Lucknow University एडमिशन: वेटेज पॉलिसी से किसे मिलेगा ज्यादा लाभ? जानें पूरी डिटेल्स

Lucknow: लखनऊ यूनिवर्सिटी (LU) में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए एडमिशन प्रक्रिया और रिजर्वेशन पॉलिसी की जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है। विश्वविद्यालय ने यूजी एडमिशन में खिलाड़ियों, एनसीसी कैडेट्स, छात्राओं, दिव्यांगों और यूपी के आरक्षित वर्ग के छात्रों को विशेष लाभ देने की व्यवस्था की है। इस पॉलिसी के तहत कुछ छात्रों को वेटेज यानी अतिरिक्त अंक और कुछ को रिजर्वेशन का लाभ मिलता है। वेटेज पॉलिसी लखनऊ यूनिवर्सिटी खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्राथमिकता देती है। यदि कोई छात्र राज्य या मान्यता प्राप्त प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुका है, तो उसे क्वालीफाइंग परीक्षा के अंकों में 5 प्रतिशत अतिरिक्त वेटेज दिया जाता है। इसके अलावा एनसीसी “बी” सर्टिफिकेट रखने वाले छात्रों को 2.5 प्रतिशत वेटेज का फायदा मिलता है। लॉ फैकल्टी में दाखिले के समय छात्राओं को बढ़ावा देने के लिए उन्हें 5 प्रतिशत अतिरिक्त वेटेज दिया जाता है, जिससे लड़कियों को कानून की पढ़ाई में अधिक अवसर मिल सकें। वर्टिकल रिजर्वेशन लखनऊ यूनिवर्सिटी में वर्टिकल रिजर्वेशन यानी जाति आधारित आरक्षण उत्तर प्रदेश के मूल निवासियों के लिए लागू होता है। इसके तहत अनुसूचित जाति (SC) के छात्रों को 21 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों को 2 प्रतिशत और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह लाभ केवल उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासियों को मिलेगा। दूसरे राज्यों से आने वाले SC, ST या OBC छात्र सामान्य श्रेणी में ही माने जाएंगे। हॉरिजॉन्टल रिजर्वेशन इसके अलावा हॉरिजॉन्टल रिजर्वेशन लागू होता है, जो सभी श्रेणियों में समान रूप से दिया जाता है। इसके अंतर्गत विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों के बच्चों, जीवनसाथी के बच्चों और सरकारी या सहायता प्राप्त कॉलेजों के शिक्षकों के बच्चों को लाभ मिलता है। दिव्यांग छात्रों के लिए कुल 3 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं, जिसमें 1 प्रतिशत नेत्रहीन छात्रों के लिए तय की गई है। स्वतंत्रता सेनानियों के बच्चों और पोते-पोतियों को 2 प्रतिशत आरक्षण मिलता है। रक्षा कर्मियों के बच्चों को 5 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। इसमें सेवानिवृत्त सैनिक, दिव्यांग सैनिक, युद्ध में शहीद हुए जवानों के बच्चे और उत्तर प्रदेश में तैनात सैनिकों के बच्चे शामिल हैं। स्पोर्ट्स कोटा खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों को स्पोर्ट्स कोटा के तहत भी फायदा मिलता है। इसके लिए जरूरी है कि छात्र ने पिछले दो वर्षों में जिला स्तर से चयन के बाद राज्य या अंतर-राज्य प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया हो। साथ ही उस खेल की सुविधा लखनऊ यूनिवर्सिटी में उपलब्ध हो और खेल मान्यता प्राप्त हो। स्पोर्ट्स कोटा के लाभ के लिए प्रमाण पत्र लखनऊ यूनिवर्सिटी एथलेटिक एसोसिएशन द्वारा जारी होना चाहिए। प्रमाण पत्र जरूरी रिजर्वेशन और वेटेज का लाभ लेने के लिए सही प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। दिव्यांग छात्रों के लिए जिला स्तर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी का प्रमाण पत्र मान्य होता है। स्वतंत्रता सेनानी से जुड़े प्रमाण पत्र जिलाधिकारी द्वारा जारी किए जाते हैं। SC, ST और OBC प्रमाण पत्र ऑनलाइन सत्यापन के बाद मान्य होंगे। आय प्रमाण पत्र भी पिछले छह महीने के भीतर जारी होना चाहिए। इस पॉलिसी के तहत छात्रों को उनकी योग्यता, वर्ग, खेल और अन्य विशेष परिस्थितियों के आधार पर एडमिशन में लाभ मिलता है। ऐसे में लखनऊ यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए यह जानना जरूरी है कि कौन सी श्रेणी के छात्रों को किस प्रकार की प्राथमिकता और आरक्षण मिलता है।
दिल्ली विश्वविद्यालय दाखिला: दूसरी CSAS लिस्ट इस दिन होगी जारी, रहें तैयार

New Delhi: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने अंडरग्रेजुएट कोर्सेज में दाखिले के लिए कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) के तहत अपनी पहली आवंटन सूची जारी कर दी है, जिसने लाखों छात्रों के सपनों को नई उड़ान दी है। इस सूची में जिन छात्रों को सीट आवंटित हुई है, वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी सीट कन्फर्म कर सकते हैं। लेकिन, जिन छात्रों का नाम इस लिस्ट में नहीं आया, उनके लिए अभी उम्मीद बाकी है। विश्वविद्यालय ने घोषणा की है कि दूसरी आवंटन सूची 28 जुलाई को शाम 5 बजे जारी होगी, जो नए अवसरों का द्वार खोलेगी। इतने उम्मीदवारों ने दाखिल की सीटों के लिए प्राथमिकी दरअसल, इस साल DU में दाखिले के लिए रिकॉर्ड तोड़ 239,890 उम्मीदवारों ने 69 कॉलेजों और विभिन्न विभागों में 71,642 सीटों के लिए अपनी प्राथमिकताएं दर्ज की हैं। दाखिला डीन प्रो. हनीत गांधी ने बताया कि पहले राउंड में लगभग 240,000 योग्य उम्मीदवारों के प्रोग्राम और कॉलेज प्राथमिकताओं के आधार पर 93,166 सीटें आवंटित की गई हैं। इसके अलावा, एकल कन्या श्रेणी में 1,325 और अनाथ श्रेणी में 259 सीटें (127 छात्राओं और 132 छात्रों को) आवंटित हुई हैं। 1 अगस्त से शुरू होने वाले सत्र के लिए समय पर प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है। CSAS प्रणाली पारदर्शी और योग्यता आधारित दाखिला सुनिश्चित करती है। प्रवेश के लिए जरूरी दस्तावेज दूसरी आवंटन सूची का इंतजार कर रहे छात्रों के लिए यह एक सुनहरा मौका है। विश्वविद्यालय ने छात्रों को सलाह दी है कि वे 1 अगस्त को शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले अपनी प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर लें। इसके लिए आवश्यक दस्तावेजों में कक्षा 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, पासपोर्ट साइज फोटो, श्रेणी प्रमाण पत्र (अगर लागू हो), फोटो आईडी प्रमाण (जैसे आधार या पैन कार्ड) और सीयूईटी स्कोर कार्ड शामिल हैं। प्रवेश प्रक्रिया के लिए तैयार रखें दस्तावेज छात्रों को सलाह है कि वे समय पर दस्तावेज तैयार रखें और प्रवेश प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करें। डीयू की पारदर्शी और व्यवस्थित सीएसएएस प्रणाली छात्रों को उनकी योग्यता और वरीयता के आधार पर उचित अवसर प्रदान करती है। यह दूसरी सूची का इंतज़ार कर रहे छात्रों के लिए एक नई शुरुआत हो सकती है। इसलिए, धैर्य और तैयारी के साथ अपने सपनों के कॉलेज में दाखिले के सपने को साकार करें।
DU Admission 2025: दिल्ली विश्वविद्यालय ने लॉन्च किया CSAS पोर्टल, UG-PG दाखिले के लिए शुरू प्रक्रिया

नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय ने स्नातक और स्नातकोत्तर कोर्सेज में दाखिले के लिए अपनी बहुप्रतीक्षित प्रक्रिया शुरू कर दी है। डीयू ने अपने कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) पोर्टल 2025 को लॉन्च कर दिया है, जिसके माध्यम से इच्छुक छात्र-छात्राएं दाखिले के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, इस पोर्टल का उद्घाटन डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह, कुलसचिव डॉ. विकास गुप्ता, डीन एडमिशन प्रोफेसर हनीत गांधी और स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग की निदेशक प्रो. पायल मांगो ने किया। यह पोर्टल दाखिला प्रक्रिया को और अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। रजिस्ट्रेशन का पहला चरण शुरू हो चुका है और छात्र-छात्राएं अब इस पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। कितना लगेगा आवेदन शुल्क? इस रजिस्ट्रेशन शुल्क इस बार भी सामान्य और ओबीसी वर्ग के लिए 250 रुपये, जबकि एससी, एसटी और दिव्यांग छात्रों के लिए 100 रुपये निर्धारित किया गया है। डीन एडमिशन प्रोफेसर हनीत गांधी ने बताया कि दूसरा चरण तब शुरू होगा, जब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी-यूजी) के परिणाम घोषित होंगे। परिणाम घोषित होने के बाद, छात्र अपने सीयूईटी स्कोर को CSAS पोर्टल पर अपलोड करेंगे, जिसके आधार पर सीट आवंटन होगा। कितनी सीटें होंगी उपलब्ध? डीयू के 69 कॉलेजों और संस्थानों में कुल 71,624 स्नातक सीटें उपलब्ध हैं, जिनमें 79 स्नातक प्रोग्राम और 186 बीए कोर्स कॉम्बिनेशन शामिल हैं। विश्वविद्यालय में कुल 1,550 से अधिक कोर्स कॉम्बिनेशन उपलब्ध हैं। दाखिले के लिए 12वीं पास होना अनिवार्य है और चयन पूरी तरह सीयूईटी-यूजी के स्कोर पर आधारित होगा। एनटीए ने जून 2025 के पहले सप्ताह तक सीयूईटी परीक्षा आयोजित की थी और इसके परिणाम अब जुलाई में आने की उम्मीद है। शुरू होंगे दो नए स्नातकोत्तर कोर्स बता दें कि इस साल डीयू ने दो नए स्नातकोत्तर कोर्स एमए टूरिज्म और एमए हिंदी जर्नलिज्म, जिनमें प्रत्येक में 50 सीटें होंगी शुरू करने की घोषणा की है। इसके अलावा, एमए इंग्लिश जर्नलिज्म कोर्स को भी जल्द शुरू करने की योजना है। इस साल पीजी कोर्सेज में सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए एक अतिरिक्त सीट आरक्षित की गई है। इसके साथ ही, दाखिला प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के लिए कुछ संशोधन किए गए हैं, जिसमें ऑटो एकसेप्ट मोड लागू करना शामिल है ताकि कोई भी आवेदक सीट आवंटन से वंचित न रहे। डीयू के नॉन-कॉलेजिएट महिला शिक्षा बोर्ड (NCWEB) के माध्यम से दिल्ली एनसीटी की महिला उम्मीदवारों के लिए दाखिला प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी, जो 12वीं के मेरिट स्कोर पर आधारित होगी। CSAS पोर्टल मोबाइल पर भी काम करता है, लेकिन बेहतर अनुभव के लिए लैपटॉप या डेस्कटॉप का उपयोग करने की सलाह दी गई है। वहीं शैक्षणिक सत्र 1 अगस्त से शुरू होगा। दाखिला शर्तों में भी बदलाव किए गए हैं। एनटीए द्वारा प्रस्तावित विषयों की सूची में बदलाव को ध्यान में रखते हुए, डीयू ने अधिकांश प्रोग्राम्स की पात्रता शर्तों को संशोधित किया है। अब उम्मीदवार एक भाषा + तीन विषय या दो भाषाओं + दो विषयों का चयन कर सकते हैं और सर्वश्रेष्ठ स्कोर पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा, बीएससी (ऑनर्स) प्रोग्राम्स के लिए भाषाओं में न्यूनतम 30% अंक की अनिवार्यता को हटा दिया गया है।