NTA Exam Centres: देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। NEET-UG, JEE Main और CUET जैसी बड़ी परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों को अब परीक्षा देने के लिए दूर के शहरों का सफर न करना पड़े, इसके लिए एक अहम सिफारिश की गई है। अगर इस प्रस्ताव पर अमल होता है, तो छात्रों का समय और पैसा दोनों बच सकते हैं।
हर जिले में परीक्षा केंद्र बनाने की सिफारिश (NTA Exam Centres)
शिक्षा मंत्रालय से जुड़ी संसदीय समिति ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को देश के हर जिले में कम से कम एक स्थायी कंप्यूटर आधारित परीक्षा केंद्र बनाने की सिफारिश की है। इसका मकसद छात्रों को अपने घर के नजदीक परीक्षा देने का मौका देना है। फिलहाल कई छात्रों को परीक्षा केंद्र दूसरे शहरों में मिलने पर लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इससे बस, ट्रेन या दूसरे साधनों का किराया बढ़ जाता है। बाहर रुकने की जरूरत पड़े, तो होटल और खाने का खर्च भी उठाना पड़ता है। ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों के छात्रों के लिए यह परेशानी और बढ़ जाती है।
सरकारी स्कूलों में तैयार हो सकते हैं सेंटर (NTA Exam Centres)
प्रस्ताव के तहत सरकारी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में मौजूद कंप्यूटर लैब को परीक्षा केंद्र के रूप में इस्तेमाल करने की संभावना पर जोर दिया गया है। केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, पीएम-श्री स्कूल और सरकारी तकनीकी संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं की जांच कर उन्हें परीक्षा के लिए तैयार किया जा सकता है।
हालांकि, इसके लिए कंप्यूटर, तेज इंटरनेट, बिजली, सुरक्षा और निगरानी जैसी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होंगी। इससे परीक्षा कराने के लिए निजी केंद्रों पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिल सकती है।
पेपर लीक रोकने के लिए भी सुझाव (NTA Exam Centres)
परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए समिति ने कई अहम सुझाव दिए हैं। इनमें प्रश्नपत्रों की सुरक्षा मजबूत करना, सरकारी परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाना और छात्रों को कंप्यूटर आधारित परीक्षा का अभ्यास कराने के लिए मॉक टेस्ट की सुविधा देना शामिल है। समिति ने NEET-UG को भी कंप्यूटर आधारित परीक्षा में बदलने की सिफारिश की है।
छात्रों को कैसे मिलेगा फायदा? (NTA Exam Centres)
अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो छात्रों को परीक्षा के लिए दूसरे शहर जाने की जरूरत कम हो सकती है। इससे यात्रा का खर्च बचेगा और परीक्षा के दिन लंबी दूरी तय करने का तनाव भी घटेगा। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले विद्यार्थियों को इसका फायदा मिल सकता है।








