वाराणसी: आईआईटी-बीएचयू में नए छात्रों के ड्रग टेस्ट की तैयारी शुरू हो गई है। संस्थान ने बीटेक, एमटेक, इंटीग्रेटेड ड्यूल डिग्री (IDD) और पीएचडी पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की यूरिन आधारित जांच की प्रक्रिया तय करने के लिए नौ सदस्यीय समिति गठित की है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य युवाओं में नशे की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए जरूरी कदम उठाना है।
संस्थान की वेबसाइट पर 8 अक्टूबर को समिति के गठन से संबंधित नोटिस जारी किया गया था। अब समिति जांच की प्रक्रिया और इससे जुड़े जरूरी पहलुओं पर काम करेगी।
IIT-BHU में ड्रग टेस्ट के लिए बनी 9 सदस्यीय समिति
समिति की अध्यक्षता छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. राजेश कुमार करेंगे। इसमें आईआईटी-बीएचयू के शिक्षकों के साथ बीएचयू के चिकित्सा विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। समिति में प्रो. देवेंद्र सिंह, प्रो. मेधा झा, प्रो. अभिषेक कुमार श्रीवास्तव, डॉ. अजीत कुमार मिश्रा, आईएमएस-बीएचयू के फार्माकोलॉजी विभाग की प्रो. किरण गिरी, पैथोलॉजी विभाग की डॉ. दीपा रानी, बीएचयू के जैव रसायन विभागाध्यक्ष प्रो. कमलेश पालंदुरकर और तुषार कुमार सदस्य हैं।
समिति का प्रमुख कार्य नए छात्रों की यूरिन आधारित जांच की प्रक्रिया तय करने में भूमिका निभाना होगा। इसके तहत जांच से जुड़े नियमों और जरूरी प्रक्रियाओं पर विचार किया जाएगा।
ड्रग टेस्ट से पहले छात्रों की सहमति जरूरी
आईआईटी-बीएचयू में प्रस्तावित ड्रग टेस्ट के लिए विद्यार्थियों की सहमति लेना जरूरी होगा। मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, छात्रों से सहमति पत्र भरवाया जाएगा। यानी उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जांच स्वैच्छिक होगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों में नशे की प्रवृत्ति की पहचान करने और जरूरत के अनुसार रोकथाम के उपायों पर काम करना है। जांच की प्रक्रिया में छात्रों की सहमति एक अहम पहलू होगी।
BTech से PhD तक के छात्रों पर रहेगी नजर
प्रस्तावित जांच की प्रक्रिया बीटेक, एमटेक, इंटीग्रेटेड ड्यूल डिग्री और पीएचडी पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले नए विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। हालांकि, जांच कब से शुरू होगी और इसके लिए विस्तृत प्रक्रिया क्या होगी, इसकी जानकारी समिति के कामकाज और आगे जारी होने वाले निर्देशों से स्पष्ट होगी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की इस पहल के तहत आईआईटी-बीएचयू में नशे की रोकथाम से जुड़ी व्यवस्था विकसित करने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है। अब सभी की नजर समिति की सिफारिशों और जांच की अंतिम प्रक्रिया पर रहेगी।








