Education News/New Delhi: नौकरी करने वाले प्रोफेशनल्स के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली ने पढ़ाई का नया अवसर शुरू किया है। संस्थान ने साइबर सिक्योरिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिक्योरिटी में छह महीने का सर्टिफिकेट प्रोग्राम शुरू किया है। यह कोर्स IIT दिल्ली के कंटीन्यूइंग एजुकेशन प्रोग्राम (CEP) के तहत संचालित होगा। इसकी खास बात यह है कि कामकाजी लोग अपनी नौकरी जारी रखते हुए शनिवार को लाइव ऑनलाइन क्लास के जरिए पढ़ाई कर सकेंगे।
Education News: AI सिस्टम को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने की मिलेगी ट्रेनिंग
इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को AI सिस्टम पर होने वाले साइबर हमलों और उनसे बचाव के तरीकों की जानकारी देना है। कोर्स में एडवर्सरियल मशीन लर्निंग, लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) प्रॉम्प्ट इंजेक्शन, एजेंटिक AI एक्सप्लॉयटेशन और मॉडल सप्लाई चेन अटैक जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल किए गए हैं।
छह महीने के इस कार्यक्रम में कुल पांच मॉड्यूल होंगे। इसके तहत प्रतिभागियों को 78 घंटे की लाइव ऑनलाइन क्लास दी जाएगी। इसके अलावा एक कैपस्टोन प्रोजेक्ट भी पूरा करना होगा। पाठ्यक्रम में मल्टीमॉडल जेलब्रेक, MCP प्रॉम्प्ट इंजेक्शन, मेमोरी पॉइजनिंग, टूल-कॉलिंग एक्सप्लॉयटेशन और मॉडल हब सप्लाई चेन अटैक जैसे विषयों को शामिल किया गया है।
Education News: शनिवार को ऑनलाइन क्लास, इन टूल्स की मिलेगी ट्रेनिंग
IIT दिल्ली के इस सर्टिफिकेट प्रोग्राम की कक्षाएं प्रत्येक शनिवार को लाइव ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी। इन्हें संस्थान के फैकल्टी सदस्य और इंडस्ट्री के विशेषज्ञ पढ़ाएंगे। इस दौरान प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
कोर्स के तहत PyRIT, Garak, Sigstore, OPA और Falco जैसे टूल्स पर काम करने का अवसर मिलेगा। इन टूल्स के माध्यम से प्रतिभागियों को AI सिस्टम की सुरक्षा से जुड़ी तकनीकों और संभावित खतरों को समझने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में शामिल कैपस्टोन प्रोजेक्ट के तहत प्रतिभागियों को एक AI सिक्योरिटी सॉल्यूशन तैयार करके उसे डिप्लॉय करना होगा। इस प्रोजेक्ट का मूल्यांकन IIT दिल्ली के फैकल्टी सदस्य करेंगे।
Education News: कौन कर सकता है आवेदन और कैसे मिलेगा सर्टिफिकेट?
यह कोर्स साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स, AI और मशीन लर्निंग इंजीनियर्स, डेटा साइंटिस्ट्स, DevOps और प्लेटफॉर्म इंजीनियर्स के लिए तैयार किया गया है। इसके अलावा गवर्नेंस, रिस्क और कंप्लायंस (GRC) के क्षेत्र में काम करने वाले प्रोफेशनल्स भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, AI, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, गणित, सांख्यिकी या संबंधित विषय में बैचलर अथवा मास्टर डिग्री होनी चाहिए। डिग्री में कम से कम 50 प्रतिशत अंक होना जरूरी है। इसके साथ ही उम्मीदवार को किसी एक प्रोग्रामिंग भाषा की जानकारी भी होनी चाहिए।
कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को CEP-IIT दिल्ली की ओर से डिजिटल ई-सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
IIT दिल्ली के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर सुबोध विष्णु शर्मा ने कहा कि AI अब एंटरप्राइज सिस्टम का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। ऐसे में AI इंजीनियरिंग के साथ उसकी सुरक्षा पर ध्यान देना भी जरूरी है। इस प्रोग्राम के जरिए प्रोफेशनल्स को AI सिस्टम पर होने वाले हमलों और उनसे बचाव के तरीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी।
निष्कर्ष
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