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Engineering Jobs: अगर आपका भी सपना है मेट्रो इंजीनियर बनने का… तो जानिए कैसे मिलती है नौकरी

मेट्रो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में करियर (Img: Pinterest)

New Delhi: दिल्ली-NCR की लाइफलाइन मेट्रो सिस्टम हर दिन लाखों लोगों को उनकी मंजिल तक पहुंचाती है। लेकिन क्या आपने कभी उन कंपनियों और इंजीनियरों (Engineering Jobs) के बारे में सोचा है जो उन ट्रेनों को बनाते हैं जिनमें आप सफर करते हैं? BEML और Alstom जैसी कंपनियों ने दिल्ली मेट्रो के लिए कोच बनाने में अहम भूमिका निभाई है। नतीजतन, ये कंपनियां रेलवे, मेट्रो और इंजीनियरिंग सेक्टर में करियर बनाने के इच्छुक लोगों के लिए रोज़गार के बड़े मौके देती हैं।

BEML: मेट्रो कोच से लेकर डिफेंस इक्विपमेंट तक

भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के तहत काम करने वाली एक बड़ी पब्लिक सेक्टर कंपनी है। डिफेंस इक्विपमेंट के अलावा, कंपनी रेलवे और मेट्रो के लिए कोच भी बनाती है। BEML ने देश भर में कई प्रोजेक्ट्स के लिए मेट्रो कोच बनाए हैं, जिनमें दिल्ली मेट्रो भी शामिल है।

मेट्रो कोच बनाने की प्रक्रिया बहुत तकनीकी होती है, जिसमें डिजाइन, फैब्रिकेशन, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, असेंबली, टेस्टिंग और क्वालिटी कंट्रोल जैसे कई चरण शामिल होते हैं। इससे न सिर्फ इंजीनियरों के लिए, बल्कि ITI और डिप्लोमा होल्डर्स के लिए भी तकनीकी नौकरियों के मौके पैदा होते हैं।

Alstom: दिल्ली मेट्रो के लिए नए ट्रेनसेट की सप्लाई

मेट्रो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में Alstom एक और बड़ा नाम है। यह ग्लोबल कंपनी रेलवे और मेट्रो के लिए ट्रेन, सिग्नलिंग सिस्टम और ट्रांसपोर्ट से जुड़ी टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराती है।

Alstom को दिल्ली मेट्रो के फ़ेज़-IV विस्तार के लिए नए ट्रेनसेट बनाने का ऑर्डर मिला है। कंपनी ने ये ट्रेनें आंध्र प्रदेश के श्री सिटी में अपनी फैसिलिटी में बनाई हैं। इन ट्रेनसेट में आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है और इन्हें दिल्ली मेट्रो के नए कॉरिडोर पर चलाया जा रहा है।

करियर बनाना: ITI से B.Tech तक

मेट्रो कोच मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आने के कई रास्ते हैं, जो व्यक्ति की शैक्षणिक योग्यता पर निर्भर करते हैं। ITI सर्टिफ़िकेशन वाले युवा फिटर, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर और मशीनिस्ट जैसे ट्रेड में तकनीकी भूमिकाओं के लिए तैयारी कर सकते हैं। वहीं, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में डिप्लोमा होल्डर टेक्नीशियन और जूनियर-लेवल की भूमिकाओं के लिए अपनी दावेदारी मज़बूत कर सकते हैं। B.Tech डिग्री कर रहे उम्मीदवार इंजीनियरिंग भूमिकाओं और उससे जुड़ी उच्च-स्तरीय तकनीकी पोस्ट के लिए तैयारी कर सकते हैं।

सिर्फ डिग्री पर नहीं, इन स्किल्स पर भी ध्यान दें

मेट्रो और रेलवे सेक्टर में नौकरी पाने के लिए सिर्फ शैक्षणिक योग्यता काफ़ी नहीं है। उम्मीदवारों को अपनी तकनीकी जानकारी के साथ-साथ कंप्यूटर में दक्षता, कम्युनिकेशन स्किल्स और इंडस्ट्री की व्यावहारिक समझ भी विकसित करनी चाहिए। अगर आपकी दिलचस्पी मशीनरी, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, रेलवे टेक्नोलॉजी या मेट्रो कंस्ट्रक्शन में है, तो आप ITI, डिप्लोमा या इंजीनियरिंग कोर्स के जरिए इस सेक्टर में अपना करियर बना सकते हैं।

निष्कर्ष

मेट्रो इंजीनियर बनने की चाह रखने वालों के लिए यह खबर खास है। क्योंकि, Yuva Dynamite का उद्देश्य आपको समय पर सही और सटीक जानकारी पहुंचाना है ताकि आप किसी भी अवसर से न चूकें और हमेशा सफल रहे।

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