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NMMSS Scholarship 2026: आवेदन की तारीख फिर बढ़ी, अब 15 नवंबर तक मौका, चार साल में मिलेंगे 48 हजार रुपये

NMMSS Scholarship 2026-27

NMMSS Scholarship 2026-27 की आवेदन तारीख बढ़ाकर 15 नवंबर कर दी गई है। पात्र छात्रों को हर साल 12,000 रुपये मिलेंगे। जानें योग्यता, जरूरी अंक, आय सीमा, आवेदन प्रक्रिया और वेरिफिकेशन की तारीखें।

Bihar Board Exam 2027: बिहार बोर्ड ने जारी किए मैट्रिक और इंटरमीडिएट के डमी एडमिट कार्ड, ऐसे करें चेक

Bihar Board Exam 2027

New Delhi: बिहार बोर्ड द्वारा आयोजित 2027 की मैट्रिक (कक्षा 10) और इंटरमीडिएट (कक्षा 12) परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने कक्षा 10 और कक्षा 12 के लिए डमी एडमिट कार्ड (Bihar Board Exam 2027) जारी करने की घोषणा की है। छात्र अपने स्कूल के माध्यम से या अपने लॉगिन क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके डमी एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। बोर्ड ने किसी भी आवश्यक सुधार के लिए 7 नवंबर की समय-सीमा तय की है। अपने एडमिट कार्ड पर इन विवरणों की जांच करें डमी एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद छात्रों (Bihar Board Exam 2027) को उसमें दी गई सभी जानकारियों को ध्यान से देखना चाहिए। विशेष रूप से, यह सुनिश्चित करें कि आपका नाम, माता-पिता का नाम, जन्म तिथि, विषय और अन्य व्यक्तिगत विवरण सही हैं। यदि कोई गलती मिलती है, तो छात्रों को तुरंत अपने स्कूल के प्रधानाचार्य या संबंधित अधिकारियों से संपर्क करना चाहिए। अंतिम एडमिट कार्ड जारी होने पर किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए, तय समय-सीमा के भीतर इन सुधारों को करवा लेना बहुत जरूरी है। बिहार बोर्ड का डमी एडमिट कार्ड कहां से डाउनलोड करें? छात्र मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए अपना डमी एडमिट कार्ड (Bihar Board Exam 2027) संबंधित पोर्टल पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं: मैट्रिक (कक्षा 10): exam.biharboardonline.org इंटरमीडिएट (कक्षा 12): intermediate.biharboardonline.com स्कूल के प्रधानाचार्य भी अपने लॉगिन क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके अपने छात्रों के लिए डमी एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। नवंबर में परीक्षा की डेट शीट जारी होने की संभावना उम्मीद है कि बिहार बोर्ड नवंबर 2026 में 2027 की मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षाओं (Bihar Board Exam 2027) के लिए डेट शीट जारी करेगा। पिछले साल, बोर्ड ने 29 नवंबर को परीक्षा कार्यक्रम जारी किया था। हालांकि, 2027 की परीक्षाओं के लिए आधिकारिक तारीखों की घोषणा अभी बाकी है। पिछले परीक्षा सत्र में इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 2 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक आयोजित की गई थीं और मैट्रिक की परीक्षाएं 17 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक हुई थीं। इस वर्ष की परीक्षा तिथियों और विस्तृत कार्यक्रम के बारे में जानकारी बोर्ड द्वारा आधिकारिक घोषणा किए जाने के बाद उपलब्ध होगी। निष्कर्ष अगर आपको सरकारी जॉब वैकेंसी, भर्ती परीक्षाओं और नौकरी से जुड़ी हर जरूरी जानकारी समय पर चाहिए, तो युवा डाइनामाइट न्यूज़ के इस पेज को जरूर फॉलो करें। यहां आपको सरकारी नौकरियों से जुड़े लेटेस्ट अपडेट सबसे पहले मिलते रहेंगे।

UP TET 2026 पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दोबारा जारी होगा रिजल्ट, फेल अभ्यर्थियों को मिलेगी राहत

UP TET 2026

UP TET 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 में कुछ अंकों से फेल हुए अभ्यर्थियों के लिए राहत की खबर सामने आई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने परीक्षा के दो विवादित सवालों को मूल्यांकन प्रक्रिया से बाहर करने का आदेश दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब हजारों अभ्यर्थियों के अंकों का गणित बदल सकता है। मास्टर सेट के प्रश्न संख्या 36 और 37 को हटाकर परीक्षा का परिणाम 150 की जगह 148 प्रश्नों के आधार पर दोबारा तैयार किया जाएगा। साथ ही आयोग को प्रभावित अभ्यर्थियों के अंकों की फिर से गणना कर संशोधित रिजल्ट और नई स्कोरकार्ड जारी करने का निर्देश दिया गया है। विजय सोनकर समेत चार अभ्यर्थियों की याचिका पर फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने विजय सोनकर और तीन अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल याचिका का निपटारा करते हुए यह आदेश दिया। दरअसल, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने 3 जुलाई को प्राथमिक स्तर की UPTET 2026 परीक्षा आयोजित की थी। इसके बाद 26 अगस्त को परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया था। परिणाम जारी होने के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि मास्टर सेट के दो सवालों में एक से अधिक विकल्पों को सही मानने के बावजूद सभी अभ्यर्थियों को समान तरीके से अंक नहीं दिए गए। इसी विवाद को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंचा था। दो सवालों में दो-दो विकल्प माने गए थे सही विवाद की शुरुआत आयोग की ओर से जारी फाइनल आंसर की के बाद हुई। इसमें मास्टर सेट के प्रश्न संख्या 36 और 37 के लिए दो-दो विकल्पों को सही माना गया था। हालांकि, मूल्यांकन के दौरान आयोग ने केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को अंक दिए, जिन्होंने ओएमआर शीट में उन दो मान्य विकल्पों में से किसी एक को चुना था। वहीं, जिन अभ्यर्थियों ने इन सवालों के दूसरे विकल्प चुने थे या प्रश्नों को छोड़ दिया था, उन्हें इसका लाभ नहीं मिला। इसी व्यवस्था को अभ्यर्थियों ने असमान बताते हुए चुनौती दी थी। एक-दो नंबर से फेल अभ्यर्थियों को मिल सकती है राहत याचिका में बताया गया कि सामान्य और ओबीसी वर्ग के जिन अभ्यर्थियों के पासिंग मार्क्स 82 अंक निर्धारित थे, उनमें कई ऐसे छात्र थे जो महज एक या डेढ़ अंक से परीक्षा में अनुत्तीर्ण रह गए थे। विवादित सवालों के मूल्यांकन का असर उनके परिणाम पर पड़ सकता था। हाईकोर्ट ने माना कि जब किसी ऑब्जेक्टिव परीक्षा में परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था खुद एक सवाल के दो अलग-अलग उत्तरों को सही मानती है, तो उस प्रश्न की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। ऐसी स्थिति में उस सवाल के आधार पर अभ्यर्थियों के बीच योग्य और अयोग्य का अंतर करना उचित नहीं होगा। इसलिए दोनों विवादित प्रश्नों को मूल्यांकन से हटाने का फैसला लिया गया। 148 प्रश्नों के आधार पर बनेगा नया रिजल्ट हाईकोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया है कि प्रश्न संख्या 36 और 37 को हटाकर पूरी परीक्षा का मूल्यांकन 148 प्रश्नों के आधार पर किया जाए। इसके बाद निर्धारित प्रतिशत के अनुसार नए पासिंग मार्क्स तय किए जाएंगे। आयोग को सभी समान रूप से प्रभावित अभ्यर्थियों के अंकों की दोबारा गणना करके संशोधित परिणाम और नई स्कोरकार्ड जारी करनी होगी। हालांकि, कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि UPTET उत्तीर्ण करने से अभ्यर्थियों को केवल शिक्षक भर्ती के लिए पात्रता मिलेगी। इससे किसी भी आगामी भर्ती में सीधे नौकरी पाने का अधिकार नहीं मिलेगा। ऐसे में अब अभ्यर्थियों की नजर आयोग की ओर से जारी होने वाले रिवाइज्ड रिजल्ट पर टिकी है।

Highest Paying Engineering Jobs: AI के दौर में इन 5 इंजीनियरिंग जॉब्स की है जबरदस्त डिमांड! जानें कौन-सी स्किल्स दिलाएंगी मोटी कमाई

Highest Paying Engineering Jobs

Highest Paying Engineering Jobs: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आने से नौकरियों की दुनिया तेजी से बदल रही है। कई ऐसे काम हैं जिन्हें अब मशीनें आसानी से कर रही हैं, लेकिन दूसरी तरफ कुछ नई नौकरियां ऐसी भी पैदा हो रही हैं, जिनकी कंपनियों में जबरदस्त मांग है। खास बात यह है कि इन नौकरियों में अच्छी स्किल्स रखने वाले युवाओं को लाखों से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का सालाना पैकेज मिल सकता है। अगर आप इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं या टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो ये पांच जॉब प्रोफाइल आपके लिए खास हो सकती हैं। आइए जानते हैं कि आखिर कौन-सी हैं ये नौकरियां और इनमें कितनी कमाई का मौका मिल सकता है। 1. फॉरवर्ड डिप्लॉयड इंजीनियर (FDE) (Highest Paying Engineering Jobs) AI के दौर में फॉरवर्ड डिप्लॉयड इंजीनियर एक तेजी से उभरता हुआ करियर बन रहा है। इनका काम कंपनियों की समस्याओं को समझकर AI और दूसरी तकनीकों की मदद से उनका समाधान तैयार करना होता है। स्केलर-सीएमआर की 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, 88 फीसदी भारतीय कंपनियां मानती हैं कि 2030 तक इस प्रोफाइल की मांग बढ़ेगी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस क्षेत्र के 80 फीसदी इंजीनियरों का सालाना पैकेज 40 लाख से 1 करोड़ रुपये के बीच है। इसके लिए IIT हैदराबाद और Scaler जैसे संस्थानों के प्रोग्राम मददगार हो सकते हैं। ये भी पढ़ें- CBSE Board Exam 2028: 10वीं के छात्रों के लिए बदलने वाला है परीक्षा पैटर्न, एक विषय में फेल होने पर भी मिलेगा राहत का विकल्प! 2. AI और मशीन लर्निंग इंजीनियर (Highest Paying Engineering Jobs) AI और मशीन लर्निंग इंजीनियर ऐसे सिस्टम तैयार करते हैं, जो डेटा से सीखकर खुद फैसले लेने में सक्षम होते हैं। आज बैंकिंग, हेल्थकेयर, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में इनकी जरूरत बढ़ रही है। 2026 की टैलेंट इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में AI प्रोफेशनल्स की मांग और उपलब्ध टैलेंट के बीच बड़ा अंतर है। इसी वजह से इस क्षेत्र में सैलरी बढ़ने की संभावनाएं भी मजबूत हैं। Google Machine Learning Crash Course और DeepLearning.AI से इस क्षेत्र की शुरुआत की जा सकती है। 3. सॉफ्टवेयर और क्लाउड आर्किटेक्ट (Highest Paying Engineering Jobs) जब किसी ऐप या वेबसाइट पर लाखों लोग एक साथ आते हैं, तब भी उसका बिना रुके काम करना जरूरी होता है। यही जिम्मेदारी क्लाउड आर्किटेक्ट की होती है। ये ऐसे डिजिटल सिस्टम तैयार करते हैं, जो ज्यादा ट्रैफिक और डेटा को आसानी से संभाल सकें। 2026 की सैलरी गाइड के अनुसार, 3 से 7 साल का अनुभव रखने वाले क्लाउड आर्किटेक्ट 20 से 30 लाख रुपये सालाना तक कमा सकते हैं। वहीं अनुभवी प्रोफेशनल्स का पैकेज 45 से 60 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। ये भी पढ़ें- Student Motivation: दूसरों की सफलता देखकर क्यों जलता है मन? कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती! 4. बिग डेटा स्पेशलिस्ट और डेटा इंजीनियर (Highest Paying Engineering Jobs) आज कंपनियों के पास ग्राहकों से जुड़ा करोड़ों डेटा मौजूद है। इस डेटा को संभालना और उससे काम की जानकारी निकालना आसान नहीं होता। डेटा इंजीनियर इसी काम के लिए सिस्टम तैयार करते हैं। टेक हायरिंग से जुड़े आंकड़ों में डेटा इंजीनियरिंग की मांग लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है। बेंगलुरु जैसे टेक हब में इस प्रोफाइल का औसत सालाना पैकेज करीब 22 लाख रुपये बताया गया है। इस क्षेत्र के लिए SQL, Python और Google Cloud जैसी तकनीकों की जानकारी फायदेमंद है। 5. ब्लॉकचेन और साइबर सिक्योरिटी इंजीनियर (Highest Paying Engineering Jobs) डिजिटल दुनिया के विस्तार के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर हमलों का खतरा भी बढ़ रहा है। ऐसे में कंपनियों को साइबर सिक्योरिटी इंजीनियरों की जरूरत है, जो उनके सिस्टम और जरूरी डेटा को सुरक्षित रख सकें। वहीं ब्लॉकचेन इंजीनियर सुरक्षित डिजिटल नेटवर्क तैयार करते हैं। डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, कई कंपनियां आज भी कुशल साइबर सुरक्षा कर्मचारियों की कमी से जूझ रही हैं। इस क्षेत्र में IIT दिल्ली और IIT मद्रास के ट्रेनिंग प्रोग्राम विकल्प हो सकते हैं। सिर्फ डिग्री नहीं, ये स्किल्स बनाएंगी करोड़पति! (Highest Paying Engineering Jobs) इन पांचों करियर में कमाई की संभावनाएं जरूर शानदार हैं, लेकिन सिर्फ डिग्री के दम पर करोड़ों का पैकेज मिलना आसान नहीं है। इसके लिए प्रैक्टिकल नॉलेज, प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अनुभव और लगातार नई तकनीक सीखना जरूरी है।

CBSE Board Exam 2028: 10वीं के छात्रों के लिए बदलने वाला है परीक्षा पैटर्न, एक विषय में फेल होने पर भी मिलेगा राहत का विकल्प!

CBSE Board Exam 2028

CBSE Board Exam 2028 की कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में पांच अनिवार्य विषयों के साथ अतिरिक्त स्किल विषय चुनने का विकल्प मिलेगा। यह व्यवस्था 2026-27 में कक्षा 9 में पढ़ रहे छात्रों पर लागू होगी।

BSEB Exam 2026-27: बिहार बोर्ड ने जारी किए 10वीं-12वीं के डमी एडमिट कार्ड, स्कूल प्रशासन के जरिए डाउनलोड कर सकेंगे छात्र

BSEB Exam 2026-27

New Delhi: बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB Exam 2026-27) ने कक्षा 10 और 12 की वार्षिक बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों के लिए डमी एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। जिन छात्रों ने 2027 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए पंजीकरण कराया है, वे अपने स्कूल प्रशासन के माध्यम से अपना डमी एडमिट कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। स्कूल प्रमुख बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके लॉग इन कर सकते हैं और इन्हें डाउनलोड कर सकते हैं। स्कूलों के माध्यम से उपलब्ध डमी एडमिट कार्ड बिहार बोर्ड के लिए डमी एडमिट कार्ड अभी स्कूल प्रशासन (BSEB Exam 2026-27) के माध्यम से दिए जा रहे हैं। इन्हें प्राप्त करने के लिए स्कूल प्रमुखों को अपनी लॉगिन आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉग इन करना होगा। लॉग इन करने के बाद संबंधित छात्रों के डमी एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देंगे। इसके बाद स्कूल प्रशासन इन्हें छात्रों को वितरित कर देगा। 1 नवंबर से 7 नवंबर तक सुधार की अनुमति डमी एडमिट कार्ड जारी होने के बाद छात्रों को अपने विवरण (BSEB Exam 2026-27) की जांच करने का मौका दिया गया है। यदि कोई गलती पाई जाती है जैसे छात्र के नाम, माता-पिता या अभिभावक के नाम, जन्म तिथि, कक्षा, या अन्य जानकारी में तो उसे तय समय सीमा के भीतर ठीक किया जा सकता है। सुधार 1 नवंबर से 7 नवंबर के बीच किए जा सकते हैं। सुधार विंडो 1 नवंबर को सक्रिय हो जाएगी। छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे डमी एडमिट कार्ड पर दी गई सभी जानकारियों को ध्यान से देख लें। यदि कोई गलती मिलती है, तो उन्हें तुरंत स्कूल प्रशासन से संपर्क करना चाहिए ताकि समय रहते जरूरी सुधार किए जा सकें। बिहार बोर्ड की डेट शीट कब जारी होगी? बिहार बोर्ड ने अभी तक कक्षा 10 और 12 की 2027 की वार्षिक परीक्षाओं (BSEB Exam 2026-27) के लिए आधिकारिक डेट शीट जारी नहीं की है। जैसे ही बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम की घोषणा करेगा, छात्र और अभिभावक इसे आधिकारिक वेबसाइट से देख और डाउनलोड कर सकेंगे। निष्कर्ष अगर आपको सरकारी जॉब वैकेंसी, भर्ती परीक्षाओं और नौकरी से जुड़ी हर जरूरी जानकारी समय पर चाहिए, तो युवा डाइनामाइट न्यूज़ के इस पेज को जरूर फॉलो करें। यहां आपको सरकारी नौकरियों से जुड़े लेटेस्ट अपडेट सबसे पहले मिलते रहेंगे।

RRB ALP Admit Card 2026: आरआरबी असिस्टेंट लोको पायलट परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी, एग्जाम 3 नवंबर से शुरू

RRB ALP Admit Card 2026

RRB ALP Admit Card 2026 जारी हो गया है। असिस्टेंट लोको पायलट परीक्षा 3 नवंबर से शुरू होगी। जानिए rrbapply.gov.in से एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के छह आसान स्टेप्स और जरूरी निर्देश।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में 10 नवंबर से शुरू होंगी ऑफलाइन क्लासेस, 16 नवंबर से मिड टर्म एग्जाम

New Delhi: जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रों के प्रदर्शन और भूख हड़ताल के बाद अब शैक्षणिक गतिविधियां सामान्य होने जा रही हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 10 नवंबर से पहले की तरह ऑफलाइन क्लासेस शुरू करने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही मिड टर्म परीक्षाओं का शेड्यूल भी घोषित कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रोफेसर मोहम्मद महताब आलम रिजवी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, छात्र 10 नवंबर से कैंपस में कक्षाएं ज्वाइन कर सकेंगे। इससे पहले छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच प्रशासन ने ऑनलाइन क्लासेस कराने का फैसला लिया था। 16 से 21 नवंबर तक होंगे मिड टर्म एग्जाम ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने के छह दिन बाद यानी 16 नवंबर से मिड टर्म परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। परीक्षाएं 21 नवंबर तक चलेंगी। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सभी विभागों के डीन और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे कक्षाओं और परीक्षाओं का संचालन सुचारू रूप से सुनिश्चित करें। इसके अलावा छात्रों की उपस्थिति का पूरा रिकॉर्ड रखने के लिए भी कहा गया है। छात्रसंघ चुनाव की मांग पर बनी सहमति जामिया में पिछले कई दिनों से छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। कुछ छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे थे। उनकी प्रमुख मांगों में छात्रसंघ चुनाव कराना शामिल था। यूनिवर्सिटी में वर्ष 2006 के बाद से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं। छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच कई दौर की बातचीत के बाद सहमति बनी, जिसके बाद दो दिन पहले छात्रों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। प्रशासन की ओर से छात्रसंघ का संविधान लागू करने का आदेश भी जारी किया गया है। इसके साथ ही छात्रों की अन्य मांगों पर भी बातचीत हुई है। आपत्तिजनक नारों और तोड़फोड़ के मामले में कार्रवाई की मांग इस बीच जामिया के टीचिंग स्टाफ ने विश्वविद्यालय की दीवारों पर आपत्तिजनक और देशविरोधी नारे लिखने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिक्षकों ने तोड़फोड़ में शामिल लोगों पर भी कार्रवाई की मांग उठाई है। शिक्षकों का कहना है कि यह मामला विश्वविद्यालय के अंदर का है और इसे किसी की जीत या हार के रूप में देखना उचित नहीं है।

UP TET 2026: हाई कोर्ट के फैसले से अभ्यर्थियों को बड़ी राहत! दो सवाल हटे, अब बदलेगा रिजल्ट; जानिए किसे मिलेगा फायदा

UP TET 2026

UP TET 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP TET) 2026 के अभ्यर्थियों के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट से अहम फैसला आया है। कोर्ट ने परीक्षा के प्रश्न संख्या 36 और 37 को मूल्यांकन से बाहर करने का आदेश दिया है। खास बात यह है कि इस फैसले का लाभ सिर्फ याचिका दाखिल करने वाले चार अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समान स्थिति वाले सभी उम्मीदवारों को मिलेगा। इससे कई अभ्यर्थियों के अंकों और पात्रता पर असर पड़ सकता है। प्रश्न 36 और 37 को मूल्यांकन से हटाने का आदेश (UP TET 2026) इलाहाबाद हाई कोर्ट की एकलपीठ ने कानपुर नगर के विजय सोनकर और तीन अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने की। अदालत ने कहा कि प्रश्न संख्या 36 और 37 को मूल्यांकन में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। अंतिम उत्तर कुंजी में इन दोनों सवालों के दो-दो विकल्प सही माने गए थे। कोर्ट के आदेश के बाद अब प्रश्नपत्र का मूल्यांकन 150 के बजाय 148 प्रश्नों के आधार पर किया जाएगा। अर्हता का मानक निर्धारित प्रतिशत के हिसाब से तय होगा। चार अभ्यर्थियों को क्यों नहीं मिले थे अंक? (UP TET 2026) याचिकाकर्ताओं ने 3 जुलाई 2026 को दूसरी पाली में यूपी टीईटी की परीक्षा दी थी। 26 अगस्त 2026 को परिणाम घोषित हुआ, जिसमें चारों के सामान्यीकृत अंक निर्धारित 82 अंकों से कम थे। उनके अंक क्रमशः 81.39, 81.32, 80.40 और 80.94 थे। प्रोविजनल उत्तर कुंजी में प्रश्न 36 और 37 का सही जवाब केवल विकल्प (डी) बताया गया था। लेकिन अंतिम उत्तर कुंजी में प्रश्न 36 के लिए विकल्प (बी) और (डी), जबकि प्रश्न 37 के लिए (ए) और (डी) को सही मान लिया गया। ये भी पढ़ें- CBSE का बड़ा बदलाव! 10वीं में अब नहीं पढ़ना होगा पर्यावरण शिक्षा, जानिए कौन-से विषय हटे और किनकी बढ़ी अहमियत आयोग ने इन विकल्पों में से कोई एक चुनने वाले अभ्यर्थियों को अंक दिए। याचिकाकर्ताओं ने इनमें से कोई विकल्प नहीं चुना था, इसलिए उन्हें इन सवालों के अंक नहीं मिले। इसी फैसले को चुनौती देते हुए उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने सभी समान अभ्यर्थियों को दिया लाभ (UP TET 2026) हाई कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया कि राहत केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित नहीं रहेगी। जिन अभ्यर्थियों की स्थिति समान है, उन्हें भी इसका फायदा मिलेगा। आयोग को निर्देश दिया गया है कि याचिकाकर्ताओं के अंकों की दोबारा गणना कर परिणाम और स्कोरकार्ड में जरूरी सुधार किया जाए। ये भी पढ़ें- AIIMS Fellowship Programme January 2027: एम्स में 93 सीटों पर एडमिशन, 11 नवंबर तक करें आवेदन; दिसंबर में परीक्षा कोर्ट ने यह भी कहा कि जब किसी सवाल के दो विकल्प सही मान लिए जाते हैं, तो वह प्रश्न सही और गलत जानकारी रखने वाले अभ्यर्थियों के बीच अंतर करने का आधार नहीं रह जाता। ऐसे में केवल संयोग से सही विकल्प चुनने वालों को अंक देना उचित नहीं है। प्रश्न 38 हटने का भी कोर्ट ने किया जिक्र (UP TET 2026) अदालत ने यह भी ध्यान दिलाया कि इसी परीक्षा में आयोग पहले ही प्रश्न संख्या 38 को मूल्यांकन से हटा चुका था। ऐसे में प्रश्न 36 और 37 के साथ अलग व्यवहार करने का कोई तर्कसंगत आधार नहीं था। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस फैसले से किसी भी अभ्यर्थी को भविष्य की भर्ती में नियुक्ति या चयन का स्वतः अधिकार नहीं मिलेगा। राहत केवल यूपी टीईटी 2026 के परिणाम में सुधार और उससे जुड़ी पात्रता तक सीमित रहेगी। मामले में याचियों की ओर से अधिवक्ता अंकिता सिंह और तनिया पांडेय पेश हुईं, जबकि प्रतिवादियों की ओर से स्थायी अधिवक्ता शिव कुमार सिंह और उदयन नंदन ने पक्ष रखा।

JEE Main 2027: परीक्षा शहर चुनने पर NTA ने लगाई पाबंदी, अब इन नियमों के बिना नहीं भर पाएंगे विकल्प

NTA JEE Main

JEE Main 2027 सेशन 1 के लिए NTA ने परीक्षा शहरों के चयन के नियम बदले हैं। अब उम्मीदवारों को अपने पते वाले राज्य के शहर चुनने होंगे। जानें 310 परीक्षा शहरों की सूची, आवेदन की अंतिम तारीख और जरूरी निर्देश।

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