New Delhi: अच्छी कमाई और सुरक्षित माहौल के कारण संयुक्त अरब अमीरात (दुबाई) भारतीय युवाओं की पहली पसंद बना हुआ है। हाल के वर्षों में वहाँ ट्रक ड्राइविंग को एक हाई-पेइंग और प्रतिष्ठित करियर के रूप में देखा जा रहा है। अगर आप भी खाड़ी देश में जाकर ड्राइविंग के जरिए अपना भविष्य संवारना चाहते हैं, तो यह समझना जरूरी है कि वहाँ किस तरह अवसर और बेहतर सैलरी मिलती है।
लाखों में होती है मासिक कमाई और सुविधाएं
दुबाई में एक सामान्य ट्रक ड्राइवर की शुरुआती मासिक सैलरी 2,700 से 6,000 दिरहम (AED) होती है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 75 हजार से 1.65 लाख रुपये बैठती है। अनुभव बढ़ने या कंटेनर, ट्रेलर्स और ऑयल टैंकर जैसे भारी वाहन चलाने पर यह कमाई 8,000 दिरहम (लगभग 1.80 लाख रुपये) तक पहुँच जाती है। सैलरी के अलावा अधिकतर कंपनियाँ ओवर-टाइम पेमेंट, मुफ्त आवास, भोजन, मेडिकल इंश्योरेंस और आने-जाने का फ्लाइट टिकट भी मुहैया कराती हैं।
कड़े नियमों के बीच होती है लाइसेंस की परीक्षा
दुबई में ट्रक चलाना सिर्फ गाड़ी संभालने जैसा नहीं है, बल्कि वहाँ सड़क सुरक्षा के सख्त नियम लागू होते हैं। हेवी ट्रक लाइसेंस पाने के लिए न्यूनतम उम्र 20 वर्ष होनी चाहिए। इसके अलावा वहाँ के मान्यता प्राप्त ड्राइविंग इंस्टीट्यूट से ट्रेनिंग कोर्स पूरा करना, रोड टेस्ट पास करना और ट्रकों के लिए तय अलग स्पीड लिमिट व ‘6 सेकंड डिस्टेंस रूल’ का पालन करना अनिवार्य होता है।
नौकरी पाने का क्या है सही तरीका?
दुबाई में ड्राइविंग जॉब पाने के लिए उम्मीदवार खाड़ी देशों के रीजनल जॉब पोर्टल्स और रजिस्टर्ड ओवरसीज रिक्रूटमेंट एजेंसियों की मदद ले सकते हैं। सही दस्तावेज, वैध भारतीय हेवी लाइसेंस और बेसिक अंग्रेजी या अरबी भाषा का ज्ञान होने पर चयन की संभावना काफी बढ़ जाती है।








