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चाणक्य की ये 8 बातें बना सकती हैं आपको सफल, जानिए सफलता के अमूल्य सूत्र

सफलता के मंत्र

New Delhi: भारतीय राजनीति, कूटनीति और जीवन प्रबंधन के महान विद्वान आचार्य चाणक्य का जीवन आज भी प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने नीति, प्रशासन और जीवन की जटिलताओं को बहुत सरल लेकिन प्रभावशाली शब्दों में समझाया। उनके विचार आज के समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने प्राचीन भारत में थे। अगर कोई व्यक्ति चाणक्य की कुछ विशेष बातों को अपने जीवन में अपना ले, तो सफलता उसके कदम चूम सकती है। समय का सम्मान करें चाणक्य कहते हैं, जो समय की कद्र नहीं करता, समय उसे बर्बाद कर देता है। समय का सही उपयोग सफलता की पहली सीढ़ी है। गुप्त बातें किसी को न बताएं चाणक्य का मानना था कि अपनी योजनाएं, कमजोरी, और निजी बातें गुप्त रखनी चाहिए। इससे व्यक्ति धोखा खाने से बचता है और रणनीति को सफलता मिलती है। संगति का विशेष ध्यान रखें जैसी संगति, वैसा ही व्यक्तित्व। चाणक्य के अनुसार, अच्छी संगति सफलता की दिशा में बड़ा योगदान देती है। अधूरी जानकारी घातक है आचार्य चाणक्य मानते थे कि अधूरी जानकारी व्यक्ति को भ्रमित करती है और गलत निर्णय की ओर ले जाती है। कठिन समय में धैर्य रखें चाणक्य कहते हैं, कठिनाइयाँ ही व्यक्ति की परीक्षा लेती हैं। धैर्य से हर चुनौती का सामना करें, सफलता अवश्य मिलेगी। शत्रु की कमजोरी जानें कूटनीति के जानकार चाणक्य मानते थे कि शत्रु की कमजोरी को जानकर ही उसे हराया जा सकता है। यह सिद्धांत आज के प्रतिस्पर्धी युग में भी लागू होता है। विद्या ही सबसे बड़ी पूंजी है चाणक्य का स्पष्ट मत था कि धन खो जाए तो फिर भी पाया जा सकता है, लेकिन विद्या सबसे स्थायी और मूल्यवान पूंजी है। सही समय पर सही निर्णय लें चाणक्य नीति में निर्णय लेने की क्षमता को सफलता का मूल आधार बताया गया है। सही निर्णय सही समय पर ही काम करता है।

कैसे बनें ऑफिस में सबसे काबिल एम्प्लॉई? जानिए 5 जरूरी टिप्स

करियर के लिए 5 जरूरी टिप्स

New Delhi: क्या आप चाहते हैं कि आपके सीनियर्स आपको सबसे काबिल एम्प्लॉई मानें और आपके करियर में तेजी से तरक्की हो? अगर हां, तो आपको सिर्फ मेहनत करने के बजाय कुछ ऐसी रणनीतियों को अपनाना होगा, जो आपके काम करने के तरीके को पूरी तरह से बदलकर आपको और भी आगे ले जाएं। यहां हम आपको कुछ खास टिप्स दे रहे हैं, जो आपके करियर को नई दिशा देंगे और सफलता की सीढ़ी पर चढ़ने में मदद करेंगे। 1. सिर्फ काम नहीं, रिजल्ट दिखाएं बहुत से लोग ऑफिस में घंटों काम करते हैं, लेकिन उनका काम किसी खास परिणाम को जन्म नहीं देता। सफलता सिर्फ मेहनत करने से नहीं मिलती, बल्कि यह इस बात पर निर्भर करती है कि आपके काम का परिणाम क्या है। उदाहरण के तौर पर, अगर आपने कोई प्रोजेक्ट पूरा किया, तो यह बताना बेहद जरूरी है कि उस प्रोजेक्ट से कंपनी को क्या फायदा हुआ। जब आप परिणामों पर जोर देंगे, तो आपके सीनियर्स को यह लगेगा कि आप अपने काम को महत्व देते हैं और अपनी कंपनी की सफलता में योगदान दे रहे हैं।  Career Tips: डिग्री नहीं, ये 8 लाइफ स्किल्स बनाएंगी आपका करियर और लाइफ बेहतर 2. सीखने की भूख कभी न मिटने दें आज के प्रतिस्पर्धी दौर में, यदि आप अपनी स्किल्स को अपडेट नहीं करेंगे, तो पीछे रह जाएंगे। किसी भी फील्ड में बदलाव तेजी से हो रहे हैं, और अगर आप इन बदलावों से खुद को अपडेट नहीं रखते, तो आपके लिए तरक्की के रास्ते बंद हो सकते हैं। इससे बचने के लिए हमेशा कुछ नया सीखते रहें। यह सीखने की प्रक्रिया न केवल आपकी काबिलियत को बढ़ाएगी, बल्कि आपको दूसरों से एक कदम आगे भी रखेगी। 3. सिर्फ शिकायत से नहीं चलेगा काम कभी भी समस्याओं से भागकर या केवल शिकायतों से काम नहीं चलता। हर ऑफिस में समस्याएं आती हैं, लेकिन कुछ लोग सिर्फ शिकायत करते हैं और कुछ लोग उनके समाधान की तलाश करते हैं। अगर आप समस्या को लेकर समाधान सुझाते हैं, तो यह आपके लीडरशिप स्किल्स को प्रदर्शित करता है।  4. प्रभावी ढंग से रखें अपनी बात कम्युनिकेशन स्किल्स किसी भी करियर के लिए बेहद जरूरी होती हैं। यह महत्वपूर्ण नहीं है कि आप क्या कहते हैं, बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि आप इसे किस तरह से कहते हैं। आपके पास बेहतरीन विचार हो सकते हैं, लेकिन अगर आप उन्हें प्रभावी तरीके से व्यक्त नहीं कर पाते, तो वे व्यर्थ हो सकते हैं।  Career Choice: 12वीं के बाद करियर कैसे चुनें, 6 टिप्स से जानें सही मार्गदर्शन 5. जिम्मेदारी लें और आगे बढ़कर काम करें जब आपको किसी नए प्रोजेक्ट का सामना करना पड़े, तो उस पर काम करने के लिए खुद को आगे बढ़ाकर प्रस्तुत करें। यह दिखाता है कि आप अपनी नौकरी को लेकर गंभीर हैं और नए अवसरों को प्राप्त करने के लिए तैयार हैं। साथ ही, यह सीनियर्स के बीच आपके कद को भी बढ़ाता है। 

SSC की जीरो टॉलरेंस नीति: नकल करने वालों पर सख्त प्रतिबंध और नंबर रद्द

SSC CBT Exam 2025

New Delhi: स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) ने आगामी कंप्यूटर बेस्ड परीक्षाओं (CBT) को लेकर उम्मीदवारों को कड़ी चेतावनी दी है। आयोग ने कहा है कि किसी भी प्रकार की नकल, फर्जीवाड़ा या अनुचित साधनों के उपयोग पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। SSC की शून्य सहिष्णुता नीति के तहत ऐसे उम्मीदवार न केवल परीक्षा से बाहर किए जाएंगे, बल्कि लंबी अवधि के लिए प्रतिबंधित भी किए जा सकते हैं। नकल और धोखाधड़ी पर विशेष निगरानी SSC ने उन गड़बड़ियों की सूची जारी की है जिन पर आयोग विशेष नजर रखेगा। इनमें रिमोट कंट्रोल से परीक्षा हॉल में हस्तक्षेप, इम्पर्सनेशन (दूसरे के नाम पर परीक्षा देना), चिट पास करना और किसी अन्य से मदद लेना शामिल हैं। आयोग ने इन गतिविधियों की रोकथाम के लिए अत्याधुनिक तकनीकी उपाय अपनाए हैं, जिनमें आधार आधारित वेरिफिकेशन, फेशियल रिकग्निशन, सीसीटीवी निगरानी और एआई संचालित एनालिटिक्स शामिल हैं। नकल पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई यदि तकनीकी जांच के दौरान कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो परीक्षा तुरंत नहीं रोकी जाएगी ताकि अन्य उम्मीदवारों को परेशानी न हो। लेकिन दोषी उम्मीदवार के नंबर रद्द कर दिए जाएंगे और उसे परीक्षा में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। आयोग का यह कदम परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने और प्रतिभागियों के अधिकारों की रक्षा करने के उद्देश्य से है। उम्मीदवारों के लिए जरूरी सावधानियां SSC ने उम्मीदवारों से अपील की है कि वे परीक्षा के दौरान किसी भी संदिग्ध या अनुचित व्यवहार से बचें। इनमें उत्तर जल्दी-जल्दी लिखकर रफ शीट पर नोट करना, साथ बैठे उम्मीदवार से बातचीत करना, दूसरे के कंप्यूटर स्क्रीन की ओर देखना या आधार बायोमेट्रिक लॉक करना शामिल है। आयोग ने बताया कि कई चरणों पर आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा, इसलिए उम्मीदवारों को पूरी ईमानदारी से परीक्षा में भाग लेना चाहिए। आधुनिक तकनीक से बढ़ाई गई सुरक्षा SSC ने परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए नवीनतम तकनीकों को अपनाया है। फेशियल रिकग्निशन और आधार आधारित पहचान से उम्मीदवारों की पहचान की जाएगी। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों से परीक्षा हॉल की निगरानी की जाएगी और एआई के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण किया जाएगा। ये कदम नकल और धोखाधड़ी को रोकने में कारगर साबित होंगे। आयोग की सख्त चेतावनी का मकसद SSC की यह कड़ी चेतावनी केवल उम्मीदवारों को अनुशासन में रखने के लिए नहीं है, बल्कि परीक्षा की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए है। आयोग का उद्देश्य है कि केवल योग्य और ईमानदार उम्मीदवारों को ही सरकारी नौकरियों में चयन मिले। नकल और अन्य अनुचित गतिविधियों से न केवल अन्य उम्मीदवारों का नुकसान होता है, बल्कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है। आगे की प्रक्रिया और प्रतिबंध जो उम्मीदवार नकल करते पाए जाएंगे, उन्हें तत्काल परीक्षा केंद्र से हटाया जाएगा। साथ ही, आयोग उनकी भविष्य की परीक्षाओं में भागीदारी पर प्रतिबंध लगा सकता है। यह प्रतिबंध कई वर्षों तक प्रभावी रहेगा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि SSC अपने नियमों को लेकर पूरी तरह गंभीर है।

Life Skills: हर दिन 15 मिनट दीजिए इन स्किल्स को, बनाइए खुद को करियर का चैंपियन

Life Skills

New Delhi: आज के समय में लोग एमबीए, एमटेक, एमसीए जैसे बड़े कोर्स या ऑफिस में ऊंची पोस्ट को सफलता का पैमाना मानते हैं। लेकिन हकीकत ये है कि असली सफलता कुछ ऐसी स्किल्स (Skills) पर निर्भर करती है, जो न तो किसी डिग्री में सिखाई जाती हैं, न ही रिज्यूमे में दिखती हैं। ये वो लाइफ स्किल्स हैं जो आपके सोचने, काम करने और लोगों से कनेक्ट होने के तरीके को पूरी तरह से बदल सकती हैं। 1. माइंड मैपिंग माइंड मैपिंग एक विज़ुअल तकनीक है जो आपके विचारों को व्यवस्थित करने और बड़े निर्णयों को छोटे कदमों में बदलने में मदद करती है। चाहे परीक्षा की तैयारी हो या प्रोजेक्ट प्लानिंग, माइंड मैपिंग से काम आसान और स्पष्ट हो जाता है। 2. अपनी बात कहें स्टाइल में कैनवा जैसे टूल्स और डिजाइन के बेसिक नियमों को जानकर कोई भी इंसान प्रभावशाली रिज्यूमे, पोस्टर या प्रेजेंटेशन बना सकता है। वहीं सही फॉन्ट, रंग और लेआउट की समझ आपको दूसरों से अलग बना सकती है। 3. तेजी से सीखने की शक्ति स्पीड रीडिंग आपकी पढ़ाई और रिसर्च में समय बचाने के साथ-साथ आपकी सीखने की गति को बढ़ा देती है। यह स्किल न सिर्फ आपका नॉलेज बढ़ाएगी, बल्कि काम में भी तेजी लाएगी। 4. धैर्य और जिम्मेदारी की सीख घर के पौधों की देखभाल करना एक तरह की माइंडफुलनेस प्रैक्टिस है। यह धैर्य सिखाती है, ज़िम्मेदारी का भाव जगाती है और साथ ही घर का वातावरण भी पॉजिटिव बनाती है। 5. ध्यान और याददाश्त का टूल आज के डिजिटल दौर में हाथ से लिखने की आदत लगभग खत्म हो चुकी है। लेकिन यह आदत आपके ध्यान को केंद्रित करती है, सोच को गहरा बनाती है और मेमोरी को शार्प करती है। 6. आत्मविश्वास से बोलने की कला आपकी आवाज़, आपकी पहचान बन सकती है। सही उच्चारण, टोन और सांसों पर कंट्रोल से आप प्रोफेशनल और पर्सनल दोनों ही बातचीत में इंप्रेस कर सकते हैं। वॉइस ट्रेनिंग से आत्मविश्वास भी बढ़ता है। 7. बेसिक फाइनेंशियल मैथ ब्याज दरें, EMI कैलकुलेशन, सेविंग्स और बजटिंग ये सब जानना आज की जरूरत है। फाइनेंशियल लिटरेसी से आप न सिर्फ पैसा बचा पाएंगे, बल्कि सही निवेश भी कर पाएंगे। ये स्किल्स कोई जादू नहीं, बल्कि सुपरपावर हैं ये स्किल्स किसी बड़ी डिग्री या भारी-भरकम कोर्स की मांग नहीं करतीं। रोजाना केवल 15–30 मिनट इन पर समय देने से आप अपने भीतर बड़े बदलाव ला सकते हैं। यह आपकी कार्यशैली, सोच और जीवन के प्रति दृष्टिकोण को पूरी तरह से नया रूप देती हैं।

12वीं के बाद करियर का चुनाव: एक गलती बन सकती है जिंदगी भर की मुश्किलें

Career Choice

New Delhi: 12वीं का परिणाम आते ही छात्रों के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा हो जाता है “अब क्या करें?” स्कूल की किताबों से बाहर कदम रखते ही युवा इस निर्णय से परेशान होते हैं, क्योंकि यह एक ऐसा कदम है जो उनकी पूरी जिंदगी की दिशा बदल सकता है। सही करियर विकल्प चुनना बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इस फैसले का असर उनके भविष्य, खुशहाली और सफलता पर पड़ेगा। हालांकि, इस निर्णय में कोई भी गलती उन्हें जीवनभर पछताने पर मजबूर कर सकती है। यही कारण है कि इस कठिन सवाल का जवाब सोच-समझकर और पूरी तरह से आत्ममूल्यांकन के बाद ही देना चाहिए। आइए फिर ऐसे में जानते हैं कि आप कैसे एक बेहतरीन करियर का चुनाव करें ताकि आपका भविष्य या फिर आपके बच्चों का भविष्य उज्जवल में रहे। बता दें कि ये टिप्स आपको सही करियर चुनने में मदद करेगी। अपनी रुचियों का विश्लेषण करें सबसे पहले, यह जानना जरूरी है कि आप किसे पसंद करते हैं। यदि आपको किसी विषय या काम में रुचि नहीं है तो उस क्षेत्र में करियर बनाना आपके लिए सही नहीं होगा। खुद से पूछें कि आप कौन सी चीजें करना पसंद करते हैं और किस कार्य में आपको आनंद आता है। यही आपकी रुचि आपके करियर की दिशा तय करेगी। आत्ममूल्यांकन करें अपनी क्षमताओं और कमजोरियों का मूल्यांकन करें। क्या आप गणित में अच्छे हैं या कला में? क्या आप मानव संसाधन, चिकित्सा, इंजीनियरिंग या डिजाइनिंग में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकते हैं? आत्ममूल्यांकन से आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि कौन सा क्षेत्र आपकी ताकत के हिसाब से सबसे उपयुक्त है। मार्केट ट्रेंड्स और डिमांड को जानें केवल अपनी रुचियों पर निर्भर न रहें, बल्कि यह भी देखें कि कौन सा करियर वर्तमान और भविष्य में कामयाब रहेगा। कुछ पेशे जैसे मेडिकल, इंजीनियरिंग, डेटा साइंस और आईटी में मांग तेजी से बढ़ रही है, जबकि कुछ पारंपरिक क्षेत्र कम होते जा रहे हैं। बाजार की मांग और विकास की दिशा को समझना बेहद जरूरी है। आपके परिवार का विचार परिवार की सोच भी एक अहम भूमिका निभाती है। हालांकि यह आपके करियर का व्यक्तिगत फैसला है, लेकिन परिवार का समर्थन और उनकी राय आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। खासकर जब आप किसी अनजाने या जोखिम भरे करियर में कदम रखना चाहते हैं, तो परिवार की मदद आपको मार्गदर्शन और मानसिक शांति दे सकती है। शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म गोल्स तय करें यह तय करें कि आप अगले 5 सालों में कहां देखना चाहते हैं और 10 सालों बाद आप कौन से मुकाम पर होना चाहते हैं। शॉर्ट टर्म गोल्स से यह स्पष्ट होगा कि आप किस दिशा में जा रहे हैं, जबकि लॉन्ग टर्म गोल्स आपको अंततः आपके उद्देश्य तक पहुंचने में मदद करेंगे। प्रोफेशनल काउंसलिंग लें अगर आप करियर के चुनाव को लेकर कंफ्यूज़ हैं, तो किसी काउंसलर से बात करें। वे आपकी रुचियों, क्षमताओं और करियर के ट्रेंड्स को ध्यान में रखते हुए आपको सही मार्गदर्शन दे सकते हैं। यह निवेश आपके भविष्य के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है।

Career News: शिक्षा का राष्ट्रीय हब बना राजस्थान का कोटा शहर, कम बजट में नीट-जेईई की तैयारी पूरी

Kota Education

Kota: राजस्थान का कोटा शहर आज देश के लाखों छात्रों के लिए सपनों की मंजिल बन चुका है। हर साल करीब 2 लाख से अधिक विद्यार्थी यहाँ आते हैं, खासकर नीट और आईआईटी-जेईई की तैयारी के लिए। कोटा ने अपने अनूठे शैक्षिक माहौल, बेहतरीन कोचिंग संस्थान और अनुभवी फैकल्टी की बदौलत राष्ट्रीय स्तर पर एक अलग पहचान बनाई है। क्यों खास है कोटा? कोटा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां देशभर से प्रतिभाशाली छात्रों का आना। ये छात्र यहां केवल पढ़ाई ही नहीं करते, बल्कि राष्ट्रीय स्तर के कम्पटीशन्स में खुद को परखने का अवसर भी पाते हैं। यही कारण है कि आईआईटी-जेईई और नीट जैसे कठिन परीक्षाओं में हर तीसरा सफल छात्र कोटा की कोचिंग से जुड़ा होता है। इसके अलावा, कोटा में शिक्षा के साथ-साथ रहने और सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा जाता है। कोचिंग संस्थानों के नजदीक ही हॉस्टल, पीजी, मैस, रेस्टोरेंट, अस्पताल और शॉपिंग के केंद्र मौजूद हैं। यह सारी सुविधाएं छात्रों और उनके परिवारों को आकर्षित करती हैं। कई माता-पिता भी अपने बच्चों के साथ यहाँ आकर एक घर जैसा माहौल प्रदान करते हैं। फीस और खर्च: अब हुआ आसान पिछले कुछ वर्षों में कोटा में पढ़ाई और रहने का खर्च काफी बढ़ गया था, जो सालाना 4 से 5 लाख रुपये तक पहुंच जाता था। लेकिन इस साल परिस्थितियां बदली हैं। स्टूडेंट्स की संख्या में कमी के कारण कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों ने अपनी फीस में कमी कर दी है। कोचिंग फीस: अधिकांश संस्थानों में अब फीस 17,000 रुपये से लेकर डेढ़ लाख रुपये के बीच है।हॉस्टल और पीजी: 8,000 रुपये प्रति माह से भी कम में रहने, भोजन और बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं। इस प्रकार, सालाना लगभग 2 लाख रुपये में एक छात्र का पूरा खर्च आसानी से मैनेज हो सकता है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 40% कम है। अंतरराष्ट्रीय पहचान कोटा के छात्र सिर्फ राष्ट्रीय स्तर तक सीमित नहीं हैं। यहां से पढ़कर कई विद्यार्थी इंटरनेशनल ओलंपियाड्स में हिस्सा लेते हैं और एमआईटी, कैंब्रिज, ऑक्सफोर्ड जैसे विश्व के टॉप विश्वविद्यालयों में दाखिला पाते हैं। यह दर्शाता है कि कोटा की कोचिंग क्वालिटी और माहौल उच्च स्तर का है। छात्र और परिवारों के लिए भरोसेमंद विकल्प कोटा न केवल शिक्षा के लिए एक बेहतर विकल्प है, बल्कि यहां छात्र जीवन को सुगम बनाने के लिए हर तरह की सुविधा उपलब्ध है। कोचिंग संस्थान, हॉस्टल, पीजी, और अन्य सेवाओं का बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर परिवारों को भी यहां बसने के लिए प्रोत्साहित करता है।

Delivery Boy बनकर हर महीने 36,000 रुपये कमाएं: जानें पूरी प्रक्रिया और सुविधाएं!

Delivery Boy

New Delhi: आजकल ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन के साथ Delivery Boy की भूमिका भी काफी अहम हो गई है। खासकर अमेजन और मिंत्रा जैसे प्लेटफॉर्म्स पर डिलीवरी बॉय काफी कमाई करते हैं, जो एक आम इंसान बड़ी कंपनी में जाकर भी नहीं कर पाते हैं। इस शख्स को मिलती है 30 हजार से ऊपर की कमाई बता दें कि एक मीडिया रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि एक डिलीवरी बॉय कितने पैसे कमा लेता है। अमेजन में काम करने वाला निखिल यादव नामक एक शख्स हर महीने 36,000 रुपये तक की कमाई करता है, लेकिन उन्हें पारंपरिक सैलरी नहीं मिलती। मिली जानकारी के अनुसार डिलीवरी बॉय को प्रति पार्सल के हिसाब से भुगतान किया जाता है। तो, आइए जानते हैं कि एक डिलीवरी बॉय की कमाई के बारे में विस्तार से। कैसे बने डिलीवरी बॉय? अगर आप भी डिलीवरी बॉय बनना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको सबसे पहले अमेजन या मिंत्रा के कार्यालय जाना होगा। वहां आपको आवेदन करने का मौका मिलेगा और वेरिफिकेशन के बाद आपको ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग में करीब 5 दिन का वक्त लगता है, जहां आपको डिलीवरी के सही तरीके, ग्राहक सेवा और रूट्स की जानकारी दी जाती है। इसके बाद आप तय क्षेत्र में पार्सल डिलीवरी का काम शुरू कर सकते हैं। डिलीवरी बॉय को मिलने वाली ट्रेनिंग डिलीवरी बॉय बनने से पहले यह सुनिश्चित किया जाता है कि आपके पास इस काम से संबंधित सारी जानकारी हो। ट्रेनिंग के दौरान डिलीवरी बॉय को यह सिखाया जाता है कि ग्राहकों से किस तरह व्यवहार करें, रूट्स की योजना कैसे बनाएं, और सामान की सुरक्षा कैसे करें। इन सभी चीजों की ट्रेनिंग आपको न केवल बेहतर डिलीवरी में मदद करती है बल्कि आपके काम के दौरान ग्राहकों से अच्छे संबंध भी बनाती है। डिलीवरी बॉय की कमाई अब सबसे दिलचस्प सवाल एक डिलीवरी बॉय कितना कमाता है? निखिल यादव अमेजन के डिलीवरी बॉय को प्रति पार्सल 12 रुपये मिलते हैं। अगर किसी डिलीवरी बॉय को एक दिन में 100 पार्सल डिलीवर करने का मौका मिलता है, तो वह आसानी से 36,000 रुपये तक कमा सकता है। हालांकि, किसी-किसी दिन पार्सल की संख्या 80 तक भी हो सकती है, लेकिन फिर भी यह एक अच्छी कमाई हो सकती है। पार्सल के नुकसान की भरपाई यदि डिलीवरी बॉय के कारण कोई पार्सल टूट जाता है या खराब हो जाता है, तो उसे इसकी भरपाई करनी होती है। इसके अलावा, यदि पार्सल खो जाता है, तो डिलीवरी बॉय को 800 रुपये का भुगतान करना होता है। इसलिए, ट्रेनिंग के दौरान डिलीवरी बॉय को यह स्पष्ट किया जाता है कि वह टूटी हुई पैकेज को स्वीकार न करें, ताकि उन्हें नुकसान ना उठाना पड़े। डिलीवरी बॉय को मिलती है इन सुविधाओं का लाभ अमेजन और मिंत्रा जैसे प्लेटफॉर्म्स अपने डिलीवरी पार्टनर्स को इंश्योरेंस की सुविधा भी देते हैं। इसके तहत, डिलीवरी बॉय को बाइक एक्सीडेंट इंश्योरेंस मिलता है, जिससे सड़क दुर्घटना के मामले में उन्हें सुरक्षा मिलती है। इसके अलावा, कंपनी द्वारा तय किए गए अन्य सुरक्षा उपाय भी डिलीवरी बॉय को प्रदान किए जाते हैं।

Study Abroad: विदेश में पढ़ाई से पहले जानें ये 5 जरूरी बातें

Study Abroad

New Delhi: विदेश में पढ़ाई करना कई छात्रों के लिए एक बड़ा सपना होता है। यह न केवल करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाता है, बल्कि एक नया अनुभव, संस्कृति और सोच का विस्तार भी करता है। लेकिन, विदेश में पढ़ाई के लिए केवल एडमिशन पाना ही काफी नहीं होता, उसके पीछे एक ठोस तैयारी और समझ की ज़रूरत होती है। नीचे बताई गई ये 5 बातें हर स्टूडेंट के लिए बेहद जरूरी हैं, जो विदेश में शिक्षा हासिल करने का सपना देख रहे हैं। 1. सही कोर्स और यूनिवर्सिटी का चयन करेंविदेश में पढ़ाई की पहली और सबसे जरूरी चीज़ है अपने लिए सही कोर्स और यूनिवर्सिटी चुनना। कई बार छात्र ट्रेंड देखकर कोर्स चुनते हैं, लेकिन जरूरी है कि आप अपने इंटरेस्ट, स्किल्स और करियर गोल्स को ध्यान में रखकर ही फैसला लें। साथ ही यह भी देखें कि यूनिवर्सिटी की रैंकिंग, एलुमनी नेटवर्क, फैकल्टी और स्कॉलरशिप ऑप्शन क्या हैं। 2. फाइनेंशियल प्लानिंग करेंविदेश में पढ़ाई महंगी हो सकती है, इसलिए समय रहते फाइनेंशियल प्लानिंग करना ज़रूरी है। ट्यूशन फीस, रहने का खर्च, ट्रैवल, मेडिकल इंश्योरेंस और अन्य छिपे हुए खर्चों को ध्यान में रखें। स्कॉलरशिप्स, एजुकेशन लोन और पार्ट-टाइम वर्क के विकल्पों की जानकारी पहले ही लें। 3. वीज़ा और डाक्यूमेंटेशन की तैयारीविदेश में पढ़ाई के लिए सही समय पर स्टूडेंट वीज़ा अप्लाई करना बहुत जरूरी है। वीज़ा प्रक्रिया देश विशेष के अनुसार अलग हो सकती है। पासपोर्ट, एडमिशन लेटर, फाइनेंशियल प्रूफ, लैंग्वेज टेस्ट स्कोर (जैसे TOEFL/IELTS) जैसे जरूरी डॉक्यूमेंट समय से पहले तैयार रखें। 4. भाषा और कम्युनिकेशन स्किल्स पर काम करेंअंग्रेज़ी या जिस देश की मुख्य भाषा हो, उसमें पारंगत होना बेहद ज़रूरी है। केवल लैंग्वेज टेस्ट पास करना ही काफी नहीं, बल्कि वहां की लोकल भाषा और कल्चर को समझना भी आपकी मदद करेगा। इससे क्लासरूम और सोशल लाइफ दोनों में एडजस्ट करना आसान होगा। 5. कल्चर शॉक और मानसिक तैयारीविदेश में रहना सिर्फ शैक्षणिक अनुभव नहीं होता, यह एक सामाजिक और भावनात्मक अनुभव भी होता है। शुरुआत में आपको कल्चर शॉक, होमसिकनेस या अकेलापन महसूस हो सकता है। इसके लिए मानसिक रूप से तैयार रहें और वहां के माहौल में खुद को ढालने की कोशिश करें।

Career Tips: ITI के बाद सरकारी क्षेत्र में कैसे पाएं नौकरी? यहां जानें तैयारी करने का सही तरीका

ITI Govt Job

New Delhi: ITI यानी Industrial Training Institute की डिग्री प्राप्त करने के बाद छात्रों के लिए सरकारी नौकरी के ढेरों अवसर खुल जाते हैं। ITI का उद्देश्य छात्रों को विशेष कौशल में प्रशिक्षित करना है, ताकि वे कई कंपनियों में काम करने के लिए तैयार हों। आजकल, सरकार की ओर से कई विभागों में ITI पास उम्मीदवारों के लिए नौकरी के अवसर उपलब्ध हैं, जिनमें रेलवे, विद्युत और अन्य सरकारी उपक्रम शामिल हैं। सरकारी विभागों में ITI की डिग्री का महत्वसरकारी क्षेत्र में ITI की डिग्री का विशेष महत्व है क्योंकि कई विभागों को योग्य तकनीशियनों की आवश्यकता होती है। ITI के बाद उम्मीदवारों को रेलवे, बिजली विभाग, लोक निर्माण विभाग और सरकारी उद्योगों में नौकरी पाने का अवसर मिलता है। इन विभागों में कई पदों पर भर्ती की जाती है, जैसे कि टेक्निशियन, फिटर, इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिक और अन्य तकनीकी पद। रेलवे में ITI डिग्री के साथ नौकरीरेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) हर साल रेलवे विभाग में ITI पास उम्मीदवारों के लिए भर्ती निकालता है। रेलवे में मुख्य रूप से टेक्निशियन, असिस्टेंट लोको पायलट (ALP), और ट्रैक मेंटेनर जैसे पदों पर भर्ती होती है। उम्मीदवारों को इन पदों पर नियुक्ति पाने के लिए RRB द्वारा आयोजित परीक्षा और इंटरव्यू में उत्तीर्ण होना पड़ता है। विद्युत विभाग में ITI के लिए अवसरभारत में हर राज्य में विद्युत विभाग ITI प्रशिक्षित तकनीशियनों की भर्ती करता है। इन पदों पर नौकरी पाने के लिए उम्मीदवारों को जेई (Junior Engineer) और लाइनमैन जैसे पदों के लिए आवेदन करना होता है। इन पदों पर आवेदन करने के लिए राज्य बिजली कंपनियों द्वारा समय-समय पर भर्ती निकाली जाती है। इसके अलावा, विभिन्न पावर कंपनियों में भी ITI पास उम्मीदवारों के लिए पद होते हैं। लोक निर्माण विभाग और ITI के अवसरलोक निर्माण विभाग (PWD) में भी ITI पास उम्मीदवारों के लिए कई नौकरी के अवसर होते हैं। PWD में इंजीनियरिंग और तकनीकी कार्यों के लिए कई पद होते हैं। इनमें सिविल इंजीनियरिंग, फिटर, प्लंबर, और ड्राफ्ट्समैन जैसे पद प्रमुख होते हैं। इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को संबंधित विभाग द्वारा आयोजित परीक्षा और इंटरव्यू में पास होना जरूरी होता है। सरकारी उपक्रमों में ITI की डिग्री के साथ नौकरी के अवसरभारत में कई सरकारी उपक्रमों और कंपनियों में ITI प्रशिक्षित कर्मचारियों की आवश्यकता होती है। कंपनियों जैसे NTPC, BHEL, IOCL, HPCL और ONGC में तकनीकी पदों के लिए उम्मीदवारों को भर्ती किया जाता है। इन पदों पर चयन के लिए आमतौर पर परीक्षा, इंटरव्यू और कौशल परीक्षण आयोजित किए जाते हैं। ITI के बाद नौकरी पाने के लिए क्या तैयारी करें?ITI के बाद सरकारी नौकरी पाने के लिए छात्रों को सही दिशा में तैयारी करनी होती है। इसके लिए:1. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी: उम्मीदवारों को विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा आयोजित परीक्षा के लिए नियमित रूप से तैयारी करनी चाहिए।2. व्यावहारिक कौशल: ITI का उद्देश्य केवल थ्योरी नहीं, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण भी है। इस प्रशिक्षण को लेकर अपने कौशल में सुधार करें।3. समय पर आवेदन करें: सरकारी नौकरी की भर्ती का समय सीमित होता है। इसलिए, समय रहते आवेदन करें और हर भर्ती के लिए अपडेट रहें।

Defence Career: डिफेंस में शामिल होने का सपना? ये हैं 12वीं के बाद करियर बनाने के 5 प्रमुख तरीके

कैसे करें 12वीं के बाद Defence में एंट्री?

New Delhi: भारत में डिफेंस एक सम्मानजनक और चुनौतीपूर्ण करियर विकल्प माना जाता है। खासकर 12वीं के बाद, युवा डिफेंस सेवाओं में शामिल होने के लिए कई तरह के रास्तों पर विचार कर सकते हैं। डिफेंस में करियर बनाने के लिए कुछ प्रमुख परीक्षा और प्रवेश प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ता है। आइए फिर आपको एक-एक करने सभी के बारे में बताते हैं। 1. NDA (नेशनल डिफेंस एकेडमी)नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) भारत सरकार द्वारा संचालित एक प्रमुख परीक्षा है, जिसके माध्यम से भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना में अफसरों की भर्ती की जाती है। यह परीक्षा 12वीं कक्षा के बाद ली जाती है। NDA के लिए उम्मीदवारों को एक लिखित परीक्षा, फिर इंटरव्यू (SSB) और मेडिकल परीक्षण से गुजरना पड़ता है। NDA परीक्षापात्रता: भारतीय नागरिक, 12वीं कक्षा पास (विज्ञान स्ट्रीम में)।आयु सीमा: 16½ से 19½ वर्ष के बीच।चरण: लिखित परीक्षा + SSB इंटरव्यू + मेडिकल टेस्ट। सिलेबस: गणित, सामान्य ज्ञान (वर्तमान घटनाएं, भूगोल, इतिहास, राजनीति), अंग्रेजी और विज्ञान विषय शामिल होते हैं। 2. CDS (कॉम्बाइंड डिफेंस सर्विसेज) परीक्षायदि आपने 12वीं के बाद स्नातक किया है, तो आप CDS (कॉम्बाइंड डिफेंस सर्विसेज) परीक्षा दे सकते हैं। CDS के द्वारा भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना और अंडमान और निकोबार कमांड में अफसरों की भर्ती की जाती है। यह परीक्षा हर साल आयोजित होती है और इसके माध्यम से मुख्य रूप से भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना में भर्ती होती है। CDS परीक्षापात्रता: भारतीय नागरिक, स्नातक डिग्री धारक।आयु सीमा: 19 से 25 वर्ष के बीच।चरण: लिखित परीक्षा + SSB इंटरव्यू + मेडिकल टेस्ट। 3. AFCAT (एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट)एएफकैट भारतीय वायुसेना द्वारा आयोजित की जाने वाली एक परीक्षा है। इस परीक्षा के माध्यम से वायुसेना में फ्लाइंग ब्रांच, तकनीकी ब्रांच और ग्राउंड ड्यूटी (नॉन-टेक्निकल) ब्रांच में अफसर भर्ती किए जाते हैं। AFCAT परीक्षा 12वीं के बाद और स्नातक के बाद दोनों के लिए है, लेकिन इसके लिए उम्मीदवार को कम से कम 60% अंक के साथ स्नातक डिग्री होनी चाहिए। AFCAT परीक्षापात्रता: भारतीय नागरिक, 60% अंक के साथ स्नातक डिग्री (फ्लाइंग ब्रांच)।आयु सीमा: 20 से 24 वर्ष।चरण: लिखित परीक्षा + SSB इंटरव्यू + मेडिकल टेस्ट। 4. भारतीय सेना में भर्तीभारतीय सेना में भर्ती के कई रास्ते हैं। अगर आप सैनिक (ग्राउंड ड्यूटी) के रूप में भर्ती होना चाहते हैं, तो इसके लिए सेना भर्ती रैलियां आयोजित की जाती हैं। इन रैलियों में हिस्सा लेने के लिए आपको शारीरिक, मानसिक और शैक्षिक योग्यताओं को पूरा करना होता है। सेना भर्ती प्रक्रियापात्रता: 12वीं पास, न्यूनतम आयु सीमा 17½ से 23 वर्ष।चरण: शारीरिक परीक्षण + लिखित परीक्षा + मेडिकल टेस्ट। 5. भारतीय नौसेना में भर्तीभारतीय नौसेना में भर्ती होने के लिए, 12वीं पास उम्मीदवारों को “नेवल सिविलियन” और “अग्निवीर” जैसे विभिन्न पदों के लिए आवेदन करने का मौका मिलता है। इसमें लिखित परीक्षा, शारीरिक परीक्षण और मेडिकल परीक्षा होती है। नौसेना भर्ती प्रक्रियापात्रता: 12वीं पास, विज्ञान या गणित में।चरण: शारीरिक परीक्षा + लिखित परीक्षा + मेडिकल टेस्ट।