भूलकर भी बॉस से न कहें ये 5 बातें! वरना मेहनत पर फिर जाएगा पानी, जानिए वर्कप्लेस के अनकहे नियम

Office Tips: बॉस के उन 5 बॉडी लैंग्वेज इशारों के बारे में जानें जो आपके डूबते करियर का संकेत देते हैं और जानें किन बातों से बचना जरूरी है।
Success Tips: सफलता चाहिए तो जीवन के ये 20 सबक कभी मत भूलिए, बदल सकती है आपकी पूरी सोच

हर इंसान अपने जीवन में सफल होना चाहता है, लेकिन केवल मेहनत ही सफलता की गारंटी नहीं होती। Success Tips अपनाने के लिए सही सोच, अनुशासन, धैर्य, ईमानदारी और अच्छा व्यवहार भी उतना ही जरूरी है। समय बदलता रहता है, लेकिन जीवन के कुछ सिद्धांत कभी पुराने नहीं होते। यही सिद्धांत इंसान को कठिन परिस्थितियों में भी सही दिशा दिखाते हैं। जीवन का सबसे बड़ा शिक्षक अनुभव होता है। अध्यापक पहले सबक सिखाता है और फिर परीक्षा लेता है, जबकि जिंदगी पहले परीक्षा लेती है और बाद में सीख देती है। यही वजह है कि Success Tips केवल किताबों में नहीं, बल्कि अनुभवों से भी मिलते हैं। Success Tips: सफलता की राह में ये 20 जीवन मंत्र क्यों हैं खास? बुरी संगत इंसान की सोच और भविष्य दोनों को प्रभावित करती है। इसलिए सफलता पाने के लिए हमेशा अच्छे लोगों का साथ चुनना चाहिए। मुश्किल वक्त में यही Success Tips आएंगे काम मुश्किल समय हर किसी के जीवन में आता है, लेकिन जो लोग चुनौतियों का सामना करते हैं, वही आगे बढ़ते हैं। नदी कभी यह नहीं पूछती कि समुद्र कितना दूर है, वह बस लगातार बहती रहती है। यही निरंतर प्रयास सफलता का सबसे बड़ा मंत्र है। सपनों और लक्ष्य में भी फर्क होता है। सपनों के लिए नींद चाहिए, जबकि लक्ष्य हासिल करने के लिए कई बार नींद का त्याग करना पड़
दिल्ली को मिली पहली हाईटेक ई-लाइब्रेरी, जानिए छात्रों के लिए क्या-क्या होगा खास?

New Delhi: राजधानी दिल्ली के निवासियों और खासकर छात्र-छात्राओं के लिए एक बेहद अच्छी खबर है। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) द्वारा मंदिर मार्ग पर बनाई गई तीन मंजिला शानदार मल्टीमीडिया ई-लाइब्रेरी पूरी तरह से तैयार हो चुकी है। 11 जुलाई की सुबह केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इस अत्याधुनिक लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। दिल्ली-एनसीआर के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी सिविक एजेंसी (नगर निकाय) द्वारा इस स्तर की कोई ई-लाइब्रेरी तैयार की गई है। मंदिर मार्ग पर बनी तीन मंजिला शानदार बिल्डिंग यह आधुनिक मल्टीमीडिया ई-लाइब्रेरी मंदिर मार्ग पर स्थित नवयुग स्कूल के ठीक पीछे बनाई गई है। इसके लिए 750 वर्गमीटर के एक बड़े प्लॉट का इस्तेमाल किया गया है, जिस पर एक तीन मंजिला भव्य बिल्डिंग खड़ी की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरी लाइब्रेरी को तैयार करने में करीब 6 से 8 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य छात्रों और शोधकर्ताओं को एक ऐसा शांत माहौल देना है, जहाँ वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। Delhi News:”देश अपनी रणनीति नहीं बताते”: हरदीप सिंह पुरी ने इंडिया एनर्जी वीक 2026 को लेकर क्या कहा? 30 हजार भौतिक किताबें और 5 लाख से ज्यादा ई-बुक्स का खजाना इस लाइब्रेरी की सबसे बड़ी खासियत इसका विशाल बुक कलेक्शन है। यहाँ पाठकों के पढ़ने के लिए लगभग 30,000 भौतिक (प्रिंटेड) किताबें रखी गई हैं। इसके साथ ही, डिजिटल पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए लाइब्रेरी में 5 लाख से भी अधिक ई-बुक्स (e-books) का एक बड़ा भंडार डिजिटल रूप में उपलब्ध कराया गया है। इसका मतलब है कि यहाँ आने वाले लोगों को अपनी पसंद और जरूरत की हर जरूरी सामग्री एक ही छत के नीचे मिल जाएगी। दिल्ली-एनसीआर में किसी भी नगर निकाय (सिविक एजेंसी) द्वारा बनाई गई यह पहली और अपने आप में अनोखी ई-लाइब्रेरी है, जहाँ आधुनिकता और ज्ञान का ऐसा बेहतरीन तालमेल देखने को मिलेगा। एक साथ बैठ सकेंगे 200 लोग, PhD स्कॉलर्स के लिए विशेष इंतजाम बिल्डिंग की पहली मंजिल पर एक बड़ा और सर्वसुविधायुक्त लाइब्रेरी हॉल बनाया गया है। इस हॉल में एक समय में 200 लोग एक साथ बैठकर शांति से अपनी पढ़ाई और रिसर्च का काम पूरा कर सकते हैं। इसके अलावा, गंभीर शोध को बढ़ावा देने के लिए बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर एक विशेष रिसर्च रूम भी तैयार किया गया है। यह कमरा पूरी तरह से पीएचडी (PhD) स्कॉलर्स के लिए रिजर्व रहेगा, जहाँ वे बिना किसी शोर-शराबे के अपना रिसर्च वर्क कर सकेंगे। Delhi News: लखनऊ में खुशी की लहर, ईरान में फंसे यूपी के कई लोग लौटे स्वदेश; जानिए उनकी आपबीती बच्चों के लिए अलग व्यवस्था और सभी सुविधाएं बिल्कुल मुफ्त इस मल्टीमीडिया लाइब्रेरी में हर उम्र के लोगों का ध्यान रखा गया है। बच्चों के लिए यहाँ एक अलग से विशेष व्यवस्था की गई है, जहाँ उनके ज्ञान को बढ़ाने वाली किताबों के साथ-साथ कई तरह के ज्ञानवर्धक ‘स्टडी टूल्स’ (पढ़ाई के साधन) भी उपलब्ध कराए गए हैं। सबसे बड़ी और राहत की बात यह है कि इस हाईटेक लाइब्रेरी में मिलने वाली सभी सुविधाएं आम जनता के लिए बिल्कुल निशुल्क (मुफ्त) रहेंगी। एनडीएमसी के वाइस चेयरमैन कुलजीत सिंह चहल ने इस संबंध में अहम जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह जगह सिर्फ किताबों को पढ़ने तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे एक जीवंत सांस्कृतिक और शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहाँ आने वाले दिनों में नई पुस्तकों का विमोचन (बुक लॉन्च), किताबों पर चर्चा (बुक डिस्कशन) और मशहूर लेखकों से मुलाकात (मीट द ऑथर) जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन नियमित रूप से किया जाएगा।
पिता की पहचान से अलग कैसे बनाई अपनी जगह? जानें सुजीत पांडेय के सफर की इनसाइड स्टोरी

Lucknow: देश के सबसे प्रतिष्ठित पुलिस प्रशिक्षण संस्थान, सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA), हैदराबाद की कमान अब उत्तर प्रदेश कैडर के बेहद काबिल और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुजीत पांडेय के हाथों में सौंप दी गई है। केंद्र सरकार की कैबिनेट नियुक्ति समिति (ACC) ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की सिफारिश पर उन्हें अकादमी का नया डायरेक्टर नियुक्त किया है। तीन दशक से भी लंबे अपने शानदार करियर में यूपी के कई संवेदनशील जिलों में कानून-व्यवस्था सुधारने से लेकर सीबीआई (CBI) जैसी केंद्रीय एजेंसी में अपनी धाक जमाने वाले सुजीत पांडेय अब देशभर के भावी आईपीएस अधिकारियों को तराशने की बड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे। इस बड़ी नियुक्ति के बाद हर कोई जानना चाहता है कि आखिर आईपीएस सुजीत पांडेय कौन हैं, कहां के रहने वाले हैं और उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि क्या है। कौन हैं IPS सुजीत पांडेय और क्या है पारिवारिक पृष्ठभूमि? आईपीएस सुजीत पांडेय का जन्म 1 अगस्त 1968 को बिहार की राजधानी पटना में हुआ था। उनका शुरुआती जीवन और परवरिश पूरी तरह से एक प्रशासनिक और अनुशासित माहौल में हुई, क्योंकि उनका परिवार सीधे तौर पर सिविल सर्विसेज से जुड़ा रहा है। उनके पिता नरेंद्र कुमार पांडेय बिहार कैडर के एक बेहद सम्मानित भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी थे। घर में बचपन से ही प्रशासनिक व्यवस्थाओं और देश सेवा के माहौल को करीब से देखने के कारण सुजीत पांडेय ने भी अपने पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए सिविल सेवा को ही अपने करियर और जीवन का मुख्य लक्ष्य चुना। ये भी पढ़ें: IPS अफसरों की तैनाती में मचेगा हड़कंप: DGP मुख्यालय में मंथन शुरू, प्रमोट हुए 28 अफसरों को मिलेगी कमान क्या पढ़ाई की है सुजीत पांडेय ने? अकादमिक स्तर पर सुजीत पांडेय हमेशा से बेहद मेधावी रहे हैं। उन्होंने इतिहास विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन यानी एमए (M.A. History) की डिग्री हासिल की है। इतिहास की गहरी समझ रखने वाले सुजीत पांडेय ने अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने के ठीक बाद देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा को क्रैक किया। वे 4 सितंबर 1994 को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) का हिस्सा बने, जहां उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर आवंटित किया गया। वर्ष 1996 में उनकी सेवाएं स्थायी कर दी गईं, जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। यूपी एसटीएफ से लेकर सीबीआई तक का बेदाग सफर सुजीत पांडेय का पुलिसिंग करियर बेहद रसूखदार और उपलब्धियों से भरा रहा है। वे उत्तर प्रदेश के गाजीपुर, मुरादाबाद, वाराणसी, मैनपुरी और बुलंदशहर जैसे बड़े जिलों में बतौर एसपी और एसएसपी तैनात रहे। उन्होंने यूपी पुलिस की सबसे खतरनाक विंग ‘स्पेशल टास्क फोर्स’ (STF) में रहते हुए कई बड़े आपराधिक नेटवर्कों को नेस्तनाबूद किया। इसके अतिरिक्त, वे करीब सात वर्षों तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीबीआई (CBI) में भी रहे, जहां उन्होंने कई हाई-प्रोफाइल और बेहद संवेदनशील मामलों की जांच की। लखनऊ और वाराणसी के एसएसपी रहने के बाद वे मेरठ, आगरा और लखनऊ रेंज के आईजी (IG) भी रहे। ये भी पढ़ें: ससुराल है या अफसरों की खान? बरेली की लेडी सिंगम IPS अंशिका वर्मा के पति, जेठ और चारों ननदें सभी हैं सरकारी पदों पर तैनात राष्ट्रपति पदक से सम्मानित और अब महा-निदेशक की कमान 1 जनवरी 2019 को एडिशनल डायरेक्टर जनरल (ADG) बनने के बाद उन्होंने प्रयागराज जोन संभाला और फिर यूपी फायर सर्विसेज को पूरी तरह आधुनिक बनाया। 1 दिसंबर 2025 को सुजीत पांडेय को उनके उत्कृष्ट रिकॉर्ड के लिए पुलिस महानिदेशक (DG) के पद पर प्रमोट किया गया था। उन्हें साल 2010 में पुलिस मेडल, सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम डीजी कमेंडेशन डिस्क, साल 2024 में ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ (President’s Police Medal for Distinguished Service) और साल 2025 में ‘अति उत्कृष्ट सेवा पदक’ से सम्मानित किया जा चुका है। अब साल 2026 में वे देश के सबसे बड़े पुलिसिंग संस्थान के मुखिया के तौर पर नई इबारत लिखने को तैयार हैं।
TET Exam 2026: गोरखपुर के 32 केंद्रों पर कड़ी निगरानी में हुई परीक्षा

Gorakhpur: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 का आयोजन गोरखपुर जनपद में पूरी तरह शांतिपूर्ण, पारदर्शी और नकलविहीन माहौल में सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। जिले के 32 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए 72,020 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। प्रशासन और पुलिस की कड़ी निगरानी, बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था और अधिकारियों की मॉनिटरिंग के चलते सभी पालियों की परीक्षा बिना किसी व्यवधान के सम्पन्न हुई। इतने अभ्यार्थी हुए शामिल अंतिम दिन आयोजित परीक्षा में 13,558 अभ्यर्थियों को शामिल होना था, जिनमें से 11,036 परीक्षार्थी उपस्थित हुए, जबकि 2,522 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस प्रकार अंतिम पाली में 81.4 प्रतिशत उपस्थिति और 18.6 प्रतिशत अनुपस्थिति दर्ज की गई। परीक्षा के दौरान किसी भी केंद्र से नकल, अव्यवस्था या अन्य किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। प्रशासन ने किए व्यापक इंतजाम परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी, प्रश्नपत्रों को डबल लॉक सुरक्षा व्यवस्था में रखा गया तथा प्रवेश से पहले प्रत्येक अभ्यर्थी की सघन जांच की गई। इसके अलावा प्रत्येक केंद्र पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई, जिससे परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह नियंत्रण में रही। यूपी में नहीं होंगे विधानसभा उपचुनाव? क्या किसी को फायदा पहुंचाने की हो रही कोशिशें? सियासी चर्चाएं तेज पूरे परीक्षा कार्यक्रम के दौरान मंडलायुक्त अनिल ढींगरा, डीआईजी रेंज एस. चनप्पा, जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ, एसपी सिटी निमिष पाटील समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी लगातार विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। वहीं, ऑब्जर्वर (पूर्व डीआईजी) वी.पी. श्रीवास्तव ने पूरे परीक्षा कार्यक्रम की निगरानी की, जबकि अपर जिलाधिकारी गजेन्द्र कुमार ने नोडल अधिकारी के रूप में समन्वय की जिम्मेदारी संभाली। नोएडा के नामी 50 बिल्डरों पर CBI का एक्शन : सुप्रीम कोर्ट में पेश किया काले कारनामों का लेटर, 600 लोगों के साथ किया था फ्रॉड! अभ्यार्थियों की सुविधा का भी ध्यान परीक्षार्थियों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया। सभी केंद्रों पर पेयजल, शौचालय, बिजली और बैठने की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराई गई। वहीं, परीक्षा के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव अपनी टीम के साथ प्रमुख परीक्षा केंद्रों पर सक्रिय रहे, जिससे अभ्यर्थियों को समय पर केंद्रों तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। प्रशासनिक अधिकारियों ने परीक्षा की सफलता को टीमवर्क का परिणाम बताते हुए कहा कि सभी विभागों के बेहतर समन्वय और सतर्क निगरानी के कारण टीईटी-2026 का पूरा आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और नकलविहीन वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया गया।
Science स्ट्रीम के स्टूडेंट्स के लिए करियर के बेहतरीन विकल्प, जानिए कौन-सा कोर्स देगा बेस्ट जॉब

12वीं Science पास करने के बाद सिर्फ डॉक्टर या इंजीनियर बनना ही एकमात्र विकल्प नहीं है। मरीन साइंस और बीएससी एग्रीकल्चर जैसे कई कोर्स शानदार करियर और सरकारी-प्राइवेट नौकरी के बेहतरीन अवसर प्रदान करते हैं।
TET परीक्षा के दिन रोड शो बना युवाओं की राह में रोड़ा, अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित, आखिर किसकी जिम्मेदारी?

Budaun: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा TET के आयोजन के दिन बदायूं में लगे भीषण जाम ने कई अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लगा दिया। रोड शो के कारण शहर के मुख्य मार्गों पर कई घंटों तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। नतीजा, कई जिलों से परीक्षा देने आए कई अभ्यर्थी समय पर परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच सके और उनकी परीक्षा छूट गई। छह साल बाद हुई परीक्षा गौरतलब है कि UPTET का आयोजन लगभग छह साल के लंबे अंतराल के बाद हो रहा था। प्रदेश भर के लाखों युवाओं के लिए यह परीक्षा शिक्षक बनने का एकमात्र रास्ता है। अभ्यर्थियों ने बताया कि वे सुबह 5 बजे घर से निकले थे ताकि समय से केंद्र पहुंच सकें। मगर बदायूं शहर में घुसते ही सिविल लाइंस, कचहरी रोड और नवादा चौराहे पर किलोमीटर लंबा जाम मिला। एंबुलेंस तक जाम में फंसी दिखीं। कई अभ्यर्थी गाड़ियों से उतरकर 4-5 किलोमीटर पैदल भागे, फिर भी गेट बंद होने के बाद ही केंद्र पहुंच पाए। अभ्यर्थियों का छलका दर्द बरेली से आई छात्रा प्रीति शर्मा ने रोते हुए कहा, “छह साल से इसी दिन का इंतजार कर रही थी। कोचिंग, किताबें, रात-रात भर जागकर तैयारी की। घर से 4 बजे निकली थी। सब बेकार हो गया।” शाहजहांपुर के छात्र ने बताया, “प्रशासन को पता था आज TET है। फिर रोड शो की अनुमति क्यों दी? क्या नेताओं का कार्यक्रम हमारे भविष्य से बड़ा है?” प्रशासन पर उठे सवाल अभ्यर्थियों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं के दिन रूट डायवर्जन और ट्रैफिक प्लान पहले से जारी करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोड शो के कारण सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त रही। मांग: निष्पक्ष जांच और दोबारा परीक्षा का मौका इस घटना के बाद अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है। मांग उठ रही है कि1. जाम के कारण परीक्षा से वंचित रहे सभी अभ्यर्थियों का चिन्हीकरण कर निष्पक्ष जांच कराई जाए।2. प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए अलग से पुनर्परीक्षा आयोजित की जाए, ताकि उनकी मेहनत बेकार न जाए।3. भविष्य में UPSC, UPPSC, TET जैसी किसी भी बड़ी प्रतियोगी परीक्षा के दिन राजनीतिक रैली, रोड शो या यातायात बाधित करने वाले आयोजनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। युवाओं का कहना है कि जब सरकार एक दिन में चुनाव करवा सकती है, तो एक दिन के लिए राजनीतिक कार्यक्रम स्थगित क्यों नहीं कर सकती? प्रशासनिक अव्यवस्था के कारण किसी युवा का सालों का परिश्रम और भविष्य दांव पर लगाना पूरी तरह अन्याय है। अब सबकी निगाहें प्रदेश सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।
गोरखपुर में टीईटी परीक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट, 32 केंद्रों पर अभ्यर्थी देंगे परीक्षा

Gorakhpur: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP TET) 2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को एनेक्सी भवन सभागार में नोडल अधिकारी एवं एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार तथा एसपी सिटी निमिष पाटील की संयुक्त अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। इसमें परीक्षा से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों, सेक्टर मजिस्ट्रेटों और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। दो पालियों में आयोजित होगी परीक्षा बैठक में बताया गया कि जिले में शिक्षक पात्रता परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई को दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। परीक्षा में जिले के कुल 72,020 अभ्यर्थी शामिल होंगे। इसके लिए 32 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है, जो परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखेंगे। नोडल अधिकारी गजेंद्र कुमार ने कहा कि परीक्षा की पारदर्शिता और शुचिता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिया कि पेयजल, बिजली, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएं समय से सुनिश्चित कर ली जाएं। साथ ही सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। Gorakhpur News: 8 मुकदमों वाले आरोपी पर गोरखपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अब हर कदम पर निगरानी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई एसपी सिटी निमिष पाटील ने कहा कि परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ नहीं लगने दी जाएगी तथा यातायात व्यवस्था भी सुचारु रखी जाएगी। बैठक में बताया गया कि परीक्षा से पहले केंद्र व्यवस्थापकों, सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेटों के साथ समन्वय बैठक पूरी की जा चुकी है। कक्ष निरीक्षकों को भी परीक्षा से एक-दो दिन पहले प्रशिक्षण दिया जाएगा। Gorakhpur: लूट की बाइक लेकर घूम रहे थे बेखौफ… गोरखपुर पुलिस ने तीन शातिर बदमाशों को ऐसे दबोचा डबल लॉक व्यवस्था लागू प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए डबल लॉक व्यवस्था लागू रहेगी। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, अभ्यर्थियों की सघन जांच और निर्धारित परीक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कराया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूरी कर परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और नकलविहीन बनाया जाएगा।
कोचिंग सेंटरों पर चल रही थी मनमानी, प्रशासन का चला डंडा

Haldwani: उत्तराखंड के जिले हल्द्वानी में छात्रों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर प्रशासन, फायर विभाग और जिला विकास प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने शहर के कई प्रमुख कोचिंग सेंटरों का अचानक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई संस्थानों में अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी सामने आई। इसके बाद प्रशासन ने सात बड़े कोचिंग सेंटरों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। वहीं एक अन्य संस्थान को तय समय के भीतर सभी सुरक्षा मानकों को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। लखनऊ हादसे के बाद बढ़ाई गई सख्ती हाल ही में लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। इसी के तहत हल्द्वानी में भी विशेष अभियान चलाया गया। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान सुरक्षित वातावरण मिले और किसी भी आपात स्थिति में उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। Haldwani News: राख की ढेरी में तब्दील हुई 3 मंजिला शराब की दुकान, तिकोनिया चौराहे पर मची अफरातफरी निरीक्षण में मिली कई गंभीर खामियां निरीक्षण अभियान का नेतृत्व सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी, एसडीएम मोनिका आर्या, जिला विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष कुमार और फायर विभाग की टीम ने किया। अधिकारियों ने भवन की सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन निकास, अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म सिस्टम और फायर विभाग की एनओसी समेत कई जरूरी व्यवस्थाओं की जांच की। अचानक हुई इस कार्रवाई से कई कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया। सात संस्थानों पर सील की कार्रवाई जांच के दौरान कई कोचिंग संस्थानों के पास फायर एनओसी नहीं मिली। कुछ जगहों पर अग्निशमन उपकरण अधूरे थे, जबकि कई संस्थानों में आपातकालीन निकासी की व्यवस्था भी सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं थी। इन गंभीर कमियों को देखते हुए प्रशासन ने सात बड़े कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया। एक अन्य संस्थान को सभी कमियां दूर करने के लिए निर्धारित समय दिया गया है। Uttrakhand News: खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले में दूध पनीर दही मावा की बढ़ाई जांच ,दोषियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगा अभियान प्रशासन ने साफ किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, जिन संस्थानों में बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई करते हैं, वहां सभी सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य है। सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी और विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष कुमार ने कहा कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासन का लक्ष्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर छात्र सुरक्षित और नियमों के अनुरूप बने शैक्षणिक माहौल में शिक्षा प्राप्त कर सके।
PCS की तैयारी करने वालों के लिए खुशखबरी, इस तारीख तक करें आवेदन, ऐसे होगा एग्जाम पैटर्न

Lucknow: उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक सेवाओं में जाने का सपना देख रहे और पीसीएस परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए एक बेहद अहम और बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (PCS) प्रारंभिक परीक्षा के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। जो उम्मीदवार इस प्रतिष्ठित परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, वे आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से अपनी आवेदन प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, इस भर्ती प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 27 जुलाई, 2026 निर्धारित की गई है। इसके अलावा, यदि किसी उम्मीदवार के फॉर्म में कोई गलती हो जाती है, तो वे 03 अगस्त, 2026 तक अपने फॉर्म में सुधार (करेक्शन) कर सकते हैं। श्रेणीवार निर्धारित आवेदन शुल्क यूपी पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होने के लिए अलग-अलग कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए अलग-अलग रजिस्ट्रेशन फीस यानी आवेदन शुल्क निर्धारित किया गया है। आयोग के अनुसार, अनारक्षित (सामान्य), ओबीसी और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए रजिस्ट्रेशन फीस 125 रुपये तय की गई है। वहीं, अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के उम्मीदवारों के लिए यह शुल्क 65 रुपये रखा गया है। इसके अलावा, दिव्यांग (PH) कैटेगरी के उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए केवल 25 रुपये की रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी। SSC CGL 2026: 12 हजार से ज्यादा सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन का आखिरी मौका, दो दिन बाद बंद हो जाएगी वेबसाइट आवेदन के लिए जरूरी शैक्षणिक योग्यता इस भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों के पास कुछ अनिवार्य योग्यताओं का होना आवश्यक है। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास भारत के किसी भी सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से स्नातक (Graduation) की डिग्री होनी चाहिए। आयु-सीमा वहीं, आयु-सीमा के तहत आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित की गई है। इसके साथ ही, सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 40 वर्ष से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। हालांकि, नियमों के मुताबिक उत्तर प्रदेश के आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु-सीमा में विशेष छूट भी प्रदान की जाएगी। ऐसे होगा चयन का आधार और परीक्षा पैटर्न यूपी पीसीएस परीक्षा में योग्य उम्मीदवारों का अंतिम चयन तीन मुख्य चरणों के आधार पर किया जाएगा। इसमें सबसे पहले प्रारंभिक परीक्षा (Prelims), उसके बाद मुख्य परीक्षा (Mains) और अंतिम चरण में साक्षात्कार (Interview) आयोजित किया जाएगा। प्रारंभिक परीक्षा कुल 400 अंकों के लिए आयोजित कराई जाएगी, जिसमें दो अनिवार्य पेपर होंगे। SBI PO Notification: सरकारी नौकरी का गोल्डन चांस; एसबीआई में प्रोबेशनरी ऑफिसर के लिए आवेदन शुरू, डायरेक्ट लिंक यहां पेपर-1 (सामान्य अध्ययन): यह पहली पाली में सुबह 9:30 बजे से लेकर दोपहर 11:30 बजे तक आयोजित होगा। इसमें कुल 150 बहुविकल्पीय (MCQ) प्रकार के सवाल पूछे जाएंगे। पेपर-2 (सीसैट): यह दूसरी पाली में दोपहर 2:30 बजे से लेकर शाम 4:30 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इसमें कुल 100 सवाल पूछे जाएंगे और यह पेपर क्वालिफाइंग प्रकृति का होगा।