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NEET UG : दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए शुरू हुई प्रक्रिया, जानें क्या है डीयू का पहला एक्शन

डीयू ने नीट यूजी काउंसलिंग के लिए एक कदम आगे बढ़ा दिया है। छात्रों को डीयू में दाखिले का बेसब्री से इंतजार था। जिसकों लेकर डीयू ने भी काम शूरू कर दिया है। पढ़िये युवा डाइनामाइट की पूरी रिपोर्ट नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने नीट यूजी काउंसलिंग के माध्यम से एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस, बीयूएमएस और बीएचएमएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सीडब्ल्यू (सशस्त्र बलों के कर्मियों के बच्चे, विधवाएं) श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए दस्तावेज जमा करने की विंडो खोल दी है। सबमिशन पोर्टल पर चिकित्सा विज्ञान संकाय की वेबसाइट के माध्यम से पहुंचा जा सकता है। आधिकारिक नोटिस के अनुसार, नीट यूजी परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले और 85% दिल्ली कोटा के तहत 2024-25 शैक्षणिक सत्र में विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश चाहने वाले CW श्रेणी के उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से CW रियायतों के लिए अपनी पात्रता साबित करने वाले प्रासंगिक दस्तावेज जमा करने होंगे।

UGC: खाली बची सीटों को इस तरह भरेंगे विश्वविद्यालय, जानें आपके काम की खबर

अगर आप भी कॉलेज में दाखिला लेना चाहते हैं तो आपके लिए यूजीसी की तरफ से नई घोषणा की गई है। अगर किसी की रैंक कम आई है या सीयूईटी की परीक्षा नहीं दी है तो उन्हें एक और मौका दिया जा रहा है। पढ़िये युवा डाइनामाइट की खास रिपोर्ट विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने विश्वविद्यालयों को स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए अपनी स्वयं की प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की अनुमति दे दी है। आयोग ने कहा है कि यदि प्रवेश के नियमित दौर के बाद सीटें रिक्त रह जाती हैं, तो विश्वविद्यालय स्वयं की प्रवेश परीक्षा आयोजित कर सकते हैं। आपको बताते चलें कि कुछ विश्वविद्यालय का कहना था कि उन्हें सीयूईटी में भाग लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। वहीं मामले को संज्ञान में लेते हुए यूसीजी ने विश्वविद्यालयों को बची हुई सीटे भरने के लिए खुद की परीक्षा आयोजित करने की अनुमति दे दी है। अब वे खुद की परीक्षा आयोजित कर बच्चों का चयन कर सकते हैं। वहीं छात्रों को भी इस नियम के आने के बाद एक और मौका मिल जाएगा। इसके साथ ही जो छात्र किसी एक विश्वविद्याल की प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो पाया वह दूसरे वि.वि में जाकर परीक्षा दे सकते हैं।

IAS Coaching: आईएएस कोचिंग हब राजेंद्र नगर में फिर दरिया बनीं सड़कें, कई सेंटर्स में घुसा पानी

ओल्ड राजेंद्र नगर में जहां पिछले सप्ताह एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भर जाने से तीन छात्रों की मौत हो गई थी वहां बुधवार शाम को भारी बारिश के बाद फिर से जलभराव हो गया। नई दिल्ली: दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर के कोचिंग सेंटर राव आईएएस स्टडी सर्किल के बेसमेंट में जलभराव का पानी घुसने की वजह से तीन छात्रों की डूबकर हुई मौत के बाद भी इस सड़क के हालातों में कोई सुधार नहीं हुआ हैं। यहां पर अतिरिक्त पंप और सुपर सकर मशीन से नाले की सफाई की गई थी, लेकिन कोई इंतजाम काम नहीं आए। हालांकि बारिश तेज होते ही एमसीडी के कर्मचारी अलर्ट होकर मौके पर तो पहुंच गए, लेकिन जलभराव को नहीं रोक पाए। सड़क पर कमर तक भरा पानी बड़ा बाजार मार्ग से लेकर सतपाल भाटिया मार्ग पर कमर तक पानी भर गया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि जलभराव की मात्रा 27 जून की घटना से भी ज्यादा थी। यही वजह रही कि कोचिंग सेंटर राव आईएएस स्टडी सर्किल में फिर पानी पहले भूतल और फिर बेसमेंट में घुस गया। जलभराव के बीच छात्र घटनास्थल पर प्रदर्शन करते हुए नजर आए, जबकि स्थानीय लोग फिर उसी मार्ग को देखने पहुंचे। हालांकि जलभराव की वजह से कोचिंग सेंटर राव आईएएस स्टडी सर्किल के बड़ा बाजार मार्ग और सतपाल भाटिया मार्ग पर यातायात नहीं चल रहा था। जिन लोगों को अपने घर या दुकान तक जाना था, वह जलभराव से गुजरते हुए नजर आए। हालांकि मौके पर दिल्ली पुलिस के जवान मौजूद थे, जो लोगों को जलभराव वाले स्थान पर जाने से रोक रहे थे। साथ ही प्रवेश और निकास को भी जलभराव होने के बाद बंद कर दिया गया था। https://youtu.be/knk0pyuelbo दुकानों से लेकर कोचिंग सेंटर में भरा पानी बारिश कम होने के बाद यहां के लोग अपनी दुकानों से लेकर कोचिंग सेंटर में बाल्टी व वाइपर से पानी निकालते हुए नजर आए। अधिकारियों के अनुसार शंकर रोड पर ढलान है, जिससे शंकर रोड, न्यू राजेंद्र नगर और ओल्ड राजेंद्र नगर का यह सतपाल भाटिया मार्ग सड़क पर जमा होने वाले पानी की वजह दरिया में तब्दील हो जाता है। ऐसी ही स्थिति करोल बाग मेट्रो स्टेशन की ओर से पूसा रोड पर होती है, जहां ढलान की वजह से पानी जमा होकर बड़ा बाजार मार्ग पर हो जाता है। दोनों ओर से आने वाले पानी से भारी जलभराव हो जाता है।

Delhi Coaching Tragedy: UPSC की तैयारी कराने वाले लगभग 20 कोचिंग सेंटर सील, देखें पूरी लिस्‍ट

दिल्ली के राउज आईएएस कोचिंग सेंटर में तीन छात्रों की मौत के बाद प्रशासन ने अब जबरदस्त कार्रवाई की है। एमसीडी ने दिल्ली के कई कोचिंग सेंटर्स पर कार्रवाई करते हुए लगभग 20 कोचिंग सेंटर सील कर दिये हैं। ज्यादा जानकारी के लिये पढ़िये डाइनामाइट न्यूज की ये रिपोर्ट नई दिल्ली: दिल्ली के राउज आईएएस कोचिंग सेंटर में तीन छात्रों की मौत के बाद प्रशासन की ओर से अब लगातार कार्रवाई की जा रही है। मामला बढ़ता देख एमसीडी ने दिल्ली के कई कोचिंग सेंटर को लगातार सील करने की कार्रवाई की। बता दें कि दिल्ली में अब तक UPSC की तैयारी कराने वाले लगभग 20 कोचिंग सेंटरों के बेसमेंट सील हो चुके हैं। इसमें राउज आईएएस कोचिंग सेंटर के अलावा डॉक्टर दिव्याकृति का कोचिंग सेंटर दृष्टि आईएएस भी शामिल है। बताया जा रहा है कि एमसीडी ने ओझा सर के आईएएस कोचिंग को भी सील करने की कार्रवाई की है। एमसीडी ने बताया कि ये कोचिंग सेंटर नियमों का उल्लंघन कर बेसमेंट में चलाये जा रहे थे। बेसमेंट में पानी घुसने के कारण ही राउज आईएएस कोचिंग सेंटर में तीन छात्रों की मौत हुई थी। बता दें कि दिल्‍ली नगर निगम ने नियमों का उल्लंघन करने के मामले में 60 लाइब्रेरी और 8 कोचिंग संस्थानों को नोटिस भी दिया है। एमसीडी द्वारा रविवार और सोमवार को की गई कार्रवाई में यूपीएससी की तैयारी कराने वाले लगभग 20 कोचिंग सेंटर सील किये जा चुकै हैं। इसमें आईएएस गुरुकुल, प्लूटस अकादमी, आईएएस सेतु, टॉपर्स अकादमी, चहल अकादमी, करिअर पावर, दैनिक संवाद, सिविल्स डेली आईएएस, 99 नोट्स, विद्या गुरु, साई ट्रेडिंग, गाइडेंस आईएएस और ‘इजी फॉर आईएएस’, दृष्टि IAS, वाजी राम IAS इंस्टीट्यूट, वाजीराम और रवि इंस्टीट्यूट, श्रीराम IAS और वाजीराम और आईएएस हब इंस्टीट्यूट आदि के नाम शामिल हैं।

यूजीसी-नेट पेपर को लेकर सरकार के फैसले के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई से किया इंकार

सुप्रीम कोर्ट में यूजीसी की परीक्षा रद्द करने के सरकार के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर कोर्ट ने सुनवाई से इंकार कर दिया है। पढ़िये युवा डाइनामाइट की पूरी रिपोर्ट नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने कथित प्रश्नपत्र लीक के बाद यूजीसी-नेट परीक्षा रद्द करने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई करने से इनकार कर दिया। मामले को लेकर मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि जनहित याचिका को खारिज करना जनहित याचिका की योग्यता के आधार पर निर्णय नहीं है क्योंकि यह एक वकील द्वारा दायर किया गया था, न कि पीड़ित छात्रों द्वारा।

NEET PG Admit Card 2024: नीट पीजी की परीक्षा 11 अगस्त को निश्चत, जानिए कब मिलेगें एडमिट कार्ड

नीट पीजी की परीक्षा 11 अगस्त को निश्चत नई दिल्ली: MBBS करने के बाद स्टूडेंट्स मेडिकल की किसी फील्ड में स्पेशलाइजेशन करते हैं. इसके लिए नीट पीजी यानी नेशनल एलिजबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट पोस्ट-ग्रेजुएट परीक्षा देना जरूरी होता है. नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज यानी NBEMS इस परीक्षा का आयोजन करता है। 11 अगस्त को देशभर में नीट पीजी परीक्षा आयोजित की जाएगी। नीट पीजी परीक्षा 2024 के एडमिट 8 अगस्त को जारी कर दिए जाएंगे। डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार परीक्षा देश भर के 185 शहरों में आयोजित की जाएगीजानकारी के अनुसार 23 अगस्त को होने वाली नेशनल नीट पीजी परीक्षा का एडमिट कार्ड 8 अगस्त को आधिकारिक वेबसाइट nbe।edu।in पर जारी कर दिया जाएगा। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। 11 अगस्त को होने वाली परीक्षा पहले 23 जून को होनी थी लेकिन नीट यूजी (NEET-UG) को लेकर चल रहे विवादों के चलते परीक्षा की पारदर्शिता और सही ढंग से परीक्षा आयोजन कराने के क्रम में परीक्षा तिथि को स्थगित कर दिया गया था।ऐसे करें सकेंगे एडमिट कार्ड डाउनलोड- स्टेप-1- NBEMS का आधिकारिक वेबसाइट nbe।edu।in पर जाएं।2- दिए गए NEET PG 2024 लिंक पर क्लिक करें और अपना आईडी पासवर्ड डालें।3- डैशबोर्ड पर दिए गए “Admit Card” या “Download Admit Card” लिंक पर क्लिक करें।4- अगली स्क्रीन पर आप अपना एडमिट कार्ड देख सकेंगे।5- एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और आगे के लिए प्रिंटआउट संभाल कर रखें।

NEET PAPER LEAK:रांची के रिम्स से एक और पटना के एम्स से चार मेडिकल स्टूडेंट्स गिरफ्तार, अभी जांच जारी

नीट पेपर लीक मामले में सरकार एक्शन मूड़ में दिखाई दे रही है। इसी कड़ी में एक नया कदम उठाया गया है। पढ़िये युवा डाइनामाइट की पूरी रिपोर्ट NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले में सीबीआइ की जांच की आंच रांची के रिम्स तक पहुंच गयी है. सीबीआइ ने रांची रिम्स से एक और पटना एम्स से चार मेडिकल स्टूडेंट्स को गिरफ्तार किया है। रांची/पटना-नीट यूजी-2024 पेपर लीक मामले में सीबाआइ ने गुरुवार को रांची रिम्स से एक और पटना एम्स से चार मेडिकल स्टूडेंट्स को गिरफ्तार किया है. रिम्स से गिरफ्तार मेडिकल की छात्रा सुरभि कुमारी एमबीबीएस 2023 बैच के सेकेंड ईयर में पढ़ती है। वह रामगढ़ की रहनेवाली है। पटना एम्स से गिरफ्तार चार मेडिकल स्टूडेंट में थर्ड ईयर में पढ़नेवाले सिवान निवासी चंदन सिंह, पटना निवासी कुमार शानू, धनबाद निवासी राहुल आनंद और सेकेंड ईयर में पढ़नेवाला अररिया निवासी करण जैन शामिल हैं। इन चारों को सीबीआइ ने पूछताछ के लिए चार दिनों की रिमांड पर लिया है। आपको बताते चलें कि नीट पेपल लीक मामले को लेकर छात्रों के विरोध के बाद सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। सीबीआई मामले को लेकर लगातार नए खुलासे कर रही है।

हिंसा और अनुशासनहीनता के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगा JNU, 100 मीटर के दायरे में प्रदर्शन पर लगी रोक

JNU प्रशासन ने परिसर के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के प्रदर्शन, धरना या सामूहिक सभा पर प्रतिबंध लगा दिया है। ज्यादा जानकारी के लिए पढ़ें ये रिपोर्ट नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में अनुशासन व शांति बनाये रखने के लिए नये निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुये प्रशासनिक ब्लॉक के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन, धरना या सामूहिक सभाओं पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है। जेएनयू के रजिस्ट्रार ने नए सेमेस्टर की शुरुआत के मद्देनजर व छात्र संगठनों द्वारा आयोजित गतिविधियों को ध्यान में रखकर शांति और अनुशासन बनाने का अनुरोध किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक पत्र जारी कर अनुरोध किया है कि वे सभा में भाग लेते समय परिसर में शांति और अनुशासन बनाए रखें। जेएनयू प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार, प्रशासनिक ब्लॉक के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के प्रदर्शन, धरना या सामूहिक सभा पर प्रतिबंध है। प्रशासन ने यह भी बताया कि इस क्षेत्र में किसी भी अनधिकृत गतिविधि को सख्ती से रोका जाएगा। सभी संबंधित पक्षों को इस नियम का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई है। प्रशासन ने पत्र में कहा है कि परिसर में शांति और अनुशासन बनाये रखना सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने यह जाहिर किया कि यदि कोई अनाधिकृत गतिविधियों में लिप्त पाया जाए तो सुरक्षा शाखा को सूचित किया जाए। JNU प्रशासन ने बताया कि परिसर में किसी भी प्रकार की हिंसा या अनुशासनहीनता के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

Trending Topic: IGNOU ने बढ़ाई एग्जाम फॉर्म भरने की डेट, पढ़ें पूरी डीटेल

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए एक अच्छी खबर आई है, IGNOU ने परीक्षा फार्म भरने की तारीख को बढ़ा दिया है। नई दिल्ली: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) ने टर्म एंड एग्जाम के फार्म भरने की तारीख को बढ़ा दिया है। IGNOU ने ये दूसरी बार परीक्षा फार्म भरने की डेट को बढ़ाया है। IGNOU की वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक लखनऊ डा. मनोरमा सिंहक द्वारा जारी किए गए निर्देश के अनुसार अब छात्र 10 नवंबर रात 12 बजे तक बिना लेट फीस अपना एग्जाम फार्म भर सकते हैं। 10 नवंबर के बाद छात्रों को एग्जाम फार्म भरने के लिए लेट फीस के रूप में 200 रुपये प्रति कोर्स देना होगा। इस संबंध में इग्नू की वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक लखनऊ डा. मनोरमा सिंह ने निर्देश जारी किए हैं। बता दें कि IGNOU की सत्रांत परीक्षाएं 2 दिसंबर से 5 जनवरी तक चलेंगी।

Trending Topic: यूपी की इस यूनिवर्सिटी के कुलपति भ्रष्टाचार का आरोप, मुकदमा दर्ज, एक गिरफ्तार, जानें पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के इस प्रतिष्ठित विश्वविद्याल कुलपति पर भ्रष्टाचार से गंभीर आरोप लगे हैं। कुलपति पर बिलों के भुगतान के बदले कमीशन लेने का आरोप है। जानिए पूरा मामला लखनऊ: छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति पर भ्रष्टाचार से गंभीर आरोप लगे हैं। कुलपति पर बिलों के भुगतान के बदले कमीशन लेने का आरोप है। विश्वविद्यालय के कुलपति का नाम प्रोफ़ेसर विनय पाठक है। विनय पाठक पर भ्रष्टाचार के ये गंभीर आरोप कई यूनिवर्सिटी में परीक्षा संचालन का जिम्मा संभालने वाली कंपनी डीजीटेक्स टेक्नोलॉजी इंडिया के एमडी डेविड मारियो डेविस ने लगाये हैं। शनिवार को लखनऊ के इंदिरानगर थाने में डेविड मारियो ने प्रोफेसर विनय पाठक समेत दो लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई। FIR में डेविस ने प्रोफेसर पर आरोप लगाया है कि डॉ भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी आगरा के कुलपति रहने के दौरान विनय पाठक ने बिलों के भुगतान करने के एवज में उनसे 15 फीसदी कमीशन की मांगा है। जब उन्होंने कमीशन देने ने मना किया तो प्रोफेसर ने कॉट्रेक्ट खत्म करने की धमकी दी। अपने FIR डेविड ने ये भी बताया कि उन्होंने प्रोफेसर को कमीशन के रूप में अब तक 1.41 करोड़ रुपये भी दिए हैं। ये पैसे प्रोफेसर ने खुर्रमनगर निवासी एक्सेल आईसीटी कंपनी के मालिक अजय मिश्रा के माध्यम से लिये। इतना ही नहीं डेविड ने अपनी शिकायत में भी कहा कि साल 2022-23 के कॉन्ट्रेक्ट करवाने के बदले भी कमीशन की मांग की थी। जब डेविड ने उसकी ये मांग पूरी नहीं कि तो उसने ये कॉन्ट्रेक्ट अजय मिश्रा को दे दिया। मुकदमा दर्ज होने के बाद इस मामले की जांच यूपी एसटीएफ को सौंप दी गई। एसटीएफ ने इस मामले में एक निजी कंपनी के मालिक अजय मिश्रा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि अभी तक इस मामले को लेकर कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक की ओर से कोई जवाब सामने नहीं आया है।

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