Section-Specific Split Button

UPSC क्रैक करने के बाद भी आसान नहीं IAS बनने की राह; फेल होने पर क्या चली जाती है नौकरी? जानिए LBSNAA के नियम

ट्रेनिंग के मार्क्स तय करते हैं आपका कैडर और सीनियरिटी (Img: AI)

New Delhi: UPSC की परीक्षा पास करना लाखों युवाओं का सपना होता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि सिलेक्शन के बाद भी IAS बनने की राह आसान नहीं होती। मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में होने वाली ट्रेनिंग के दौरान अधिकारियों को कई कठिन परीक्षाओं और सख्त नियमों का सामना करना पड़ता है। यहां कई प्रोबेशनर्स पहली बार में सभी टेस्ट पास नहीं कर पाते।

LBSNAA ट्रेनिंग की सच्चाई सामने आई

RTI से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले पांच सालों में 24 IAS प्रोबेशनर एकेडमी की एक या उससे ज्यादा परीक्षाओं में फेल हुए। खास बात यह है कि इनमें से 14 मामले तो सिर्फ 2025 और 2026 में हुए। हालांकि, इससे उनकी नौकरी पर कोई खतरा नहीं आता।

LBSNAA में स्थानीय भाषा सबसे बड़ी चुनौती

ट्रेनिंग के सिलेबस में कानून, संविधान, अर्थव्यवस्था और प्रशासन जैसे विषय शामिल होते हैं। फिर भी स्थानीय भाषा की परीक्षा सबसे मुश्किल बाधा साबित होती है। अफसरों को उस राज्य की भाषा सीखनी होती है जहां उन्हें तैनात किया जाता है। कई अफसरों को यह खास परीक्षा दोबारा देनी पड़ती है।

LBSNAA में फेल होने पर नौकरी नहीं जाती

अगर कोई अफसर परीक्षा में फेल हो जाता है, तो उसे परीक्षा देने का एक और मौका दिया जाता है। नियमों के अनुसार, सर्विस जॉइन करने के चार साल के अंदर सभी परीक्षाएं पास करनी होती हैं। इसलिए अगर कोई पहली बार में फेल हो जाए तो घबराने की जरूरत नहीं है।

LBSNAA अच्छे ग्रेड करियर में आगे बढ़ने में मदद

एडमी में मिले मार्क्स सिर्फ परीक्षा पास करने के काम नहीं आते; वे अफसरों की सीनियरिटी तय करते हैं। ये स्कोर भविष्य में प्रमोशन और अपने बैच में उनकी स्थिति पर भी असर डालते हैं।

LBSNAA अनुशासन के मामले में कोई ढील नहीं

LBSNAA में समय की पाबंदी और अनुशासन सबसे जरूरी हैं। क्लास छोड़ना, PT सेशन में शामिल न होना, ड्रेस कोड का पालन न करना या क्लास में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। ऐसी गलतियों पर अफसरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।

LBSNAA में IAS प्रोबेशनर का एक आम दिन

दिन की शुरुआत PT, योग या घुड़सवारी से होती है। इसके बाद पढ़ाई, ट्रेनिंग सेशन और कई दूसरी गतिविधियों का पूरा शेड्यूल होता है। ‘भारत दर्शन’, हिमालय की ट्रेकिंग और जिलों में फील्ड ट्रेनिंग के जरिए अफसरों को जमीनी स्तर के प्रशासन की बारीकियां सिखाई जाती हैं, ताकि वे अपनी भविष्य की जिम्मेदारियों के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।

निष्कर्ष

यदि आप भी IAS बनने का सपना देख रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है। दरअसल, Yuva Dynamite का उद्देश्य आपको सही और सटीक जानकारी पहुंचाना है ताकि आप किसी भी अवसर से न चुकें और हमेशा सफल रहें।

Previous Post

Advertisement

कैटेगरी

Advertisement

error: Content is protected !!