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Trending Topic: जानिये Twitter के इस नये ट्रेंड के बारे में, ‘बहाना नहीं बहाली चाहिए’ हो रहा ट्रेंड क्यों है चर्चा में

माइक्रो ब्लॉगिंग साइट Twitter पर रविवार दोपहर से ‘बहाना नहीं बहाली चाहिए’ लगातार ट्रेंड हो रहा है, अब तक बड़ी संख्या में इस हैशटेग पर Tweet हो चुके हैं। डाइनामाइट न्यूज रिपोर्ट में जानिये इस ट्रेंड के बारे में नई दिल्ली: माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर आज दोपहर बाद से ‘बहाना नहीं बहाली चाहिए’ लगातार ट्रेंड हो रहा है। खबर लिखे जाने के वक्त तक इस हैश टैग पर एक लाख से अधिक ट्विट किये जा चुके थे। ‘बहाना नहीं बहाली चाहिए’ हैश टैग पर ट्विट करने वालों में अधिकतर युवा है, जो देश में बढ़ती बेरोजगारी की समस्या पर सरकार का ध्यान आकर्षित करा रहे हैं। युवाओं के संगठन ‘युवा हल्ला बोल’ द्वारा ट्विटर पर चलाये जा रहे इस हैशटैग पर देश भर के युवा यूजर्स सरकार पर तंज भी कस रहे हैं। उनका कहना है कि विभिन्न राज्यों में खाली पड़े लाखों शिक्षकों समेत तमाम सरकारी पदों पर योग्य और शिक्षित युवाओं को तुरंत बहाल करना चाहिये और इसके लिये सरकार को अब किसी तरह का बहाना नहीं बनाना चाहिये। डाइनामाइट न्यूज़ से बातचीत में ‘युवा हल्ला बोल’ से जुड़े गोविंद मिश्रा का कहना है कि यूपी-बिहार समेत उत्तर भारत के लगभग सभी राज्यों में पिछले चार सालों से कई सरकारी पद खाली है। यूपीपीएससी समेत कई विभागों से संबंधित सरकारी नियुक्तियों के लिये या तो परीक्षाएं आयोजित नहीं की जा रही हैं या फिर ये पद विभिन्न कारणों से खाली है। इसी तरह शिक्षकों के भी लाखों पद है, जिन पर सरकार नियुक्तियां नहीं कर रही है। गोविंद मिश्रा का कहना है कि सरकारी पदों पर नियुक्तियां न होने के कारण लाखों की तादाद में युवाओं के बीच बेरोजगारी बढ़ती जा रही है।

आखिर क्यों युवाओं के साथ छलावा कर रही हरियाणा सरकार?

कोरोना वायरस के कारण पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया गया है। इस दौरान कई जगहों पर सरकारी भर्तियों को भी रोक दिया गया है। जिससे लोगों में काफी गुस्सा है। पढ़ें युवा डाइनामाइट की खास रिपोर्ट.. हरियाणाः सोमवार को हरियाणा की मनोहर सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण और आर्थिक संकट को देखते हुए सरकारी नौकरियों की भर्ती पर रोक लगा दी है। सरकार का कहना है कि प्रदेश में महामारी से उपजे हुए आर्थिक संकट को देखते हुए ऐसा करना पड़ा है। खट्टर सरकार के इस फैसले का ‘युवा हल्ला बोल’ ने विरोध किया है। “युवा हल्ला बोल” एक ऐसी संगठन है जो देश में युवाओं के हक के लिए लगातार लड़ती है। हरियाणा सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए इस संगठन का मानना है कि ये घोषणा से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के सामने बड़ी मुसीबत खड़ी कर देगा। पहले से कोरोना महामारी के चलते अचानक हुए लॉकडाउन के कारण छात्र/छात्राएं परेशानी में आ चुके हैं जो कि दिल्ली, चंडीगढ़ और अन्य बड़े शहरों में रहकर विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उनके सामने किराया देने और खाने की समस्या पहले से चल रही है और अब अचानक नयी घोषणा उनको और परेशान कर रही है। अगले एक साल तक हरियाणा में कोई नई भर्ती नहीं होगी जिसको भले ही कोरोना महामारी कारण बताया जा रहा हो लेकिन असल मुद्दा ये है कि हरियाणा का चुनाव अभी दूर है। हरियाणा के युवाओं के साथ हो रहे इस धोखे का हम पुरजोर विरोध करते हैं। सरकार ने एक तरफ कारोबारियों से अपील किया गया कि कोई भी ऐसा कदम न उठाएं जिससे इस कठिन दौर में बेरोजगारी बढ़े। लेकिन बेरोजगारी में नंबर 1 हरियाणा ने ही भर्तियों पर रोक लगा दी। हरियाणा के हर एक गांव में बड़ी संख्या में छात्र सरकारी नौकरी की चाह रखते हैं ऐसे मे नई सरकारी भर्तियों पर रोक इन छात्रों के साथ अन्याय है। सरकार से विनम्र अनुरोध है कि सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के बारे में सोचें और भर्तियों से रोक को हटाएं।

यह समस्या देश भर के छात्रों की है..

जो छात्र इस लॉकडाउन में अपने रूम/पीजी/हॉस्टल में फसे हैं उनमें से अधिकांश के घर से खर्चे के लिए पैसे नहीं आ पा रहे हैं ऐसे में रूम रेंट देना मुमकिन नहीं है। दूसरा जो छात्र इस लॉक डाउन में क्लास/कोचिंग बंद होने से घर पहुंच गए हैं ऐसे में रेंट देना अभिवावकों पर अतिरिक्त बोझ है। युवा हल्ला बोल ने #NoRentForStudents मुहिम की शुरुआत की है जिसके लिए सबको साथ आना चाहिए और सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी आवाज उठानी चाहिए। किराया माफी के इस मुहिम को समर्थन देते हुए #NoRentForStudents हैशटेग के साथ ट्वीट करें। साथ ही ऑनलाइन पेटिशन change.org/NoRentForStudents को sign करें

Lockdown Support: डाइनामाइट न्यूज़ और युवा हल्ला बोल के साझा प्रयासों से लॉकडाउन में लोगों को बड़ी मदद

डाइनामाइट न्यूज़ और युवा हल्ला बोल के साझा प्रयासों से लॉकडाउन के दौरान अन्य प्रदेशों में काम करने वालों को मिल रही है मदद। पूरी खबर.. महराजगंज: कोरोना के कहर से हुए लॉकडाउन ले लाखों लोग परेशान हैं ऐसे में लोगों की मदद करने को युवा हल्लाबोल संगठन आगे आया है। युवा हल्लाबोल ने हेल्पलाइन नंबर 9810408888 जारी कर लोगों की मदद करनी शुरू की है। नौकरी की तालाश में अपने घर को छोड़ कर अन्य प्रदेशों में काम करने वालों लोगों की संख्या बहुत ज्यादे है। लॉकडाउन की स्थिति में लोग को खाने तक कि परेशानी उठाना पड़ रहा है। युवा हल्लाबोल के नेशनल कोऑर्डिनेटर गोविन्द मिश्रा ने बताया कि हेल्पलाइन नंबर पर मदद के लिए लगातार फ़ोन आ रहे हैं। ऐसे में दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों की संख्या ज्यादा है। लोगों के पास न राशन बचा है और न ही पैसे। युवा हल्ला बोल के दर्जनों कार्यकर्ता प्रशासन की मदद से लोगों तक खाना पहुंचा रहे हैं। कई केसों में युवा हल्ला बोल अपने ट्वीटर के माध्यम से मदद की गुहार की है। जिस पर तेलंगाना, पंजाब, महाराष्ट्र, यूपी तथा अन्य राज्यों की पुलिस एवं प्रशासन ने जवाब देते हुए कार्यवाही भी की है। डाइनामाइट न्यूज से बात करते हुए गोविन्द मिश्रा ने ये भी बताया कि डाइनामाइट न्यूज़ पर आई खबर की वजह से मदद के लिए महराजगंज के लोगों फ़ोन आये हैं। अहमदाबाद में फसे हुए श्रवण, कांचीपुरम में फसे हुए राजू, मुम्बई में फसे हुए त्रिलोकी समेत तमाम ऐसे लोग जो महराजगंज के हैं उनकी मदद के गुहार पर प्रशासन की मदद से कार्यवाही की गई है।

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