New Delhi: अक्सर माना जाता है कि बड़े प्लेसमेंट ड्राइव का फायदा केवल रेगुलर या टेक्निकल कोर्स करने वाले छात्रों को ही मिलता है। लेकिन दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने इस सोच को बदलते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
DU के डिपार्टमेंट ऑफ कंटीन्यूइंग एजुकेशन एंड एक्सटेंशन और सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (CDOE) के संयुक्त तत्वावधान में ‘प्लेसमेंट ड्राइव 2026’ का शानदार आयोजन किया गया। इस ड्राइव की सबसे खास बात यह रही कि इसमें रेगुलर छात्रों के साथ-साथ दूरस्थ (Distance) एवं ऑनलाइन मोड में पढ़ाई कर रहे 500 से अधिक विद्यार्थियों को देश की नामी कंपनियों के सामने अपना हुनर दिखाने का सीधा मौका मिला।
DU के एक ही छत के नीचे उतरीं 75 से ज्यादा दिग्गज कंपनियां
शनिवार को आयोजित DU के इस मेगा फेयर में अलग-अलग क्षेत्रों की 75 से अधिक नामी कंपनियों और गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इनमें शिक्षा, सामाजिक विकास (Social Welfare), हेल्थकेयर, रिसर्च, मानवाधिकार, टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़े बड़े संस्थान शामिल रहे।
मुख्य रूप से अभिव्यक्ति फाउंडेशन, जनहित सोसायटी फॉर सोशल वेलफेयर, चाइल्ड सर्वाइवल इंडिया, सरस्वती एजुकेशनल सोसाइटी, बाल विकास धारा, ईएफआरएएच, मित्र ट्रस्ट और समर्थ जैसे प्रतिष्ठित संगठनों ने छात्रों के इंटरव्यू लिए और उन्हें करियर ऑफर किए।
DU Placement 2026: टूरिज्म और लाइफलॉन्ग लर्निंग के छात्रों के लिए सुनहरी शाम
इस प्लेसमेंट ड्राइव में विशेष रूप से एमए टूरिज्म मैनेजमेंट, एमए लाइफलॉन्ग लर्निंग एंड एक्सटेंशन और सोशल साइंस विभाग में नामांकित विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। छात्रों को रिक्रूटर्स के साथ आमने-सामने बातचीत करने, नेटवर्किंग बढ़ाने और कॉर्पोरेट वर्ल्ड की ज़रूरतों को समझने के लिए विशेष गाइडेंस सेशन भी मुहैया कराए गए। इससे छात्रों को यह समझ आया कि आज के दौर में इंडस्ट्री उनसे केवल थ्योरी नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल स्किल्स की उम्मीद रखती है।
कुलपति योगेश सिंह के मार्गदर्शन में मिला नया आयाम
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस तरह के अभियानों का मुख्य उद्देश्य हर वर्ग के छात्र को रोजगार के समान अवसर प्रदान करना है। यह पूरा आयोजन डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह के कुशल मार्गदर्शन और संरक्षण में संपन्न हुआ।
कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग की निदेशक प्रो. पायल मागो और विभागाध्यक्ष कुमार आशुतोष ने कार्यक्रम के संरक्षक के रूप में कमान संभाली, जबकि सीडीओई के निदेशक प्रो. अजय जायसवाल सह-संरक्षक रहे। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि आने वाले समय में दूरस्थ शिक्षा के छात्रों के लिए ऐसे और भी रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे।
निष्कर्ष
दिल्ली यूनिवर्सिटी के ‘प्लेसमेंट ड्राइव 2026’ ने साबित कर दिया है कि सही अवसर और मार्गदर्शन मिले तो दूरस्थ व ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र भी किसी से पीछे नहीं हैं। 75 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों की भागीदारी ने सैकड़ों युवाओं के सपनों को नई उड़ान दी है। शिक्षा और रोजगार के इस बेहतरीन संगम से छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की राह आसान हुई है। युवा डाइनामाइट ऐसे ही सकारात्मक पहलों और युवाओं के सशक्तिकरण से जुड़ी हर बड़ी खबर को निरंतर आप तक पहुंचाता रहेगा।