Ranchi: अगर आपका लक्ष्य कानून के क्षेत्र में मजबूत करियर बनाने का है, तो झारखंड की नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ यानी NUSRL Ranchi आपके लिए एक विकल्प हो सकता है। साल 2010 में स्थापित यह यूनिवर्सिटी लीगल एजुकेशन और रिसर्च के क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुकी है।
यहां छात्रों को कानून की पढ़ाई के साथ ऐसी गतिविधियों से जोड़ा जाता है, जिससे उन्हें आगे की प्रोफेशनल लाइफ के लिए तैयार होने में मदद मिले। खास तौर पर उन छात्रों के लिए यह जगह उपयोगी हो सकती है, जो पढ़ाई के साथ कानूनी मामलों को समझने और व्यावहारिक अनुभव हासिल करना चाहते हैं।
BA LLB में पढ़ाई के साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (NUSRL Ranchi)
NUSRL का BA LLB (Hons) पांच साल का इंटीग्रेटेड कोर्स है। इसमें छात्रों को आर्ट्स के विषयों के साथ कानून के जरूरी हिस्सों की पढ़ाई कराई जाती है।
कॉन्स्टिट्यूशनल लॉ, क्रिमिनल लॉ, कॉरपोरेट लॉ और इंटरनेशनल लॉ जैसे विषय कोर्स का हिस्सा हैं। लेकिन इस प्रोग्राम की खासियत सिर्फ विषयों की लंबी सूची नहीं है। छात्रों को केस स्टडी, मूट कोर्ट और इंटर्नशिप जैसी गतिविधियों के जरिए कानूनी मामलों को करीब से समझने का मौका मिलता है।
इस कोर्स में प्रवेश के लिए CLAT UG स्कोर अहम है। इसलिए NUSRL में BA LLB करने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए CLAT की तैयारी भी उतनी ही जरूरी हो जाती है।
LLM के जरिए किसी खास क्षेत्र में बनाएं पकड़ (NUSRL Ranchi)
कानून में ग्रेजुएशन पूरी कर चुके छात्रों के लिए NUSRL एक साल का LLM प्रोग्राम भी उपलब्ध कराता है। इस कोर्स के जरिए छात्र कानून के किसी खास क्षेत्र में अपनी समझ को और मजबूत कर सकते हैं।
LLM में कॉरपोरेट लॉ, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (IPR) और कॉन्स्टिट्यूशनल एवं एडमिनिस्ट्रेटिव लॉ जैसे क्षेत्रों पर गहराई से पढ़ाई और रिसर्च का अवसर मिलता है। इसमें दाखिले के लिए CLAT PG स्कोर का इस्तेमाल किया जाता है।
कैंपस में पढ़ाई के साथ मिलती हैं कई सुविधाएं
कांके-नगड़ी रोड पर स्थित NUSRL कैंपस में छात्रों के लिए डिजिटल लाइब्रेरी, वाई-फाई, मूट कोर्ट हॉल, लीगल एड क्लिनिक और हॉस्टल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यूनिवर्सिटी में अकादमिक गतिविधियों और इंटर्नशिप के जरिए छात्रों को कानून की पढ़ाई को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर भी मिलता है।
पढ़ाई के बाद करियर के कई रास्ते
NUSRL से कानून की पढ़ाई करने के बाद छात्रों के सामने सिर्फ वकालत का विकल्प नहीं रहता। वे कॉरपोरेट लॉ फर्म, लीगल कंसल्टेंसी, पब्लिक सेक्टर, ज्यूडिशियरी और सिविल सर्विसेज जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने की तैयारी कर सकते हैं।








