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CBSE 2021: सीबीएसई के पाठ्यक्रमों में हुआ बदलाव, अब पढ़ाया जाएगा यह नया विषय

सीबीएसई ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अपने पाठ्क्रम में कुछ बदलाव किए हैं। जिसके तहत अब कुछ नए विषय पढ़ाए जाएंगे। नई दिल्लीः राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सीबीएसई ने कक्षा छठवीं से लेकर बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए नए विषय के रूप में कोडिंग और डेटा साइंस को करिकुलम में जोड़ा है। यह जानकारी शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने अपने ट्विटर के माध्यम से साझा की है। शिक्षा मंत्री ने लिखा है कि हमने एनईपी 2020 के तहत स्कूलों में कोडिंग और डेटा साइंस शुरू करने का वादा किया है। आज, मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि सीबीएसई ने वर्ष 2021 के सत्र में ही वादे को पूरा किया। माइक्रोसॉफ्ट के सहयोग से सीबीएसई भारत की भावी पीढ़ियों को नए जमाने के कौशल के साथ सशक्त बना रहा है। कोडिंग और डेटा साइंस जैसे विषय छात्रों और शिक्षकों को डिजिटल की दुनिया में आगे बढ़ने में मदद करेंगे।

UP Board Exam Cancellation: यूपी में भी रद्द हुई 12वीं की परीक्षा, कोरोना संकट के बीच यूपी सरकार का फैसला

कोरोना के मद्देनजर सीबीएसई बोर्ड की तर्ज पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की 12वीं की परीक्षा भी रद्द कर दी है। लखनऊः सीबीएसई और आईसीएसई की 12वीं की परीक्षा कैंसिल करने के बाद कई राज्यों ने भी 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं रद्द कर दी है। आज यूपी बोर्ड ने भी 12वीं बोर्ड की परीक्षा रद्द कर दी है। सीएम योगी ने ट्वीट कर कहा- कोविड महामारी की वर्तमान परिस्थितियों के दृष्टिगत बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि वर्तमान शैक्षिक सत्र में माध्यमिक शिक्षा परिषद की 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा का आयोजन नहीं किया जाएगा। सरकार ने फिलहाल ऐलान किया है कि हाई स्कूल के फॉर्म्युले पर ही इंटरमीडिए़ड बोर्ड के परीक्षार्थियों को नंबर दिए जाएंगे। मतलब परीक्षार्थियों को जिस तरह से 11वीं में नंबर मिले हैं, उसी आधार पर इंटर का भी रिजल्ट तैयार किया जाएगा।

MP Board 12th Exam 2021 : सीबीएसई के बाद अब एमपी बोर्ड 12वीं परीक्षा भी रद्द, जानिए ताजा अपडेट

सीबीएसई बोर्ड के बाद अब मध्य प्रदेश बोर्ड कक्षा 12 की परीक्षा रद्द कर दी गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसके निर्देश दिए हैं। भोपालः मध्य प्रदेश बोर्ड की 12वीं की परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। राज्य के मुख्यमंत्री ने इस बारे अब से थोड़ी ही देर पहले सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी है। बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने सीबीएसई की 12वीं बोर्ड परीक्षा को कैंसिल करने का फैसला लिया था। जिसके बाद अब मध्य प्रदेश बोर्ड ने भी ये फैसला लिया है। शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा, ‘मध्यप्रदेश में 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं इस वर्ष अयोजित नहीं की जाएंगी। बच्चों की ज़िंदगी हमारे लिए अनमोल है। करियर की चिंता हमलोग बाद में कर लेंगे। बच्चों पर जिस समय कोविड-19 महामारी का बोझ है, उस समय हम उन पर परीक्षाओं का मानसिक बोझ नहीं डाल सकते! इसकी जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि 12 वीं बोर्ड के रिजल्ट किस प्रकार आएंगे इसके लिए मंत्रियों का एक समूह बना दिया गया है जो विशेषज्ञों से बात कर रिजल्ट का तरीका तय करेगा। उन्होंने आगे कहा कि अगर 12वीं का कोई बच्चा बेहतर परिणाम या सुधार के लिए परीक्षा देना चाहेगा तो उसके लिए विकल्प खुला रहेगा। यानी की परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट छात्र परीक्षा दे सकेंगे।

CBSE Board Exam: एग्जाम कैंसिल होने के बाद कैसे होंगे एडमिशन, जानिए क्या है डीयू का फॉर्मूला

सीबीएसई और कुछ राज्य बोर्ड द्वारा 12वीं के बोर्ड एग्जाम कैंसिल कर दिए गए हैं। इसके बाद हर किसी के मन में यहीं सवाल है कि कॉलेज में एडमिशन कैसे होंगे। जानिए इसके लिए क्या है DU की प्लानिंग। नई दिल्लीः CBSE बोर्ड समेत कुछ अन्य बोर्ड्स ने अपनी 12वीं की परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है। इस फैसले के बाद एडमिश को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। इस बीच DU ने अपनी प्लानिंग बताई है। दिल्ली यूनिवर्सिटी का कहना है कि इस बार भी उनकी यूनिवर्सिटी में मेरिट के आधार पर ही एडमिशन किए जाएंगे। यानी एंट्रेस एग्जाम के ऑप्शन के बारे में नहीं सोचा जाएगा। दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक्टिंग वाइस चांसलर ने कहा है कि अब मेरिट को ही आधार माना जाएगा। अगर जेएनयू जैसे विश्वविद्यालय की बात करें तो यहां पर एंट्रेस एग्जाम के जरिए ही एडमिशन होता है। लेकिन जब माहौल ठीक होगा तब एंट्रेस एग्जाम करवाया जाएगा। अगर ये देरी से होता है या बच्चों का एडमिशन देरी से होता है तो अकादमिक ईयर को उस तरह एडजस्ट किया जाएगा।

UP Board 12th Exam 2021: 12वीं की बोर्ड परीक्षा में होंगे कई बदलाव, जानें कब होंगे एग्जाम

उत्‍तर प्रदेश बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में इस बार कोरोना के कारण कुछ खास और नए बदलाव देखने को मिलने वाले हैं। राज्य शिक्षा मंत्री ने इसकी घोषणा की है। लखनऊः उत्‍तर प्रदेश के शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा ने आज 29 मई को जानकारी दी है परीक्षा के पैटर्न में भी बदलाव किया जाएगा। इस साल लाखों स्टूडेंट्स को नए पैटर्न के हिसाब से परीक्षा देनी होगी। शिक्षामंत्री के अनुसार, परीक्षा 3 घंटे के बजाय केवल डेढ़ घंटे यानी 90 मिनट की होगी। परीक्षा में कुल 10 प्रश्‍न पूछे जाएंगे जिसमें से 3 के जबाव देने होंगे। शिक्षा विभाग कोरोना महामारी की स्थिति का जायज़ा लेने के बाद बोर्ड परीक्षाओं की डेट्स पर कोई फैसला लेगा। उन्‍होंने कहा कि यदि परिस्थितियां सुधरती हैं तो जुलाई के तीसरे सप्‍ताह में ऑफलाइन परीक्षाएं आयोजित की जा सकती हैं। लगभग 27 लाख छात्र इस वर्ष यूपी बोर्ड 12वीं की परीक्षा में शामिल होने वाले हैं जिन्‍हें अब नये पैटर्न के अनुसार परीक्षा देनी होगी।

Trending Topic: सीबीएसई 12वीं बोर्ड एग्जाम रद्द होंगे या नहीं? सोमवार को होगा अब फैसला

कक्षा बारहवीं बोर्ड परीक्षा को रद्द करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई को टाल दिया गया है। इसका फैसला अब सोमवार को किया जाएगा। नई दिल्लीः देश में 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से चर्चा जारी है। कई लोग परीक्षाएं रद्द करने की मांग कर रहे हैं। सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा के एग्जाम रद्द होंगे या नहीं? इसका फैसला अब सोमवार को किया जाएगा। आपको बता दें की देश में कोरोना लहर को कारण सीबीएसई की 10वीं की परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। एडवोकेट ममता शर्मा ने केंद्र, सीबीएसई और काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) को सीबीएसई और आईसीएसई कक्षा 12वीं की परीक्षाओं को रद्द करने का निर्देश देने की मांग की थी। इस याचिका के बाद सीबीएसई कक्षा 12वीं की परीक्षा रद्द करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन और दायर किया गया है। सीबीएसई 12वीं परीक्षाओं को लेकर 300 छात्र भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना को पत्र लिखकर कर परीक्षाएं रुकवाने की मांग कर चुके हैं। छात्रों ने मुख्य न्यायाधीश से यह भी मांग की वह केंद्र सरकार को इस संबंध में निर्देश दे कि वैकल्पिक असेसमेंट योजना उपलब्ध कराई जाए।

ज्वलंत मुद्दा: धांधली के कारण एक और अहम भर्ती परीक्षा रद्द, लाखों युवा अभ्यर्थी का करियर प्रभावित

उत्तर प्रदेश में कथित धांधली को लेकर बीते वर्षों में अब तक कई परीक्षाएं रद्द हो चुकी है। इसी क्रम में अब एक परीक्षा रद्द कर दी गई है, जिसके कारण राज्य के 9.50 लाख युवा उम्मीदवारों का करियर प्रभावित हो गया है। लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के कारण बीते वर्षों में कई परीक्षाएं रद्द की जा चुकी है। इसी क्रम में अब एक और भर्ती परीक्षा धांधली की भेंट चढ़ गई है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित की गई ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी सहित 1953 पदों की भर्ती परीक्षा को धांधली के कारण रद्द कर दिया गया है। परीक्षा के रद्द होने के कारण इसमें शामिल हुए 9.50 लाख युवा अभ्यर्थियों का करियर प्रभावति हो गया है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने साल 2018 में ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी और समाज कल्याण पर्यवेक्षक के 1953 पदों पर भर्ती निकाली थी। इस परीक्षा के लिये लगभग 14 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिसमें में लगभग 9.50 लाख अभ्यर्थी इस परीक्षा मैं शामिल हुए थे। राज्य भर में 16 जिलों के 572 केंद्रों पर आयोजित की गई इस परीक्षा का परिणाम डेढ़ वर्ष पहले ही जारी हो चुका था। लेकिन अब इसमें धांधली उजागर हुई है, जिसके बाद परीक्षा को निरस्त कर दिया गया है। एसआईटी की प्रारंभिक जांच में इस परीक्षा में धांधली पाई गई, जिसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया। एसआईटी द्वारा मामले की जांच जारी है। इसके साथ ही आयोग ने भविष्य में होने वाली तीन और परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित करने का फैसला लिया है।  बता दें कि आयोग द्वारा 30 मई 2018 को इस भर्ती परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी किया था। आवेदन की आखिरी तारीख 29 जून 2018 निर्धारित की गई थी। 14 लाख उम्मीदवारों वाली इस भर्ती परीक्षा में जनरल वर्ग के लिए 1056 सीटें, ओबीसी वर्ग के लिए- 484 सीटें और एससी वर्ग के लिए- 386 सीटें आरक्षित थी। परीक्षा रद्द होने के साथ 9.50 लाख युवा प्रभावित हो गये हैं।   

SC Verdict on UPSC 2021: सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में उम्र पार कर चुके प्रत्याशियों को लगा बड़ा झटका, जानें पूरी डिटेल

यूपीएससी 2020 की परीक्षा देने के अंतिम मौके से चूकने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को छात्रों को एक बड़ा झटका दिया है। पढ़ें पूरी खबर डाइनामाइट न्यूज़ पर नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में आयु वर्जित होने वाले प्रत्याशियों को आज कोर्ट से बड़ा झटका मिला है। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे प्रत्याशियों को अतिरिक्त मौका देने से इनकार कर किया है। बुधवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने UPSC सिविल सर्विसेज प्रीलिम्स 2021 के एक्सट्रा अटेम्‍प्‍ट के मामले में आयुसीमा पार करने वाले प्रत्याशियों को राहत नहीं दी है। अदालत का ये फैसला 2000 से ज्यादा प्रत्याशियों के लिए एक बड़ा झटका है। ऐसे प्रत्याशियों का कोरोना के चलते साल 2020 में अंतिम प्रयास पूरा हो चुका था। अदालत ने यह माना कि परीक्षा की तैयारी के लिए सभी को पर्याप्‍त समय मिला है और यदि एक्‍स्‍ट्रा अटेम्‍प्‍ट के लिए ऐज रिलेक्‍शेसन दिया जाता है तो यह अन्‍य स्‍टूडेंट्स के साथ अन्‍याय होगा। इसके बाद आगे भी छात्र इस फैसले का हवाला देकर ऐज रिलेक्‍शन की मांग कर सकते हैं जिसका कोई अंत नहीं निकलेगा। बता दें कि याचिकाकर्ताओं ने उच्चतम न्यायालय से गुहार लगाई थी कि वह कोविड-19 महामारी की वजह से उत्पन्न व्यवधानों के कारण यूपीएससी सीएसई प्रीलिम्स 2020 में उपस्थित नहीं हो पाए। इसके बदले उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा प्रीलिम्स 2021 के लिए अतिरिक्त प्रयास देने की मांग की थी।

Trending Topic: जानिये Twitter के इस नये ट्रेंड के बारे में, ‘बहाना नहीं बहाली चाहिए’ हो रहा ट्रेंड क्यों है चर्चा में

माइक्रो ब्लॉगिंग साइट Twitter पर रविवार दोपहर से ‘बहाना नहीं बहाली चाहिए’ लगातार ट्रेंड हो रहा है, अब तक बड़ी संख्या में इस हैशटेग पर Tweet हो चुके हैं। डाइनामाइट न्यूज रिपोर्ट में जानिये इस ट्रेंड के बारे में नई दिल्ली: माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर आज दोपहर बाद से ‘बहाना नहीं बहाली चाहिए’ लगातार ट्रेंड हो रहा है। खबर लिखे जाने के वक्त तक इस हैश टैग पर एक लाख से अधिक ट्विट किये जा चुके थे। ‘बहाना नहीं बहाली चाहिए’ हैश टैग पर ट्विट करने वालों में अधिकतर युवा है, जो देश में बढ़ती बेरोजगारी की समस्या पर सरकार का ध्यान आकर्षित करा रहे हैं। युवाओं के संगठन ‘युवा हल्ला बोल’ द्वारा ट्विटर पर चलाये जा रहे इस हैशटैग पर देश भर के युवा यूजर्स सरकार पर तंज भी कस रहे हैं। उनका कहना है कि विभिन्न राज्यों में खाली पड़े लाखों शिक्षकों समेत तमाम सरकारी पदों पर योग्य और शिक्षित युवाओं को तुरंत बहाल करना चाहिये और इसके लिये सरकार को अब किसी तरह का बहाना नहीं बनाना चाहिये। डाइनामाइट न्यूज़ से बातचीत में ‘युवा हल्ला बोल’ से जुड़े गोविंद मिश्रा का कहना है कि यूपी-बिहार समेत उत्तर भारत के लगभग सभी राज्यों में पिछले चार सालों से कई सरकारी पद खाली है। यूपीपीएससी समेत कई विभागों से संबंधित सरकारी नियुक्तियों के लिये या तो परीक्षाएं आयोजित नहीं की जा रही हैं या फिर ये पद विभिन्न कारणों से खाली है। इसी तरह शिक्षकों के भी लाखों पद है, जिन पर सरकार नियुक्तियां नहीं कर रही है। गोविंद मिश्रा का कहना है कि सरकारी पदों पर नियुक्तियां न होने के कारण लाखों की तादाद में युवाओं के बीच बेरोजगारी बढ़ती जा रही है।

UPSC Prelims 2021 Notification: नोटिफिकेशन के इंतजार के बीच आई यूपीएससी से जुड़ी ये बड़ी खबर

यूपीएससी प्रिलिम्स 2021 नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए एक बड़ी खबर आई है। IAS और IFS प्रिलिम्स के लिए यूपीएससी ने ये अपडेट दिया है। नई दिल्लीः यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2021 के नोटिफिकेशन के इंतजार के बीच आयोग ने एक खास अपडेट दिया है। आयोग द्वारा आज, 10 फरवरी 2021 को ऑफिशियल वेबसाइट, upsc.gov.in पर जारी अपडेट के मुताबिक यूपीएससी 2021 नोटिफेकिशन जल्द ही जारी किया जाएगा। माना जा रहा है कि सर्वोच्च न्यायालय में पिछले वर्ष की परीक्षा देने से कोविड-19 के कारण वंचित रह गए अंतिम अवसर वाले उम्मीदवारों को एक और अवसर दिये जाने की चल रही सुनवाई के मद्देनजर संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आज जारी होने वाली अधिसूचना को फिलहाल रोका गया है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2021 और भारतीय वन सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2021 की संयुक्त अधिसूचना आज, 10 फरवरी 2021 को जारी होने वाली थी। इस बीच यूपीएससी ने एक और बात क्लीयर कर दी है। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2021 का आयोजन पूर्व निर्धारित तिथि 27 जून 2021 को ही होगा।

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