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Delhi Schools: ये हैं दिल्ली के 5 सबसे महंगे स्कूल, कहीं 30 लाख तो कहीं 13 लाख रुपये सालाना खर्च

New Delhi
Symbolic Photo (Image: Pinterest)
Delhi Schools: दिल्ली में अपने बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ाने का सपना हर माता-पिता देखते हैं, लेकिन राजधानी के कुछ स्कूल ऐसे भी हैं, जहां एडमिशन लेना हर किसी के बस की बात नहीं है। इन स्कूलों की फीस इतनी ज्यादा है कि एक आम परिवार के लिए इसका खर्च उठाना काफी मुश्किल हो सकता है। कहीं सिर्फ एक साल की पढ़ाई पर करीब 30 लाख रुपये खर्च करने पड़ते हैं, तो कहीं एडमिशन के लिए ही लाखों रुपये जमा कराने होते हैं। इन स्कूलों में देश-विदेश के बड़े अधिकारियों, कारोबारियों और संपन्न परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं। आज हम आपको दिल्ली के ऐसे ही 5 महंगे स्कूलों के बारे में बता रहे हैं, जिनकी फीस जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।

1. अमेरिकन एंबेसी स्कूल (American Embassy School)

दिल्ली के सबसे महंगे स्कूलों की बात हो तो अमेरिकन एंबेसी स्कूल का नाम सबसे पहले आता है। यहां एडमिशन मिलना काफी मुश्किल माना जाता है। इस स्कूल में मुख्य रूप से अमेरिकी दूतावास और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से जुड़े कर्मचारियों के बच्चे पढ़ते हैं। हालांकि, कुछ सीटें दूसरे बच्चों के लिए भी उपलब्ध होती हैं। यहां अमेरिकी पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई कराई जाती है। स्कूल की वेबसाइट पर उपलब्ध फीस स्ट्रक्चर के मुताबिक, किंडरगार्डन से लेकर पांचवीं कक्षा तक की सालाना फीस 32,260 अमेरिकी डॉलर है। भारतीय मुद्रा में यह करीब 30 लाख रुपये बैठती है। वहीं, हाईस्कूल की फीस 39,490 डॉलर यानी लगभग 36 से 37 लाख रुपये तक पहुंच जाती है। इस फीस के अलावा अन्य खर्च भी हो सकते हैं।

2. द ब्रिटिश स्कूल (The British School)

दिल्ली के महंगे स्कूलों में द ब्रिटिश स्कूल का नाम भी शामिल है। यहां देश के कई बड़े कारोबारी, राजनयिक और संपन्न परिवारों के बच्चे पढ़ाई करते हैं। स्कूल में अंतरराष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम के साथ आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। स्कूल की वेबसाइट पर दिए गए फीस स्ट्रक्चर के अनुसार, नर्सरी में एडमिशन के लिए करीब 12 लाख 98 हजार रुपये देने होते हैं। इसके बाद हर तिमाही 2 लाख 59 हजार रुपये फीस जमा करनी होती है। 10वीं कक्षा के लिए यह फीस 3 लाख 5 हजार रुपये और 11वीं-12वीं के लिए 3 लाख 66 हजार रुपये बताई गई है। यानी यहां बच्चों की पढ़ाई पर हर साल लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं।

3. वसंत वैली स्कूल (Vasant Valley School)

दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में स्थित वसंत वैली स्कूल भी राजधानी के प्रतिष्ठित और महंगे स्कूलों में गिना जाता है। यहां एडमिशन के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आते हैं। स्कूल की वेबसाइट पर उपलब्ध फीस स्ट्रक्चर के मुताबिक, नर्सरी की हर तिमाही की ट्यूशन फीस 51,228 रुपये है। इस हिसाब से सालाना ट्यूशन फीस करीब 2 लाख 4 हजार रुपये होती है। इसके अलावा हर तिमाही 25,638 रुपये एनुअल चार्ज और सालाना 30,738 रुपये डेवलपमेंट फीस भी देनी होती है। इस तरह कुल खर्च तीन लाख रुपये से ज्यादा हो जाता है। वहीं, 11वीं और 12वीं में ट्यूशन फीस बढ़कर करीब 70 हजार रुपये प्रति तिमाही तक पहुंच जाती है।

4. डीपीएस इंटरनेशनल स्कूल, साकेत (DPS International School)

दिल्ली के साकेत में स्थित डीपीएस इंटरनेशनल स्कूल भी महंगे स्कूलों की सूची में शामिल है। यहां बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा देने पर जोर दिया जाता है। स्कूल में एडमिशन के लिए वन टाइम फीस करीब 2 लाख 25 हजार रुपये बताई गई है। इसके बाद नर्सरी में पढ़ने वाले बच्चों की हर महीने की फीस 26,600 रुपये है। जैसे-जैसे बच्चे की कक्षा आगे बढ़ती है, फीस भी बढ़ती जाती है। 12वीं कक्षा तक पहुंचने पर मासिक फीस करीब 34,650 रुपये हो जाती है। इस हिसाब से सालाना ट्यूशन फीस ही चार लाख रुपये से ज्यादा हो सकती है।

5. मॉडर्न स्कूल (Modern School)

दिल्ली के बाराखंबा रोड पर स्थित मॉडर्न स्कूल राजधानी के पुराने और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक है। यहां एडमिशन पाने के लिए भी काफी प्रतिस्पर्धा रहती है। स्कूल की वेबसाइट पर उपलब्ध फीस स्ट्रक्चर के मुताबिक, नर्सरी से आठवीं कक्षा तक एडमिशन फीस 75 हजार रुपये है। इसके अलावा हर साल 20 हजार रुपये अमलगमेटेड फंड के लिए देने होते हैं। वहीं, मासिक फीस 16,950 रुपये बताई गई है। नौवीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए मासिक फीस बढ़कर 18,250 रुपये हो जाती है। इस तरह यहां भी बच्चों की पढ़ाई पर हर साल लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं।

आखिर क्यों इतनी महंगी है इन स्कूलों की फीस?

इन स्कूलों में महंगी फीस के पीछे कई वजहें हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम, आधुनिक क्लासरूम, बेहतर खेल सुविधाएं, डिजिटल लर्निंग, विदेशी भाषाओं की पढ़ाई और दूसरी अतिरिक्त गतिविधियां शामिल हैं। कुछ स्कूलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर के शिक्षकों और विशेष शैक्षणिक सुविधाओं पर भी खर्च किया जाता है। हालांकि, स्कूलों की फीस कक्षा, सत्र और अन्य सुविधाओं के हिसाब से बदल सकती है। एडमिशन लेने से पहले संबंधित स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट पर नया फीस स्ट्रक्चर जरूर देखना चाहिए।

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