New Delhi: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। वर्षों से परीक्षा में गलत प्रश्नों, तकनीकी खामियों और अस्पष्ट सवालों को लेकर उठ रही शिकायतों के बाद अब SSC ने अपनी परीक्षा प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव करने का ऐलान किया है।
यह नई व्यवस्था वर्ष 2026 से लागू होगी और इससे परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनने की उम्मीद है।
SSC गलत सवाल पर भी मिलेंगे पूरे अंक
SSC द्वारा लागू किए जा रहे नए नियम के अनुसार, यदि परीक्षा में कोई प्रश्न गलत, अधूरा या अस्पष्ट पाया जाता है, तो उसे हटा दिया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि उस प्रश्न के पूरे अंक सभी उम्मीदवारों को दिए जाएंगे। इससे पहले ऐसे सवालों के कारण कई अभ्यर्थियों को नुकसान उठाना पड़ता था, लेकिन अब इस समस्या का समाधान कर दिया गया है।
नई आपत्ति प्रबंधन प्रणाली लागू
कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के लिए SSC ने एक नई आपत्ति प्रबंधन प्रणाली (Objection Management System) लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत परीक्षा समाप्त होने के बाद उम्मीदवारों को अपनी आपत्तियां दर्ज करने का मौका मिलेगा। इससे छात्रों को अपनी बात रखने और संभावित गलतियों को सुधारने का अधिकार मिलेगा।
आंसर की पर मिलेगा आपत्ति का मौका
नई व्यवस्था के तहत SSC पहले प्रोविजनल आंसर की जारी करेगा। उम्मीदवार इस आंसर की को देखकर उसमें मौजूद सवालों या उत्तरों पर आपत्ति दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद विशेषज्ञों की टीम इन आपत्तियों की जांच करेगी और फिर फाइनल आंसर की जारी की जाएगी। अगर किसी प्रश्न के एक से अधिक सही उत्तर होते हैं, तो सही विकल्प चुनने वाले सभी उम्मीदवारों को पूरे अंक मिलेंगे।
SSC सिलेबस से बाहर के सवाल भी हटेंगे
SSC ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर परीक्षा में सिलेबस से बाहर का कोई प्रश्न आता है, तो उसे भी हटाया जाएगा और उसके पूरे अंक सभी उम्मीदवारों को दिए जाएंगे। हालांकि आयोग का कहना है कि ऐसे मामले बहुत कम देखने को मिलते हैं, लेकिन फिर भी इस नियम से छात्रों को अतिरिक्त सुरक्षा मिलेगी।
भाषा को लेकर भी नया निर्देश
परीक्षा में भाषा को लेकर भी SSC ने नई गाइडलाइन जारी की है। उम्मीदवार ने आवेदन करते समय जो भाषा चुनी है, उसी में उसे उत्तर देना होगा। हालांकि प्रश्न पत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध रहेगा, जिससे समझने में कोई परेशानी न हो।
विरोध और शिकायतों के बाद लिया गया फैसला
यह बदलाव छात्रों द्वारा लगातार की जा रही शिकायतों, RTI और अदालतों में उठे मामलों के बाद किया गया है। कई परीक्षाओं में गड़बड़ी के चलते छात्रों ने विरोध प्रदर्शन भी किए थे। ऐसे में SSC का यह कदम परीक्षा प्रणाली में भरोसा बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
निष्कर्ष
युवा डाइनामाइट के अनुसार SSC का यह फैसला लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने से अब गलत प्रश्नों और तकनीकी खामियों की समस्या कम होगी, जिससे उम्मीदवारों को निष्पक्ष और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली का लाभ मिल सकेगा।








