Jamia Admission 2026: दिल्ली की मशहूर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने का सपना देख रहे छात्रों के लिए एडमिशन से जुड़ी जानकारी बेहद जरूरी है। हर साल बड़ी संख्या में छात्र यहां दाखिला लेने की तैयारी करते हैं, लेकिन कई छात्रों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि 12वीं में कितने प्रतिशत अंक होने चाहिए और एडमिशन के लिए कौन-सी प्रवेश परीक्षा देनी होगी। अच्छी बात यह है कि जामिया में दाखिले के लिए हर कोर्स का नियम एक जैसा नहीं है। ऐसे में आवेदन करने से पहले योग्यता और प्रवेश प्रक्रिया समझना जरूरी है।
जामिया में दाखिला कैसे मिलता है? (Jamia Admission 2026)
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में अंडरग्रेजुएट (UG) और पोस्टग्रेजुएट (PG) कोर्स में एडमिशन अलग-अलग प्रक्रियाओं के जरिए होता है। कई पाठ्यक्रमों में यूनिवर्सिटी अपनी प्रवेश परीक्षा आयोजित करती है। वहीं, कुछ कोर्स में कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) के स्कोर के आधार पर दाखिला दिया जाता है।
इंजीनियरिंग में बीटेक करने वाले छात्रों के लिए जेईई मेन का स्कोर अहम होता है, जबकि डेंटल कोर्स बीडीएस में प्रवेश के लिए नीट यूजी की जरूरत होती है। कुछ पाठ्यक्रमों में 12वीं या ग्रेजुएशन के अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है।
12वीं में कम से कम कितने प्रतिशत अंक जरूरी? (Jamia Admission 2026)
जामिया में दाखिले के लिए 12वीं में जरूरी अंकों की सीमा को लेकर छात्रों में अक्सर भ्रम रहता है। कई स्नातक पाठ्यक्रमों में कम से कम 50 प्रतिशत अंक मांगे जाते हैं। कुछ कोर्स में न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक की शर्त हो सकती है, जबकि बीटेक जैसे पाठ्यक्रमों में निर्धारित विषयों के साथ 55 प्रतिशत अंक की जरूरत हो सकती है।
हालांकि, ये प्रतिशत सभी पाठ्यक्रमों पर लागू नहीं होते। किसी कोर्स में विज्ञान विषय जरूरी हो सकता है, तो किसी में गणित, अंग्रेजी या दूसरे विषयों से संबंधित शर्तें भी हो सकती हैं। इसलिए केवल 12वीं के कुल प्रतिशत देखकर आवेदन का फैसला न करें। जिस कोर्स में दाखिला लेना है, उसकी आधिकारिक पात्रता जरूर जांचें। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए छूट के नियम भी पाठ्यक्रम और लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार अलग हो सकते हैं।
PG कोर्स के लिए क्या है योग्यता? (Jamia Admission 2026)
जो छात्र ग्रेजुएशन के बाद जामिया में दाखिला लेना चाहते हैं, उन्हें संबंधित पोस्टग्रेजुएट कोर्स की शर्तें देखनी होंगी। आमतौर पर पीजी पाठ्यक्रमों के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री जरूरी होती है। कुछ पाठ्यक्रमों में न्यूनतम ग्रेजुएशन प्रतिशत के साथ प्रवेश परीक्षा भी अनिवार्य हो सकती है। वहीं, चयन प्रक्रिया में परीक्षा के अंक, मेरिट या अन्य निर्धारित मानदंड शामिल हो सकते हैं। इसलिए एमए, एमएससी, एमकॉम, एमबीए और दूसरे पाठ्यक्रमों के नियमों को एक जैसा मानना सही नहीं होगा।
2026-27 में एडमिशन को लेकर क्या अपडेट है? (Jamia Admission 2026)
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए जामिया ने अपना एडमिशन प्रॉस्पेक्टस जारी किया था। यूनिवर्सिटी के प्रवेश पोर्टल पर नियमित पाठ्यक्रमों के लिए जुलाई और अगस्त में स्पॉट रजिस्ट्रेशन से जुड़े नोटिस भी जारी किए गए थे। डिस्टेंस मोड के पाठ्यक्रमों की प्रक्रिया अलग है और अक्टूबर 2026 में बीएड तथा एमबीए के डिस्टेंस कोर्स से जुड़ी प्रोविजनल चयन सूची के अपडेट भी सामने आए।
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छात्रों को ध्यान रखना चाहिए कि अलग-अलग कोर्स की आवेदन तारीखें, सीटों की उपलब्धता और चयन प्रक्रिया अलग हो सकती है। स्पॉट रजिस्ट्रेशन या खाली सीटों पर दाखिले का मौका तभी मिलता है, जब यूनिवर्सिटी संबंधित पाठ्यक्रम के लिए इसकी घोषणा करे।
आवेदन करने से पहले जरूर चेक करें ये बातें (Jamia Admission 2026)
जामिया में दाखिले की तैयारी कर रहे छात्र सबसे पहले अपना पसंदीदा कोर्स तय करें। इसके बाद आधिकारिक प्रॉस्पेक्टस में न्यूनतम अंक, जरूरी विषय, प्रवेश परीक्षा, आवेदन की अंतिम तारीख और चयन प्रक्रिया की जानकारी देखें। आधिकारिक वेबसाइट jmi.ac.in और यूनिवर्सिटी के एडमिशन पोर्टल पर जारी नोटिस ही अंतिम मानें। इससे गलत जानकारी के आधार पर आवेदन करने या जरूरी तारीख चूकने की आशंका कम होगी।