PE&MT Exam: बारिश ने रोकी दिल्ली पुलिस की परीक्षा! जानें अब कब होगा टेस्ट

New Delhi: दिल्ली में लगातार बारिश और खराब मौसम का असर अब भर्ती परीक्षा (PE&MT Exam) पर भी दिखाई दिया है। दिल्ली पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2025 के तहत 22 अगस्त 2026 को होने वाला Physical Endurance & Measurement Test (PE&MT) स्थगित कर दिया गया है। इस परीक्षा का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह अहम अपडेट है, क्योंकि अब उन्हें पहले तय तारीख पर परीक्षा केंद्र जाने की जरूरत नहीं होगी। दिल्ली पुलिस की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, मौसम की स्थिति को देखते हुए 22 अगस्त को निर्धारित PE&MT को टालने का फैसला लिया गया। परीक्षा को सुरक्षित और सुचारू तरीके से कराने के लिए यह बदलाव किया गया है। अब 10 सितंबर को होगा PE&MT जिन अभ्यर्थियों का PE&MT 22 अगस्त को होना था, उनका टेस्ट अब 10 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा। खास बात यह है कि परीक्षा की तारीख बदलने के बावजूद उम्मीदवारों के लिए परीक्षा केंद्र और रिपोर्टिंग समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी अभ्यर्थियों को अपने पुराने एडमिट कार्ड में दिए गए केंद्र और रिपोर्टिंग टाइम के मुताबिक ही परीक्षा देने पहुंचना होगा। इस बदलाव के कारण उम्मीदवारों को नए परीक्षा केंद्र की तलाश या नई रिपोर्टिंग टाइम को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। नया एडमिट कार्ड जारी होगा या नहीं? इस अपडेट का सबसे जरूरी हिस्सा एडमिट कार्ड को लेकर है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, 22 अगस्त के लिए जारी किया गया एडमिट कार्ड/ई-एडमिशन सर्टिफिकेट ही 10 सितंबर को मान्य रहेगा। उम्मीदवारों को नया एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है। ऐसे में अभ्यर्थियों को अपना मौजूदा एडमिट कार्ड संभालकर रखना चाहिए और परीक्षा वाले दिन उसी को लेकर केंद्र पर पहुंचना होगा। परीक्षा केंद्र और समय में बदलाव नहीं जिन उम्मीदवारों की 22 अगस्त वाली परीक्षा स्थगित हुई है, उनके परीक्षा केंद्र और रिपोर्टिंग समय में बदलाव नहीं किया गया है। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त समय पहले पहुंचें। इसके अलावा PE&MT Exam के लिए जरूरी दस्तावेज भी साथ ले जाना जरूरी होगा। अभ्यर्थियों को अपने एडमिट कार्ड पर दर्ज सभी जानकारी एक बार फिर जांच लेनी चाहिए, ताकि परीक्षा के दिन किसी तरह की परेशानी न हो। बाकी परीक्षा कार्यक्रम पहले जैसा दिल्ली पुलिस के नोटिस के अनुसार, सिर्फ 22 अगस्त को होने वाली परीक्षा को आगे बढ़ाया गया है। PE&MT की अन्य निर्धारित तारीखों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। अगर आगे मौसम या किसी अन्य कारण से परीक्षा कार्यक्रम में कोई परिवर्तन होता है, तो उसकी जानकारी दिल्ली पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से दी जाएगी। इसलिए उम्मीदवारों को सलाह है कि वे समय-समय पर आधिकारिक अपडेट जरूर देखते रहें।
Civil Judge: सुप्रीम कोर्ट ने बदला सिविल जज बनने का नियम, 3 साल की जगह अब इतना अनुभव ही काफी

New Delhi: सिविल जज (Civil Judge) बनने का सपना देख रहे लॉ ग्रेजुएट्स के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने जूनियर डिवीजन के सिविल जज पद पर सीधी भर्ती के लिए पहले लागू तीन साल की वकालत की शर्त को घटाकर एक साल की सक्रिय कानूनी प्रैक्टिस कर दिया है। यह व्यवस्था ट्रांजिशन पीरियड के बाद जारी होने वाली भर्तियों पर लागू होगी। हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि न्यायिक सेवा में आने वाले उम्मीदवारों को केवल परीक्षा पास करने के बाद सीधे नियमित जज की जिम्मेदारी नहीं मिलेगी। चयन के बाद ट्रेनिंग और क्लर्कशिप की प्रक्रिया से गुजरना होगा। अभी कुछ उम्मीदवारों को प्रैक्टिस की भी जरूरत नहीं (Civil Judge) सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सबसे दिलचस्प हिस्सा ट्रांजिशन पीरियड को लेकर है। 20 मई 2025 से 31 मार्च 2027 तक जारी होने वाली सिविल जज जूनियर डिवीजन की भर्ती अधिसूचनाओं में लॉ ग्रेजुएट्स को पूर्व वकालत के अनुभव के बिना भी आवेदन करने की अनुमति दी गई है। ऐसे उम्मीदवारों को आवेदन के लिए एक साल की प्रैक्टिस पूरी मान लिया जाएगा और अलग से प्रैक्टिस सर्टिफिकेट नहीं देना होगा। इसका मतलब है कि इस अवधि में भर्ती निकलने पर नए लॉ ग्रेजुएट्स के लिए मौका पहले से काफी आसान हो सकता है। चयन के बाद शुरू होगा असली प्रशिक्षण (Civil Judge) कोर्ट ने अनुभव की जरूरत को पूरी तरह खत्म नहीं किया है। चयनित उम्मीदवारों को पहले एक साल तक राज्य न्यायिक अकादमी में गहन प्रशिक्षण लेना होगा। इसके बाद एक साल की संरचित लॉ क्लर्कशिप भी करनी होगी। क्लर्कशिप को भी दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले छह महीने प्रधान जिला न्यायाधीश या उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी की निगरानी में काम करना होगा। इसके बाद छह महीने संबंधित हाई कोर्ट के किसी मौजूदा न्यायाधीश के मार्गदर्शन में क्लर्कशिप पूरी करनी होगी। यानी अदालत ने रास्ता छोटा जरूर किया है, लेकिन उम्मीदवारों को जमीनी न्यायिक कामकाज से दूर नहीं रखा है। 1 अप्रैल 2027 के बाद क्या बदलेगा? 1 अप्रैल 2027 या उसके बाद जारी होने वाली भर्ती अधिसूचनाओं के लिए उम्मीदवार के पास परीक्षा में बैठने से पहले कम से कम एक साल की वास्तविक सक्रिय वकालत होनी चाहिए। इस प्रैक्टिस का सत्यापन भी किया जाएगा और इसके लिए प्रमाणपत्र जरूरी होगा। इस तरह तीन साल की पुरानी शर्त अब एक साल के अनुभव में बदल गई है। साथ ही चयन के बाद एक साल की ट्रेनिंग और एक साल की क्लर्कशिप का ढांचा रखा गया है। फैसले के पीछे क्या रही वजह? सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में पूर्व न्यायिक अनुभव की जरूरत को पूरी तरह नकारा नहीं। कोर्ट का मानना रहा कि न्यायिक सेवा में आने वाले व्यक्ति को अदालत की वास्तविक कार्यप्रणाली की समझ होना जरूरी है। लेकिन मई 2025 में तीन साल की प्रैक्टिस की शर्त लागू होने से उन लॉ ग्रेजुएट्स को परेशानी हुई, जो पहले की व्यवस्था के आधार पर अपनी तैयारी और करियर की योजना बना चुके थे। फैसला चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने सुनाया। जस्टिस चंद्रन ने इस बदलाव पर असहमति जताई।
Delhi Police भर्ती: बारिश बनी अभ्यर्थियों के लिए वरदान! टला 22 अगस्त का फिजिकल टेस्ट, जानें नई तारीख

New Delhi: अगर आप Delhi Police कॉन्स्टेबल एग्जीक्यूटिव भर्ती के शारीरिक दक्षता एवं मानक परीक्षण (PE&MT) की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। दिल्ली में जारी भारी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए Delhi Police ने 22 अगस्त से आयोजित होने वाले फिजिकल टेस्ट को तत्काल प्रभाव से स्थगित (Postpone) कर दिया है। भर्ती बोर्ड ने इस संबंध में नया आधिकारिक नोटिस जारी कर परीक्षा की नई तारीखों का ऐलान कर दिया है। Delhi Police भर्ती: मौसम ने दिया तैयारी का बोनस टाइम अक्सर अचानक परीक्षा टलने से अभ्यर्थियों को झटका लगता है, लेकिन इस बार इसे तैयारी के नजरिए से एक बड़े मौके की तरह देखा जा रहा है। रेस, हाई जंप और लॉन्ग जंप की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को अपनी टाइमिंग और फिटनेस बेहतर करने के लिए पूरे 19 दिनों का अतिरिक्त समय मिल गया है। जो अभ्यर्थी कुछ सेकंड्स से पिछड़ रहे थे, उनके लिए यह मौसम की वजह से मिला एक तरह का ‘गोल्डन चांस’ साबित हो सकता है। Delhi Police भर्ती: अब 10 सितंबर से शुरू होंगे ग्राउंड टेस्ट आधिकारिक नोटिस के मुताबिक, 22 अगस्त 2026 से शुरू होने वाले फिजिकल टेस्ट अब 10 सितंबर 2026 से आयोजित किए जाएंगे। परीक्षा स्थल (Exam Venue) और रिपोर्टिंग समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अभ्यर्थियों को उसी जगह और उसी समय पर रिपोर्ट करना होगा जो उन्हें पहले बताया गया था। Delhi Police भर्ती: पुराने एडमिट कार्ड ही रहेंगे पूरी तरह मान्य दिल्ली पुलिस भर्ती बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि शारीरिक दक्षता एवं मानक परीक्षण (PE&MT) के लिए कोई नया एडमिट कार्ड जारी नहीं किया जाएगा। उम्मीदवारों द्वारा पूर्व में डाउनलोड किया गया हॉल टिकट ही 10 सितंबर 2026 से शुरू होने वाले फिजिकल टेस्ट के लिए पूर्ण रूप से मान्य रहेगा। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने पुराने प्रवेश पत्र और सभी आवश्यक मूल दस्तावेजों को सुरक्षित रखें तथा नए शेड्यूल के अनुसार निर्धारित परीक्षा केंद्र पर पहुंचे। दिल्ली पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती के अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा टलना निराशा नहीं, बल्कि तैयारी को नए पंख देने वाला एक सुनहरा अवसर है। भारी बारिश के चलते मिली इस राहत का पूरा फायदा उठाएं और 10 सितंबर से होने वाले फिजिकल टेस्ट के लिए अपनी तैयारी को और भी मजबूत बनाएं। भर्ती परीक्षा और सरकारी नौकरियों से जुड़ी हर छोटी-बड़ी सटीक अपडेट के लिए ‘युवा डाइनामाइट‘ के साथ लगातार बने रहें।
Government Exams: एक परीक्षा रद्द हुई तो करोड़ों का झटका! जानिए सरकार को आखिर कितना पड़ता है भारी

Government Exams: हर साल लाखों युवा सरकारी नौकरी और बड़े एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी में महीनों और कई बार सालों लगा देते हैं। ऐसे में जब पेपर लीक, तकनीकी गड़बड़ी या किसी दूसरी वजह से कोई बड़ी परीक्षा रद्द होती है, तो सबसे पहले छात्रों की परेशानी सामने आती है। लेकिन इसके पीछे सरकारी एजेंसियों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम नहीं होता। एक परीक्षा को दोबारा कराने में आखिर कितना पैसा खर्च होता है? यही सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है। परीक्षा कराने से पहले ही शुरू हो जाता है बड़ा खर्च (Government Exams) देश की किसी बड़ी परीक्षा का आयोजन सिर्फ प्रश्नपत्र तैयार करने तक सीमित नहीं होता। परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था, पेपर की छपाई, उन्हें सुरक्षित तरीके से सेंटर तक पहुंचाना, कर्मचारियों और निरीक्षकों की तैनाती, सुरक्षा, सीसीटीवी, बायोमेट्रिक जांच और तकनीकी सिस्टम पर बड़ी रकम खर्च होती है। बड़े स्तर की परीक्षाओं में सर्वर, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और परिवहन जैसी व्यवस्थाएं भी जुड़ जाती हैं। यानी परीक्षा शुरू होने से पहले ही एजेंसी को काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। रद्द होते ही पुराना खर्च बेकार मान लीजिए परीक्षा के दिन या उसके बाद पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या सामने आ गई और पूरी परीक्षा रद्द करनी पड़ी। ऐसी स्थिति में पहले किए गए कई खर्च दोबारा वापस नहीं आते। सबसे बड़ी बात यह है कि परीक्षा दोबारा कराने के लिए फिर से लगभग वही तैयारियां करनी पड़ती हैं। नए परीक्षा केंद्र तलाशने से लेकर स्टाफ, सुरक्षा और प्रश्नपत्र की व्यवस्था तक, कई काम फिर से शुरू होते हैं। इसका सीधा असर सरकारी बजट पर पड़ता है। NTA के आंकड़ों से समझिए मामला (Government Exams) राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 2018 से अब तक अलग-अलग परीक्षाओं के आयोजन पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में NTA का परीक्षा संचालन खर्च करीब 3,064 करोड़ रुपये रहा है। वहीं बड़ी परीक्षाओं से आवेदन शुल्क के जरिए एजेंसी को अच्छी-खासी रकम भी प्राप्त होती है। लेकिन सिर्फ फीस से होने वाली कमाई को देखकर पूरी तस्वीर समझना सही नहीं होगा। परीक्षा के आयोजन में प्रिंटिंग, परिवहन, तकनीकी व्यवस्था और सुरक्षा जैसे कई खर्च शामिल होते हैं। एक परीक्षा रद्द होने पर कितना नुकसान? किसी राष्ट्रीय स्तर की बड़ी परीक्षा में लाखों उम्मीदवार शामिल होते हैं। ऐसे में उसके आयोजन का खर्च परीक्षा के आकार और व्यवस्थाओं के हिसाब से अलग-अलग होता है। एक बड़े एग्जाम पर शुरुआती खर्च करीब 50 करोड़ से 150 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा सकता है। अगर परीक्षा रद्द हो जाए और उसे दोबारा कराना पड़े, तो पुराने खर्च के साथ नए आयोजन का खर्च भी जुड़ जाता है। इस वजह से कुल आर्थिक नुकसान कई मामलों में 250 से 300 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। हालांकि, यह कोई तय रकम नहीं है। हर परीक्षा का खर्च उम्मीदवारों की संख्या, केंद्रों की संख्या, सुरक्षा व्यवस्था और दोबारा परीक्षा के दायरे के आधार पर बदल सकता है। असली नुकसान सिर्फ पैसे का नहीं होता, बल्कि छात्रों का समय, सरकारी संसाधन और परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा भी प्रभावित होता है।
NCERT की पॉलिटिकल साइंस किताबें बदलेंगी! नई टीम में इन नामों से गरमाई चर्चा, जानिए क्या होगा नया

New Delhi: नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने कक्षा 11वीं और 12वीं की पॉलिटिकल साइंस की नई पाठ्यपुस्तकें तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए 20 सदस्यों वाली टीम का पुनर्गठन किया गया है। इस टीम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन (NCF-SE) के हिसाब से पाठ्यक्रम को अंतिम रूप देने और नई किताबें तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रो. संदीप शास्त्री करेंगे टीम की अगुवाई नई समिति की अध्यक्षता निट्टे डीम्ड यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु के वाइस प्रेसिडेंट और अकादमिक एवं राजनीतिक विश्लेषक प्रो. संदीप शास्त्री करेंगे। डॉ. वंथांगपुई खोबुंग और डॉ. सुभाष सिंह को सदस्य समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई है। इनका काम टीम और NCERT के बीच औपचारिक संवाद बनाए रखना और बैठकों के साथ-साथ प्रकाशन से जुड़े नियमों की जानकारी सदस्यों तक पहुंचाना होगा। कुछ सदस्यों के RSS और ABVP से जुड़ाव का दावा नई टीम के गठन के बाद इसके कुछ सदस्यों की पृष्ठभूमि को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। उपलब्ध दावों के अनुसार, 20 सदस्यीय समिति में कम से कम चार ऐसे नाम हैं, जिनके RSS, ABVP या उनसे जुड़े संगठनों के साथ संबंध बताए गए हैं। इनमें शिक्षा मंत्रालय की नेशनल सिलेबस एंड टीचिंग-लर्निंग मैटेरियल कमेटी से जुड़े वरिष्ठ सलाहकार यदुनाथ देशपांडे का नाम शामिल है। ABVP के रिकॉर्ड के मुताबिक, वह महाराष्ट्र में संगठन के संयुक्त राज्य संगठन सचिव और मुंबई-कोंकण क्षेत्र में संगठन सचिव की भूमिका निभा चुके हैं। पुणे स्थित ज्ञान प्रबोधिनी के टीचर एजुकेशन सेंटर एंड रिसर्च प्रोग्राम के प्रमुख डॉ. प्रशांत दिवेकर भी समिति में हैं। इसके अलावा JNU की प्रोफेसर वंदना मिश्रा और JNU के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रवि रमेश चंद्र शुक्ला के संबंधों को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं। पहले 11वीं की किताब होगी तैयार NCERT ने किताबों को तैयार करने के लिए समयसीमा भी तय की है। योजना के मुताबिक कक्षा 11वीं की पॉलिटिकल साइंस की नई किताब 30 नवंबर 2026 तक तैयार करने का लक्ष्य है। इसके बाद कक्षा 12वीं की किताब को 30 जुलाई 2027 तक पूरा करने की समयसीमा रखी गई है। नई पाठ्यपुस्तकों में NEP 2020 और NCF-SE 2023 के तहत किए जा रहे बदलावों को शामिल किया जाएगा। समिति में विश्वविद्यालयों, कानून संस्थानों, ओपन लर्निंग संस्थानों और अन्य शैक्षणिक क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ और शिक्षक शामिल हैं। भारतीय ज्ञान प्रणाली पर रहेगा खास ध्यान नई किताबों में भारतीय ज्ञान प्रणाली यानी Indian Knowledge System को एक प्रमुख विषय के रूप में जगह देने की योजना है। इसके साथ सांस्कृतिक जुड़ाव, समानता, समावेशन, मूल्य शिक्षा, पर्यावरण शिक्षा और सूचना एवं संचार तकनीक जैसे पहलुओं को भी शामिल किया जाएगा। समिति को NCERT के भारतीय ज्ञान प्रणाली, सामाजिक विज्ञान, भाषाओं, पर्यावरण शिक्षा और नई शिक्षण पद्धतियों से जुड़े समूहों के साथ चर्चा करनी होगी। हर अध्याय में इन पहलुओं को किस तरह जोड़ा गया है, इसकी भी समीक्षा की जाएगी। सीधे नहीं छपेंगी नई किताबें नई किताबें तैयार होने के बाद उन्हें तुरंत छात्रों के लिए जारी नहीं किया जाएगा। पहले लेखन, विषयवस्तु की समीक्षा, भाषा संपादन और अलग-अलग विषयों के बीच तालमेल की प्रक्रिया पूरी होगी। तैयार अध्याय पूरी टीम के सामने रखे जाएंगे। इसके बाद टेक्स्टबुक कोर ग्रुप और NCERT की संबंधित समितियां इनकी समीक्षा करेंगी। जरूरी बदलावों के बाद अंतिम मंजूरी दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर किसी विशेष अध्याय के लिए बाहरी विशेषज्ञ, शिक्षक, इलस्ट्रेटर या डिजाइनर की मदद भी ली जा सकती है।
Railway Vacancy 2026: रेलवे ने 10वीं पास युवाओं के लिए खोल दिया बड़ा मौका, 1000 से ज्यादा पदों पर भर्ती

New Delhi: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए रेलवे (Railway Vacancy 2026) से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। इंडियन रेलवे की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में अप्रेंटिस के 1010 पदों पर भर्ती का मौका दिया गया है। खास बात यह है कि इस भर्ती में उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा नहीं देनी होगी। चयन 10वीं के अंकों के आधार पर तैयार होने वाली मेरिट लिस्ट से किया जाएगा। फ्रेशर्स भी कर सकते हैं आवेदन (Railway Vacancy 2026) इस भर्ती की सबसे खास बात उन युवाओं के लिए है, जिनके पास अभी किसी नौकरी का अनुभव नहीं है। अप्रेंटिसशिप के जरिए उन्हें रेलवे के कामकाज से जुड़कर ट्रेनिंग और अनुभव हासिल करने का मौका मिलेगा। भर्ती में फ्रेशर्स के साथ एक्स-आईटीआई उम्मीदवारों को भी शामिल किया गया है। आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है और उम्मीदवार इंटीग्रल कोच फैक्ट्री की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को नोटिफिकेशन में दी गई योग्यता और उम्र से जुड़ी शर्तों को ध्यान से देखना जरूरी होगा। 10वीं के नंबर बन सकते हैं चयन की चाबी अप्रेंटिस पदों के लिए उम्मीदवारों की मेरिट 10वीं कक्षा के अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी। यानी यहां लिखित परीक्षा के बजाय स्कूल की मार्कशीट अहम भूमिका निभाएगी। अगर दो उम्मीदवारों के अंक समान रहते हैं, तो अधिक उम्र वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जा सकती है। कोविड अवधि में 10वीं पास करने वाले उम्मीदवारों की मार्कशीट से जुड़े दस्तावेजों को लेकर भी विशेष शर्तें रखी गई हैं। वहीं, अंकों से संबंधित दस्तावेज जमा करते समय उम्मीदवारों को किसी भी गलती से बचना होगा। उम्र की सीमा भी जान लें (Railway Vacancy 2026) अप्रेंटिसशिप के लिए सामान्य तौर पर न्यूनतम उम्र 15 वर्ष रखी गई है। नॉन-आईटीआई और फ्रेशर उम्मीदवारों के लिए अधिकतम उम्र 22 वर्ष तक बताई गई है, जबकि संबंधित श्रेणियों में अधिकतम उम्र 24 वर्ष तक हो सकती है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार ऊपरी आयु सीमा में छूट भी दी जाएगी। कितनी मिलेगी हर महीने रकम? अप्रेंटिसशिप के दौरान उम्मीदवारों को स्टाइपेंड दिया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 10वीं पास फ्रेशर्स को हर महीने 8,200 रुपये और 12वीं पास उम्मीदवारों को 9,600 रुपये तक स्टाइपेंड मिल सकता है। एक्स-आईटीआई उम्मीदवारों के लिए भी स्टाइपेंड 9,600 रुपये बताया गया है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि दूसरे साल स्टाइपेंड में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रावधान है। हालांकि, आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को आधिकारिक नोटिफिकेशन में अपनी कैटेगरी और पात्रता जरूर जांचनी चाहिए।
Courses After Retirement: रिटायरमेंट के बाद भी कमाई का रास्ता खुला है, ये कोर्स बदल सकते हैं जिंदगी की दूसरी पारी

New Delhi: रिटायरमेंट (Courses After Retirement) को अक्सर नौकरी और जिम्मेदारियों से पूरी तरह दूरी बनाने का समय माना जाता है। लेकिन आज तस्वीर तेजी से बदल रही है। 60 साल की उम्र के बाद भी कई लोग अपने अनुभव और हुनर का इस्तेमाल करके काम करना पसंद कर रहे हैं। खास बात यह है कि इसके लिए हमेशा फुल टाइम नौकरी की जरूरत नहीं होती। पार्ट-टाइम काम, फ्रीलांस प्रोजेक्ट और कंसल्टेंसी जैसे विकल्प भी मौजूद हैं। रिटायरमेंट के बाद कोई नया कोर्स करना सिर्फ कमाई का जरिया नहीं, बल्कि खुद को व्यस्त और अपडेट रखने का तरीका भी बन सकता है। ऐसे में अपनी पुरानी नौकरी के अनुभव से जुड़े क्षेत्र को चुनना काफी फायदेमंद हो सकता है। डिजिटल मार्केटिंग सीखकर शुरू करें नई पारी (Courses After Retirement) आज छोटे-बड़े कारोबारों के लिए ऑनलाइन मौजूदगी बेहद जरूरी हो गई है। ऐसे में डिजिटल मार्केटिंग एक ऐसा क्षेत्र है, जिसे रिटायरमेंट के बाद भी सीखा जा सकता है। इसमें SEO, सोशल मीडिया, ऑनलाइन विज्ञापन और कंटेंट प्रमोशन जैसी चीजें शामिल होती हैं। अगर किसी व्यक्ति को स्थानीय कारोबार, दुकान या छोटे ब्रांड के साथ काम करने का मौका मिलता है, तो वह सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्रमोशन संभाल सकता है। फ्रीलांस काम में कमाई प्रोजेक्ट, अनुभव और स्किल के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। पैसे और टैक्स की समझ है तो कंसल्टेंसी बन सकती है विकल्प अगर नौकरी के दौरान वित्तीय मामलों से जुड़ा अनुभव रहा है, तो Financial Planning और Tax Consultancy से जुड़े कोर्स उपयोगी हो सकते हैं। CFP जैसे प्रोफेशनल कोर्स के जरिए निवेश, वेल्थ मैनेजमेंट और रिटायरमेंट प्लानिंग की जानकारी को और बेहतर किया जा सकता है। वहीं GST और Taxation की पढ़ाई के बाद छोटे कारोबारियों को टैक्स से जुड़े काम में मदद देने का रास्ता भी खुल सकता है। हालांकि इस क्षेत्र में काम शुरू करने से पहले संबंधित योग्यता और नियमों की जानकारी लेना जरूरी है। Excel और Power BI से अनुभव को दें नया रूप (Courses After Retirement) कॉरपोरेट सेक्टर में लंबे समय तक काम करने वाले लोगों के लिए Advanced Excel और Power BI जैसी स्किल काफी काम की हो सकती हैं। इनका इस्तेमाल डेटा को समझने, रिपोर्ट तैयार करने और बिजनेस से जुड़े फैसलों में मदद करने के लिए किया जाता है। अगर पहले से मैनेजमेंट या डेटा से जुड़ा अनुभव है, तो इन स्किल्स के जरिए छोटे प्रोजेक्ट या कंसल्टिंग असाइनमेंट लिए जा सकते हैं। अनुभव को ज्ञान बनाकर करें ट्रेनिंग और मेंटरिंग रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ी पूंजी अक्सर पैसा नहीं, बल्कि वर्षों का अनुभव होता है। किसी खास इंडस्ट्री में लंबा करियर रहा है तो Corporate Training, Coaching या Mentoring से जुड़ा कोर्स किया जा सकता है। इसके बाद कंपनियों, संस्थानों या युवा प्रोफेशनल्स के लिए Leadership, Communication और Soft Skills पर ट्रेनिंग सेशन लिए जा सकते हैं। इस काम में आपकी उम्र से ज्यादा आपके अनुभव और समझ की अहमियत हो सकती है। पढ़ाने और लिखने का शौक है तो ऑनलाइन काम भी विकल्प शिक्षण क्षेत्र से जुड़े लोग रिटायरमेंट के बाद Online Teaching, Tutoring या Guest Faculty के तौर पर अपनी दूसरी पारी शुरू कर सकते हैं। वहीं जिन्हें लिखने का अनुभव या शौक है, वे Content Writing, Editing और Blogging जैसे काम देख सकते हैं। Career Coaching या Life Coaching से जुड़ी ट्रेनिंग भी उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है, जो युवाओं को करियर और प्रोफेशनल लाइफ में मार्गदर्शन देना चाहते हैं। Tally, QuickBooks और अकाउंटिंग से छोटे कारोबारों की मदद बुक कीपिंग और अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर सीखना भी रिटायरमेंट के बाद काम आ सकता है। Tally या QuickBooks जैसी स्किल के जरिए छोटे कारोबारों के रिकॉर्ड, बिलिंग और दूसरे वित्तीय काम संभालने के अवसर मिल सकते हैं। वहीं, पूर्व मैनेजर और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए Corporate Governance और Compliance से जुड़े कोर्स उनके पुराने अनुभव को नए काम से जोड़ सकते हैं। Supply Chain का अनुभव है तो उसे दोबारा इस्तेमाल करें Manufacturing, Inventory, Shipping या Logistics में काम कर चुके लोगों के लिए Supply Chain and Logistics Management से जुड़े कोर्स एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। यहां पुराना अनुभव काफी मददगार साबित हो सकता है और फ्रीलांस कंसल्टिंग के जरिए कंपनियों को सलाह देने का रास्ता बन सकता है। कोर्स चुनते समय जल्दबाजी न करें रिटायरमेंट के बाद कोई भी कोर्स सिर्फ कमाई देखकर चुनना सही नहीं होगा। अपनी पुरानी नौकरी, रुचि, समय और सीखने की क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है। साथ ही किसी कोर्स में पैसा लगाने से पहले उसकी मान्यता, फीस, अवधि और उसके बाद मिलने वाले काम के अवसरों की अच्छी तरह जांच कर लें।
Bihar Police Constable Result 2026: Operator और Special Branch के अभ्यर्थी ऐसे करें चेक परिणाम

Patna: बिहार पुलिस में कांस्टेबल भर्ती (Bihar Police Constable Result 2026) की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) यानी CSBC ने कांस्टेबल से जुड़ी दो भर्तियों के लिखित परीक्षा परिणाम जारी कर दिए हैं। इनमें कांस्टेबल ऑपरेटर भर्ती 2026 और स्पेशल ब्रांच कांस्टेबल भर्ती 2026 शामिल हैं। अभ्यर्थी अब अपना रिजल्ट ऑनलाइन देख सकते हैं। CSBC की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक दोनों भर्तियों के परिणाम 18 अगस्त 2026 को जारी किए गए हैं। अभ्यर्थियों को अपना रोल नंबर चेक करने के लिए पर्षद की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। 993 पदों वाली Operator भर्ती का रिजल्ट जारी (Bihar Police Constable Result 2026) कांस्टेबल ऑपरेटर भर्ती विज्ञापन संख्या 02/2026 के तहत निकाली गई थी। इस भर्ती में कुल 993 पद शामिल हैं। इसके लिए लिखित परीक्षा 28 जून 2026 को आयोजित की गई थी। भर्ती परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हुए थे। लिखित परीक्षा के प्रदर्शन के आधार पर 4,965 अभ्यर्थियों को PET के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। चयनित अभ्यर्थियों के रोल नंबर रिजल्ट PDF में दिए गए हैं। श्रेणी के हिसाब से देखें तो सामान्य वर्ग के 2,040, EWS के 495, SC के 785, ST के 50, EBC के 875, BC के 565 और BC महिला वर्ग के 155 अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए चुना गया है। Special Branch में 83 पदों का परिणाम (Bihar Police Constable Result 2026) दूसरी ओर, Special Branch Constable Recruitment 2026 के तहत 83 पदों पर भर्ती होनी है। यह भर्ती विज्ञापन संख्या 01/2026 के तहत निकाली गई थी। इसके लिए लिखित परीक्षा 24 जून 2026 को आयोजित हुई थी। अब इस परीक्षा का परिणाम भी जारी कर दिया गया है। लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में शामिल होना होगा। CSBC की वेबसाइट पर इस भर्ती की जानकारी और नोटिस उपलब्ध हैं। अब आगे क्या होगा? रिजल्ट जारी होने के बाद सफल अभ्यर्थियों के लिए अगला चरण महत्वपूर्ण है। Operator भर्ती में लिखित परीक्षा के आधार पर PET के लिए चयन किया गया है। आगे शारीरिक दक्षता परीक्षा और संबंधित भर्ती प्रक्रिया के अन्य चरण पूरे किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे रिजल्ट देखने के साथ-साथ CSBC की ओर से जारी आगे के नोटिस पर भी नजर रखें। परीक्षा या PET से जुड़ी तारीख, एडमिट कार्ड और जरूरी निर्देश आधिकारिक वेबसाइट पर ही जारी किए जाएंगे। ऐसे चेक करें Bihar Police Constable Result रिजल्ट देखने के लिए सबसे पहले CSBC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। इसके बाद Result या Notice Board सेक्शन में जाएं। अपनी भर्ती से संबंधित रिजल्ट लिंक खोलें। रिजल्ट की PDF सामने आने के बाद उसमें अपना रोल नंबर खोजें। PDF में रोल नंबर ढूंढने के लिए कंप्यूटर पर Ctrl+F का इस्तेमाल किया जा सकता है। मोबाइल पर भी PDF के सर्च विकल्प से रोल नंबर तलाशा जा सकता है। अभ्यर्थी रिजल्ट PDF डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें। एक जरूरी बात यह है कि Operator भर्ती के लिए जारी PET सूची मेरिट क्रम में नहीं है। इसलिए केवल PDF में रोल नंबर देखकर ही अपने चयन की स्थिति जांचें।
वकालत के लाइसेंस की राह हुई साफ! AIBE 22 के लिए आवेदन कल से शुरू, जानिए एग्जाम डेट और फीस की पूरी डिटेल

AIBE 22 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 19 अगस्त 2026 से शुरू हो रहा है। लॉ ग्रेजुएट्स 27 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं।
Bihar STET 2026: बिहार एसटीईटी के लिए आवेदन आज से शुरू, 31 अगस्त तक भर सकते हैं फॉर्म

Bihar STET के लिए आवेदन प्रक्रिया 17 अगस्त से शुरू हो गई है। पात्र उम्मीदवार 31 अगस्त तक पेपर-1 और पेपर-2 के लिए ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।