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SBI Clerk Mains admit card 2021: एसबीआई क्लर्क मेन्स एग्जाम के एडमिट कार्ड जारी, जानिए कैसे करें डायरेक्ट डाउनलोड

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से क्लर्क भर्ती की मेंस परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी कर दिया गया है। यहां जानिए किस तरह आप डायरेक्ट अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। नई दिल्लीः स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) क्लर्क भर्ती प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट जारी करने के बाद मेन्स एग्जाम के एडमिट कार्ड भी जारी कर दिए हैं। अगर आपने भी प्रीलिम्स परीक्षा पास की है तो आप आधिकारिक वेबसाइट ibpsonline.ibps.in पर विजिट करके अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। एसबीआई क्लर्क मेंस परीक्षा 1 और 17 अक्टूबर का आयोजित होगी। एसबीआई क्लर्क मुख्य परीक्षा में सामान्य/ फाइनेंशियल अवेयरनेस, सामान्य अंग्रेजी, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड और रिजनिंग एबेलिटी और कम्प्यूटर एप्टीट्यूड से संबंधित सवाल पूछे जाएंगे। इस भर्ती परीक्षा के जरिए एसबीआई में क्लर्क (जूनियर एसोसिएट) के 5000 पदों पर भर्ती होगी।

NEET SS 2021 : जानिए कब होगी नीट एसएस परीक्षा, यहां देखें पूरा शेड्यूल

नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा सुपर स्पेशलिटी 2021 की डेट्स जारी कर दी हैं। यहां जानिए पूरा शेड्यूल। नई दिल्लीः नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन ने NEET SS की तारीखों की घोषणा कर दी है। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा सुपर स्पेशियलिटी डीएम / एमसीएच पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एकल प्रवेश परीक्षा के रूप में आयोजित की जाती है। नीट एसएस परीक्षा का आयोजन विभिन्न ग्रुप्स के लिए 13 नवंबर और 14 नवंबर को किया जाएगा। इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया एनबीई की आधिकारिक वेबसाइट natboard.edu.in पर 14 सितंबर से शुरू होगी। रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 4 अक्टूबर 2021 है। एप्लीकेशन फॉर्म में करेक्शन विंडो 8 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक खुली रहेगी। बोर्ड परीक्षा के एडमिट कार्ड 5 नवंबर को जारी करेगा। परीक्षा दो शिफ्टों में आयोजित होगी। सुबह की शिफ्ट की परीक्षा 9 बजे से 11.30 बजे तक होगी जबकि दूसरी शिफ्ट की परीक्षा दोपहर 2 बजे से साढ़े 4 बजे तक होगी। 14 नवंबर को केवल एक शिफ्ट ( 3 बजे से 5.30 बजे तक ) में परीक्षा होगी।

Trending Topic: गोरखपुर में 2000 युवकों को मिलेगी नौकरी, ये बड़ी कंपनी करने वाली है 700 करोड़ का निवेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में 700 करोड़ रूपये के निवेश से नया संयंत्र खुलने जा रहा है, जिससे यहां के लगभग 2000 लोगों को नौकरियां मिलेगी। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज की पूरी रिपोर्ट गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर में दिग्गज कंपनी आदित्य बिरला ग्रुप 700 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। इस निवेश के जरिये कंपनी गोरखपुर औद्योगिक इकाई क्षेत्र (गीड़ा) में पेंट का कारखाना लगाएगी। कहा जा रहा है कि इस पेंट कारखाने के लिये आदित्य बिरला ग्रुप को 70 से 80 एकड़ जमीन की जरूरत है और गीडा अधिकारियों ने इसके लिये कंपनी को भीटी रावत क्षेत्र में जमीन देने की घोषणा की है। आदित्य बिरला ग्रुप के इस भारी भरकम निवेश और औद्योगिक संयंत्र से से 2000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही कई अप्रत्यक्ष रोजगार भी इस कंपनी के जरिये पैदा किये जाएंगे। गोरखपुर में नये औद्योगिक संयंत्र की स्थापना से आसपास के लोगों को बड़ी संख्या में रोजगार मिलने की संभावना जतायी जा रही है।    जानकारी के मुताबिक इस पेंट कारखाने के सिलसिले में आदित्य बिरला ग्रुप की टीम फरवरी माह में ही गोरखपुर आई थी। कंपनी ने तब गोरखपुर के जिलाधिकारी के विजयेंद्र पांडियन और गीडा के तत्कालीन सीईओ संजीव रंजन से मिलकर पेंट की फैक्ट्री लगाने का प्रस्ताव शासन को दिया था। इसके साथ ही भारी भरकम निवेश की भी घोषणा की गई थी। कहा जा रहा है कि प्रशासन ने कंपनी के इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। पिछले महीने यह आदित्य बिरला ग्रुप की टीम पूरे प्रोजेक्ट के साथ गोरखपुर पहुंची थी जिसमें निवेश की राशि और अन्य मुद्दों पर बात की गई। कंपनी ने प्रशासन को अपना प्रोजेक्ट का पूरा प्रस्ताव भी दिया। अब गीडा अधिकारियों ने इन्हें भीटी रावत क्षेत्र में जमीन देने की बात की है और भरोसा भी दे दिया है। इस प्रोजेक्ट के बारे में गीडा के नए सीईओ पवन अग्रवाल का कहना है कि ग्रुप को जो भी जमीन चाहिए हमने दिखा दी है और इनको जितनी जमीन चाहिए उपलब्ध करा दी जाएगी। 

Trending Topic: नीट एमडीएस में काउंसलिंग में देरी पर सुप्रिम कोर्ट ने दिखाई सख्ती, दिए ये जरूरी निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने नीट एमडीएस दाखिले के लिए काउंसलिंग आयोजित करने में देरी पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए जरूरी निर्देश दिए हैं। नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने डेंटल ग्रेजुएट छात्रों की NEET MDS 2021 की काउंसलिंग में देरी करने को लेकर केंद्र सरकार को फटकार लगाई है। काउंसलिंग में देरी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार एक हफ्ते के अंदर काउंसलिंग की तारीख तय करे। डेंटल ग्रेजुएट छात्रों ने जल्द काउंसलिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। बेंच ने कहा कि यह भारत का नुकसान है कि सरकार पीजी के छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी नहीं करने दे रही है। पिछले साल 16 दिसंबर को नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (एनबीई) द्वारा डेंटल में मास्टर सर्जरी कोर्स (MDS) में प्रवेश के लिए आयोजित की गई थी। परीक्षा के परिणाम 31 दिसंबर,2020 को ही घोषित किए जा चुके हैं। अर्जी में कहा गया है, ”हालांकि, 31.12.2020 को परिणाम घोषित होने के बाद, आज तक यानी 23.06.2021 तक, काउंसलिंग के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

Trending Topic: UPSSSC की ओर से जूनियर इंजीनियर परीक्षा में बीटेक वालों को भी मौका देने के लिए अभ्यर्थियों ने उठाई मांग, जानिए वजह

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित जूनियर इंजीनियर भर्ती परीक्षा में बीटेक की डिग्री वालों को मौका नहीं दिए जानें पर कुछ अभ्यर्थियों ने एग्जाम रद्द करने की मांग की है। नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित जूनियर इंजीनियर भर्ती परीक्षा में डिप्लोमा वालों को तो शामिल होने का अवसर मिला, लेकिन बीटेक की डिग्री हासिल करने वालों को इस भर्ती में शामिल होने का मौका नहीं दिया गया है। बीटेक डिग्री धारकों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए मांग की है कि जूनियर इंजीनियर परीक्षा 2016 और 2018 को स्थगित या रद्द किया जाए। बीटेक अभ्यर्थियों ने भर्ती में भेदभाव का आरोप लगाया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए गुहार लगाई है। 10 लाख से अधिक बीटेके डिग्रीधारी यूपी में हैं बेरोजगार। प्रतियोगी छात्रों ने मुख्य मंत्री को भेजे गए पत्र में लिखा है कि सर्वोच्च न्यायालय ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए एक अहम फैसले में कहा कि उच्च शिक्षा या योग्यता को नौकरी पाने के लिए अवगुण या दोष नहीं माना जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने जेई पदों के लिए बीटेक डिग्री धारकों को शामिल करने के आदेश के साथ यही भी उल्लेख किया है कि जेई पदों के लिए डिग्री धारकों को बाहर निकालने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि जेई पदोन्नति के बाद 50 फीसदी एई के पदों पर नियुक्त होते हैं, जिसके लिए डिग्रीधारी होना आवश्यक है।

CBSE 2021: सीबीएसई के पाठ्यक्रमों में हुआ बदलाव, अब पढ़ाया जाएगा यह नया विषय

सीबीएसई ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अपने पाठ्क्रम में कुछ बदलाव किए हैं। जिसके तहत अब कुछ नए विषय पढ़ाए जाएंगे। नई दिल्लीः राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सीबीएसई ने कक्षा छठवीं से लेकर बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए नए विषय के रूप में कोडिंग और डेटा साइंस को करिकुलम में जोड़ा है। यह जानकारी शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने अपने ट्विटर के माध्यम से साझा की है। शिक्षा मंत्री ने लिखा है कि हमने एनईपी 2020 के तहत स्कूलों में कोडिंग और डेटा साइंस शुरू करने का वादा किया है। आज, मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि सीबीएसई ने वर्ष 2021 के सत्र में ही वादे को पूरा किया। माइक्रोसॉफ्ट के सहयोग से सीबीएसई भारत की भावी पीढ़ियों को नए जमाने के कौशल के साथ सशक्त बना रहा है। कोडिंग और डेटा साइंस जैसे विषय छात्रों और शिक्षकों को डिजिटल की दुनिया में आगे बढ़ने में मदद करेंगे।

UP Board Exam Cancellation: यूपी में भी रद्द हुई 12वीं की परीक्षा, कोरोना संकट के बीच यूपी सरकार का फैसला

कोरोना के मद्देनजर सीबीएसई बोर्ड की तर्ज पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की 12वीं की परीक्षा भी रद्द कर दी है। लखनऊः सीबीएसई और आईसीएसई की 12वीं की परीक्षा कैंसिल करने के बाद कई राज्यों ने भी 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं रद्द कर दी है। आज यूपी बोर्ड ने भी 12वीं बोर्ड की परीक्षा रद्द कर दी है। सीएम योगी ने ट्वीट कर कहा- कोविड महामारी की वर्तमान परिस्थितियों के दृष्टिगत बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि वर्तमान शैक्षिक सत्र में माध्यमिक शिक्षा परिषद की 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा का आयोजन नहीं किया जाएगा। सरकार ने फिलहाल ऐलान किया है कि हाई स्कूल के फॉर्म्युले पर ही इंटरमीडिए़ड बोर्ड के परीक्षार्थियों को नंबर दिए जाएंगे। मतलब परीक्षार्थियों को जिस तरह से 11वीं में नंबर मिले हैं, उसी आधार पर इंटर का भी रिजल्ट तैयार किया जाएगा।

MP Board 12th Exam 2021 : सीबीएसई के बाद अब एमपी बोर्ड 12वीं परीक्षा भी रद्द, जानिए ताजा अपडेट

सीबीएसई बोर्ड के बाद अब मध्य प्रदेश बोर्ड कक्षा 12 की परीक्षा रद्द कर दी गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसके निर्देश दिए हैं। भोपालः मध्य प्रदेश बोर्ड की 12वीं की परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। राज्य के मुख्यमंत्री ने इस बारे अब से थोड़ी ही देर पहले सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी है। बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने सीबीएसई की 12वीं बोर्ड परीक्षा को कैंसिल करने का फैसला लिया था। जिसके बाद अब मध्य प्रदेश बोर्ड ने भी ये फैसला लिया है। शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा, ‘मध्यप्रदेश में 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं इस वर्ष अयोजित नहीं की जाएंगी। बच्चों की ज़िंदगी हमारे लिए अनमोल है। करियर की चिंता हमलोग बाद में कर लेंगे। बच्चों पर जिस समय कोविड-19 महामारी का बोझ है, उस समय हम उन पर परीक्षाओं का मानसिक बोझ नहीं डाल सकते! इसकी जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि 12 वीं बोर्ड के रिजल्ट किस प्रकार आएंगे इसके लिए मंत्रियों का एक समूह बना दिया गया है जो विशेषज्ञों से बात कर रिजल्ट का तरीका तय करेगा। उन्होंने आगे कहा कि अगर 12वीं का कोई बच्चा बेहतर परिणाम या सुधार के लिए परीक्षा देना चाहेगा तो उसके लिए विकल्प खुला रहेगा। यानी की परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट छात्र परीक्षा दे सकेंगे।

CBSE Board Exam: एग्जाम कैंसिल होने के बाद कैसे होंगे एडमिशन, जानिए क्या है डीयू का फॉर्मूला

सीबीएसई और कुछ राज्य बोर्ड द्वारा 12वीं के बोर्ड एग्जाम कैंसिल कर दिए गए हैं। इसके बाद हर किसी के मन में यहीं सवाल है कि कॉलेज में एडमिशन कैसे होंगे। जानिए इसके लिए क्या है DU की प्लानिंग। नई दिल्लीः CBSE बोर्ड समेत कुछ अन्य बोर्ड्स ने अपनी 12वीं की परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है। इस फैसले के बाद एडमिश को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। इस बीच DU ने अपनी प्लानिंग बताई है। दिल्ली यूनिवर्सिटी का कहना है कि इस बार भी उनकी यूनिवर्सिटी में मेरिट के आधार पर ही एडमिशन किए जाएंगे। यानी एंट्रेस एग्जाम के ऑप्शन के बारे में नहीं सोचा जाएगा। दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक्टिंग वाइस चांसलर ने कहा है कि अब मेरिट को ही आधार माना जाएगा। अगर जेएनयू जैसे विश्वविद्यालय की बात करें तो यहां पर एंट्रेस एग्जाम के जरिए ही एडमिशन होता है। लेकिन जब माहौल ठीक होगा तब एंट्रेस एग्जाम करवाया जाएगा। अगर ये देरी से होता है या बच्चों का एडमिशन देरी से होता है तो अकादमिक ईयर को उस तरह एडजस्ट किया जाएगा।

UP Board 12th Exam 2021: 12वीं की बोर्ड परीक्षा में होंगे कई बदलाव, जानें कब होंगे एग्जाम

उत्‍तर प्रदेश बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में इस बार कोरोना के कारण कुछ खास और नए बदलाव देखने को मिलने वाले हैं। राज्य शिक्षा मंत्री ने इसकी घोषणा की है। लखनऊः उत्‍तर प्रदेश के शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा ने आज 29 मई को जानकारी दी है परीक्षा के पैटर्न में भी बदलाव किया जाएगा। इस साल लाखों स्टूडेंट्स को नए पैटर्न के हिसाब से परीक्षा देनी होगी। शिक्षामंत्री के अनुसार, परीक्षा 3 घंटे के बजाय केवल डेढ़ घंटे यानी 90 मिनट की होगी। परीक्षा में कुल 10 प्रश्‍न पूछे जाएंगे जिसमें से 3 के जबाव देने होंगे। शिक्षा विभाग कोरोना महामारी की स्थिति का जायज़ा लेने के बाद बोर्ड परीक्षाओं की डेट्स पर कोई फैसला लेगा। उन्‍होंने कहा कि यदि परिस्थितियां सुधरती हैं तो जुलाई के तीसरे सप्‍ताह में ऑफलाइन परीक्षाएं आयोजित की जा सकती हैं। लगभग 27 लाख छात्र इस वर्ष यूपी बोर्ड 12वीं की परीक्षा में शामिल होने वाले हैं जिन्‍हें अब नये पैटर्न के अनुसार परीक्षा देनी होगी।

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