New Delhi: देश में कानून-व्यवस्था संभालने में महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। हाल ही में बिहार पुलिस की कमान 1991 बैच की वरिष्ठ IPS अधिकारी प्रीता वर्मा को सौंपे जाने के बाद से पुलिस बल में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को लेकर देशभर में नई चर्चा शुरू हो गई है। DGP विनय कुमार के लंबी छुट्टी पर जाने के कारण सरकार ने डीजी होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवाएं संभाल रहीं प्रीता वर्मा को 15 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक राज्य पुलिस प्रमुख (DGP) का अतिरिक्त प्रभार दिया है। इस ऐतिहासिक फैसले के बीच यह जानना बेहद दिलचस्प है कि आखिर देश के किस राज्य में महिला सिपाहियों का सबसे ज्यादा दबदबा है।
महिला सिपाही की हिस्सेदारी में बिहार नंबर-1, तो संख्या के मामले में यूपी आगे
पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) के आंकड़ों के मुताबिक, पुलिस बल में कुल प्रतिशत (हिस्सेदारी) के मामले में बिहार देश में सबसे आगे है। बिहार पुलिस बल में महिलाओं की हिस्सेदारी 25.30 फीसदी है, जहां लगभग 30,000 महिला पुलिसकर्मी सेवा दे रही हैं।
हिस्सेदारी के मामले में बिहार के बाद हिमाचल प्रदेश (19.15%) दूसरे और चंडीगढ़ (18.78%) तीसरे स्थान पर है। हालांकि, अगर कुल संख्या (Count) की बात करें तो विशाल आबादी के कारण उत्तर प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों की कुल संख्या देश में सबसे ज्यादा है।
नीतीश सरकार के 35% आरक्षण फैसले ने बदली तस्वीर
बिहार में महिला पुलिसकर्मियों की इतनी बड़ी संख्या के पीछे राज्य सरकार की एक खास नीति का बड़ा हाथ है। साल 2013 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 35 फीसदी आरक्षण लागू किया था।
इस ऐतिहासिक कदम के बाद बिहार पुलिस के ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव आया। नतीजा यह हुआ कि आज राज्य के हर थाने और पुलिस लाइन में महिला सिपाहियों और अधिकारियों की मजबूत मौजूदगी दिखाई देती है।
देशभर में क्या है महिला पुलिस बल की असल स्थिति?
इंडिया जस्टिस रिपोर्ट 2025 के अनुसार, इस समय पूरे देश में लगभग 2.4 लाख महिलाएं पुलिस बल में कार्यरत हैं। लेकिन इनमें उच्च पदों पर महिलाओं की संख्या बेहद सीमित है। पूरे देश में केवल 960 महिलाएं IPS अधिकारी के पद पर हैं, जबकि 24,322 महिलाएं गैर-IPS अधिकारी पदों पर सेवाएं दे रही हैं। सबसे बड़ा हिस्सा यानी करीब 2.17 लाख महिलाएं कांस्टेबल स्तर पर तैनात हैं। रिपोर्ट दर्शाती है कि पुलिस में काम करने वाली लगभग 90 फीसदी महिलाएं निचले पुलिस कैडर (कांस्टेबुलरी) में हैं।
35 सालों के शानदार अनुभव वाली अधिकारी हैं प्रीता वर्मा
बिहार की कार्यकारी DGP बनीं प्रीता वर्मा को तीन दशकों से अधिक का पुलिस सेवा का अनुभव है। उन्हें साल 2009 में पुलिस मेडल और 2023 में राष्ट्रपति पुलिस पदक फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस से सम्मानित किया जा चुका है। उनके इस मुकाम तक पहुंचने से न केवल बिहार बल्कि देशभर की महिला पुलिसकर्मियों और खाकी वर्दी का सपना देखने वाली बेटियों को एक नई प्रेरणा मिली है।








