दो मेगा जॉब फेयर में 33 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों का चयन
राज्य सरकार से मिले आंकड़ों के मुताबिक, अब तक पटना के ज्ञान भवन में दो राज्यस्तरीय मेगा जॉब फेयर आयोजित किए जा चुके हैं। इनमें स्वास्थ्य और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों ने हिस्सा लिया। इन दोनों आयोजनों के माध्यम से कुल 33,352 अभ्यर्थियों का नौकरी के लिए चयन किया गया है। इसके अलावा पूरे बिहार में अब तक 125 नियोजन मेलों का आयोजन किया जा चुका है। इनके माध्यम से 26,162 युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं। सरकार का प्रयास है कि युवाओं को नौकरी के लिए दूसरे राज्यों में भटकने के बजाय अपने ही प्रदेश में निजी कंपनियों के साथ काम करने का मौका मिले।
Amazon, Flipkart और Tata जैसी कंपनियां दे रहीं रोजगार
बिहार में आयोजित नियोजन मेलों में देश की कई बड़ी निजी कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। इनमें Flipkart, Amazon, Bharti Airtel Limited, Reliance Retail, Tata Croma, Tata Motors, SBI Life Insurance, उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक और Manpower Group समेत सैकड़ों कंपनियां शामिल हैं। वहीं, स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए आयोजित मेगा जॉब फेयर में Medanta Group, Paras, Apollo, Ruban, Akhand Jyoti और Portia जैसे संस्थानों ने भाग लिया। इससे युवाओं को रिटेल, लॉजिस्टिक्स, बैंकिंग, बीमा, टेलीकॉम, ऑटोमोबाइल और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में नौकरी पाने का अवसर मिल रहा है।
रोजगार सेतु पोर्टल पर करीब 2 लाख युवाओं का रजिस्ट्रेशन
सरकार ने रोजगार की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बिहार रोजगार सेतु पोर्टल (detjob.bihar.gov.in) की शुरुआत अप्रैल महीने में की थी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इस पोर्टल पर अब तक विभिन्न जिलों के 1,97,078 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। जुलाई से सितंबर 2026 के बीच आयोजित नियोजन मेलों में कुल 1,183 कंपनियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान 75,932 अभ्यर्थियों ने अपना बायोडाटा जमा किया, जिनमें से चयन प्रक्रिया के बाद 27,269 युवाओं को रोजगार मिला।
दिव्यांगजनों के लिए भी विशेष रोजगार मेले
सरकार सामान्य रोजगार मेलों के साथ दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़ने के लिए विशेष नियोजन मेले भी आयोजित कर रही है। इसका उद्देश्य ऐसे अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता और क्षमता के अनुसार निजी क्षेत्र में काम करने का अवसर उपलब्ध कराना है। सरकार डिजिटल प्लेटफॉर्म और रोजगार मेलों के माध्यम से कंपनियों तथा नौकरी तलाश रहे युवाओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने की कोशिश कर रही है।
2030 तक एक करोड़ नौकरी और रोजगार का लक्ष्य
बिहार सरकार ने सात निश्चय-3 कार्यक्रम के तहत वर्ष 2025 से 2030 तक राज्य में एक करोड़ नौकरी और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए राज्यभर में नियोजन मेले, मेगा जॉब फेयर और ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। सरकार की योजना के तहत निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाकर अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। अब आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि इन रोजगार मेलों के जरिए कितने और युवाओं को नौकरी मिलती है और एक करोड़ रोजगार का लक्ष्य किस गति से पूरा होता है।