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गोरखपुर में टीईटी परीक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट, 32 केंद्रों पर अभ्यर्थी देंगे परीक्षा

Gorakhpur: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP TET) 2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को एनेक्सी भवन सभागार में नोडल अधिकारी एवं एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार तथा एसपी सिटी निमिष पाटील की संयुक्त अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। इसमें परीक्षा से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों, सेक्टर मजिस्ट्रेटों और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। दो पालियों में आयोजित होगी परीक्षा बैठक में बताया गया कि जिले में शिक्षक पात्रता परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई को दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। परीक्षा में जिले के कुल 72,020 अभ्यर्थी शामिल होंगे। इसके लिए 32 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है, जो परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखेंगे। नोडल अधिकारी गजेंद्र कुमार ने कहा कि परीक्षा की पारदर्शिता और शुचिता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिया कि पेयजल, बिजली, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएं समय से सुनिश्चित कर ली जाएं। साथ ही सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। Gorakhpur News: 8 मुकदमों वाले आरोपी पर गोरखपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अब हर कदम पर निगरानी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई एसपी सिटी निमिष पाटील ने कहा कि परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ नहीं लगने दी जाएगी तथा यातायात व्यवस्था भी सुचारु रखी जाएगी। बैठक में बताया गया कि परीक्षा से पहले केंद्र व्यवस्थापकों, सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेटों के साथ समन्वय बैठक पूरी की जा चुकी है। कक्ष निरीक्षकों को भी परीक्षा से एक-दो दिन पहले प्रशिक्षण दिया जाएगा। Gorakhpur: लूट की बाइक लेकर घूम रहे थे बेखौफ… गोरखपुर पुलिस ने तीन शातिर बदमाशों को ऐसे दबोचा डबल लॉक व्यवस्था लागू प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए डबल लॉक व्यवस्था लागू रहेगी। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, अभ्यर्थियों की सघन जांच और निर्धारित परीक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कराया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूरी कर परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और नकलविहीन बनाया जाएगा।

कोचिंग सेंटरों पर चल रही थी मनमानी, प्रशासन का चला डंडा

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Haldwani: उत्तराखंड के जिले हल्द्वानी में छात्रों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर प्रशासन, फायर विभाग और जिला विकास प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने शहर के कई प्रमुख कोचिंग सेंटरों का अचानक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई संस्थानों में अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी सामने आई। इसके बाद प्रशासन ने सात बड़े कोचिंग सेंटरों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। वहीं एक अन्य संस्थान को तय समय के भीतर सभी सुरक्षा मानकों को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। लखनऊ हादसे के बाद बढ़ाई गई सख्ती हाल ही में लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। इसी के तहत हल्द्वानी में भी विशेष अभियान चलाया गया। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान सुरक्षित वातावरण मिले और किसी भी आपात स्थिति में उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। Haldwani News: राख की ढेरी में तब्दील हुई 3 मंजिला शराब की दुकान, तिकोनिया चौराहे पर मची अफरातफरी निरीक्षण में मिली कई गंभीर खामियां निरीक्षण अभियान का नेतृत्व सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी, एसडीएम मोनिका आर्या, जिला विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष कुमार और फायर विभाग की टीम ने किया। अधिकारियों ने भवन की सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन निकास, अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म सिस्टम और फायर विभाग की एनओसी समेत कई जरूरी व्यवस्थाओं की जांच की। अचानक हुई इस कार्रवाई से कई कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया। सात संस्थानों पर सील की कार्रवाई जांच के दौरान कई कोचिंग संस्थानों के पास फायर एनओसी नहीं मिली। कुछ जगहों पर अग्निशमन उपकरण अधूरे थे, जबकि कई संस्थानों में आपातकालीन निकासी की व्यवस्था भी सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं थी। इन गंभीर कमियों को देखते हुए प्रशासन ने सात बड़े कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया। एक अन्य संस्थान को सभी कमियां दूर करने के लिए निर्धारित समय दिया गया है। Uttrakhand News: खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले में दूध पनीर दही मावा की बढ़ाई जांच ,दोषियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगा अभियान प्रशासन ने साफ किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, जिन संस्थानों में बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई करते हैं, वहां सभी सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य है। सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी और विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष कुमार ने कहा कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासन का लक्ष्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर छात्र सुरक्षित और नियमों के अनुरूप बने शैक्षणिक माहौल में शिक्षा प्राप्त कर सके।

PCS की तैयारी करने वालों के लिए खुशखबरी, इस तारीख तक करें आवेदन, ऐसे होगा एग्जाम पैटर्न

Lucknow: उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक सेवाओं में जाने का सपना देख रहे और पीसीएस परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए एक बेहद अहम और बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (PCS) प्रारंभिक परीक्षा के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। जो उम्मीदवार इस प्रतिष्ठित परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, वे आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से अपनी आवेदन प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, इस भर्ती प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 27 जुलाई, 2026 निर्धारित की गई है। इसके अलावा, यदि किसी उम्मीदवार के फॉर्म में कोई गलती हो जाती है, तो वे 03 अगस्त, 2026 तक अपने फॉर्म में सुधार (करेक्शन) कर सकते हैं। श्रेणीवार निर्धारित आवेदन शुल्क यूपी पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होने के लिए अलग-अलग कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए अलग-अलग रजिस्ट्रेशन फीस यानी आवेदन शुल्क निर्धारित किया गया है। आयोग के अनुसार, अनारक्षित (सामान्य), ओबीसी और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए रजिस्ट्रेशन फीस 125 रुपये तय की गई है। वहीं, अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के उम्मीदवारों के लिए यह शुल्क 65 रुपये रखा गया है। इसके अलावा, दिव्यांग (PH) कैटेगरी के उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए केवल 25 रुपये की रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी। SSC CGL 2026: 12 हजार से ज्यादा सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन का आखिरी मौका, दो दिन बाद बंद हो जाएगी वेबसाइट आवेदन के लिए जरूरी शैक्षणिक योग्यता इस भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों के पास कुछ अनिवार्य योग्यताओं का होना आवश्यक है। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास भारत के किसी भी सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से स्नातक (Graduation) की डिग्री होनी चाहिए। आयु-सीमा वहीं, आयु-सीमा के तहत आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित की गई है। इसके साथ ही, सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 40 वर्ष से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। हालांकि, नियमों के मुताबिक उत्तर प्रदेश के आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु-सीमा में विशेष छूट भी प्रदान की जाएगी। ऐसे होगा चयन का आधार और परीक्षा पैटर्न यूपी पीसीएस परीक्षा में योग्य उम्मीदवारों का अंतिम चयन तीन मुख्य चरणों के आधार पर किया जाएगा। इसमें सबसे पहले प्रारंभिक परीक्षा (Prelims), उसके बाद मुख्य परीक्षा (Mains) और अंतिम चरण में साक्षात्कार (Interview) आयोजित किया जाएगा। प्रारंभिक परीक्षा कुल 400 अंकों के लिए आयोजित कराई जाएगी, जिसमें दो अनिवार्य पेपर होंगे। SBI PO Notification: सरकारी नौकरी का गोल्डन चांस; एसबीआई में प्रोबेशनरी ऑफिसर के लिए आवेदन शुरू, डायरेक्ट लिंक यहां पेपर-1 (सामान्य अध्ययन): यह पहली पाली में सुबह 9:30 बजे से लेकर दोपहर 11:30 बजे तक आयोजित होगा। इसमें कुल 150 बहुविकल्पीय (MCQ) प्रकार के सवाल पूछे जाएंगे। पेपर-2 (सीसैट): यह दूसरी पाली में दोपहर 2:30 बजे से लेकर शाम 4:30 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इसमें कुल 100 सवाल पूछे जाएंगे और यह पेपर क्वालिफाइंग प्रकृति का होगा।

मैनपुरी की जयंती शाक्य ने किसान परिवार से निकलकर ऐसे रचा इतिहास

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Mainpuri: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की होनहार छात्रा जयंती शाक्य ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में चयनित होकर अपने जिले और परिवार का नाम रोशन किया है। मैनपुरी की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। जयंती की सफलता को शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिल रही है। साधारण किसान परिवार में जन्मी जयंती शाक्य थाना बेवर क्षेत्र के गांव नगला बाग की रहने वाली हैं। वे किरन शौजिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल की इंटरमीडिएट की छात्रा हैं। उनका परिवार पूरी तरह से कृषि पर निर्भर है। उनके पिता खेती करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं, जबकि माता गृहणी हैं। चार भाई-बहनों वाले इस परिवार में शिक्षा का माहौल शुरू से ही रहा है। जयंती ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी पढ़ाई में निरंतर मेहनत और लगन बनाए रखी, जिसका परिणाम आईआईटी में चयन के रूप में सामने आया। Mainpuri News: अक्षय तृतीया पर भगवान परशुराम की भव्य झाकियां देखने उमड़ी भीड़ परिवार की शिक्षा यात्रा बनी प्रेरणा जयंती का परिवार पहले से ही शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियों के लिए जाना जाता है। उनके बड़े भाई पियूष शाक्य का चयन पहले ही आईआईटी में हो चुका है। वहीं उनकी बहन दीप्ति ने नीट परीक्षा क्वालिफाई कर चिकित्सा क्षेत्र में कदम बढ़ाया है। अब जयंती की इस सफलता ने पूरे परिवार की उपलब्धियों में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। स्कूल में भव्य सम्मान समारोह जयंती शाक्य के चयन की सूचना मिलते ही उनके स्कूल में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं और अभिभावक बड़ी संख्या में शामिल हुए। Kiran Shaujia Senior Secondary School के प्रशासन ने जयंती को स्मृति चिन्ह और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान शिक्षकों ने उनकी मेहनत, अनुशासन और समर्पण की सराहना की और अन्य विद्यार्थियों को भी उनसे प्रेरणा लेने का संदेश दिया। शिक्षकों और प्रबंधन की सराहना विद्यालय प्रशासन ने जयंती की उपलब्धि को संस्थान के लिए गर्व का क्षण बताया। स्कूल के एमडी अशोक यादव ने कहा कि यह सफलता छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने बताया कि लगातार मेहनत और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। शिक्षकों ने भी जयंती के समर्पण और नियमित अध्ययन की आदत की सराहना की। Mainpuri News: Loan के नाम पर घूस! बैंक आफ इंडिया की शाखा बेवर मैनेजर पर 40 हजार लेने का गंभीर आरोप जयंती शाक्य ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी मंजिल को पाया जा सकता है। उन्होंने अन्य विद्यार्थियों से भी यही संदेश दिया कि कठिनाइयों से घबराने के बजाय लगातार प्रयास करते रहना चाहिए।

Women Success Story: रूढ़ियों को तोड़ तीन बच्चों की मां ऐसे बनीं डिप्टी जेलर

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New Delhi: कहते हैं कि मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती और जो लोग विपरीत परिस्थितियों में भी घुटने नहीं टेकते, वे एक न एक दिन इतिहास जरूर रचते हैं। लोगों के तीखे ताने, पारिवारिक जिम्मेदारियों का भारी दबाव और उम्र को लेकर उठाए गए सवाल भी उस महिला के फौलादी इरादों को डिगा नहीं सके, जिसने शादी के 18 साल बाद अपनी मंजिल को हासिल किया। यह प्रेरणादायक कहानी है दीपा भाटी की, जिन्होंने तीन बच्चों की मां होने के बावजूद हार नहीं मानी और लगभग 40 साल की उम्र में पीसीएस (PCS) अफसर बनने का अपना अधूरा सपना पूरा कर दिखाया। सीमित संसाधनों के बीच संघर्ष दीपा भाटी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के एक छोटे से गांव कोंडली बांगर की रहने वाली हैं। वह एक बेहद साधारण परिवार में पली-बढ़ीं, जहां संसाधन भले ही बेहद सीमित थे, लेकिन उनके सपने हमेशा बड़े रहे। दीपा की शुरुआती शिक्षा केंद्रीय विद्यालय से हुई। पढ़ाई में उनकी गहरी रुचि का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया और इसके बाद इतिहास (History) विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। जिम्मेदारियों का चक्रव्यूह दीपा भाटी की शादी काफी कम उम्र में हो गई थी। शादी बंधन में बंधने के बाद उनके जीवन में घर-परिवार की जिम्मेदारियां तेजी से बढ़ीं और धीरे-धीरे तीन बच्चों की परवरिश के बीच खुद के लिए वक्त निकालना नामुमकिन सा हो गया। इस घरेलू चक्रव्यूह के बीच पढ़ाई को जारी रखना बेहद चुनौतीपूर्ण था। मगर दीपा ने खुद को हालातों के आगे पूरी तरह हारने नहीं दिया। अपनी इसी सकारात्मक सोच के दम पर वह हर मुश्किल समय में खुद को मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखती थीं। Prayagraj: PCS अफसर ज्योति विवाद में नया मोड़, पति आलोक मौर्य ने लगाया सनसनीखेज आरोप विपरीत हालातों में डटी रही दीपा ने खुद को आत्मनिर्भर बनाए रखने के लिए शुरुआत में एक स्कूल में पढ़ाना शुरू किया था, लेकिन कुछ निजी कारणों के चलते उन्हें वह नौकरी छोड़नी पड़ी। इसी दौरान उनके भाई ने उन्हें प्रशासनिक सेवाओं (UPSC/UPPSC) की तैयारी करने की सलाह दी। दीपा ने दिनभर घर का काम करने और बच्चों को संभालने के बाद रात के सन्नाटे में पढ़ाई करना शुरू किया। इस संघर्ष के दौरान समाज के कई लोगों ने उनकी बढ़ती उम्र और पारिवारिक हालातों को लेकर उन पर जमकर ताने कसे, लेकिन उन्होंने अपनी लगन कम नहीं होने दी। असफलताओं से सीखा दीपा भाटी ने अपनी तैयारी की नींव मजबूत करने के लिए सबसे पहले बुनियादी NCERT किताबों पर अपना पूरा फोकस किया और उसके बाद ही स्टैंडर्ड बुक्स का अध्ययन शुरू किया। शुरुआती प्रयासों में मिली असफलताओं से सबक लेते हुए आखिरकार उन्होंने UPPSC 2021 की परीक्षा में शानदार 166वीं रैंक हासिल कर डिप्टी जेलर का पद प्राप्त किया। यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 19 PCS अफसरों को मिली ये जिम्मेदारी, देखिए पूरी लिस्ट   दिलचस्प बात यह है कि जिस समय दीपा ने इस कठिन परीक्षा को पास कर सफलता का परचम लहराया, उस समय उनकी बड़ी बेटी खुद 12वीं कक्षा में पढ़ रही थी। उनकी यह कामयाबी आज देश की लाखों गृहणियों के लिए प्रेरणापुंज बन चुकी है।

Inspire Scholarship: 12वीं पास छात्रों को मिल रही स्कॉलरशिप, ऐसे करें आवेदन

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New Delhi: देश में हर साल लाखों छात्र 12वीं पास करने के बाद आगे की उच्च शिक्षा (Higher Education) का सपना देखते हैं, लेकिन कई बार कमजोर आर्थिक स्थिति उनके रास्ते की सबसे बड़ी बाधा बन जाती है। खासकर साइंस स्ट्रीम (विज्ञान संकाय) के स्टूडेंट्स के लिए आगे की पढ़ाई और रिसर्च का खर्च उठाना काफी मुश्किल होता है। ऐसे होनहार छात्रों की मदद के लिए केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) की ओर से ‘इंस्पायर स्कॉलरशिप’ (INSPIRE Scholarship for Higher Education) चलाई जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के प्रतिभावान छात्रों को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने और भविष्य में साइंटिस्ट बनकर देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करना है। क्या है इंस्पायर स्कॉलरशिप यह केंद्र सरकार की एक बेहद महत्वाकांक्षी स्कॉलरशिप योजना है, जिसके तहत योग्य छात्रों को ग्रेजुएशन (UG) और पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) स्तर पर साइंस विषयों की पढ़ाई के लिए हर साल 80,000 रुपये की भारी-भरकम आर्थिक सहायता दी जाती है। इतनी मिलती है रकम इस योजना के तहत कुल 80,000 रुपये में से 60,000 रुपये की राशि हर महीने 5,000 रुपये के हिसाब से सीधे छात्र के बैंक खाते में भेजी जाती है। BRO Recruitment 2026: BRO में 899 पदों पर निकली भर्ती, 10वीं-12वीं पास युवाओं को सरकारी नौकरी का शानदार मौका इसके अलावा, बाकी के 20,000 रुपये सालाना अलग से दिए जाते हैं, जिसका उपयोग छात्र अपने अनिवार्य समर रिसर्च प्रोजेक्ट और वैज्ञानिक गतिविधियों पर कर सकते हैं। यह वित्तीय सहायता अधिकतम 5 वर्षों तक यानी पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा होने तक मिलती है। आवेदन के लिए पात्रता और उम्र सीमा इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए छात्रों को कोई अलग से प्रतियोगी परीक्षा नहीं देनी पड़ती। स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने वाले छात्र की उम्र 17 से 22 वर्ष के बीच होनी चाहिए। पात्रता की बात करें तो यदि छात्र ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में अपने राज्य या केंद्रीय बोर्ड के टॉप 1 प्रतिशत छात्रों की सूची में जगह बनाई है, तो वह आवेदन कर सकता है। इसके अलावा, JEE Main, JEE Advanced या NEET परीक्षा में टॉप 10,000 रैंक हासिल करने वाले छात्र भी इसके पात्र माने जाते हैं। IISER, NISER, DAE-CBS जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिला लेने वाले या KVPY, NTSE, JBNSTS और साइंस ओलंपियाड के विजेताओं को भी इसका सीधा लाभ मिलता है। इन विषयों के छात्रों को मिलेगा लाभ यह स्कॉलरशिप केवल प्योर साइंसेज और बेसिक साइंसेज के विषयों के लिए ही मान्य है। इनमें फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथेमेटिक्स, बायोलॉजी, स्टैटिस्टिक्स, जियोलॉजी, एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी जैसे बुनियादी विज्ञान के विषय शामिल हैं। कई बार छात्र यह मान लेते हैं कि इंजीनियरिंग, मेडिकल या फार्मेसी के छात्रों को भी यह लाभ मिलेगा, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। इस योजना के दायरे से सभी तरह के प्रोफेशनल, टेक्निकल और मेडिकल (MBBS/BTech) कोर्स बाहर रखे गए हैं। 12वीं पास महिलाओं के लिए बड़ी खबर, आंगनवाड़ी के 198 पदों पर भर्ती इस योजना का लाभ उठाने के लिए छात्रों को INSPIRE के आधिकारिक वेब पोर्टल पर जाकर सबसे पहले अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा और एक प्रोफाइल बनानी होगी। इसके बाद मांगी गई जरूरी जानकारियां भरकर 12वीं की मार्कशीट, प्रवेश परीक्षा का रैंक प्रमाण पत्र और अन्य संबंधित दस्तावेज अपलोड करने होंगे। ऐसे करें आवेदन एक महत्वपूर्ण शर्त यह भी है कि आवेदन करने वाले छात्र के नाम से भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में एक सक्रिय बचत खाता (Savings Account) होना अनिवार्य है, क्योंकि सरकार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से स्कॉलरशिप का पैसा सीधे इसी खाते में ट्रांसफर करती है।

UPSC Success Story: IPS की नौकरी छोड़ ऐसे IAS बनीं अर्पिता थुबे, जानें उनकी सक्सेस स्टोरी

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New Delhi: कहते हैं कि मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती और जो लोग लगातार प्रयास करना जानते हैं, वे एक न एक दिन इतिहास जरूर रचते हैं। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। इसे पास करने के लिए उम्मीदवारों को दिन-रात एक करके पढ़ाई करनी पड़ती है। हर साल लाखों युवा इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन सफलता केवल उन्हीं को मिलती है जिनके इरादे फौलादी होते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है आईएएस (IAS) अधिकारी अर्पिता थुबे की है, जिन्होंने साबित कर दिया कि अगर संकल्प दृढ़ हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। इंजीनियरिंग से सिविल सेवा तक का सफर मूल रूप से महाराष्ट्र के ठाणे की रहने वाली अर्पिता थुबे बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज थीं। उन्होंने अपने स्कूल और कॉलेज के दिनों में हमेशा बेहतरीन एकेडमिक रिकॉर्ड बनाए रखा। अर्पिता ने मुंबई के प्रतिष्ठित सरदार पटेल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में अपनी बी.टेक (B.Tech) की डिग्री पूरी की थी। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने देश की सेवा करने और सिविल सर्वेंट बनने का मन बना लिया था, जिसके बाद उन्होंने पूरी शिद्दत से यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। पहले ही प्रयास में लगा बड़ा झटका साल 2019 में अर्पिता ने पहली बार यूपीएससी की परीक्षा दी थी। बड़ी उम्मीदों के साथ बैठी अर्पिता को पहले ही प्रयास में एक बड़ा झटका लगा, जब वह प्रीलिम्स (प्रारंभिक परीक्षा) भी क्वालीफाई नहीं कर पाईं। इस असफलता से वह काफी निराश हुईं, लेकिन उन्होंने हार मानने की बजाय अपनी कमियों को पहचानने का प्रयास किया। उन्होंने अपनी गलतियों से सीखा और दोगुनी ताकत के साथ दोबारा तैयारी में जुट गईं। UPSC Prelims 2026: गोरखपुर में कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण परीक्षा, हजारों उम्मीदवार शामिल आईपीएस बनने के बाद भी लक्ष्य पर टिकी रहीं नजरें अर्पिता की कड़ी मेहनत साल 2020 के दूसरे प्रयास में रंग लाई। इस बार उन्होंने शानदार वापसी करते हुए देश भर में 383वीं रैंक हासिल की। इस रैंक के साथ उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए हो गया। हालांकि, अर्पिता का असली सपना एक आईएएस अधिकारी बनने का था। अपने इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्होंने नौकरी के साथ तैयारी जारी रखी। साल 2021 में उन्होंने अपना तीसरा प्रयास किया, लेकिन इस बार वह अपने मनमुताबिक रैंक हासिल करने से चूक गईं। ड्यूटी से ब्रेक लिया और आखिरी प्रयास में रचा इतिहास लगातार मिल रही चुनौतियों के बावजूद अर्पिता का संकल्प अडिग रहा। साल 2022 में अपने चौथे और आखिरी प्रयास के लिए उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया। अपनी पढ़ाई पर पूरी तरह फोकस करने के लिए उन्होंने आईपीएस की ड्यूटी से ब्रेक (छुट्टी) ले लिया। उन्होंने अपनी पूरी ऊर्जा रिवीजन और मॉक टेस्ट पर लगाई। उनकी यह तपस्या सफल रही और यूपीएससी 2022 के नतीजों में उन्होंने 214वीं रैंक हासिल कर आखिरकार अपना आईएएस बनने का ख्वाब पूरा कर लिया। वर्तमान में अर्पिता महाराष्ट्र के नासिक उपमंडल में आईटीडीपी (ITDP) परियोजना अधिकारी-सह-सहायक कलेक्टर के रूप में तैनात हैं।

माइक्रोसॉफ्ट में नौकरी पाना होगा आसान, ये कोर्स और स्किल्स दिलाएंगे बड़ी सफलता

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New Delhi: आज के समय में अगर किसी टेक कंपनी में नौकरी करने का सपना सबसे ज्यादा युवा देखते हैं, तो उसमें माइक्रोसॉफ्ट का नाम सबसे ऊपर आता है। दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शामिल माइक्रोसॉफ्ट में काम करना लाखों छात्रों और प्रोफेशनल्स की पहली पसंद बन चुका है। आकर्षक सैलरी, शानदार वर्क कल्चर और नई तकनीकों पर काम करने का मौका युवाओं को इस कंपनी की ओर खींचता है। यही वजह है कि हर साल बड़ी संख्या में छात्र और प्रोफेशनल्स माइक्रोसॉफ्ट में नौकरी पाने की तैयारी करते हैं। लेकिन सवाल यह है कि आखिर माइक्रोसॉफ्ट में नौकरी कैसे मिलती है और इसके लिए कौन-से कोर्स और स्किल्स सबसे ज्यादा जरूरी माने जाते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कंपनी सिर्फ डिग्री नहीं देखती, बल्कि उम्मीदवार की तकनीकी समझ, कोडिंग स्किल और समस्या सुलझाने की क्षमता को ज्यादा महत्व देती है। कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई देती है मजबूत आधार माइक्रोसॉफ्ट में तकनीकी पदों के लिए कंप्यूटर साइंस, आईटी और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग से जुड़ी पढ़ाई को प्राथमिकता दी जाती है। B.Tech, B.E., BCA, MCA या कंप्यूटर साइंस से संबंधित अन्य डिग्री रखने वाले उम्मीदवारों के लिए अवसर ज्यादा होते हैं। हालांकि सिर्फ डिग्री होना ही काफी नहीं माना जाता। कंपनी ऐसे उम्मीदवार चाहती है जिनकी टेक्नोलॉजी और कोडिंग पर मजबूत पकड़ हो। इसलिए पढ़ाई के साथ-साथ प्रैक्टिकल स्किल्स पर भी ध्यान देना जरूरी होता है। JOb News: इंजीनियर्स के लिए खुशखबरी! HPCL ने कई पदों पर जारी की वैकेंसी, जानिये नौकरी की फुल अपडेट DSA और कोडिंग स्किल्स पर रहता है सबसे ज्यादा फोकस माइक्रोसॉफ्ट के इंटरव्यू में Data Structures and Algorithms यानी DSA को सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसके जरिए उम्मीदवार की लॉजिकल सोच और समस्या हल करने की क्षमता को परखा जाता है। Array, Graph, Queue जैसे टॉपिक्स पर मजबूत पकड़ जरूरी मानी जाती है। इसके अलावा C++, Java, Python और JavaScript जैसी प्रोग्रामिंग भाषाओं का ज्ञान भी बेहद जरूरी होता है, क्योंकि कंपनी के कई तकनीकी प्रोजेक्ट्स में इन भाषाओं का इस्तेमाल किया जाता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर कोई छात्र नियमित रूप से कोडिंग प्रैक्टिस करता है और DSA पर अच्छी पकड़ बना लेता है, तो उसके लिए माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनी में पहुंचना आसान हो सकता है। Azure Cloud और सर्टिफिकेशन बढ़ा सकते हैं मौका आज के समय में क्लाउड कंप्यूटिंग का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। माइक्रोसॉफ्ट का Azure प्लेटफॉर्म इस क्षेत्र में बड़ी पहचान रखता है। ऐसे में Azure Cloud से जुड़े कोर्स और सर्टिफिकेशन करने वाले उम्मीदवारों को नौकरी में अतिरिक्त फायदा मिल सकता है। कंपनी ऐसे युवाओं को प्राथमिकता देती है जिन्हें क्लाउड टेक्नोलॉजी की समझ हो और जो आधुनिक तकनीकी जरूरतों के अनुसार काम कर सकें। UP Jobs 2026: यूपी में सरकारी नौकरी का बड़ा मौका, टेक्निकल असिस्टेंट भर्ती के लिए 11 जून तक करें आवेदन AI और Data Science प्रोफेशनल्स की बढ़ रही मांग माइक्रोसॉफ्ट अब Artificial Intelligence, Machine Learning और Data Science जैसे क्षेत्रों पर तेजी से काम कर रही है। ऐसे में AI, ML और Data Science से जुड़े कोर्स करने वाले उम्मीदवारों की मांग लगातार बढ़ रही है। इस फील्ड में आगे बढ़ने के लिए Python और SQL जैसे टूल्स सीखना जरूरी माना जाता है। आने वाले समय में इन स्किल्स की जरूरत और ज्यादा बढ़ सकती है। तीन बड़े रास्तों से होती है माइक्रोसॉफ्ट में भर्ती माइक्रोसॉफ्ट में नौकरी पाने के मुख्य रूप से तीन रास्ते माने जाते हैं। पहला तरीका कैंपस प्लेसमेंट है। कंपनी IIT, NIT और बड़े इंजीनियरिंग कॉलेजों में सीधे भर्ती करती है। दूसरा रास्ता इंटर्नशिप का है। छात्र Microsoft Internship के जरिए कंपनी से जुड़ सकते हैं। अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों को बाद में प्री-प्लेसमेंट ऑफर भी मिल सकता है। इसके अलावा तकनीकी स्किल्स, कोडिंग और आधुनिक टेक्नोलॉजी में मजबूत पकड़ रखने वाले उम्मीदवारों के लिए भी कंपनी में अवसर मौजूद रहते हैं।

Career in Meteorology: कैसे बनें मौसम वैज्ञानिक, जानें कब आएगी आंधी, धूप और बारिश

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New Delhi: मौसम वैज्ञानिक वह साइंटिस्ट होते हैं, जो पृथ्वी के वायुमंडल और भौतिक वातावरण, उनके विकास, प्रभाव और परिणामों से जुड़ी चीज़ों पर रिसर्च करते हैं। जो लोग हवा, समुद्र, बादल, बरसात, धुंध-कोहरे, आंधी-तूफान और बिजली जैसे विषयों में दिलचस्पी रखते है, वह मीटियोरोलॉजिस्ट बनकर अपना सपना पूरा कर सकते हैं आज के समय में मौसम की सटीक जानकारी हर किसी के लिए बेहद जरूरी हो गई है। भारी बारिश, बाढ़, गर्मी, ठंड, चक्रवात और आंधी जैसी परिस्थितियों में मौसम वैज्ञानिकों की भूमिका और भी अहम हो जाती है। यही कारण है कि मौसम विज्ञान के क्षेत्र में करियर की मांग लगातार बढ़ रही है। क्या होता है मौसम विज्ञान? मौसम विज्ञान यानी Meteorology वायुमंडल का वैज्ञानिक अध्ययन है। इसमें मौसम की प्रक्रियाओं, जलवायु परिवर्तन, वायुमंडलीय संरचना और पृथ्वी की सतह के साथ उसके संबंधों का अध्ययन किया जाता है। यह विषय केवल मौसम बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए प्राकृतिक बदलाव, कृषि, विमानन, पर्यावरण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण विश्लेषण किया जाता है। मौसम वैज्ञानिक पृथ्वी के वातावरण में होने वाले बदलावों को समझकर भविष्य की परिस्थितियों का अनुमान लगाते हैं। Education News: स्कूलों के संचालन की कमान अब अभिभावकों के पास; केंद्र सरकार ने जारी की SMC की नई गाइडलाइन मौसम वैज्ञानिक बनने के लिए क्या पढ़ाई जरूरी? मौसम वैज्ञानिक बनने के लिए छात्रों को सबसे पहले 12वीं कक्षा साइंस स्ट्रीम से पास करनी होती है। इसमें Physics, Chemistry और Mathematics जैसे विषयों का होना जरूरी माना जाता है। हालांकि कुछ संस्थानों में बायोलॉजी के साथ भी प्रवेश मिलता है, लेकिन गणित और विज्ञान में मजबूत पकड़ होना बहुत जरूरी है। 12वीं के बाद छात्र मौसम विज्ञान या एटमॉस्फेरिक साइंस से जुड़े कोर्स कर सकते हैं। इसके लिए बीएससी, बीटेक और डिप्लोमा जैसे विकल्प उपलब्ध हैं। उच्च पदों और रिसर्च के क्षेत्र में जाने के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन और पीएचडी की पढ़ाई भी जरूरी होती है। कौन-कौन से कोर्स कर सकते हैं स्टूडेंट? मौसम विज्ञान के क्षेत्र में कई प्रकार के कोर्स उपलब्ध हैं, जिनमें छात्र अपनी रुचि के अनुसार चयन कर सकते हैं। प्रमुख कोर्स इस प्रकार हैं: इसके अलावा कुछ विशेष क्षेत्रों में भी अध्ययन किया जा सकता है जैसे फिजिकल मीटियोरोलॉजी, क्लाइमेट मीटियोरोलॉजी, एग्रीकल्चर मीटियोरोलॉजी, एविएशन मीटियोरोलॉजी, सैटेलाइट मीटियोरोलॉजी और डायनामिक मीटियोरोलॉजी। मौसम वैज्ञानिक का काम क्या होता है? अक्सर लोग सोचते हैं कि मौसम वैज्ञानिक सिर्फ बारिश या गर्मी की जानकारी देते हैं, लेकिन उनका काम इससे कहीं अधिक व्यापक होता है। मौसम वैज्ञानिक वायुमंडल, जलवायु परिवर्तन, चक्रवात, वायु दबाव, बारिश, धुंध, समुद्री गतिविधियों और पर्यावरणीय बदलावों पर गहन शोध करते हैं। वे सैटेलाइट डेटा और वैज्ञानिक मॉडल्स के आधार पर मौसम का विश्लेषण करते हैं। फिजिकल मीटियोरोलॉजी में सौर ऊर्जा और वायुमंडलीय संरचना का अध्ययन किया जाता है। वहीं क्लाइमेटोलॉजी में लंबे समय तक जलवायु में होने वाले बदलावों का विश्लेषण किया जाता है। एग्रीकल्चर मीटियोरोलॉजी में फसलों पर मौसम के प्रभाव और कृषि उत्पादन पर अध्ययन किया जाता है।

करियर और पैसा साथ-साथ: 12th Result के बाद अपनाएं ये 10 कोर्स, बदल जाएगा भविष्य

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New Delhi: देशभर में 12th Result तेजी से जारी हो रहे हैं और बिहार राज्य में तो जारी भी हो चुका है। रिजल्ट आने के बाद छात्रों के मन में सबसे बड़ा सवाल होता है कि अब आगे क्या करें? सही कोर्स का चयन ही आपके करियर की दिशा तय करता है। आज के समय में पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ कई नए और हाई डिमांड वाले कोर्स भी उपलब्ध हैं, जिनमें एडमिशन लेकर छात्र अच्छा भविष्य बना सकते हैं। 12th Result के बाद कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी में करियर अगर आपको कंप्यूटर, ऐप या टेक्नोलॉजी में रुचि है तो आप 12th Result के बाद बीटेक कंप्यूटर साइंस आपके लिए बेहतरीन विकल्प है। इसमें कोडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सिखाया जाता है। इस कोर्स के बाद छात्र सॉफ्टवेयर इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट या ऐप डेवलपर बन सकते हैं और अच्छी सैलरी पा सकते हैं। मशीन और ऑटोमोबाइल में रुचि मशीनों और ऑटोमोबाइल में दिलचस्पी रखने वाले छात्रों के लिए बीटेक (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) शानदार विकल्प है। इसमें मशीन डिजाइन, प्रोडक्शन और तकनीकी कार्य सिखाया जाता है। इस कोर्स के बाद ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार के कई अवसर मिलते हैं। एयरोस्पेस और अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी अगर आपका सपना हवाई जहाज या स्पेस टेक्नोलॉजी में काम करने का है, तो बीटेक (एयरोस्पेस इंजीनियरिंग) चुन सकते हैं। इसमें विमान और रॉकेट से जुड़ी पढ़ाई होती है। इस क्षेत्र में करियर बनाकर छात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काम कर सकते हैं और अलग-अलग टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट्स में शामिल हो सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन 12th Result के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में छात्र मोबाइल, नेटवर्क और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के काम करने के तरीके सीखते हैं। 5G और नई टेक्नोलॉजी के चलते इस फील्ड में जॉब के मौके लगातार बढ़ रहे हैं। 12th Result के बाद IT फील्ड में विकल्प अगर आप IT फील्ड में जाना चाहते हैं लेकिन इंजीनियरिंग नहीं करना चाहते, तो BCA (बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन) एक अच्छा विकल्प है। इसमें प्रोग्रामिंग, वेब डेवलपमेंट और ऐप डेवलपमेंट सिखाया जाता है। इस कोर्स के बाद छात्र सॉफ्टवेयर डेवलपर या ऐप डेवलपर बन सकते हैं। 12th Resultमैनेजमेंट और बिजनेस में करियर 12th Result के बाद मैनेजमेंट और बिजनेस में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए BBA (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) बढ़िया विकल्प है। इसमें मार्केटिंग, फाइनेंस और बिजनेस स्किल्स सिखाई जाती हैं। इसके बाद छात्र MBA कर बड़े पदों पर काम कर सकते हैं और नेतृत्व क्षमता विकसित कर सकते हैं।