New Delhi : करियर बनाने के लिए युवा सालों तक पढ़ाई और तैयारी करते हैं लेकिन शादी और परिवार की जिम्मेदारियों के लिए अक्सर कोई खास तैयारी नहीं होती। इसी सोच को बदलने के लिए गोवा के एक Goa College ने अनोखी पहल की है। यहां अब युवाओं को शादी से पहले रिश्तों को समझने और वैवाहिक जीवन की जिम्मेदारियों के लिए तैयार किया जाएगा। इसके लिए Goa College ने ‘मैरिज रेडीनेस: प्रिपेयरिंग फॉर हेल्दी एंड लास्टिंग रिलेशनशिप्स’ नाम से खास सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया है। 2 से 17 दिसंबर तक चलने वाले 15 दिवसीय कोर्स में आपसी तालमेल, भावनात्मक समझ, रिश्तों की मजबूती और शादीशुदा जिंदगी से जुड़े कई अहम पहलुओं की जानकारी दी जाएगी।
शादी से पहले तैयारी क्यों जरूरी समझ रहा है Goa College?
Goa College ऑफ होम साइंस (Goa College of Home Science) के मानव विकास और परिवार अध्ययन विभाग ने यह कोर्स शुरू किया है। कॉलेज के प्रिंसिपल महेश पई ने पीटीआई को बताया कि यह कार्यक्रम युवाओं को शादी और पारिवारिक जीवन की वास्तविक जिम्मेदारियों से परिचित कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
कॉलेज का मानना है कि शादी की तैयारी केवल विवाह समारोह और रस्मों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इसमें एक-दूसरे को समझना, भावनाओं का सम्मान करना, आपसी तालमेल बनाना और भविष्य की जिम्मेदारियों के लिए तैयार होना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से इस सर्टिफिकेट कोर्स की शुरुआत की गई है।
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कौन ले सकता है इस कोर्स में हिस्सा?
इस कोर्स में स्नातक और परास्नातक के छात्र-छात्राओं के साथ अविवाहित युवा भी हिस्सा ले सकते हैं। इसके अलावा ऐसे लोग भी आवेदन कर सकते हैं, जो स्वस्थ और लंबे समय तक चलने वाले रिश्ते बनाने की समझ विकसित करना चाहते हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को खुद को बेहतर तरीके से समझने, अपने साथी की भावनाओं और जरूरतों को पहचानने तथा रिश्तों में आपसी तालमेल बनाने के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य युवाओं को शादी से जुड़े फैसले सोच-समझकर लेने के लिए तैयार करना है।
डेटिंग से लेकर शादीशुदा जिंदगी तक की मिलेगी समझ
Goa College के ब्रोशर के मुताबिक, कोर्स में डेटिंग का उद्देश्य और उसका सही तरीका, खुद को समझना और दूसरों से जुड़ने की जरूरत जैसे विषय शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही स्त्री और पुरुष की भूमिका तथा रिश्तों पर उसके प्रभाव को भी समझाया जाएगा।
कोर्स का एक खास विषय ‘शादी का समारोह और शादीशुदा जिंदगी के बीच अंतर’ है। इसके जरिए प्रतिभागियों को बताया जाएगा कि शादी केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि लंबे समय तक निभाई जाने वाली साझेदारी है। इसमें आपसी समझ, जिम्मेदारी और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की अहम भूमिका होती है।
गोवा सरकार भी शुरू कर सकती है प्री-मैरिटल काउंसलिंग
यह पहल ऐसे समय में हुई है, जब गोवा सरकार भी विवाह से पहले परामर्श यानी प्री-मैरिटल काउंसलिंग शुरू करने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने रविवार को पणजी में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि सरकार राज्यभर में ऐसी व्यवस्था शुरू करना चाहती है, जिससे तलाक के मामलों को कम करने में मदद मिल सके।
राज्य के कानून विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 2022 से 2025 के बीच गोवा की दीवानी अदालतों में शादी और तलाक से जुड़े 3,000 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए। इनमें अकेले 2024 में 947 मामले शामिल थे। ऐसे में कॉलेज का यह कोर्स युवाओं को शादी से पहले रिश्तों और पारिवारिक जिम्मेदारियों को समझने का अवसर देगा।