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Success Tips: नौकरी के साथ-साथ क्रैक करना चाहते है UPSC, तो इन खास टिप्स के साथ करे तैयारी

अगर आपका भी सपना UPSC एग्जाम को क्रैक करना है लेकिन नौकरी के साथ-साथ एग्जाम की तैयारी नहीं कर पा रहे हैं, तो खबर आपके लिए ही है। हमारी इस रिपोर्ट में आप कुछ ऐसे टिप्स के बारे में जानेंगे जिससे आप नौकरी के साथ UPSC तैयारी कर पाएंगे। नई दिल्ली: UPSC एग्जाम को क्रैक करना हर एस्पिरेंट्स का सपना होता है। लेकिन कई एस्पिरेंट्स ऐसे होते हैं जिन्हें नौकरी के साथ-साथ ही UPSC एग्जाम की तैयारी करनी पड़ती हैं। ऐसे में उनके दोनों चीजों को मैनेज करना काफी मुश्किल हो जाता है। हमारी इस रिपोर्ट में आप कुछ ऐसे टिप्स के बारे में जानेंगे जिससे आप नौकरी के साथ आसानी से UPSC तैयारी कर पाएंगे। स्पेशल टिप्स: नौकरी करते हुए आप सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं, बशर्ते कि आप उपयुक्त योजना बनाकर नियमित तैयारी पर ध्यान दें। प्रतिदिन नियम से 3-4 घंटे अध्ययन करें परीक्षा की पूरी प्रक्रिया के साथ पाठ्यक्रम और उसकी अपेक्षाओं को अच्छी तरह से समझे। प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की तैयारी एक साथ करें। पाठ्यक्रम के अनुसार न्यूनतम प्रामाणिक पुस्तकों की मदद से अपनी तैयारी को आगे बढ़ाये। परीक्षा की तैयारी के लिए आप NCERT की 6th से 12th तक की विभिन्न विषयों की पुस्तकों को आधार बना सकते हैं। समसामयिक विषयों की जानकारी के लिए नियमित रूप से रोज नेशनल न्यूजपेपर पढ़ें। पाठ्यक्रम के अनुसार एक चरण की तैयारी कर लेने के बाद दूसरे चरण की तैयारी शुरू कर दें। 8-10 साल पुराने प्रश्नों और आदर्श प्रश्नों को हल करने का कोशिश करें। इससे आपको अपनी तैयारी का आकलन करते हुए कमजोरियों को दूर करने में मदद मिलेगी।

Success Tips: कर रहे हैं क्लर्क परीक्षा की तैयारी, तो पहले जान लें खास टिप्स

अगर आप भी क्लर्क प्रीलिम्स परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो ये खबर आपके लिए ही है। युवा डाइनामाइट उन सभी कैंडिटेड के लिए खास टिप्स लेकर आया है जो क्लर्क प्रीलिम्स परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। नई दिल्ली: क्लर्क प्रीलिम्स परीक्षा की तैयारी कर रहे कैंडिटेड के लिए आज हम कुछ खास टिप्स लेकर आए है। हाल ही में इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सेलेक्शन (IBPS) ने बैंकों में क्लर्क के 1500 से अधिक पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया। ऐसे में हम इस परीक्षा तैयारी कर रहे कैंडिटेड को कुछ टिप्स सुझाने वाले हैं जिससे उन्हें एग्जाम पास करने में मदद मिलेगी। IBPS क्लर्क परीक्षा की तैयारी के लिए टिप्स सही समय पर अच्छी तरह से अभ्यास करें। IBPS क्लर्क परीक्षा की तैयारी के लिए 2-3 महीने का समय पर्याप्त होता है। ऑनलाइन मुख्य परीक्षा के लिए तैयार रहें। IBPS क्लर्क प्रारंभिक परीक्षा में अपेक्षित कट-ऑफ अलग-अलग राज्यों के लिए अलग-अलग है, लेकिन आम तौर पर बोलने वाले को 70 से ऊपर स्कोर करने की कोशिश करनी चाहिए। अंग्रेजी भाषा पर अच्छी पकड़ बनाए। छात्रों को IBPS क्लर्क प्रीलिम्स परीक्षा में बहुत सारे मॉक टेस्ट देने चाहिए। रीजनिंग सेक्शन पर पूरा ध्यान दें और रोज एक सैंपल पेपर हल करें।

Success Tips: मेडिकल की तैयारी में काम आएंगे ये टिप्स, एग्जाम की तैयारी होगी मजबूत

मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे लोगों के लिए ये खबर काम की है। यहां जानिए कुछ ऐसे जरुरी टिप्स जो आपकी तैयारी को और मजबूत कर सकती है। नई दिल्लीः 12वीं की परीक्षाएं हो चुकी हैं और अब प्रतियोगी परीक्षाओं व उनकी तैयारियों का दौर चल पड़ा है। कई बच्चे इस बीच ऐसे भी हैं जो 12वीं के साथ ही मेडिकल की तैयारी में भी जुट गए हैं। उन बच्चों के लिए यहां कुछ जरूरी टिप्स शेयर की जा रही हैं जो उनकी तैयारी के लिए मददगार साबित हो सकती हैं। सबसे पहले अपनी मेडिकल परीक्षा के सिलेबस को अच्छी तरह जान लें और उससे संबंधित अध्ययन सामग्री की लाइब्रेरी तैयार कर लें। उपयुक्त अध्ययन सामग्री के चयन में अपने शिक्षक से सलाह लें। सेलेक्टिव स्टडी से बचें। किसी को भी सेलेक्टिव स्टडी के आधार पर कोई सफलता नहीं मिली। जितने ज्यादा से ज्यादा मॉक टेस्ट दे सकें जरूर दें, इससे आपकी स्पीड भी तेज होगी और आपका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। – नए छात्र एग्जाम पैटर्न को पूरी तरह से समझ लें। क्रेश कोर्स के दौरान शिक्षक द्वारा बताई गई जरूरी बातों को नोट करें। सभी खास फॉर्मूलों और कॉन्सेप्ट का रिवीजन करें, यह निश्चित कर लें कि आपको वे अच्छी तरह क्लियर हैं। कुछ न समझ आने पर बिना संकोच अपने टीचर से पूछें। – सैम्पल पेपर जरूर सॉल्व करें।

Success Tips: Advertisement फील्ड में ऐसे बनाएं करियर, ग्रोथ के मौकों के साथ सैलरी भी मिलती है अच्छी

आज के समय में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक एडवरटाइजमेंट से भरा हुआ है। आज के समय में हर ब्रांड एडवरटाइजमेंट के दम पर ज्‍यादा से ज्‍यादा कस्‍टमर तक पहुंच बनाने की कोशिश में लगी रहती हैं। जानिए 12वीं के बाद आप कैसे एडवरटाइजमेंट के क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं। नई दिल्लीः 12वीं कक्षा पास करने के बाद छात्रों को करियर की चिंता सताने लगती है। हर कोई यही चाहता है कि उसका करियर शानदार हो, लेकिन अक्सर स्टूडेंट्स इस बात को लेकर उलझन में रहते है कि वे किस क्षेत्र में करियर बनाएं जिसमें वेतन के साथ-साथ ग्रोथ के भी मौके रहे। चलिए हम आपको 12वीं के बाद Advertisement फील्ड में कैसे बेहतरीन करियर बना सकते हैं। 12वीं पास होना के बाद आप डिप्‍लोमा और ग्रेजुएशन कर सकते हैं। वहीं अगर आप मास्टर कोर्स जैसे मास्टर इन मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म, पीजी डिप्लोमा इन एडवरटाइजिंग एंड पब्लिक रिलेशन कोर्स में दाखिला लेना चाहते हैं, तो किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएट होना जरूरी है। एडवरटाइजमेंट इंडस्ट्री में बहुत सारे करियर विकल्प उपलब्ध हैं। इसमें मुख्‍य रूप से मीडिया रिसर्चर, मीडिया प्लानर, कॉपी राइटर, क्रिएटिव डिपार्टमेंट, प्रोडक्शन मैनेजर, पब्लिक रिलेशन ऑफिसर, डाइरेक्टर ऑफ एडवरटाइजिंग, मीडिया रिसर्चर, मीडिया प्लानर, क्रिएटिव राइटर, स्क्रिप्ट राइटर, कॉपी राइटर, प्रोडक्शन मैनेजर, डायरेक्टर ऑफ एडवरटाइजिंग, पब्लिक रिलेशन ऑफिस, रजिंगल राइटर जैसी प्रोफाइल शामिल हैं। एडवरटाइजिंग के फील्ड में शुरुआती तौर पर आपको 15 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह मिल जाते हैं। 5 साल का अनुभव होने के बाद आप आसानी से 40 से 50 हजार रुपये या इससे ज्यादा सैलेरी ले सकते हैं।

Success Tips: मार्केट रिसर्च के क्षेत्र में है नौकरियों की भरमार, जानिए पूरी डिटेल

आज के समय में मार्केटिंग की कई नई स्ट्रेजी आ गई हैं। बाजार को कस्टमर्स को समझना होता है और इसी क्रम में उन्हें ज्यादा टाइम देना होता है। इसके साथ ही मार्केट रिसर्च के क्षेत्र में आपके एक बेहतरीन करियर ऑप्शन भी मिल सकती है। जानिए यहां। नई दिल्लीः जैसे-जैसे दुनिया बदल रही है, डेटा का महत्व भी बढ़ता ही जा रहा है। बाजार को समझने के लिए डेटा की जरूरत पड़ती है। कंपनी जब किसी प्रॉडक्ट को लॉन्च करती है, तो डेटा के आधार किए गए रिसर्च के आधार पर कंपनी को फैसले लेने होते हैं। ऐसे में मार्केट रिसर्चर की भूमिका अहम हो जाती है। पहले इनकी मांग विदेशों में ही अधिक होती थी, लेकिन अब वैश्विक स्तर पर इस तरह के विशेषज्ञों की मांग है। इस क्षेत्र में कदम रखने के लिए पहली योग्यता है किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से बीबीए की डिग्री। किसी भी विषय में 12वीं करने के बाद आप बीबीए कर सकते हैं। इसके आगे एमबीए की पढ़ाई कर सकते हैं। मार्केट रिसर्च में नौकरी के लिए स्नातक होना आवश्यक है। इसके अलावा अंग्रेजी पर अच्छी कमांड होनी चाहिए। मार्केटिंग, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, सोशोलॉजी में पढ़ाई काफी मददगार साबित होती है। मार्केट रिसर्च में शुरुआती दौर में आप 15,000 रुपए प्रतिमाह तक कमा सकते हैं। इसके बाद पद के हिसाब से 5 से 15 लाख तक का सालाना पैकेज बढ़ता जाता है।

Success Tips: विदेश में पढ़ना चाहते हैं तो इन बातों का रखें ध्यान

आज-कल विदेश में पढ़ाई करने का ट्रेंड भारतीय स्‍टूडेंट्स में बहुत तेजी से बढ़ रहा है। ज्यादातर स्‍टूडेंट अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए विदेश जाना चाहते हैं। विदेशों संस्थानों में पढ़ने के लिए आवेदन देते समय कई बातों का ख्याल रखना चाहिए ताकि नए देश में जाकर आपको किसी तरह की कोई परेशानी ना हो। नई दिल्लीः विदेश में पढ़ाई के लिए जाने से पहले कुछ चीजों को ध्यान में रखना जरूरी है: विदेश में पढ़ाई के लिए आवेदन देने से पहले कॉलेज का चयन सावधानीपूर्वक करना बेहद जरूरी है। विदेशों में कई कॉलेज वो कोर्स ऑफर कर रहे हैं जो आप पढ़ना चाहते हैं। लेकिन, कॉलेजों की शार्टलिस्टिंग बेहद जरूरी है। पढ़ाई करने जा रहे हैं, तो सबसे पहले इंटरनेशनल स्टूडेंट आईडी कार्ड बनवाएं, जिससे आपकों कई फायदें होंगे। आईडी कार्ड की मदद से आपको विदेश में डिस्काउंट मिलने में आसानी होगी। हर विश्वविद्यालय विदेशी छात्रों को अपनी तरफ से कई तरह की स्कॉलरशिप प्रदान करती है। कोई भी कोर्स चुनने से पहले ये जरूर पता लगा लें कि इस कोर्स को करने के दौरान स्कॉलरशिप मिलती है या नहीं। किसी भी देश में पढ़ाई करने के लिए जाने से पहले उस देश के बारे में अच्छे से जानना जरूरी है।

Success Tips: फाइनेंस में करियर बनाना चाहते हैं तो आपके काम की है खबर, जानें कोर्स, जॉब से जुड़ी पूरी डीटेल

आज के समय में फाइनेंस एक बेहतरीन करियर विकल्प है। इस क्षेत्र में ग्रोथ की असीमित संभावनाएं है। लेकिन फाइनेंस के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आपको सही मार्गदर्शन की जरुरत है। जानिए फाइनेंस में करियर से जुड़ी खास बातें। नई दिल्लीः आज के समय में युवा फाइनेंस में अपना करियर बनाने की चाह ज्यादा रख रहे हैं। इसमें कोई शक नहीं है कि फाइनेंस एक बेहतरीन करियर विकल्प है। इस क्षेत्र में ग्रोथ की असीमित संभावनाएं है। लेकिन फाइनेंस के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आपको सही मार्गदर्शन की जरुरत है। जानिए इस करियर से जुड़ी जरूरी बातें। फाइनेंस में छह माह से तीन साल की अवधि के डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा, ग्रेजुएशन व मास्टर स्तर के कई पाठ्यक्रम तमाम संस्थानों में कराए जाते हैं। अगर आप इस क्षेत्र में बेहतरीन करियर चाहते हैं तो आपको एमबीए इन फाइनेंस करना चाहिए। एमबीए कई विषयों में होता है लेकिन एमबीए फाइनेंस की पढ़ाई में सारा फोकस फाइनेंस पर होता है। इसके लिए जरूरी है कि आप एमबीए इन फाइनेंस के लिए कोई अच्छा संस्थान खोजे, जहां की पढ़ाई और प्लेसमेंट का रिकॉर्ड अच्छा हो। फाइनेंस में रोजगार के भरपूर अवसर हैं। बैंकिंग सेक्टर में जहां इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी मैनेजर, रिटेल रिलेशनशिप ऑफिसर, म्युचुअल फंड मैनेजर आदि के रूप में मौके मिलते हैं। केपीओ सेक्टर में युवा डेटा एनालिस्ट, मार्केट रिसर्चर, क्लाइंट डेवलपमेंट एनालिस्ट, बिजनेस एनालिस्ट व रिसर्च एसोसिएट के रूप में सेवाएं दे सकते हैं। इक्विटी रिसर्च फर्म में भी मौके मिलते हैं।

Success Tips: कर रहे हैं UPSC की तैयारी तो आपके काम की है ये खबर, इंटरव्यू निकालने में मिलेगी मदद

संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा के लिए हर साल लाखों छात्र आवेदन करते हैं। कई बार इस परीक्षा में कुछ उम्मीदवार इस परीक्षा को पास तो कर लेते हैं लेकिन इंटरव्यू निकालने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। जानिए आईएएस के इंटरव्यू से जुड़ी कुछ खास बातें। नई दिल्लीः सिविल सर्विस परीक्षा के इन्‍टरव्‍यू अब से कुछ ही दिनों बाद शुरू होने वाले हैं। यदि इन्‍टरव्‍यू में थोड़ी भी चुक हुई, तो शुरुआत फिर से करनी पड़ेगी। ऐसे में ये खबर आपके काम की है। इंटरव्यू में 5-7 लोगों का पैनल होता है, जो उम्मीदवारों की मानसिक क्षमता को टेस्ट करते हैं। आईएएस टॉपर के अनुसार आपको यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा के इंटरव्यू की तैयारी को दो भागों में बांट लेना चाहिए। पहला डिटेल्ड एप्लीकेशन फॉर्म (डीएएफ) और दूसरा करंट अफेयर की तैयारी। इसलिए डीएएफ से जुड़े सभी सवालों के जवाब अच्छे से तैयार कर लें। इंटरव्यू में आपके हॉबी, आपकी नौकरी से जुड़े सवाल भी पूछे जा सकते हैं। आपके नाम के अर्थ पर भी सवाल पूछे जा सकते हैं। इसके लिए भी पहले से तैयार हो कर जाएं। इंटरव्यू के लिए बेहतर है कि अपने किसी दोस्त के साथ इंटरव्यू का अभ्यास कर लें।

Success Tips: रोबोटिक्स में बनाना चाहते हैं अपना करियर तो जानें उससे जुड़ी खास बातें

इस आधुनिक दुनिया में रोबोटिक्स तेजी से फल-फूल रहे पेशों में से एक बन चुका है। कई स्टूडेंट्स अब रोबोटिक्स में अपना करियर बनाना चाहते हैं। जानिए रोबोटिक्स में करियर से जुड़ी खास बातें। नई दल्लीः रोबोटिक्स इंजीनियरिंग की वह शाखा है जिसके तहत रोबोट की डिजाइनिंग, उनका अनुरक्षण, नए एप्लिकेशन का विकास और अनुसंधान जैसे काम सम्मिलित किए जाते हैं। रोबोटिक्स में मेनिपुलेशन और प्रोसेसिंग के लिए कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है। औद्योगिक क्षेत्रों, एटॉमिक व न्यूक्लियर पावर प्लांट आदि में रोबोट्स के बढ़ते इस्तेमाल से रोबोटिक्स इंजीनियरिंग विद्यार्थियों के लिए बेहतर कॅरियर विकल्प हो सकता है। इसमें छात्रों को रोबोट्स के निर्माण, डिजायनिंग, परीक्षण, रख रखाव, मरम्मत आदि के बारे में विस्तार से पढ़ाया जाता है। इस क्षेत्र में जाने के इच्छुक लोगों के लिए मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, दोनों की समझ होना जरूरी है। रोबोटिक्स की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को स्पेस रिसर्च, मेडिकल क्षेत्र, एंटरटेनमेंट, इनवेस्टिगेशन, बैंकिंग सहित कई अन्य फिल्ड में नौकरी का सुनहरा मौका मिल सकता है। रोबोटिक्स की पढ़ाई के लिए टॉप जगहेंइंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी), दिल्ली/ मुंबई/ कानपुर/ मद्रास/ गुवाहाटी/ खड़गपुर/ रुड़की आदि। इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु।सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एंड रोबोटिक्स, बेंगलुरु। बिड़ला इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (बिट्स), पिलानी। कोचिन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, कोच्चि। वीरमाता जीजाबाई टेक्नोलॉजी इंस्टिट्यूट, मुंबई।थापर इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, पटियाला। यूनिवर्सिटी ऑफ हैदराबाद, हैदराबाद।

Success Tips: जॉब इंटरव्यू और प्रमोशन के दौरान इन चीजों को देखती है कंपनी, आपके काम की है ये खबर

कई बार ऐसा होता है कि एक ही शैक्षणिक योग्यता वालों में से किसी एक को नौकरी या प्रमोशन मिलता है और किसी एक को नहीं। इसके पीछे कई ऐसे कारण हैं, जिस पर आपको भी खास ध्यान देना जरूरी है। जानिए कुछ जरूरी बातें। नई दिल्लीः जॉब इंटरव्यू से लेकर प्रमोशन तक में हमेशा किसी एक का होता है और साथ में काम करने वाले को बराबर की शैक्षणिक योग्यता के बाद भी नहीं मिलती है। इसके पीछे कई सारे कारण हैं। चाहे भारतीय कंपनी हो या बहुराष्ट्रीय कंपनी, अपने काम में मेहनत दिखाने वाला उम्मीदवार ही कंपनी के लक्ष्यों में बराबर योगदान दे पाएगा। इसीलिए मेहनत के आदर्श को बहुत काम का माना जाता है। इंटरव्यू में यह भी देखा जाता है कि उम्मीदवार में सीखने की चाह कितनी है। इसके पीछे सोच यही होती है कि किसी उम्मीदवार को अपेक्षित कौशल का प्रशिक्षण दिया जा सकता है। इंटरव्यू के दौरान अक्सर यह सवाल जरूर पूछा जाता है कि हम आपको इस संस्थान में नौकरी क्यों दें? ऐसे सवालों के जवाब में आपको अपनी मार्केटिंग बहुत अच्छे तरीके से करनी होगी। इंटरव्यूअर के सामने अपनी यूनीक क्वॉलिटी, स्ट्रॉन्ग पॉइंट, किस तरह आप दूसरे कैंडिडेट से अलग हैं, इन सारी बातों को बताना चाहिए।