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10th Pass Government Jobs: दसवीं पास हैं तो नौकरी के मौके कम नहीं, इन सरकारी भर्तियों से बदल सकता है करियर

New Delhi: 10वीं पास करने के बाद पढ़ाई रोक देने का मतलब यह नहीं है कि सरकारी नौकरी (10th Pass Government Jobs) के रास्ते बंद हो गए। केंद्र और राज्य सरकार के कई विभाग समय-समय पर ऐसे पदों पर भर्ती निकालते हैं, जिनके लिए न्यूनतम योग्यता 10वीं पास रखी जाती है। हालांकि, हर भर्ती में नियम एक जैसे नहीं होते। पद के हिसाब से उम्र सीमा, अतिरिक्त योग्यता, परीक्षा और शारीरिक मानक अलग हो सकते हैं। इसलिए किसी भी नौकरी के लिए आवेदन करने से पहले आधिकारिक भर्ती नोटिफिकेशन देखना बेहद जरूरी है। रेलवे में मिल सकता है बड़ा मौका (10th Pass Government Jobs) 10वीं पास युवाओं के बीच रेलवे की नौकरियों को लेकर काफी रुचि रहती है। रेलवे में अलग-अलग भर्ती के जरिए तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों पर अवसर निकलते हैं। कुछ पदों के लिए 10वीं के साथ ITI या दूसरी योग्यता भी मांगी जा सकती है। यानी केवल 10वीं पास होना हर रेलवे पद के लिए पर्याप्त नहीं होता। उम्मीदवारों को पद की शैक्षणिक योग्यता ध्यान से जांचनी चाहिए। SSC MTS से पुलिस और सुरक्षा बलों तक (10th Pass Government Jobs) Staff Selection Commission यानी SSC की MTS जैसी भर्तियां 10वीं पास उम्मीदवारों के लिए सरकारी नौकरी का एक विकल्प हो सकती हैं। वहीं, कुछ कांस्टेबल स्तर की भर्तियों में भी 10वीं पास उम्मीदवार पात्र होते हैं। पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों से जुड़ी नौकरियों में सिर्फ लिखित परीक्षा ही महत्वपूर्ण नहीं होती। कई पदों पर शारीरिक दक्षता और मेडिकल टेस्ट भी चयन प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। इसलिए ऐसी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को पढ़ाई के साथ फिटनेस पर भी ध्यान देना चाहिए। डाक विभाग की GDS भर्ती पर भी रहती है नजर (10th Pass Government Jobs) डाक विभाग की ग्रामीण डाक सेवक यानी GDS भर्ती भी 10वीं पास उम्मीदवारों के बीच लोकप्रिय है। इस भर्ती में चयन प्रक्रिया सामान्य प्रतियोगी परीक्षाओं से अलग हो सकती है और उम्मीदवारों का चयन निर्धारित नियमों के अनुसार 10वीं के अंकों के आधार पर किया जाता है। लेकिन यहां भी एक बात याद रखना जरूरी है कि हर भर्ती का नियम नोटिफिकेशन में साफ दिया जाता है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही किसी जानकारी को अंतिम सच मानकर आवेदन नहीं करना चाहिए। सेना और दूसरी नौकरियों के लिए क्या करें? (10th Pass Government Jobs) भारतीय सेना में अग्निवीर जैसी भर्तियों के अलावा अलग-अलग सरकारी विभागों में 10वीं पास युवाओं के लिए समय-समय पर अवसर आते हैं। कुछ पदों के लिए 10वीं के साथ ITI, ड्राइविंग लाइसेंस या दूसरी अतिरिक्त योग्यता जरूरी हो सकती है। सरकारी नौकरी की तैयारी शुरू करने से पहले अपनी योग्यता के हिसाब से पद चुनना सबसे जरूरी है। इसके बाद सिलेबस समझें, पिछले प्रश्नपत्र हल करें और अगर भर्ती में फिजिकल टेस्ट है तो उसकी तैयारी भी साथ शुरू करें। आवेदन करते समय एक गलती न करें (10th Pass Government Jobs) सरकारी नौकरी के आवेदन में छोटी सी गलती भी परेशानी खड़ी कर सकती है। नाम, जन्मतिथि, शैक्षणिक जानकारी और दस्तावेजों की जानकारी भरते समय सावधानी रखें। 10वीं की मार्कशीट, पहचान पत्र, फोटो और दूसरे जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखना बेहतर है। सबसे जरूरी बात यह है कि भर्ती की जानकारी के लिए संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और नोटिफिकेशन पर ही भरोसा करें। 10वीं के बाद मौके जरूर हैं, लेकिन सही नौकरी चुनने और सही समय पर तैयारी शुरू करने से ही इन मौकों को सफलता में बदला जा सकता है।

Exam Preparation Tips: किसी भी परीक्षा की तैयारी से पहले जान लें ये जरूरी टिप्स, हर एग्जाम में सफलता के बढ़ जाएंगे मौके

Exam Paper

New Delhi (Exam Preparation Tips): परीक्षा की तैयारी के लिए टिप्स: किसी भी परीक्षा में सफल होने के लिए उम्मीदवारों को अच्छी तैयारी करनी चाहिए, क्योंकि बिना तैयारी के पास होना नामुमकिन है। अक्सर देखा जाता है कि कड़ी मेहनत के बावजूद छात्र परीक्षा पास नहीं कर पाते कभी-कभी गलत तैयारी की रणनीति अपनाने के कारण। इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, यहाँ कुछ टिप्स दिए गए हैं जो उम्मीदवारों को किसी भी परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद कर सकते हैं। आइए एक नज़र डालते हैं… छात्रों को पढ़ाई का टाइम-टेबल बनाना चाहिए (Exam Preparation Tips) समय का सही इस्तेमाल करने के लिए, छात्रों को पढ़ाई का टाइम-टेबल बनाना चाहिए। एक असरदार रणनीति बनाने से तैयारी बेहतर होती है। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि टाइम-टेबल होने से परीक्षा की तैयारी में सुधार होता है। बोरियत से बचने के लिए, अपने शेड्यूल में ब्रेक शामिल करें। कामों को प्राथमिकता देना ज़रूरी है। उन विषयों पर ध्यान दें जो आपको सबसे मुश्किल लगते हैं, क्योंकि उनमें सबसे ज़्यादा समय और मेहनत की ज़रूरत होती है। पूरे किए जाने वाले कामों की एक लिस्ट बनाएं और उसी के अनुसार उनका शेड्यूल बनाएं; इससे तैयारी की प्रक्रिया आसान हो जाएगी। कैलेंडर नोटिफिकेशन का इस्तेमाल करें (Exam Preparation Tips) अपने समय को मैनेज करने के लिए कैलेंडर नोटिफिकेशन का इस्तेमाल करें। पढ़ाई के लिए अपने कैलेंडर में खास समय तय करें। तैयारी के दौरान थकान महसूस होने पर ब्रेक लें, क्योंकि इससे एकाग्रता बनाए रखने में मदद मिलती है और थकान से बचाव होता है। फ़ोन और ध्यान भटकाने वाली दूसरी चीज़ें दें बंद कर (Exam Preparation Tips) पढ़ाई के दौरान ध्यान भटकने से बचने के लिए, अपना फ़ोन और ध्यान भटकाने वाली दूसरी चीज़ें बंद कर दें। शांत कमरा या जगह चुनने की कोशिश करें; परिवार के सदस्यों की तेज़ बातचीत आसानी से आपका ध्यान पढ़ाई से भटका सकती है। परीक्षा की तैयारी करते समय, छात्रों को लगातार पढ़ने के बजाय बीच-बीच में ब्रेक लेना चाहिए। लगातार पढ़ने से आप सीखी हुई बातें भूल सकते हैं और आपका ध्यान भटक सकता है। विशेषज्ञ हर 25 मिनट की पढ़ाई के बाद ब्रेक लेने की सलाह देते हैं। इन ब्रेक के दौरान थोड़ी देर टहलना भी फायदेमंद होता है। कम से कम 7 घंटे सोने का लक्ष्य (Exam Preparation Tips) तैयारी के दौरान भरपूर नींद लेना सुनिश्चित करें। हर रात कम से कम 7 घंटे सोने का लक्ष्य रखें। इससे आप तरोताज़ा महसूस करेंगे और अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। अगर आपको भरपूर नींद नहीं मिलती है, तो दिन भर अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करना मुश्किल होगा। किसी भी परीक्षा की तैयारी करते समय व्यवस्थित और अनुशासित रहें; इससे आपको परीक्षा के दौरान फ़ायदा होगा। अपनी पढ़ाई की सामग्री को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखें, और पढ़ाई शुरू करने से पहले सुनिश्चित करें कि आपके पास ज़रूरत की सभी चीज़ें मौजूद हैं। इससे चीज़ें खोजने में आपका समय बचेगा और आप बिना किसी रुकावट के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। निष्कर्ष: यदि आपको पढ़ाई से जुड़ी टिप्स जानने में रूची है तो आप युवा डाइनामाइट न्यूज़ पेज को जरूर फॉलो करें।

सैलरी भी तगड़ी और मेंटल पीस भी! महिलाओं के करियर के लिए गेमचेंजर साबित हो रहे हैं ये 5 सेक्टर्स

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आज की महिलाएं सिर्फ अच्छी कमाई वाली नौकरी ही नहीं, बल्कि बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस और मेंटल पीस भी चाहती हैं।

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Success Tips: सफलता चाहिए तो जीवन के ये 20 सबक कभी मत भूलिए, बदल सकती है आपकी पूरी सोच

Sussess

हर इंसान अपने जीवन में सफल होना चाहता है, लेकिन केवल मेहनत ही सफलता की गारंटी नहीं होती। Success Tips अपनाने के लिए सही सोच, अनुशासन, धैर्य, ईमानदारी और अच्छा व्यवहार भी उतना ही जरूरी है। समय बदलता रहता है, लेकिन जीवन के कुछ सिद्धांत कभी पुराने नहीं होते। यही सिद्धांत इंसान को कठिन परिस्थितियों में भी सही दिशा दिखाते हैं। जीवन का सबसे बड़ा शिक्षक अनुभव होता है। अध्यापक पहले सबक सिखाता है और फिर परीक्षा लेता है, जबकि जिंदगी पहले परीक्षा लेती है और बाद में सीख देती है। यही वजह है कि Success Tips केवल किताबों में नहीं, बल्कि अनुभवों से भी मिलते हैं। Success Tips: सफलता की राह में ये 20 जीवन मंत्र क्यों हैं खास? बुरी संगत इंसान की सोच और भविष्य दोनों को प्रभावित करती है। इसलिए सफलता पाने के लिए हमेशा अच्छे लोगों का साथ चुनना चाहिए। मुश्किल वक्त में यही Success Tips आएंगे काम मुश्किल समय हर किसी के जीवन में आता है, लेकिन जो लोग चुनौतियों का सामना करते हैं, वही आगे बढ़ते हैं। नदी कभी यह नहीं पूछती कि समुद्र कितना दूर है, वह बस लगातार बहती रहती है। यही निरंतर प्रयास सफलता का सबसे बड़ा मंत्र है। सपनों और लक्ष्य में भी फर्क होता है। सपनों के लिए नींद चाहिए, जबकि लक्ष्य हासिल करने के लिए कई बार नींद का त्याग करना पड़

दिल्ली को मिली पहली हाईटेक ई-लाइब्रेरी, जानिए छात्रों के लिए क्या-क्या होगा खास?

NDMC Library news

New Delhi: राजधानी दिल्ली के निवासियों और खासकर छात्र-छात्राओं के लिए एक बेहद अच्छी खबर है। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) द्वारा मंदिर मार्ग पर बनाई गई तीन मंजिला शानदार मल्टीमीडिया ई-लाइब्रेरी पूरी तरह से तैयार हो चुकी है। 11 जुलाई की सुबह केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इस अत्याधुनिक लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। दिल्ली-एनसीआर के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी सिविक एजेंसी (नगर निकाय) द्वारा इस स्तर की कोई ई-लाइब्रेरी तैयार की गई है। मंदिर मार्ग पर बनी तीन मंजिला शानदार बिल्डिंग यह आधुनिक मल्टीमीडिया ई-लाइब्रेरी मंदिर मार्ग पर स्थित नवयुग स्कूल के ठीक पीछे बनाई गई है। इसके लिए 750 वर्गमीटर के एक बड़े प्लॉट का इस्तेमाल किया गया है, जिस पर एक तीन मंजिला भव्य बिल्डिंग खड़ी की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरी लाइब्रेरी को तैयार करने में करीब 6 से 8 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य छात्रों और शोधकर्ताओं को एक ऐसा शांत माहौल देना है, जहाँ वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। Delhi News:”देश अपनी रणनीति नहीं बताते”: हरदीप सिंह पुरी ने इंडिया एनर्जी वीक 2026 को लेकर क्या कहा? 30 हजार भौतिक किताबें और 5 लाख से ज्यादा ई-बुक्स का खजाना इस लाइब्रेरी की सबसे बड़ी खासियत इसका विशाल बुक कलेक्शन है। यहाँ पाठकों के पढ़ने के लिए लगभग 30,000 भौतिक (प्रिंटेड) किताबें रखी गई हैं। इसके साथ ही, डिजिटल पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए लाइब्रेरी में 5 लाख से भी अधिक ई-बुक्स (e-books) का एक बड़ा भंडार डिजिटल रूप में उपलब्ध कराया गया है। इसका मतलब है कि यहाँ आने वाले लोगों को अपनी पसंद और जरूरत की हर जरूरी सामग्री एक ही छत के नीचे मिल जाएगी। दिल्ली-एनसीआर में किसी भी नगर निकाय (सिविक एजेंसी) द्वारा बनाई गई यह पहली और अपने आप में अनोखी ई-लाइब्रेरी है, जहाँ आधुनिकता और ज्ञान का ऐसा बेहतरीन तालमेल देखने को मिलेगा। एक साथ बैठ सकेंगे 200 लोग, PhD स्कॉलर्स के लिए विशेष इंतजाम बिल्डिंग की पहली मंजिल पर एक बड़ा और सर्वसुविधायुक्त लाइब्रेरी हॉल बनाया गया है। इस हॉल में एक समय में 200 लोग एक साथ बैठकर शांति से अपनी पढ़ाई और रिसर्च का काम पूरा कर सकते हैं। इसके अलावा, गंभीर शोध को बढ़ावा देने के लिए बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर एक विशेष रिसर्च रूम भी तैयार किया गया है। यह कमरा पूरी तरह से पीएचडी (PhD) स्कॉलर्स के लिए रिजर्व रहेगा, जहाँ वे बिना किसी शोर-शराबे के अपना रिसर्च वर्क कर सकेंगे। Delhi News: लखनऊ में खुशी की लहर, ईरान में फंसे यूपी के कई लोग लौटे स्वदेश; जानिए उनकी आपबीती बच्चों के लिए अलग व्यवस्था और सभी सुविधाएं बिल्कुल मुफ्त इस मल्टीमीडिया लाइब्रेरी में हर उम्र के लोगों का ध्यान रखा गया है। बच्चों के लिए यहाँ एक अलग से विशेष व्यवस्था की गई है, जहाँ उनके ज्ञान को बढ़ाने वाली किताबों के साथ-साथ कई तरह के ज्ञानवर्धक ‘स्टडी टूल्स’ (पढ़ाई के साधन) भी उपलब्ध कराए गए हैं। सबसे बड़ी और राहत की बात यह है कि इस हाईटेक लाइब्रेरी में मिलने वाली सभी सुविधाएं आम जनता के लिए बिल्कुल निशुल्क (मुफ्त) रहेंगी। एनडीएमसी के वाइस चेयरमैन कुलजीत सिंह चहल ने इस संबंध में अहम जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह जगह सिर्फ किताबों को पढ़ने तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे एक जीवंत सांस्कृतिक और शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहाँ आने वाले दिनों में नई पुस्तकों का विमोचन (बुक लॉन्च), किताबों पर चर्चा (बुक डिस्कशन) और मशहूर लेखकों से मुलाकात (मीट द ऑथर) जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन नियमित रूप से किया जाएगा।

पिता की पहचान से अलग कैसे बनाई अपनी जगह? जानें सुजीत पांडेय के सफर की इनसाइड स्टोरी

Sujit Pandey IPS Story - new

Lucknow: देश के सबसे प्रतिष्ठित पुलिस प्रशिक्षण संस्थान, सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA), हैदराबाद की कमान अब उत्तर प्रदेश कैडर के बेहद काबिल और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुजीत पांडेय के हाथों में सौंप दी गई है। केंद्र सरकार की कैबिनेट नियुक्ति समिति (ACC) ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की सिफारिश पर उन्हें अकादमी का नया डायरेक्टर नियुक्त किया है। तीन दशक से भी लंबे अपने शानदार करियर में यूपी के कई संवेदनशील जिलों में कानून-व्यवस्था सुधारने से लेकर सीबीआई (CBI) जैसी केंद्रीय एजेंसी में अपनी धाक जमाने वाले सुजीत पांडेय अब देशभर के भावी आईपीएस अधिकारियों को तराशने की बड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे। इस बड़ी नियुक्ति के बाद हर कोई जानना चाहता है कि आखिर आईपीएस सुजीत पांडेय कौन हैं, कहां के रहने वाले हैं और उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि क्या है। कौन हैं IPS सुजीत पांडेय और क्या है पारिवारिक पृष्ठभूमि? आईपीएस सुजीत पांडेय का जन्म 1 अगस्त 1968 को बिहार की राजधानी पटना में हुआ था। उनका शुरुआती जीवन और परवरिश पूरी तरह से एक प्रशासनिक और अनुशासित माहौल में हुई, क्योंकि उनका परिवार सीधे तौर पर सिविल सर्विसेज से जुड़ा रहा है। उनके पिता नरेंद्र कुमार पांडेय बिहार कैडर के एक बेहद सम्मानित भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी थे। घर में बचपन से ही प्रशासनिक व्यवस्थाओं और देश सेवा के माहौल को करीब से देखने के कारण सुजीत पांडेय ने भी अपने पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए सिविल सेवा को ही अपने करियर और जीवन का मुख्य लक्ष्य चुना। ये भी पढ़ें: IPS अफसरों की तैनाती में मचेगा हड़कंप: DGP मुख्यालय में मंथन शुरू, प्रमोट हुए 28 अफसरों को मिलेगी कमान क्या पढ़ाई की है सुजीत पांडेय ने? अकादमिक स्तर पर सुजीत पांडेय हमेशा से बेहद मेधावी रहे हैं। उन्होंने इतिहास विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन यानी एमए (M.A. History) की डिग्री हासिल की है। इतिहास की गहरी समझ रखने वाले सुजीत पांडेय ने अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने के ठीक बाद देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा को क्रैक किया। वे 4 सितंबर 1994 को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) का हिस्सा बने, जहां उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर आवंटित किया गया। वर्ष 1996 में उनकी सेवाएं स्थायी कर दी गईं, जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। यूपी एसटीएफ से लेकर सीबीआई तक का बेदाग सफर सुजीत पांडेय का पुलिसिंग करियर बेहद रसूखदार और उपलब्धियों से भरा रहा है। वे उत्तर प्रदेश के गाजीपुर, मुरादाबाद, वाराणसी, मैनपुरी और बुलंदशहर जैसे बड़े जिलों में बतौर एसपी और एसएसपी तैनात रहे। उन्होंने यूपी पुलिस की सबसे खतरनाक विंग ‘स्पेशल टास्क फोर्स’ (STF) में रहते हुए कई बड़े आपराधिक नेटवर्कों को नेस्तनाबूद किया। इसके अतिरिक्त, वे करीब सात वर्षों तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीबीआई (CBI) में भी रहे, जहां उन्होंने कई हाई-प्रोफाइल और बेहद संवेदनशील मामलों की जांच की। लखनऊ और वाराणसी के एसएसपी रहने के बाद वे मेरठ, आगरा और लखनऊ रेंज के आईजी (IG) भी रहे। ये भी पढ़ें: ससुराल है या अफसरों की खान? बरेली की लेडी सिंगम IPS अंशिका वर्मा के पति, जेठ और चारों ननदें सभी हैं सरकारी पदों पर तैनात राष्ट्रपति पदक से सम्मानित और अब महा-निदेशक की कमान 1 जनवरी 2019 को एडिशनल डायरेक्टर जनरल (ADG) बनने के बाद उन्होंने प्रयागराज जोन संभाला और फिर यूपी फायर सर्विसेज को पूरी तरह आधुनिक बनाया। 1 दिसंबर 2025 को सुजीत पांडेय को उनके उत्कृष्ट रिकॉर्ड के लिए पुलिस महानिदेशक (DG) के पद पर प्रमोट किया गया था। उन्हें साल 2010 में पुलिस मेडल, सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम डीजी कमेंडेशन डिस्क, साल 2024 में ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ (President’s Police Medal for Distinguished Service) और साल 2025 में ‘अति उत्कृष्ट सेवा पदक’ से सम्मानित किया जा चुका है। अब साल 2026 में वे देश के सबसे बड़े पुलिसिंग संस्थान के मुखिया के तौर पर नई इबारत लिखने को तैयार हैं।

TET Exam 2026: गोरखपुर के 32 केंद्रों पर कड़ी निगरानी में हुई परीक्षा

Gorakhpur: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 का आयोजन गोरखपुर जनपद में पूरी तरह शांतिपूर्ण, पारदर्शी और नकलविहीन माहौल में सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। जिले के 32 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए 72,020 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। प्रशासन और पुलिस की कड़ी निगरानी, बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था और अधिकारियों की मॉनिटरिंग के चलते सभी पालियों की परीक्षा बिना किसी व्यवधान के सम्पन्न हुई। इतने अभ्यार्थी हुए शामिल अंतिम दिन आयोजित परीक्षा में 13,558 अभ्यर्थियों को शामिल होना था, जिनमें से 11,036 परीक्षार्थी उपस्थित हुए, जबकि 2,522 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस प्रकार अंतिम पाली में 81.4 प्रतिशत उपस्थिति और 18.6 प्रतिशत अनुपस्थिति दर्ज की गई। परीक्षा के दौरान किसी भी केंद्र से नकल, अव्यवस्था या अन्य किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। प्रशासन ने किए व्यापक इंतजाम परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी, प्रश्नपत्रों को डबल लॉक सुरक्षा व्यवस्था में रखा गया तथा प्रवेश से पहले प्रत्येक अभ्यर्थी की सघन जांच की गई। इसके अलावा प्रत्येक केंद्र पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई, जिससे परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह नियंत्रण में रही। यूपी में नहीं होंगे विधानसभा उपचुनाव? क्या किसी को फायदा पहुंचाने की हो रही कोशिशें? सियासी चर्चाएं तेज पूरे परीक्षा कार्यक्रम के दौरान मंडलायुक्त अनिल ढींगरा, डीआईजी रेंज एस. चनप्पा, जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ, एसपी सिटी निमिष पाटील समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी लगातार विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। वहीं, ऑब्जर्वर (पूर्व डीआईजी) वी.पी. श्रीवास्तव ने पूरे परीक्षा कार्यक्रम की निगरानी की, जबकि अपर जिलाधिकारी गजेन्द्र कुमार ने नोडल अधिकारी के रूप में समन्वय की जिम्मेदारी संभाली। नोएडा के नामी 50 बिल्डरों पर CBI का एक्शन : सुप्रीम कोर्ट में पेश किया काले कारनामों का लेटर, 600 लोगों के साथ किया था फ्रॉड! अभ्यार्थियों की सुविधा का भी ध्यान परीक्षार्थियों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया। सभी केंद्रों पर पेयजल, शौचालय, बिजली और बैठने की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराई गई। वहीं, परीक्षा के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव अपनी टीम के साथ प्रमुख परीक्षा केंद्रों पर सक्रिय रहे, जिससे अभ्यर्थियों को समय पर केंद्रों तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। प्रशासनिक अधिकारियों ने परीक्षा की सफलता को टीमवर्क का परिणाम बताते हुए कहा कि सभी विभागों के बेहतर समन्वय और सतर्क निगरानी के कारण टीईटी-2026 का पूरा आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और नकलविहीन वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया गया।

Science स्ट्रीम के स्टूडेंट्स के लिए करियर के बेहतरीन विकल्प, जानिए कौन-सा कोर्स देगा बेस्ट जॉब

Science career Option

12वीं Science पास करने के बाद सिर्फ डॉक्टर या इंजीनियर बनना ही एकमात्र विकल्प नहीं है। मरीन साइंस और बीएससी एग्रीकल्चर जैसे कई कोर्स शानदार करियर और सरकारी-प्राइवेट नौकरी के बेहतरीन अवसर प्रदान करते हैं।

TET परीक्षा के दिन रोड शो बना युवाओं की राह में रोड़ा, अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित, आखिर किसकी जिम्मेदारी?

Budaun: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा TET के आयोजन के दिन बदायूं में लगे भीषण जाम ने कई अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लगा दिया। रोड शो के कारण शहर के मुख्य मार्गों पर कई घंटों तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। नतीजा, कई जिलों से परीक्षा देने आए कई अभ्यर्थी समय पर परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच सके और उनकी परीक्षा छूट गई। छह साल बाद हुई परीक्षा गौरतलब है कि UPTET का आयोजन लगभग छह साल के लंबे अंतराल के बाद हो रहा था। प्रदेश भर के लाखों युवाओं के लिए यह परीक्षा शिक्षक बनने का एकमात्र रास्ता है। अभ्यर्थियों ने बताया कि वे सुबह 5 बजे घर से निकले थे ताकि समय से केंद्र पहुंच सकें। मगर बदायूं शहर में घुसते ही सिविल लाइंस, कचहरी रोड और नवादा चौराहे पर किलोमीटर लंबा जाम मिला। एंबुलेंस तक जाम में फंसी दिखीं। कई अभ्यर्थी गाड़ियों से उतरकर 4-5 किलोमीटर पैदल भागे, फिर भी गेट बंद होने के बाद ही केंद्र पहुंच पाए। अभ्यर्थियों का छलका दर्द बरेली से आई छात्रा प्रीति शर्मा ने रोते हुए कहा, “छह साल से इसी दिन का इंतजार कर रही थी। कोचिंग, किताबें, रात-रात भर जागकर तैयारी की। घर से 4 बजे निकली थी। सब बेकार हो गया।” शाहजहांपुर के छात्र ने बताया, “प्रशासन को पता था आज TET है। फिर रोड शो की अनुमति क्यों दी? क्या नेताओं का कार्यक्रम हमारे भविष्य से बड़ा है?” प्रशासन पर उठे सवाल अभ्यर्थियों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं के दिन रूट डायवर्जन और ट्रैफिक प्लान पहले से जारी करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोड शो के कारण सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त रही। मांग: निष्पक्ष जांच और दोबारा परीक्षा का मौका इस घटना के बाद अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है। मांग उठ रही है कि1. जाम के कारण परीक्षा से वंचित रहे सभी अभ्यर्थियों का चिन्हीकरण कर निष्पक्ष जांच कराई जाए।2. प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए अलग से पुनर्परीक्षा आयोजित की जाए, ताकि उनकी मेहनत बेकार न जाए।3. भविष्य में UPSC, UPPSC, TET जैसी किसी भी बड़ी प्रतियोगी परीक्षा के दिन राजनीतिक रैली, रोड शो या यातायात बाधित करने वाले आयोजनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। युवाओं का कहना है कि जब सरकार एक दिन में चुनाव करवा सकती है, तो एक दिन के लिए राजनीतिक कार्यक्रम स्थगित क्यों नहीं कर सकती? प्रशासनिक अव्यवस्था के कारण किसी युवा का सालों का परिश्रम और भविष्य दांव पर लगाना पूरी तरह अन्याय है। अब सबकी निगाहें प्रदेश सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।