Lucknow: उत्तर प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी और शानदार खुशखबरी सामने आई है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने मंगलवार को कृषि विभाग के अंतर्गत प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी (Technical Assistant Group-C) के पदों पर भर्ती के लिए अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है।
इस पूरी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से कुल 3446 योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। इन सभी सफल उम्मीदवारों को बहुत जल्द उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सरकारी विभागों में तैनात किया जाएगा।
लिखित परीक्षा के बाद से था नतीजों का इंतजार
गौरतलब है कि कृषि विभाग में इन रिक्त पदों को भरने के लिए उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा पिछले साल 13 जुलाई 2025 को राज्य के विभिन्न केंद्रों पर लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया था। लिखित परीक्षा संपन्न होने के बाद से ही परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी बेसब्री से अपने परीक्षा परिणामों का इंतजार कर रहे थे।
मंगलवार को जैसे ही आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर नतीजे अपलोड किए गए, वैसे ही सफल उम्मीदवारों और उनके गौरवान्वित परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई। परिणाम आने के बाद प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख और विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने सफल अभ्यर्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं दीं।
जानिए किस वर्ग के कितने अभ्यर्थी हुए सफल
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मीडिया के साथ चयनित अभ्यर्थियों का पूरा विवरण साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और शुचिता का विशेष ध्यान रखा गया है और नियमानुसार सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व मिला है। कुल 3446 चयनित अभ्यर्थियों का श्रेणीवार (Category-wise) ब्योरा इस प्रकार है:
सामान्य वर्ग (General): 1813 अभ्यर्थी
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 629 अभ्यर्थी
अनुसूचित जाति (SC): 509 अभ्यर्थी
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS): 344 अभ्यर्थी
अनुसूचित जनजाति (ST): 151 अभ्यर्थी
धरातल पर क्या होगा कृषि प्राविधिक सहायक का काम
कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, नवनियुक्त प्राविधिक सहायकों की मुख्य और सीधी भूमिका ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर होगी। ये तकनीकी सहायक सीधे तौर पर किसानों से संपर्क साधेंगे और उन्हें खेती-किसानी की नई व आधुनिक तकनीकों (Modern Farming Techniques) के बारे में जागरूक करने का काम करेंगे।
केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी कल्याणकारी योजनाएं जैसे- पीएम किसान सम्मान निधि, सॉयल हेल्थ कार्ड (मृदा स्वास्थ्य कार्ड) और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को हर छोटे-बड़े और सीमांत किसान तक पहुंचाने की मुख्य जिम्मेदारी इन्हीं के कंधों पर होगी। इसके अलावा, ये सहायक किसानों को उन्नत किस्म के बीजों, जैविक खाद के निर्माण और कीटनाशकों के सही व संतुलित इस्तेमाल की सटीक जानकारी भी देंगे, जिससे फसलों की पैदावार बढ़ेगी और किसानों की खेती की लागत में कमी आएगी।