिल्मों में बदलना चाहते हैं।
खास बात यह है कि इसके लिए ग्रेजुएशन की डिग्री जरूरी नहीं बताई गई है। जानिए कितनी है फीस, क्या सीखने को मिलेगा और आवेदन की आखिरी तारीख क्या है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU AI Filmmaking Course 2026) के कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग (COL) से जुड़ी दी गई जानकारी के मुताबिक, फिल्म मेकिंग और नई तकनीक में दिलचस्पी रखने वाले छात्रों के लिए AI Filmmaking का तीन महीने का स्किल कोर्स पेश किया जा रहा है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से फिल्म बनाने के अलग-अलग चरण सीखने का मौका मिलेगा।
आजकल यूट्यूब वीडियो, इंस्टाग्राम रील्स, शॉर्ट फिल्म और डिजिटल कंटेंट बनाने वालों के बीच AI टूल्स का इस्तेमाल बढ़ रहा है। ऐसे में यह कोर्स उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है, जो कम समय में नई तकनीक सीखकर अपनी क्रिएटिविटी को बेहतर बनाना चाहते हैं।
AI से कहानी से लेकर एडिटिंग तक सीखने का मौका (DU AI Filmmaking Course 2026)
इस कोर्स में सिर्फ वीडियो बनाना ही नहीं, बल्कि फिल्म तैयार करने की पूरी प्रक्रिया में AI का इस्तेमाल समझने पर भी जोर होगा। छात्र कहानी और स्क्रिप्ट लिखने, डायलॉग तैयार करने और सीन की योजना बनाने के लिए AI टूल्स का उपयोग सीख सकेंगे।
इसके अलावा, डिजिटल कैरेक्टर और विजुअल डिजाइन करना, AI की मदद से वॉइस-ओवर तैयार करना, बैकग्राउंड म्यूजिक और साउंड इफेक्ट्स जोड़ना भी सीखने का हिस्सा बताया गया है। वीडियो एडिटिंग और कलर ग्रेडिंग जैसे कामों में AI का इस्तेमाल करना भी सिखाया जाएगा।
कौन कर सकता है आवेदन? 10वीं पास होना जरूरी
इस कोर्स की सबसे खास बात इसकी बताई गई शैक्षणिक योग्यता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए सिर्फ दिल्ली यूनिवर्सिटी का छात्र होना जरूरी नहीं बताया गया है।
प्रवेश पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दिए जाने की जानकारी है। ऐसे में सीटें सीमित होने पर इच्छुक उम्मीदवारों को आवेदन प्रक्रिया और उपलब्ध सीटों की जानकारी समय रहते लेनी चाहिए।
कितनी है फीस और कब होंगी क्लास?
दी गई जानकारी के मुताबिक, इस कोर्स की अवधि तीन महीने है और इसकी फीस 15,000 रुपये रखी गई है। क्लास शनिवार और रविवार को आयोजित की जाएंगी, जिससे पढ़ाई या नौकरी के साथ नया कौशल सीखने वालों को भी सुविधा मिल सकती है।
कोर्स पूरा करने पर दिल्ली यूनिवर्सिटी की ओर से सर्टिफिकेट मिलने की बात कही गई है। यह सर्टिफिकेट मीडिया, डिजिटल मार्केटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में अपना पोर्टफोलियो बनाने वाले उम्मीदवारों के लिए उपयोगी हो सकता है। हालांकि, सर्टिफिकेट से नौकरी मिलने की गारंटी नहीं होती।
क्या मोबाइल या लैपटॉप से बना सकते हैं फिल्म?
AI टूल्स ने वीडियो बनाने के तरीके को काफी हद तक बदल दिया है। अब कहानी का शुरुआती खाका तैयार करने, तस्वीरें बनाने, आवाज जोड़ने और वीडियो एडिट करने जैसे कामों में कई AI टूल्स मदद कर सकते हैं। इससे नए क्रिएटर्स को अपने आइडिया पर काम शुरू करने में आसानी हो सकती है।
हालांकि, अच्छी फिल्म बनाने के लिए केवल AI टूल्स चलाना काफी नहीं है। कहानी, संवाद, सीन की समझ और दर्शकों की पसंद भी मायने रखती है। यही वजह है कि तकनीक के साथ क्रिएटिव सोच विकसित करना भी जरूरी है।
आवेदन से पहले जरूर जान लें ये बातें
उपलब्ध जानकारी में आवेदन की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 बताई गई है। इच्छुक उम्मीदवारों को फीस जमा करने या फॉर्म भरने से पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर कोर्स की उपलब्धता, क्लास का समय, प्रमाणपत्र और प्रवेश से जुड़े नियमों की पुष्टि कर लेनी चाहिए।








