New Delhi: अग्निवीर योजना के तहत सेना में भर्ती लाखों युवाओं के मन में चार साल की सेवा के बाद भारतीय सेना में स्थायी सैनिक बनने का सपना होता है। इस सपने को ध्यान में रखते हुए भारतीय सेना ने एक नया अहम नियम जारी किया है, जो सीधे तौर पर अग्निवीरों के निजी जीवन, खासकर शादी से जुड़ा है।
स्थायी सैनिक बनने से पहले विवाह पर रोक
सेना ने स्पष्ट किया है कि जो अग्निवीर स्थायी सैनिक बनना चाहते हैं, वे तब तक विवाह नहीं कर सकते, जब तक उन्हें स्थायी नियुक्ति नहीं मिल जाती। यदि कोई इस अवधि के दौरान शादी करता है, तो उसे स्थायी सेवा के लिए अयोग्य माना जाएगा। ऐसे उम्मीदवार न तो आवेदन कर पाएंगे और न ही चयन प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।
शादी की सही समय सीमा
नए नियम के अनुसार, अग्निवीर तब तक शादी से दूर रहेंगे जब तक वे स्थायी सैनिक के रूप में नियुक्त नहीं हो जाते। चार साल की सेवा पूरी होने के बाद उन्हें स्थायीकरण प्रक्रिया के लिए लगभग 4 से 6 महीने और इंतजार करना होगा। इसी अवधि के बाद ही शादी की अनुमति मिलेगी।
अग्निवीर योजना की शुरुआत और बैच विवरण
अग्निवीर योजना की शुरुआत वर्ष 2022 में हुई थी। इसके तहत भर्ती पहला बैच अब अपनी चार साल की सेवा पूरी करने वाला है। जून-जुलाई 2026 तक 2022 बैच के लगभग 20 हजार अग्निवीरों की सेवा समाप्त हो जाएगी। इसमें से करीब 25 प्रतिशत युवा भारतीय सेना में स्थायी सैनिक बन पाएंगे।
स्थायी सैनिक बनने की प्रक्रिया
स्थायी सैनिक बनने के लिए चयन शारीरिक दक्षता, लिखित परीक्षा और अन्य मानकों पर आधारित होगा। चयन प्रक्रिया मेरिट और प्रदर्शन पर आधारित है। जो अग्निवीर इस प्रक्रिया में सफल होंगे, उन्हें सेना में स्थायी नियुक्ति मिलेगी।
सेवा समाप्ति और आवेदन प्रक्रिया
सेवा समाप्त होते ही स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया तुरंत पूरी नहीं होती। इसके लिए अग्निवीर को आवेदन करना होगा और चयन प्रक्रिया लगभग 4 से 6 महीने चलेगी। इस दौरान किसी भी अग्निवीर को शादी करने की अनुमति नहीं है, वरना वह स्थायी सैनिक बनने से अयोग्य हो जाएगा।
शादी पर छूट और स्थायी नियुक्ति के बाद नियम
जो अग्निवीर स्थायी सैनिक के रूप में चयनित हो जाते हैं, उन्हें नियुक्ति मिलने के बाद शादी करने की पूरी छूट होगी। एक बार परमानेंट जॉइन करने के बाद वे अपनी सुविधा और इच्छा अनुसार विवाह कर सकते हैं। इस समय पर यह पाबंदी लागू नहीं होगी।
अग्निवीरों के लिए सलाह
सेना ने सभी अग्निवीरों से अपील की है कि वे इस नियम को गंभीरता से समझें और पालन करें। शादी करने में जल्दबाजी करने पर उनका स्थायी सैनिक बनने का सपना अधूरा रह सकता है। नियम का पालन करके ही वे स्थायी सेवा और व्यक्तिगत जीवन दोनों में संतुलन बना पाएंगे।
