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Courses After Retirement: रिटायरमेंट के बाद भी कमाई का रास्ता खुला है, ये कोर्स बदल सकते हैं जिंदगी की दूसरी पारी

रिटायरमेंट के बाद भी कर सकते हैं ये कोर्स (Img: AI Generated Image)

New Delhi: रिटायरमेंट (Courses After Retirement) को अक्सर नौकरी और जिम्मेदारियों से पूरी तरह दूरी बनाने का समय माना जाता है। लेकिन आज तस्वीर तेजी से बदल रही है। 60 साल की उम्र के बाद भी कई लोग अपने अनुभव और हुनर का इस्तेमाल करके काम करना पसंद कर रहे हैं। खास बात यह है कि इसके लिए हमेशा फुल टाइम नौकरी की जरूरत नहीं होती। पार्ट-टाइम काम, फ्रीलांस प्रोजेक्ट और कंसल्टेंसी जैसे विकल्प भी मौजूद हैं।

रिटायरमेंट के बाद कोई नया कोर्स करना सिर्फ कमाई का जरिया नहीं, बल्कि खुद को व्यस्त और अपडेट रखने का तरीका भी बन सकता है। ऐसे में अपनी पुरानी नौकरी के अनुभव से जुड़े क्षेत्र को चुनना काफी फायदेमंद हो सकता है।

डिजिटल मार्केटिंग सीखकर शुरू करें नई पारी (Courses After Retirement)

आज छोटे-बड़े कारोबारों के लिए ऑनलाइन मौजूदगी बेहद जरूरी हो गई है। ऐसे में डिजिटल मार्केटिंग एक ऐसा क्षेत्र है, जिसे रिटायरमेंट के बाद भी सीखा जा सकता है। इसमें SEO, सोशल मीडिया, ऑनलाइन विज्ञापन और कंटेंट प्रमोशन जैसी चीजें शामिल होती हैं।

अगर किसी व्यक्ति को स्थानीय कारोबार, दुकान या छोटे ब्रांड के साथ काम करने का मौका मिलता है, तो वह सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्रमोशन संभाल सकता है। फ्रीलांस काम में कमाई प्रोजेक्ट, अनुभव और स्किल के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है।

पैसे और टैक्स की समझ है तो कंसल्टेंसी बन सकती है विकल्प

अगर नौकरी के दौरान वित्तीय मामलों से जुड़ा अनुभव रहा है, तो Financial Planning और Tax Consultancy से जुड़े कोर्स उपयोगी हो सकते हैं। CFP जैसे प्रोफेशनल कोर्स के जरिए निवेश, वेल्थ मैनेजमेंट और रिटायरमेंट प्लानिंग की जानकारी को और बेहतर किया जा सकता है।

वहीं GST और Taxation की पढ़ाई के बाद छोटे कारोबारियों को टैक्स से जुड़े काम में मदद देने का रास्ता भी खुल सकता है। हालांकि इस क्षेत्र में काम शुरू करने से पहले संबंधित योग्यता और नियमों की जानकारी लेना जरूरी है।

Excel और Power BI से अनुभव को दें नया रूप (Courses After Retirement)

कॉरपोरेट सेक्टर में लंबे समय तक काम करने वाले लोगों के लिए Advanced Excel और Power BI जैसी स्किल काफी काम की हो सकती हैं। इनका इस्तेमाल डेटा को समझने, रिपोर्ट तैयार करने और बिजनेस से जुड़े फैसलों में मदद करने के लिए किया जाता है।

अगर पहले से मैनेजमेंट या डेटा से जुड़ा अनुभव है, तो इन स्किल्स के जरिए छोटे प्रोजेक्ट या कंसल्टिंग असाइनमेंट लिए जा सकते हैं।

अनुभव को ज्ञान बनाकर करें ट्रेनिंग और मेंटरिंग

रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ी पूंजी अक्सर पैसा नहीं, बल्कि वर्षों का अनुभव होता है। किसी खास इंडस्ट्री में लंबा करियर रहा है तो Corporate Training, Coaching या Mentoring से जुड़ा कोर्स किया जा सकता है।

इसके बाद कंपनियों, संस्थानों या युवा प्रोफेशनल्स के लिए Leadership, Communication और Soft Skills पर ट्रेनिंग सेशन लिए जा सकते हैं। इस काम में आपकी उम्र से ज्यादा आपके अनुभव और समझ की अहमियत हो सकती है।

पढ़ाने और लिखने का शौक है तो ऑनलाइन काम भी विकल्प

शिक्षण क्षेत्र से जुड़े लोग रिटायरमेंट के बाद Online Teaching, Tutoring या Guest Faculty के तौर पर अपनी दूसरी पारी शुरू कर सकते हैं। वहीं जिन्हें लिखने का अनुभव या शौक है, वे Content Writing, Editing और Blogging जैसे काम देख सकते हैं।

Career Coaching या Life Coaching से जुड़ी ट्रेनिंग भी उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है, जो युवाओं को करियर और प्रोफेशनल लाइफ में मार्गदर्शन देना चाहते हैं।

Tally, QuickBooks और अकाउंटिंग से छोटे कारोबारों की मदद

बुक कीपिंग और अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर सीखना भी रिटायरमेंट के बाद काम आ सकता है। Tally या QuickBooks जैसी स्किल के जरिए छोटे कारोबारों के रिकॉर्ड, बिलिंग और दूसरे वित्तीय काम संभालने के अवसर मिल सकते हैं।

वहीं, पूर्व मैनेजर और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए Corporate Governance और Compliance से जुड़े कोर्स उनके पुराने अनुभव को नए काम से जोड़ सकते हैं।

Supply Chain का अनुभव है तो उसे दोबारा इस्तेमाल करें

Manufacturing, Inventory, Shipping या Logistics में काम कर चुके लोगों के लिए Supply Chain and Logistics Management से जुड़े कोर्स एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। यहां पुराना अनुभव काफी मददगार साबित हो सकता है और फ्रीलांस कंसल्टिंग के जरिए कंपनियों को सलाह देने का रास्ता बन सकता है।

कोर्स चुनते समय जल्दबाजी न करें

रिटायरमेंट के बाद कोई भी कोर्स सिर्फ कमाई देखकर चुनना सही नहीं होगा। अपनी पुरानी नौकरी, रुचि, समय और सीखने की क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है। साथ ही किसी कोर्स में पैसा लगाने से पहले उसकी मान्यता, फीस, अवधि और उसके बाद मिलने वाले काम के अवसरों की अच्छी तरह जांच कर लें।

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