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लखनऊ: 69000 शिक्षक भर्ती मामले में आरक्षित-अनारिक्षत वर्ग का प्रदर्शन

लखनऊ में 69000 शिक्षक भर्ती मामले में आरक्षित-अनारिक्षत वर्ग के अभ्यर्थी बेसिक शिक्षा निदेशालय में प्रदर्शन करने बैठ गये हैं। लखनऊ: 69000 शिक्षक भर्ती मामले (69000 Teacher Recruitment Case) ने हाईकोर्ट के फैसले के बाद आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी नई सूची जारी करने की मांग को लेकर बेसिक शिक्षा निदेशालय (Directorate of Basic Education) में बैठ गए हैं। वहीं दूसरी तरफ अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने धरना शुरू कर दिया है। बेसिक शिक्षा निदेशालय में यह दोनों गुट धरना दे रहे हैं। निदेशालय के दोनों गेट बंद किए गए। किसी भी प्रकार के टकराव को रोकने के लिए भारी मात्रा में पुलिस बल मौजूद है। 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल करने की सूचना सामने आ रही है। अभ्यर्थी जल्द ही सूची जारी करने की मांग के साथ कोर्ट का रुख कर सकते हैं। वी वांट जस्टिस के नारों से गूंजा परिसर अनारक्षित के साथ आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने भी धरना देना शुरू कर दिया। धरना स्थल से न्याय दो, न्याय दो, वी वांट जस्टिस, वी वांट जस्टिस के नारों से परिसर गूंजरा रहा है। अभ्यर्थी अपनी मांगों के समर्थन में देर रात तक धरने पर बैठै रहे। बारिश व अन्य समस्याओं को देखते हुए पुलिस ने भी सख्ती बरती। बस से सभी अभ्यर्थियों को बादशाह नगर स्टेशन पहुंचाया गया, जहां वह रात भर रहे। सुबह फिर से अभ्यर्थी धरना स्थल पर पहुंचे। अभ्यर्थियों की मांग है कि उन्हें शांतिपूर्ण धरना करने दिया जाए। अभ्यर्थियों ने शिक्षा महानिदेशक से की मुलाकात देर शाम अभ्यर्थियों ने शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा (Kanchan Verma) से मुलाकात की थी। उन्होंने शासन के निर्देशानुसार समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने का आश्वासन दिया है। अभ्यर्थियों ने कहा कि कोर्ट ने 69 हजार शिक्षक भर्ती मूल चयन सूची रद्द करते हुए सरकार को तीन महीने के अंदर आरक्षण नियमों का पालन करते हुए नई सूची जारी करने का आदेश दिया है। सरकार ने अभी तक कोई काम शुरू नहीं किया। केवल एक मीटिंग की है। हमारी मांग है कि चयन संबंधित प्रक्रिया का कार्यक्रम शेड्यूल जारी किया जाये।

Agniveer Recruitment: अग्निवीरों के लिए निकली भर्ती, ऐसे करें आवेदन

नई दिल्ली: भारतीय वायु सीमा में जॉब का सपना देख रहे युवाओं के लिए बेहतरीन मौका है। इंडियन एयरफोर्स की ओर से अग्निवीर स्कीम के तहत पदों पर भर्ती निकाली गई है। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 20 अगस्त से शुरू कर दी जाएगी। इच्छुक एवं योग्य अभ्यर्थी इस भर्ती में शामिल होने के लिए ऑफलाइन माध्यम से आवेदन पत्र निर्धारित पते पर भेज सकते हैं।डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार ध्यान रखें कि अभ्यर्थी का अनमैरिड होना आवश्यक है।आवेदन की तिथि – 20 अगस्त से जारीआवेदन की अंतिम तारीख – 29 अगस्त 2024शैक्षिक योग्यताइस भर्ती में भाग लेने के लिए अभ्यर्थी ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड/ संस्थान से मैट्रिकुलेशन या इसके समक्षक उत्तीर्ण किया हो। इसके साथ ही उम्मीदवार का जन्म 2 जनवरी 2004 से 2 जुलाई 2007 के बीच होना चाहिए। फिजिकल फिटनेस टेस्ट(Mandatory Medical Standards)हाईट (Height)- कम से कम 152 सेमीचेस्ट (Chest)- कम से कम 5 सेमीवजन(Weight)- हाईट और उम्र के अनुपात में होना चाहिएकैंडिडेट physically और mentally फिट होना चाहिए. इसके साथ ही दुनिया के किसी भी हिस्से में, किसी भी क्लाइमेट में ड्यूटी करने के लिए फिट होना चाहिएदौड़- 6 मिनट 30 सेकेंड में 1.6 किलोमीटरपुश-अप्स- 1 मिनट में 10 पुश-अप्ससिट-अप्स-1 मिनट में 10 सिट-अप्सउठक-बैठक-1 मिनट में 20 उठक-बैठक चयन प्रक्रिया (Selection Process)उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा, फिजिकल टेस्ट, स्ट्रीम स्टेबिलिटी टेस्ट, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट के आदर पर किया जायेगा. आवेदन प्रक्रियाइस भर्ती में आवेदन के लिए अभ्यर्थी ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर “Application Forms”, under “Agniveervayu Non-Combatants” में जाएं और यहां से ऑफलाइन फॉर्म डाउनलोड कर लें या आप इस पेज पर दिए डायरेक्ट लिंक से भी ऑफलाइन फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं। इसके बाद इस फॉर्म को पूर्ण रूप से भरकर एवं आवश्यक दस्तावेज अटैच करके इसको निर्धारित पते पर साधारण डाक/ ड्रॉप बॉक्स के माध्यम से भेज दें।

पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा को लेकर पुलिस सतर्क, दलालों की सूचना देने वाले को मिलेंगे 25 हजार इनाम

बलिया में 23, 24, 25 और 30, 31 अगस्त 2024 को पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा होना सुनिश्चित है। ऐसे में दलालों की सूचना देने पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम रखा है। बलिया: पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा को लेकर पुलिस महकमा पूरी तरह से गंभीर है। परीक्षा को सुचित और शांति ढंग से संपन्न करने के लिये पुलिस ने एक एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में दलालों के बारे में सही सूचना देने वाले को 25 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की गई है। वहीं सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। बलिया में 23, 24, 25 और 30, 31 अगस्त 2024 को पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा ( Police Constable Recruitment Exam) होना सुनिश्चित है। इसको लेकर पुलिस महकमा पूरी तरह से सचेत व सावधान है। इस परीक्षा में सम्मिलित होने वाले सभी परीक्षार्थियों को पुलिस ने दलालों (Broker) से सावधान रहने का अनुरोध किया है। पुलिस की अपील, धोखा देंगे दलालपुलिस ने निर्देशित किया है कि बहुत से दलाल टाइप के लोग आपको यह झांसा दे सकते हैं कि इतने रुपये दे दो तो तुम्हारा एग्जाम पास करवा देंगे या पेपर आउट कराने का जुगाड़ हमारे पास है। इतने रुपए दो तो पेपर एग्जाम से पहले मिल जाएगा। ऐसे फ्रॉड और दलालों के झांसे में न आएं। ये आपको धोखा देंगे। पुलिस ने जारी किये नंबरऐसे फ्रॉड और दलालों के बारे में तुरंत पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। साथ ही सूचना सही होने पर सूचना देने वाले को 25 हजार रुपए का इनाम भी दिया जाएगा। पुलिस ने कहा कि आप किसी भी प्रकार की सूचना 9454403014, 9454403018, 9454400655 नम्बर या व्हाट्सएप पर दे सकते हैं।

GAIL Recruitment: GAIL में नौकरी पाने का बेहतरीन मौका, ऐसे करें आवेदन

नई दिल्ली: गेल (इंडिया) लिमिटेड में नौकरी (Govt Jobs) की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए बढ़िया अवसर है। इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार गेल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं।आवेदन की तिथि – 13 सितंबर तक जारीपदों की संख्या – 9 इन पदों पर होगी भर्तियांगेल ने सीनियर सुपरिटेंडेंट (हिंदी), सीनियर अकाउंटेंट, सीनियर सुपरिटेंडेंट (एचआर), सीनियर केमिस्ट, फोरमैन (इलेक्ट्रिकल), फोरमैन (इंस्ट्रूमेंटेशन) और फोरमैन (मैकेनिकल) के पदों के लिए वैकेंसी निकाली है। उम्मीदवार जो भी इन पदों के लिए आवेदन करने के इच्छुक हैं, वे गेल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं।आयुसीमासीनियर सुपरिटेंडेंट (हिंदी), सीनियर अकाउंटेंट, सीनियर सुपरिटेंडेंट (एचआर), सीनियर केमिस्ट के लिए अधिकतम आयुसीमा- 50 वर्षफोरमैन (इलेक्ट्रिकल), फोरमैन (इंस्ट्रूमेंटेशन) और फोरमैन (मैकेनिकल) के लिए अधिकतम आयुसीमा- 40 वर्षयोग्यतासीनियर सुपरिटेंडेंट (हिंदी)- उम्मीदवार के पास हिंदी साहित्य / हिंदी में न्यूनतम 50% अंकों के साथ न्यूनतम 03 वर्ष की अवधि की ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए और ग्रेजुएशन में अंग्रेजी एक विषय के रूप में होनी चाहिए। साथ ही अंग्रेजी से हिंदी और हिंदी से अंग्रेजी अनुवाद करने का न्यूनतम 08 (आठ) वर्षों का अनुभव होना चाहिए।सीनियर केमिस्ट- उम्मीदवारों के पास केमेस्ट्री में न्यूनतम 02 वर्ष की अवधि की मास्टर डिग्री (एमएससी) होनी चाहिए। साथ ही न्यूनतम 08 (आठ) वर्षों का अनुभव होना चाहिए।फोरमैन (इलेक्ट्रिकल)- उम्मीदवार के पास न्यूनतम 55% अंकों के साथ इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स में इंजीनियरिंग में डिप्लोमा होना चाहिए। साथ ही न्यूनतम 02 (दो) वर्षों का अनुभव होना चाहिए।चयन प्रक्रियागेल भर्ती 2024 के लिए जो भी उम्मीदवार आवेदन कर रहे हैं, उनका चयन ट्रेड टेस्ट/कंप्यूटर एफिशिएंसी टेस्ट/अनुवाद परीक्षा के आधार पर होगी। लिखित परीक्षा में 100 अंकों के 100 प्रश्न होंगे। लिखित परीक्षा की अवधि 90 मिनट की होगी।

NEET UG Counselling: नीट यूजी काउंसलिंग के लिए आवेदन शुरू, ऐसे करें पंजीकरण

नई दिल्ली: मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने बुधवार से नीट यूजी (NEET UG) काउंसलिंग (Counselling) के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। काउंसलिंग पंजीकरण (Registration) 20 अगस्त, 2024 को बंद हो जाएगा। डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार नीट यूजी काउंसलिंग एमबीबीएस, बीडीएस और बीएससी नर्सिंग कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। जिन उम्मीदवारों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की है, वे काउंसलिंग प्रक्रिया (Counseling Process) के लिए आवेदन करने के पात्र हैं। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार अपने काउंसलिंग पंजीकरण फॉर्म को पूरा करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट – mcc.nic.in. पर जा सकते हैं। जानकारी के अनुसार काउंसलिंग प्रक्रिया 1,09,145 एमबीबीएस (बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी) सीटों और 27,868 बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (बीडीएस) सीटों के लिए आयोजित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, लगभग 1,000 बीएससी नर्सिंग सीटें नीट काउंसलिंग के माध्यम से वितरित की जाएंगी, साथ ही पूरे भारत में आयुष और पशु चिकित्सा कार्यक्रमों में कई सीटें भी वितरित की जाएंगी। महत्वपूर्ण तिथियांचॉइस फिलिंग विंडो 16 अगस्त से 20 अगस्त तक रात 11:55 बजे तक खुली रहेगी। सीट आवंटन के परिणाम 23 अगस्त 2024 को घोषित किए जाएंगे। उम्मीदवारों को 24 अगस्त से 29 अगस्त के बीच अपने आवंटित कॉलेजों में रिपोर्ट करना होगा। उम्मीदवार ऐसे करें आवेदन1.सबसे पहले उम्मीदवार एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर जाएं। काउंसलिंग प्रक्रिया के लिए आवश्यक दस्तावेज

UGC NET Postponed: यूजीसी की 26 अगस्त को होने वाली नेट परीक्षा स्थगित, इस तारीख को होगा एग्जाम

नई दिल्ली: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(UGC) ने 26 अगस्त को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा(NET) को श्री कृष्ण जन्माष्टमी (Krishna Janmashtami) के कारण स्थगित (Postponed) कर दिया है। 26 को होने वाली यह परीक्षा (Exam) अब 27 अगस्त को आयोजित की जाएगी। डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार एनटीए ने पहले पूर्ण यूजीसी नेट परीक्षा(UGC Net Exam) कार्यक्रम की घोषणा की थी। तारीखों के अनुसार, कुल 7 पेपर – दर्शनशास्त्र, हिंदी, उड़िया, नेपाली, मणिपुरी, असमिया, संताली – 26 अगस्त को आयोजित होने वाले थे। पेपर के बाद यूजीसी नेट परीक्षा स्थगित कर दी गई थी। यूजीसी ने बताया कि नेट परीक्षा 2024 दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित की जाएगी। दर्शनशास्त्र और हिंदी के पेपर सुबह की पाली में आयोजित किए जाएंगे और ओरलिया, नेपाली, मणिपुरी, असमिया, संताली, हिंदी के पेपर दोपहर की पाली में आयोजित किए जाएंगे। एनटीए कुल 83 पेपरों के लिए जेआरएफ और अन्य फेलोशिप प्रदान करने के लिए पात्रता परीक्षा आयोजित करेगा। जानकारी के अनुसार यूजीसी नेट परीक्षा 21 अगस्त से 4 सितंबर तक आयोजित की जाएगी। यूजीसी नेट एडमिट कार्ड 2024 आधिकारिक वेबसाइट पर 19 अगस्त तक जारी होने की उम्मीद है। यूजीसी नेट हॉल टिकट डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों को अपना आवेदन नंबर और जन्मतिथि दर्ज करनी होगी।

सावधानी से स्वीकारें नौकरी का ऑफर, पढ़ें ज़ॉब के झासें से जुड़ी फ्रॉड की ये कहानी

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में एक कोर्ट के चैंबर (Chamber) में युवती से रेप (Rape) का मामला सामने आया है। युवती ने तीस हजारी कोर्ट में एक वकील (Advocate)पर अपने चेंबर में उससे रेप करने का आरोप लगाया है। युवती की शिकायत के आधार पर दिल्‍ली पुलिस (Police) ने एफआईआर भी दर्ज कर ली है।  डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार युवती ने घटना की बाबत घर पहुंचकर अपनी मौसी को जानकारी दी।  नौकरी दिलाने के नाम पर चैंबर में बुलायायुवती ने अपनी शिकायत में कहा है कि आरोपी ने उसे 27 जुलाई को नौकरी देने के बहाने बुलाया लेकिन उसके साथ जबरदस्ती की। उसने बताया कि वह भजनपुरा इलाके में रहती है। वह आठवीं तक पढ़ी है। घर की माली हालत ठीक नहीं है। इसलिए उसने अपनी चचेरी बहन को कोई नौकरी दिलवाने के लिए कहा था। बहन ने उसे एक आदमी का नंबर दिया और कहा कि इन अंकल से बात कर लेना, यह जॉब लगवा देंगे। उन अंकल से बात हुई तो उन्होंने पूछा कि वह किसी तरह की जॉब कर सकती है। बाद में युवती से उसका आधार कार्ड वॉट्सऐप करवाया। अब उसने कहा कि तुम्हारे लायक कोई जॉब होगी तो मैं तुम्हें बता दूंगा। इसके बाद 15-20 दिन बाद उस शख्स ने फिर युवती के पास कॉल की। उसने कहा कि तुम्हें मेरे चैंबर में आकर दिखाना होगा कि तुम्हें पढ़ना लिखना आता है या नहीं। अब युवती उनके चैंबर में पहुंच गई। जहां कथित अंकल और उनकी असिस्टेंट थी। उसने अब युवती से कहा कि ठीक है मैं अभी बिजी हूं, तुम्हारे लायक कोई जॉब होगी तो 8-10 दिन में बताउंगा। अब 10 दिन बाद युवती ने ही उन्हें कॉल की। आरोपी ने 27 जुलाई को एक बार फिर युवती को चैंबर में बुला लिया।  रेप कर 1500 रुपये देकर भेजापीड़ित युवती ने कहा कि वकील ने उसे इसके बारे में किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। एक अधिकारी ने युवती की शिकायत का हवाला देते हुए कहा, रेप के बाद आरोपी वकील ने पीड़िता को 1,500 रुपये दिए और जाने के लिए कहा। पुलिस कर रही मामले की जांचपुलिस ने बताया कि युवती ने घटना के बारे में घर पहुंचकर अपनी मौसी को जानकारी दी। मौसी ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने बताया कि युवती के बयान पर सब्जी मंडी पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

IAS Coaching Tragedy: दिल्ली कोचिंग हादसे का सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान, केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस

नई दिल्ली: सेंट्रल दिल्ली में राजेन्द्र नगर के आईएएस कोचिंग सेंटर में तीन छात्रों की मौत को लेकर युवाओं के जारी आक्रोश के बीच देश की शीर्ष अदालत ने इस हादसे का स्वत संज्ञान लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस हादसे को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने कोचिंग सेंटर फेडरेशन पर एक लाख का जुर्माना भी लगाया है।  डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने इस हादसे पर कई सवाल खड़े किये। अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि कोचिंग सेंटर डेथ चैंबर बन गये हैं, जहां युवाओं के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है।  सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं तो कोचिंग सेंटर ऑनलाइन क्लासेस दे सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की मोदी और दिल्ली की केजरीवाल सरकार से पूछा है कि कोचिंग सेंटर्स में सेफ्टी नियम लागू किये या नहीं?

दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में छात्रों की मौत को लेकर कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, जानें पूरा अपडेट

ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने कोचिंग सेंटर संचालकों को गिरफ्तार किया था। पढ़िये युवा डाइनामाइट की पूरी रिपोर्ट नई दिल्ली: छात्रों की मौत के मामले में बेसमेंट के सह मालिकों की जमानत याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मामला सीबीआई के हाथों में दे दिया है। मामले की जांच अब सीबीआई के द्वारा की जाएगी। युवा डाइनामाइट संवाददाता के अनुसार दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को उस कोचिंग सेंटर के बेसमेंट के चार सह-मालिकों की जमानत याचिका का निपटारा कर दिया। जहां पिछले महीने सिविल सेवा की परीक्षा की तैयारी करने वाले तीन विद्यार्थियों की डूबने से मौत हो गई थी। अदालत ने अभियोजन पक्ष की इस दलील पर गौर किया कि इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई है

शिक्षा का गिरता स्तर और बढ़ती फीस: नीति-निर्माताओं में इच्छा शक्ति का अभाव या असंवेदनशील दृष्टिकोण?

देश में स्कूल से लेकर कॉलेज समेत हर शिक्षण संस्थान में लगातार फीस बढ़ोत्तरी एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है लेकिन इसके साथ शिक्षा का गिरता स्तर भी चिंताजनक है। पढ़िये प्रो. (डॉ.) सरोज व्यास का यह ब्लॉग नई दिल्ली: “शिक्षा के गिरते स्तर और बढ़ती फीस के लिए ज़िम्मेदार कौन” ? लेख द्वारा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मन की व्यथा को विचारशील विवेकी पाठकों तक प्रेषित करने मात्र से क्या आपका कर्तव्य पूरा हो गया? क्या केवल प्रश्नचिन्ह लगाना पर्याप्त है? क्या आपके पास कोई सुझाव है? सहयोगी डॉ. गीता ने पूछा – समस्या के साथ समाधान होने चाहिये, ऐसा आप कहती है। मैंने कहा-समाधान और सुझाव हैं, लेकिन कोई समझना ही नहीं चाहता। “भारत की 28वीं शिक्षा मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी (26 मई 2014-5 जुलाई 2016) से लेकर दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सीसोदिया (14 फरवरी 2015–28 फरवरी 2023) तक से अथक प्रयासों के बाद मिलने का समय लेने में तो सफल हो गयी, किन्तु हाथ लगी केवल “घंटों की प्रतीक्षा और निराशा”। सांत्वना थी अथवा प्रोत्साहन नहीं जानती लेकिन उसने कहा – कोई बात नहीं, फिर  भी लिखिए शायद किसी को कुछ समझ में आ जाए । आपको लेखन के माध्यम से जन सामान्य की आवाज़ उठानी चाहिए। जैसे आप यशपाल कमेटी का उल्लेख कर रही है, भविष्य में कोई आपके सुझावों का उद्धरण दे सकता है। केवल त्रुटियों एवं असफलताओं की चर्चा मेरी मंशा नहीं हैं, लेख के माध्यम से धरातलीय स्तर पर सुझाव देने का दु:स्साहस कर रही हूँ । दिन-प्रतिदिन संस्थानों के अध्यक्षों, निदेशकों, प्राचार्यों और शिक्षक समुदाय के समक्ष आने वाली चुनौतियों तथा कठिनाइयों की ओर सत्ता और शीर्षासन पर विराजमान शिक्षा मंत्रियों, विश्वविद्यालय के कुलपतियो एवं तथाकथित नीति-निर्माता शिक्षाविदों को ध्यान देने की आवश्यकता है। बस्ते का बोझ कम नहीं हुआयशपाल कमेटी 1993 की रिपोर्ट का शीर्षक ‘शिक्षा बिना बोझ के’ था, इससे पूर्व नरेन्द्र देव समिति – 1947, राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 1986, में भी इस सम्बन्ध में सुझाव दिए गये थे। शिक्षा मंत्रालय शैक्षिक गुणवत्ता के लिए प्रतिबद्ध है और आवंटित बजट धनराशि को ख़र्च भी कर रहा है। फिर क्यों आज तक इन सिफारिशों को जमीनी स्तर पर लागू नहीं किया गया ? क्या सरकारों द्वारा गठित समितियों, कमेटियो और आयोगों का गठन केवल हितधारकों (स्टेकहोल्डर) के मुहं पर ताला लगाने के लिए किया जाता है कि देखिए सरकार कितनी संजीदा है। यदि यह सच नहीं है तो सुझावों की अनदेखी क्यों? सूर्या फाउंडेशन के संस्थापक एवं चैयरमैन, पद्मश्री जयप्रकाश जी के नेतृत्व एवं प्रो. एच एल शर्मा जी के मार्गदर्शन में पहली से पाँचवी तक, एक कक्षा-एक किताब को सूर्या भारती के शिक्षाविदों ने वर्ष 2000 में ही तैयार कर दिया था। अन्य शिक्षाविदों और समाज सेवी संस्थाओं द्वारा भी निरंतर इस क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। सभी के द्वारा समय-समय पर महामहिम राष्ट्रपति जी, प्रधानमंत्री जी और शिक्षा मंत्रियों के संज्ञान में भी इसे लाया गया है। नि: स्वार्थ किए गये प्रयास एवं परिश्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा तो होती है, लेकिन नियमों को कठोरता से लागू किए जाने की दिशा में कोई ठोस क़दम नहीं उठाये जाते । यदि उठाये जाते तो पुन: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में बस्ते का बोझ कम कैसे हो ? सम्बन्ध में सुझाव/सिफारिश देने की आवश्यकता नहीं होती। सुझावसही अर्थों में पुस्तके अध्यापकों के लिए सूचनाओं का संग्रह और सैद्धांतिक दिशा-निर्देशिका होती है, लेकिन शैक्षिक व्यवस्था ऐसी है कि विद्यार्थियों के बस्ते में अध्ययन सामग्री (पुस्तकें) रटने के लिए ठूस दी जाती है।पाठ्य पुस्तके विद्यालय, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में रखी जाये, विद्यार्थी सर्वप्रथम अध्यापक द्वारा दिए जाने वाली विषयक जानकारी को सुनें, उसे दोहराये, ग्रहण किए गये ज्ञान को लिखे और तदुपरांत पढ़कर उस पर चिंतन-मनन करें। शिक्षा के सभी स्तरों पर पाठ्यक्रम में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ प्रयोगात्मक प्रशिक्षण पर अधिकाधिक बल दिया जाए, क्योंकि व्यवसाय और रोजगार के लिए यह आवश्यक है। पाठ्यक्रम का निर्माण मांग और पूर्ति के नियमानुसार हितधारकों के प्रतिनिधियों (शिक्षार्थी, शिक्षक, अभिभावक, नीति-निर्माता और अनुभवी शिक्षाविद) से विचार-विमर्श करके किया जाए। बढ़ती फीस के लिए ज़िम्मेदार कौन?इस यक्ष प्रश्न का उत्तर देना सामर्थ्य से बाहर है, किन्तु मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग के परिवारों की लाचारी मन को द्रवित कर देती है। 2-3 संतानों को पढ़ाना, दो समय की रोटी की व्यवस्था में लगे माता-पिता के लिए बहुत बड़ी चुनौती है, एक बच्चे की फीस लाखों में कहाँ से लाये । प्रतिस्पर्धा की दौड़ में शैक्षिक गुणवत्ता की चर्चा व्यर्थ है। जिस गति से फीस में बढ़ोतरी हुई है, उससे अधिक गति से शैक्षिक बेरोजगारी बढ़ी है। उदाहरण के लिए यदि गुरु गोबिन्द सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के फीस संरचना (structure) का तुलनात्मक विश्लेषण कर लिया जाए तो जमीन-आसमान का अंतर स्पष्ट हो जायेगा । सुधी पाठकों के लिए दो लिंक साझा कर रही हूँ। http://ipu.ac.in/norms/statues/s27-27.pdf http://www.ipu.ac.in/pubinfo2024/nt300424548%20(2).pdf सुझावस्वायत संस्थाओं (विद्यालय, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय) की फीस मान्यता देने वाली (Affiliating body) संस्थाओं के माध्यम से ऑन लाइन हो सकती है। छात्रवृतियाँ देने की अपेक्षा एडमिशन के समय ही फीस माफ़ अथवा कम की जा सकती है। पाठ्यक्रम की अवधि के अनुसार शिक्षण सामग्री को दो भागों (सैद्धांतिक और प्रयोगात्मक) में विभाजित किया जाए तथा सैद्धांतिक शिक्षण के लिए फीस की 50% राशि ही शिक्षण संस्थाओं को दी जाए। प्रयोगात्मक शिक्षण-प्रशिक्षण सम्बंधित संस्थाओं में नि: शुल्क करवाया जाए । मेरा यह सुझाव “हींग लगे ना फिटकरी, रंग आए चोखा” कहावत को चरितार्थ करता है। इससे अभिभावकों को केवल आधी फीस ही देनी होगी तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को वर्ष दो वर्ष के लिए अवैतनिक जनशक्ति (Manpowar) मिलेगी। नौकरी के लिए इच्छुक युवाओं को रुचि और कौशल के आधार पर नौकरियां, स्व रोजगार हेतु प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन तथा उच्च शिक्षा के लिए उपाधि प्राप्त हो सकेगी। विकसित भारत @2047 के विजन की पूर्ण सफलता के लिए कमेटियों के गठन, सुझावों और लेख से बात नहीं बनेगी। सत्तारुढ़ राजनेताओं एवं नीति-निर्माताओं की इच्छा शक्ति और मानवीय संवेदना को झकझोरने का समय आ गया है। (लेखिका प्रो. (डॉ.) सरोज व्यास, वर्तमान में  फेयरफील्ड तकनीक एवं प्रबंधन संस्थान, नई दिल्ली , निदेशक के पद पर कार्यरत है ।)

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