DU Admission 2025: दिल्ली विश्वविद्यालय ने लॉन्च किया CSAS पोर्टल, UG-PG दाखिले के लिए शुरू प्रक्रिया

नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय ने स्नातक और स्नातकोत्तर कोर्सेज में दाखिले के लिए अपनी बहुप्रतीक्षित प्रक्रिया शुरू कर दी है। डीयू ने अपने कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) पोर्टल 2025 को लॉन्च कर दिया है, जिसके माध्यम से इच्छुक छात्र-छात्राएं दाखिले के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, इस पोर्टल का उद्घाटन डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह, कुलसचिव डॉ. विकास गुप्ता, डीन एडमिशन प्रोफेसर हनीत गांधी और स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग की निदेशक प्रो. पायल मांगो ने किया। यह पोर्टल दाखिला प्रक्रिया को और अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। रजिस्ट्रेशन का पहला चरण शुरू हो चुका है और छात्र-छात्राएं अब इस पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। कितना लगेगा आवेदन शुल्क? इस रजिस्ट्रेशन शुल्क इस बार भी सामान्य और ओबीसी वर्ग के लिए 250 रुपये, जबकि एससी, एसटी और दिव्यांग छात्रों के लिए 100 रुपये निर्धारित किया गया है। डीन एडमिशन प्रोफेसर हनीत गांधी ने बताया कि दूसरा चरण तब शुरू होगा, जब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी-यूजी) के परिणाम घोषित होंगे। परिणाम घोषित होने के बाद, छात्र अपने सीयूईटी स्कोर को CSAS पोर्टल पर अपलोड करेंगे, जिसके आधार पर सीट आवंटन होगा। कितनी सीटें होंगी उपलब्ध? डीयू के 69 कॉलेजों और संस्थानों में कुल 71,624 स्नातक सीटें उपलब्ध हैं, जिनमें 79 स्नातक प्रोग्राम और 186 बीए कोर्स कॉम्बिनेशन शामिल हैं। विश्वविद्यालय में कुल 1,550 से अधिक कोर्स कॉम्बिनेशन उपलब्ध हैं। दाखिले के लिए 12वीं पास होना अनिवार्य है और चयन पूरी तरह सीयूईटी-यूजी के स्कोर पर आधारित होगा। एनटीए ने जून 2025 के पहले सप्ताह तक सीयूईटी परीक्षा आयोजित की थी और इसके परिणाम अब जुलाई में आने की उम्मीद है। शुरू होंगे दो नए स्नातकोत्तर कोर्स बता दें कि इस साल डीयू ने दो नए स्नातकोत्तर कोर्स एमए टूरिज्म और एमए हिंदी जर्नलिज्म, जिनमें प्रत्येक में 50 सीटें होंगी शुरू करने की घोषणा की है। इसके अलावा, एमए इंग्लिश जर्नलिज्म कोर्स को भी जल्द शुरू करने की योजना है। इस साल पीजी कोर्सेज में सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए एक अतिरिक्त सीट आरक्षित की गई है। इसके साथ ही, दाखिला प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के लिए कुछ संशोधन किए गए हैं, जिसमें ऑटो एकसेप्ट मोड लागू करना शामिल है ताकि कोई भी आवेदक सीट आवंटन से वंचित न रहे। डीयू के नॉन-कॉलेजिएट महिला शिक्षा बोर्ड (NCWEB) के माध्यम से दिल्ली एनसीटी की महिला उम्मीदवारों के लिए दाखिला प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी, जो 12वीं के मेरिट स्कोर पर आधारित होगी। CSAS पोर्टल मोबाइल पर भी काम करता है, लेकिन बेहतर अनुभव के लिए लैपटॉप या डेस्कटॉप का उपयोग करने की सलाह दी गई है। वहीं शैक्षणिक सत्र 1 अगस्त से शुरू होगा। दाखिला शर्तों में भी बदलाव किए गए हैं। एनटीए द्वारा प्रस्तावित विषयों की सूची में बदलाव को ध्यान में रखते हुए, डीयू ने अधिकांश प्रोग्राम्स की पात्रता शर्तों को संशोधित किया है। अब उम्मीदवार एक भाषा + तीन विषय या दो भाषाओं + दो विषयों का चयन कर सकते हैं और सर्वश्रेष्ठ स्कोर पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा, बीएससी (ऑनर्स) प्रोग्राम्स के लिए भाषाओं में न्यूनतम 30% अंक की अनिवार्यता को हटा दिया गया है।
Uttarakhand Job News: युवाओं को विदेश में नौकरी का मौका, जर्मनी में कमाएंगें लाखों

देहरादून: उत्तराखंड के आईटीआई, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा व डिग्रीधारकों के लिए खुशी का मौका है। दरअसल मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत सेवायोजन विभाग ने उम्मीदवारों से आवेदन मांगे हैं। पहली बार इंजीनियरिंग छात्रों को सरकार विदेश में नौकरी का मौका दे रही है। ये युवा जर्मनी में नौकरी करके लाखों रुपये कमाएंगे। तकनीकी योग्यताजानकारी के अनुसार जिन युवाओं के पास ऑटोमोबाइल, मैकेनिकल, इलेक्टि्रकल या मेक्ट्रॉनिक्स में डिग्री या डिप्लोमा है, वे इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा इलेक्टि्रकल, मोटर मैकेनिक या ऑटोमोबाइल में दो वर्षीय आईटीआई कोर्स करने वाले युवा भी जर्मनी जा सकते हैं। इन सभी को पैसेंजर कारों में तीन साल या व्यावसायिक वाहनों में दो साल का अनुभव होना जरूरी है। साथ ही जर्मन भाषा सीखनी होगी, जो विभाग सिखाएगा। इतनी मिलेगी सैलरी जर्मन जाने वाले युवाओं को 2800 यूरो प्रतिमाह (2,50,000 रुपये) वेतन मिलेगा। जर्मन भाषा का मिलेगा निशुल्क प्रशिक्षणराज्य का सेवायोजन एवं कौशल विकास विभाग इन युवाओं को निशुल्क जर्मन भाषा का प्रशिक्षण देगा। प्रशिक्षण के लिए निशुल्क रहने और खाने की व्यवस्था होगी। फ्री वीजा और टिकट मिलेगा। कुल प्रशिक्षण लागत का 20 प्रतिशत सरकार वहन करेगी। साथ ही स्किल लोन की सुविधा के साथ ही लोन के ब्याज की 75 प्रतिशत राशि भी सरकार वहन करेगी। जापान में होटल मैनेजमेंट पास युवाओं के लिए अवसर इसके अलावा होटल मैनेजमेंट में डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स किए युवाओं को जापान में रोजगार दिया जाएगा। पूर्व में 15 युवाओं को जापानी भाषा की प्रशिक्षण दी गई, जिनमें से 13 ने N4 स्तर की परीक्षा पास कर ली है और चार पहले ही जापान में कार्यरत हैं। अब नए बैच के लिए आवेदन मांगे गए हैं। चयनित अभ्यर्थियों को सहसपुर स्थित संस्थान में निशुल्क जापानी भाषा प्रशिक्षण, फ्री रहने-खाने और जापानी कंपनियों में नौकरी दिलाने तक का मार्गदर्शन दिया जाएगा। पूर्व में होटल मैनेजमेंट के 15 युवाओं को ट्रेनिंग दी गई थी, जिनमें से 13 ने जापानी भाषा को एन-4 कोर्स पास कर लिया। इनमें से चार युवा जापान में नौकरी कर रहे हैं। अब नए बैच के लिए आवेदन शुरू हो चुके हैं। युवाओं को चयन करने के बाद जापानी भाषा का कोर्स कराया जाएगा। इन्हें भी सहसपुर स्थित संस्थान में निशुल्क रहने-खाने के साथ निशुल्क प्रशिक्षण मिलेगा। ऐसे करें आवेदनविभाग की वेबसाइट uksds.uk.gov.in पर क्लिक करें और पूरी जानकारी लें। इसके अलावा विभाग के विदेश रोजगार प्रकोष्ठ की ई-मेल आईडी mccsahaspur@gmail.com पर अपना रिज्यूम भेज सकते हैं।
NEET UG परीक्षा का रीवाइज्ड रिजल्ट जारी, अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं रिजल्ट
NTA ने आज NEET UG परीक्षा का रीवाइज्ड रिजल्ट जारी कर दिया है। ज्यादा जानकारी के लिये पढ़िये डाइनामाइट न्यूज की ये रिपोर्ट नई दिल्ली: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने आज शुक्रवार को NEET UG परीक्षा का रीवाइज्ड रिजल्ट जारी किया है। एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद यह रिजल्ट घोषित किया है। अभ्यर्थी अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट exams.nta.ac.in/NEET पर जाकर चेक कर सकते हैं। डाइनामाइट न्यूज संवादादता के मुताबिक NEET UG 2024 में पास होने के लिए छात्रों को 50% नंबर चाहिए होते हैं। जारी रीवाइज्ड रिजल्ट में उन सभी बच्चों का नाम हटाया गया है जिन पर परीक्षा में नकल करने के आरोप लगे थे। NTA द्वारा जारी रिजल्ट में 1567 बच्चों को जोड़ा गया है और 155 छात्रों के नाम हटाये गये हैं। बीते 4 जून को नीट यूजी का रिजल्ट जारी किया गया था। 4 जून को जारी नतीजों में कुल 13.16 लाख छात्र पास हुए थे जिनमें से करीब 67 उम्मीदवारों को 720 में से 720 अंक मिले थे। सारा विवाद इसी बात को लेकर था।