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Co-op Program: कनाडा में पढ़ते-पढ़ते कमाई का मौका! जानें भारतीय छात्रों को कैसे मिलेगा फायदा?

New Delhi: विदेश में पढ़ाई करने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के बीच कनाडा लंबे समय से एक पसंदीदा विकल्प बना हुआ है। यहां की यूनिवर्सिटी और कॉलेज सिर्फ किताबों की पढ़ाई पर ही ध्यान नहीं देते, बल्कि छात्रों को असली काम का अनुभव देने पर भी जोर देते हैं। इसी सोच के तहत कनाडा में Co-op Program काफी लोकप्रिय हो रहा है, जो छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ इंडस्ट्री में काम करने का मौका देता है। क्या है Co-op Program? Co-op यानी Cooperative Education Program एक ऐसा मॉडल है, जिसमें छात्र अपनी पढ़ाई के साथ किसी कंपनी या संस्था में काम करते हैं। इस दौरान उन्हें अपने क्षेत्र से जुड़ा प्रैक्टिकल अनुभव मिलता है। आसान भाषा में समझें तो इसमें कोर्स का एक हिस्सा क्लासरूम स्टडी होता है और दूसरा हिस्सा काम करने का अनुभव होता है। इस प्रोग्राम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि छात्रों को सिर्फ डिग्री लेकर नौकरी ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि पढ़ाई पूरी होने से पहले ही उन्हें काम की समझ और इंडस्ट्री का अनुभव मिल जाता है। पढ़ाई के साथ मिलती है सैलरी और अनुभव Co-op Program में शामिल छात्रों को कई बार फुल टाइम वर्क प्लेसमेंट मिलता है। इसके लिए उन्हें कंपनियों में काम करने का मौका मिलता है और कई मामलों में सैलरी भी दी जाती है। इससे छात्र अपनी पढ़ाई के दौरान ही आर्थिक रूप से कुछ मदद हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा कंपनी में काम करने से छात्रों की प्रोफेशनल नेटवर्किंग भी मजबूत होती है। भविष्य में नौकरी के अवसर तलाशने में यह अनुभव काफी मददगार साबित हो सकता है। किन छात्रों के लिए फायदेमंद है Co-op Program? कनाडा में कई क्षेत्रों के कोर्स में Co-op की सुविधा उपलब्ध होती है। खासतौर पर इन क्षेत्रों में इसकी मांग ज्यादा देखी जाती है: कंप्यूटर साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसबिजनेस और फाइनेंसइंजीनियरिंग और STEM फील्डडेटा एनालिटिक्स और टेक्नोलॉजीहेल्थकेयर और लाइफ साइंसेजमीडिया, मार्केटिंग और डिजाइन Co-op Program चुनने से पहले रखें इन बातों का ध्यान कई छात्र मानते हैं कि कनाडा में Co-op Program करने से नौकरी आसानी से मिल जाएगी, लेकिन ऐसा पूरी तरह तय नहीं होता। छात्रों को एडमिशन लेते समय ही यह देखना होता है कि उनके चुने हुए कोर्स में Co-op विकल्प उपलब्ध है या नहीं। कई यूनिवर्सिटी और कॉलेज में अलग Co-op ऑफिस होते हैं, जो छात्रों को रिज्यूमे बनाने, इंटरव्यू की तैयारी और नौकरी के अवसर तलाशने में सहायता करते हैं। क्या Co-op Program से मिलेगा PR का सीधा रास्ता? कनाडा में पढ़ाई करने वाले कई भारतीय छात्रों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या Co-op Program से Permanent Residency (PR) आसानी से मिल सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रोग्राम PR की गारंटी नहीं देता है। कनाडा का Co-op Program उन छात्रों के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है, जो डिग्री के साथ-साथ इंडस्ट्री एक्सपीरियंस हासिल करना चाहते हैं।

NEET PAPER LEAK:रांची के रिम्स से एक और पटना के एम्स से चार मेडिकल स्टूडेंट्स गिरफ्तार, अभी जांच जारी

नीट पेपर लीक मामले में सरकार एक्शन मूड़ में दिखाई दे रही है। इसी कड़ी में एक नया कदम उठाया गया है। पढ़िये युवा डाइनामाइट की पूरी रिपोर्ट NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले में सीबीआइ की जांच की आंच रांची के रिम्स तक पहुंच गयी है. सीबीआइ ने रांची रिम्स से एक और पटना एम्स से चार मेडिकल स्टूडेंट्स को गिरफ्तार किया है। रांची/पटना-नीट यूजी-2024 पेपर लीक मामले में सीबाआइ ने गुरुवार को रांची रिम्स से एक और पटना एम्स से चार मेडिकल स्टूडेंट्स को गिरफ्तार किया है. रिम्स से गिरफ्तार मेडिकल की छात्रा सुरभि कुमारी एमबीबीएस 2023 बैच के सेकेंड ईयर में पढ़ती है। वह रामगढ़ की रहनेवाली है। पटना एम्स से गिरफ्तार चार मेडिकल स्टूडेंट में थर्ड ईयर में पढ़नेवाले सिवान निवासी चंदन सिंह, पटना निवासी कुमार शानू, धनबाद निवासी राहुल आनंद और सेकेंड ईयर में पढ़नेवाला अररिया निवासी करण जैन शामिल हैं। इन चारों को सीबीआइ ने पूछताछ के लिए चार दिनों की रिमांड पर लिया है। आपको बताते चलें कि नीट पेपल लीक मामले को लेकर छात्रों के विरोध के बाद सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। सीबीआई मामले को लेकर लगातार नए खुलासे कर रही है।

Success Tips: विदेश में पढ़ना चाहते हैं तो इन बातों का रखें ध्यान

आज-कल विदेश में पढ़ाई करने का ट्रेंड भारतीय स्‍टूडेंट्स में बहुत तेजी से बढ़ रहा है। ज्यादातर स्‍टूडेंट अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए विदेश जाना चाहते हैं। विदेशों संस्थानों में पढ़ने के लिए आवेदन देते समय कई बातों का ख्याल रखना चाहिए ताकि नए देश में जाकर आपको किसी तरह की कोई परेशानी ना हो। नई दिल्लीः विदेश में पढ़ाई के लिए जाने से पहले कुछ चीजों को ध्यान में रखना जरूरी है: विदेश में पढ़ाई के लिए आवेदन देने से पहले कॉलेज का चयन सावधानीपूर्वक करना बेहद जरूरी है। विदेशों में कई कॉलेज वो कोर्स ऑफर कर रहे हैं जो आप पढ़ना चाहते हैं। लेकिन, कॉलेजों की शार्टलिस्टिंग बेहद जरूरी है। पढ़ाई करने जा रहे हैं, तो सबसे पहले इंटरनेशनल स्टूडेंट आईडी कार्ड बनवाएं, जिससे आपकों कई फायदें होंगे। आईडी कार्ड की मदद से आपको विदेश में डिस्काउंट मिलने में आसानी होगी। हर विश्वविद्यालय विदेशी छात्रों को अपनी तरफ से कई तरह की स्कॉलरशिप प्रदान करती है। कोई भी कोर्स चुनने से पहले ये जरूर पता लगा लें कि इस कोर्स को करने के दौरान स्कॉलरशिप मिलती है या नहीं। किसी भी देश में पढ़ाई करने के लिए जाने से पहले उस देश के बारे में अच्छे से जानना जरूरी है।

ज्वलंत मुद्दाः चीन लौटकर अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए भारतीय छात्रों को करना होगा और इंजार, नहीं हटी पाबंदी

कोरोना के कारण चीन से भारत आए भारतीय छात्रों को अभी कुछ समय का और इंतजार करना पड़ेगा। चीनी विश्वविद्यालयों में दाखिला लेने वाले भारतीय छात्रों को वापस जाने की अनुमति फिलहाल नहीं दी जा रही है। नई दिल्लीः चीन लौटकर अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए अभी भारतीय छात्रों को और इंतजार करना होगा। फिलहाल इन छात्रों को अभी वापस जानें की अनुमती नहीं दी गई है। चीन में भारतीय दूतावास ने एक बयान जारी कर छात्रों को सूचित किया के चीनी अधिकारियों ने उनके सख्त महामारी नियंत्रण उपायों का हवाला देते हुए भारत और चीन के बीच किसी भी चार्टर्ड उड़ानों के संचालन की अनुमति से इनकार कर दिया है। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया – यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस स्थिति का कोई पॉजिटिव विकास नहीं हुआ है। COVID-19 मामलों में दोबारा तेजी आने के बाद अब चीन ने फिर से यात्रा और दूसरे देशों से चीन आने के नियमों को और सख्‍त कर दिया है।