IGNOU एडमिशन 2026: रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, पोर्टल, फीस और अंतिम तिथि की पूरी जानकारी

IGNOU देश की सबसे बड़ी ओपन यूनिवर्सिटी है, जहां साल में दो बार एडमिशन मिलता है। कम फीस, UGC मान्यता और घर बैठे पढ़ाई की सुविधा इसे छात्रों के लिए बेहतरीन विकल्प बनाती है। जानिए एडमिशन प्रक्रिया, फीस और योग्यता।
UPSC ने खोल दिया Engineering Services का एडमिट कार्ड लिंक, आज ही करें डाउनलोड

UPSC ने Engineering Services Preliminary Exam 2026 के Admit Card जारी कर दिए हैं। परीक्षा 8 फरवरी को दो शिफ्ट में होगी। जानें एडमिट कार्ड डाउनलोड स्टेप्स, परीक्षा टाइम और तैयारी के जरूरी टिप्स।
STET अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर: कल आएगा बिहार स्पेशल स्कूल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट का रिजल्ट, जानें कैसे चेक करें स्कोरकार्ड

Patna: बिहार स्पेशल स्कूल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (Bihar STET) 2025 में शामिल अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के अध्यक्ष आनंद किशोर ने BSEB STET Result Date की आधिकारिक घोषणा कर दी है। उनके अनुसार बिहार STET 2025 का रिजल्ट कल यानी 5 जनवरी 2026 को जारी कर दिया जाएगा। ऑनलाइन जारी होगा परिणाम बोर्ड द्वारा यह परिणाम ऑनलाइन माध्यम से घोषित किया जाएगा। अभ्यर्थी बिहार एसटीईटी की आधिकारिक वेबसाइट bsebstet.org पर जाकर रिजल्ट चेक कर सकेंगे। रिजल्ट देखने के लिए उम्मीदवारों को लॉगिन डिटेल दर्ज करनी होगी, जिसके बाद वे अपना रिजल्ट देखने के साथ-साथ स्कोरकार्ड भी डाउनलोड कर पाएंगे। कैटेगरी वाइज क्वालिफाइंग मार्क्स बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने एसटीईटी परीक्षा के लिए श्रेणीवार न्यूनतम उत्तीर्ण अंक निर्धारित किए हैं।सामान्य वर्ग: 50 प्रतिशतपिछड़ा वर्ग (BC): 45.5 प्रतिशतअत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC): 42.5 प्रतिशतSC, ST, दिव्यांग, महिला उम्मीदवार: 40 प्रतिशत इन अंकों को प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी ही एसटीईटी परीक्षा में उत्तीर्ण माने जाएंगे और आगे की शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया के लिए पात्र होंगे। चार आसान स्टेप्स में ऐसे करें स्कोरकार्ड डाउनलोड बिहार STET 2025 का रिजल्ट और स्कोरकार्ड डाउनलोड करने की प्रक्रिया बेहद आसान हैस्टेप 1: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट bihar-stet.com पर जाएं।स्टेप 2: होम पेज पर दिख रहे रिजल्ट से संबंधित एक्टिव लिंक पर क्लिक करें।स्टेप 3: एप्लीकेशन नंबर, पासवर्ड और परीक्षा तिथि चुनकर लॉगिन करें।स्टेप 4: स्क्रीन पर परिणाम खुल जाएगा, जहां से आप रिजल्ट चेक कर स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। कब हुई थी Bihar STET 2025 परीक्षा Bihar STET 2025 परीक्षा का आयोजन राज्यभर में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर 14 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 के बीच किया गया था। परीक्षा संपन्न होने के बाद बोर्ड ने प्रोविजनल आंसर की जारी की थी, जिस पर अभ्यर्थियों को 27 नवंबर 2025 तक आपत्ति दर्ज करने का अवसर दिया गया था। फाइनल आंसर की भी हो सकती है जारी सूत्रों के अनुसार, रिजल्ट जारी होने के साथ-साथ बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से फाइनल आंसर की भी प्रकाशित की जा सकती है। इससे अभ्यर्थियों को अपने अंकों और परिणाम को लेकर पूरी स्पष्टता मिल जाएगी। अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सलाह अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि रिजल्ट चेक करते समय एप्लीकेशन नंबर और लॉगिन डिटेल पहले से तैयार रखें। वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक होने की स्थिति में धैर्य बनाए रखें और स्कोरकार्ड का प्रिंट या PDF सुरक्षित जरूर रखें, क्योंकि आगे की प्रक्रिया में इसकी आवश्यकता पड़ सकती है।
Career Tips: इन 7 इंजीनियरिंग कोर्सों में करियर बनाएं और पाएं लाखों की सैलरी

New Delhi: इंजीनियरिंग एक ऐसा क्षेत्र है, जो लगातार नई तकनीकों और विकास के साथ बदलता रहता है। आज के समय में इंजीनियरिंग के कई क्षेत्र तेजी से उभर रहे हैं, जिनमें विशेषज्ञता की मांग और सैलरी पैकेज दोनों ही ज्यादा हैं। यदि आप एक इंजीनियरिंग छात्र हैं और अच्छे भविष्य की तलाश कर रहे हैं, तो आपको सबसे ज़्यादा डिमांडिंग इंजीनियरिंग कोर्सों के बारे में जानना जरूरी है। ये कोर्स आपको एक हाई लेवल पैकेज और एक अच्छी नौकरी दिलाने में मदद करेगी। चलिए फिर एक-एक करके सभी कोर्स के बारे में जानते हैं। 1. कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग (CSE) एक ऐसा कोर्स है जो हर साल अधिक से अधिक छात्रों को आकर्षित कर रहा है। यह कोर्स आपको सॉफ़्टवेयर डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे उभरते हुए क्षेत्रों में विशेषज्ञता देता है। सैलरी पैकेज की बात करें तो, सीएसई के इंजीनियरों को भारत में औसतन 8-20 लाख रुपए तक की सैलरी मिलती है। प्रमुख कंपनियां जैसे गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न यहां बड़े पैमाने पर भर्ती करती हैं। 2. इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (EEE) कोर्स भी हमेशा से एक बेहतरीन करियर विकल्प रहा है। यह कोर्स आपको पावर सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस और सर्किट डिज़ाइन में गहरी जानकारी प्रदान करता है। इस क्षेत्र में अच्छे सैलरी पैकेज की संभावनाएं बहुत अधिक हैं और टॉप कंपनियों जैसे ABB, Siemens और Honeywell इसमें हायरिंग करती हैं। सैलरी पैकेज 6-15 लाख रुपए प्रति वर्ष तक हो सकता है। 3. मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आजकल, मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI/ML) इंजीनियरिंग कोर्स की डिमांड बहुत बढ़ गई है। यह कोर्स उन छात्रों के लिए है जो डेटा साइंस और सॉफ़्टवेयर इंजीनियरिंग में रुचि रखते हैं। AI और ML के इंजीनियर दुनिया के सबसे ज़्यादा सैलरी पाने वाले पेशेवरों में शामिल हैं। इन क्षेत्रों में सैलरी 10-30 लाख रुपए तक पहुंच सकती है और बहुत सारी कंपनियां इस क्षेत्र में नए स्टार्टअप्स और प्रौद्योगिकियों पर काम कर रही हैं। 4. सिविल इंजीनियरिंग सिविल इंजीनियरिंग भारत के सबसे पुरानी और लोकप्रिय इंजीनियरिंग शाखाओं में से एक है। इस क्षेत्र में काम करने वाले इंजीनियरों की डिमांड अभी भी बहुत अधिक है, खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में। प्रमुख कंपनियों में L&T, DLF और TATA Projects शामिल हैं। यहां सैलरी 6-12 लाख रुपए प्रति वर्ष तक होती है, लेकिन अनुभव बढ़ने पर यह पैकेज और भी बढ़ सकते हैं। 5. केमिकल इंजीनियरिंग केमिकल इंजीनियरिंग भी एक अच्छा करियर विकल्प हो सकता है, खासकर उन छात्रों के लिए जो रासायनिक प्रक्रियाओं और उत्पादन के प्रति रुचि रखते हैं। इस क्षेत्र में कार्यरत कंपनियां जैसे Reliance, IOCL और BPCL उच्च सैलरी पैकेज की पेशकश करती हैं। औसतन सैलरी 7-15 लाख रुपए प्रति वर्ष होती है। 6. बायोटेक्नोलॉजी बायोटेक्नोलॉजी में इंजीनियरिंग करियर के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। यह कोर्स आपको चिकित्सा, कृषि और पर्यावरण के क्षेत्रों में काम करने का अवसर प्रदान करता है। बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियरों के लिए सैलरी 8-18 लाख रुपए प्रति वर्ष तक हो सकती है और कई कंपनियां इस क्षेत्र में रिसर्च और विकास के लिए छात्रों को हायर करती हैं। 7. रोबोटिक्स इंजीनियरिंग रोबोटिक्स इंजीनियरिंग एक उभरता हुआ क्षेत्र है, जिसमें आप रोबोट डिजाइन, निर्माण और संचालन से जुड़े कौशल प्राप्त करते हैं। इस क्षेत्र में सैलरी पैकेज 8-20 लाख रुपए तक हो सकता है। प्रमुख कंपनियां जैसे Boston Dynamics और iRobot इस क्षेत्र में काम कर रही हैं।
छात्रों के लिए साइंटिफिक तरीके: पढ़ाई में ध्यान लगाने और एकाग्रता बढ़ाने के 5 प्रभावी उपाय

New Delhi: सोशल मीडिया और मल्टीटास्किंग के बढ़ते प्रभाव के चलते छात्रों के लिए अपनी पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखना एक चुनौती बन गया है। हालांकि, कुछ छात्र पूरी एकाग्रता से पढ़ाई करते हैं, लेकिन अधिकांश का ध्यान बार-बार भटक जाता है, जिससे उनका अध्ययन प्रभावी नहीं हो पाता। अगर आप भी प्रतिस्पर्धी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और पढ़ाई में मन नहीं लग पा रहा है, तो यहां कुछ साइंटिफिक तरीके बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपनी एकाग्रता को बढ़ा सकते हैं और बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। ये है साइंटिफिक स्टडी फोकस टेक्निक 1. मल्टीटास्किंग से बचेंकई छात्र एक समय में एक से अधिक काम करते हैं, जैसे कि पढ़ाई के दौरान सोशल मीडिया चेक करना। यह आपके ध्यान को भटकाता है और आपकी एकाग्रता कम करता है। अगर आप चाहते हैं कि आपका ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित रहे, तो सिर्फ एक विषय पर फोकस करें। 2. पोमोडोरो टेक्निक का प्रयोग करेंयह एक बेहद कारगर तरीका है, जिसमें आप 30 से 40 मिनट तक पूरी एकाग्रता से पढ़ाई करते हैं और फिर 5 मिनट का ब्रेक लेते हैं। यह छोटा ब्रेक आपको ब्रेन आउट से बचने में मदद करता है और आपकी ऊर्जा को बनाए रखता है। 3. माइंड मैपिंग टेक्निक अपनाएंमाइंड मैपिंग एक तकनीक है जिसमें आप महत्वपूर्ण जानकारी को चित्रों और शॉर्ट नोट्स के जरिए व्यवस्थित करते हैं। यह तकनीक एकाग्रता को बढ़ाती है और कठिन विषयों को समझने में मदद करती है। 4. खुद का ख्याल रखेंशारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ब्रेन बूस्टिंग फूड्स जैसे फल, डार्क चॉकलेट और नट्स का सेवन करें, और हर दिन 7-8 घंटे की नींद लें। इससे आपका मानसिक विकास होगा और पढ़ाई में बेहतर ध्यान लग पाएगा। 5. फ्लैशकार्ड बनाएंफ्लैशकार्ड्स एक बेहतरीन तरीका है महत्वपूर्ण बिंदुओं को याद रखने का। यह तरीका आपके लिए रिविजन को आसान बनाता है और परीक्षा में जल्दी रिविजन करने में मदद करता है। इन वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर आप अपनी पढ़ाई को और अधिक प्रभावी बना सकते हैं और बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।
Bihar DElEd JEE 2025 का रिजल्ट आज हुआ जारी, जानें कैसे चेक करें

Patna: बिहार विद्यालय परीक्षा बोर्ड (BSEB) ने आज डीएलएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा (DElEd JEE) 2025 का रिजल्ट घोषित कर दिया है। रिजल्ट की घोषणा बोर्ड के चेयरमैन आनंद किशोर पटना के सिन्हा लाइब्रेरी रोड स्थित मुख्य कार्यालय से हुई है। इस साल DElEd प्रवेश परीक्षा में कुल 3 लाख 23 हजार 313 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। रिजल्ट चेक करने का तरीका सभी कैंडिडेट्स अपना रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट result.deledbihaar.com पर चेक कर सकते हैं। रिजल्ट चेक करने के स्टेप्स इस प्रकार हैं: 1. ऑफिशियल बिहार बोर्ड रिजल्ट पोर्टल secondary.biharboardonline.com पर जाएं।2. “बिहार DElEd JEE रिजल्ट 2025” लिंक पर क्लिक करें।3. रोल नंबर, एप्लीकेशन नंबर और अन्य ज़रूरी विवरण दर्ज करें।4. विवरण सबमिट करने के बाद रिजल्ट स्क्रीन पर दिखेगा।5. स्कोरकार्ड डाउनलोड करें और आगे के एडमिशन प्रोसेस के लिए प्रिंटआउट ले लें। परीक्षा और आंसर-की फुल डिटेल्स DElEd JEE 2025 परीक्षा 26 अगस्त 2025 को कंप्यूटर बेस्ड मोड (CBT) में आयोजित की गई थी। इसके बाद 11 अक्टूबर को बोर्ड ने प्रोविजनल आंसर-की जारी की थी। अभ्यर्थियों को 13 अक्टूबर तक आंसर-की पर आपत्ति दर्ज करने का अवसर मिला था। रिजल्ट के बाद का एडमिशन प्रोसेस रिजल्ट जारी होने के बाद बोर्ड काउंसलिंग और सीट एलोकेशन प्रक्रिया शुरू करेगा। सीटें मेरिट लिस्ट में कैंडिडेट की रैंक और चुने गए इंस्टीट्यूट (मेरिट-कम-चॉइस बेसिस) के आधार पर अलॉट की जाएंगी। बोर्ड इस प्रक्रिया के लिए एक अलग मेरिट लिस्ट और डिटेल्ड काउंसलिंग शेड्यूल भी जारी करेगा। कैंडिडेट्स के लिए जरूरी सलाह सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे लगातार ऑफिशियल वेबसाइट चेक करते रहें ताकि काउंसलिंग और सीट एलोकेशन से जुड़ी सभी अपडेट्स उन्हें समय पर मिल सकें। सफल कैंडिडेट्स को अपने दस्तावेज़ तैयार रखने और सभी नियमों का पालन करने की आवश्यकता होगी। रिजल्ट का महत्व DElEd JEE रिजल्ट अभ्यर्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके आधार पर ही उन्हें बिहार के विभिन्न DElEd कॉलेजों में प्रवेश मिलेगा। इस परीक्षा का स्कोर उनके शिक्षक बनने के करियर की दिशा तय करेगा। बोर्ड ने इस बार भी रिजल्ट प्रोसेस को पारदर्शी और तेज बनाने पर विशेष ध्यान दिया है।
PU Admission Rules: कौन-सी कैटेगरी को कितना आरक्षण मिलता है? जानें दोनों सीटों का पूरा बंटवारा

Chandigarh: पंजाब यूनिवर्सिटी में दाखिला लेना हर साल हजारों छात्रों का सपना होता है। देश की टॉप यूनिवर्सिटियों में शुमार इस संस्थान में पढ़ाई की गुणवत्ता, रैंकिंग और करियर स्कोप इसे छात्रों की पहली पसंद में शामिल करता है। लेकिन एडमिशन के समय सबसे ज़्यादा उलझन इसी बात को लेकर होती है कि किस श्रेणी में कितनी सीटें मिलती हैं और आरक्षण किन-किन उम्मीदवारों को लाभ देता है। यूनिवर्सिटी ने अपनी स्पष्ट और सख्त पॉलिसी बनाई है, जिसे समझना हर अभ्यर्थी के लिए जरूरी है। दो तरह की सीटें पंजाब यूनिवर्सिटी हर कोर्स में सीटों को दो हिस्सों में बांटती है पहला ओपन कैटेगरी सीटें और दूसरा रिजर्व कैटेगरी सीटें। यूनिवर्सिटी के नियमों के मुताबिक किसी भी कोर्स की कुल सीटों में से 55.5% सीटें ओपन कैटेगरी के लिए होती हैं। इन सीटों पर किसी प्रकार का आरक्षण लागू नहीं होता। इन्हें पूरी तरह मेरिट के आधार पर भरा जाता है। वहीं 44.5% सीटें रिजर्व कैटेगरी के लिए रखी जाती हैं। इन सीटों को आगे विभिन्न समूहों में बांटा गया है। उद्देश्य यह है कि समाज के हर वर्ग को समान अवसर मिले। SC और ST छात्रों की सबसे बड़ी हिस्सेदारी SC के लिए 15% सीटेंआरक्षण श्रेणियों में सबसे बड़ा हिस्सा अनुसूचित जाति (SC) को मिलता है। कुल सीटों में से 15% सीटें SC छात्रों के लिए आरक्षित होती हैं। ST के लिए 7.5% सीटेंअनुसूचित जनजाति (ST) कैटेगरी को 7.5% सीटें मिलती हैं। इन दोनों कैटेगरी के लिए विशेष नियम भी हैं1. जहां न्यूनतम अंक तय होते हैं, वहां 5% तक की छूट दी जाती है।2. यह छूट छात्रों को योग्य बनने में मदद करती है।3. MBBS जैसे कोर्स में यह छूट लागू नहीं होती।4. अगर SC/ST की सीटें खाली रह जाएं, तो इन्हीं कैटेगरी के छात्रों को अतिरिक्त छूट देकर सीटें भरने का प्रयास किया जाता है। OBC को 5% सीटें और 5% मार्क्स की राहत पिछड़ी जाति (OBC/Backward Classes) के लिए कुल 5% सीटों का प्रावधान है। यदि किसी कोर्स में न्यूनतम अंक जरूरी हैं तो इन्हें भी 5% की छूट दी जा सकती है। इस सुविधा का उद्देश्य है कि सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों को समान अवसर मिले। दिव्यांग छात्रों के लिए 3% सीटें और विशेष आरक्षण पंजाब यूनिवर्सिटी दिव्यांग छात्रों के लिए 3% सीटें आरक्षित करती है। इन सीटों का लाभ उन्हीं छात्रों को मिलता है जिनकी विकलांगता कम से कम 40% है और यह मेडिकल बोर्ड द्वारा प्रमाणित हो। इसके भीतर भी आरक्षण का विशेष प्रावधान है। जैसे 1% सीटें दृष्टिबाधित (Blind/Low Vision) छात्रों के लिए आरक्षित रहती हैं।इन छात्रों को ओपन कैटेगरी मेरिट में भी ५% अतिरिक्त अंक दिए जाते हैं। इससे उनकी रैंकिंग बेहतर होती है। स्पोर्ट्स कोटा के लिए खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों के लिए भी पंजाब यूनिवर्सिटी 5% स्पोर्ट्स कोटा प्रदान करती है। यह सुविधा उन छात्रों को मिलती है जिन्होंने राज्य स्तर, राष्ट्रीय स्तर या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल उपलब्धियां हासिल की हों। यह कोटा उन छात्रों को पढ़ाई और खेल दोनों में आगे बढ़ने का अवसर देता है। इन लोगों को भी मिलेगा फायदा यह आरक्षण उन परिवारों के लिए है जिनके सदस्य सेना, CRPF, BSF और पुलिस में नौकरी करते हुए शहीद हो गए हों या ड्यूटी के दौरान घायल होकर अक्षम हुए हों। इन 5% सीटों को 7 श्रेणियों में बांटा गया है, जिसमें शहीदों के बच्चों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। 984 दंगों और आतंकवाद पीड़ित परिवारों के लिए 2% सीटें पंजाब यूनिवर्सिटी उन परिवारों को भी राहत देती है जो 1984 के दंगे या आतंकवाद की घटनाओं से प्रभावित हुए हैं। इनके लिए 2% सीटें आरक्षित हैं। पात्र अभ्यर्थियों को जिला मजिस्ट्रेट से प्रमाण पत्र लाना होता है। स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों के लिए 2% सीटें स्वतंत्रता सेनानियों के बच्चे या पोते-पोतियां भी 2% आरक्षण के हकदार होते हैं, बशर्ते परिवार को सरकारी मान्यता या पेंशन मिली हो।
CBSE 10th-12th Exam 2026: 17 फरवरी से शुरू होंगी बोर्ड परीक्षाएं, जानें कैसे बनाएं परफेक्ट रिवीजन प्लान

New Delhi: जैसा कि आप जानते हैं कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सत्र 2025-26 की 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं की फाइनल डेटशीट जारी कर दी है और अब छात्रों का पूरा ध्यान तैयारी और रिवीजन स्ट्रेटजी पर केंद्रित हो गया है। 17 फरवरी 2026 से बोर्ड परीक्षाओं का आगाज़ होगा और लाखों विद्यार्थी अपनी मेहनत को अंजाम देने की तैयारी में जुट गए हैं। इस बार बोर्ड ने छात्रों को पहले से ही पर्याप्त समय दिया है ताकि वे हर विषय की योजना बनाकर तैयारी कर सकें। अब सवाल यह है कि इस बचे हुए समय में कौन-सी स्ट्रेटजी अपनाई जाए जिससे अच्छे अंक हासिल किए जा सकें? कैसे करें तैयारी ? सीबीएसई के अनुसार, इस बार परीक्षाएं 17 फरवरी से अप्रैल 2026 के बीच आयोजित की जाएंगी। डेटशीट जारी होते ही छात्रों के पास अब लगभग तीन महीने से ज़्यादा का समय है, जिसे सही योजना के साथ इस्तेमाल करना बेहद ज़रूरी है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय को तीन फेज़ में बांटना चाहिए। 1. Concept Revision (दिसंबर तक)2. Mock Test & Sample Papers (जनवरी तक)3. Final Polishing & Weak Areas Revision (फरवरी की शुरुआत तक) टॉप तैयारी टिप्स कक्षा 10वीं के छात्र पहली बार बोर्ड का सामना करते हैं, इसलिए उनका आत्मविश्वास और समय प्रबंधन दोनों बेहद अहम हैं। ऐसे में छात्र नीचे दिए गए टिप्स पर काम कर सकते हैं। जैसे- 1. हर दिन 3 घंटे कोर सब्जेक्ट्स (Maths, Science, English) को दें।2. हर सप्ताह एक सैंपल पेपर हल करें ताकि पेपर पैटर्न की आदत बने।3. जिन विषयों में अंक कम आते हैं, उन्हें अब “डेली रिवीजन लिस्ट” में शामिल करें।4. एनसीईआरटी किताबों के ‘इन-टेक्स्ट क्वेश्चन्स’ और ‘एक्सरसाइज क्वेश्चन्स’ को बार-बार दोहराएं।5. अंतिम 15 दिनों में केवल रिवीजन और पिछले साल के प्रश्नपत्र हल करें। कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए स्मार्ट टाइम टेबल कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए समय की कीमत और भी ज्यादा है क्योंकि ये अंक कॉलेज एडमिशन में अहम भूमिका निभाते हैं। आदर्श टाइम टेबल1. सुबह (5–8 बजे): कठिन विषय या फिजिक्स/मैथ्स की थियोरी2. दोपहर (1–3 बजे): सैंपल पेपर या प्रैक्टिकल सब्जेक्ट्स की प्रैक्टिस3. शाम (6–9 बजे): रिवीजन + महत्वपूर्ण नोट्स की दोहराई4. रविवार: फुल लेंथ मॉक टेस्ट और पेपर एनालिसिस इसके अलावा, छात्रों को सलाह दी गई है कि वे ऑनलाइन रिवीजन टेस्ट, CBSE सैंपल पेपर और पिछले वर्षों के पेपर का अभ्यास जरूर करें। आखिरी महीनों में क्या करें और क्या नहीं क्या करें (DO’s)1. टाइम मैनेजमेंट पर ध्यान दें, हर विषय को रोजाना थोड़ा समय दें।2. हेल्दी रूटीन अपनाएं संतुलित भोजन, नींद और हल्का एक्सरसाइज़ रखें।3. गलतियों का रिकॉर्ड बनाएं और उन्हें दोबारा रिपीट न करें।4. अपने टीचर्स से डाउट्स क्लियर करें। क्या न करें (DON’T’s)1. नई किताबें या नोट्स अब शुरू न करें।2. सोशल मीडिया पर ज्यादा समय न बिताएं।3. आखिरी समय में ‘रटने’ की कोशिश न करें, समझकर पढ़ें। सीबीएसई डेटशीट 2026 कक्षा 10वीं की परीक्षा: 17 फरवरी 2026 सेकक्षा 12वीं की परीक्षा: 17 फरवरी 2026 सेपरीक्षाओं का समापन: अप्रैल 2026 तकऑफिशियल वेबसाइट: cbse.gov.inएडमिट कार्ड: जनवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में जारी होने की संभावना मोटिवेशनल नोट शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अब छात्रों को “कितना पढ़ा” पर नहीं, बल्कि “कैसे पढ़ा” पर ध्यान देना चाहिए।रोजाना छोटे-छोटे लक्ष्य तय करें और उन्हें पूरा करें। आत्मविश्वास बनाए रखें क्योंकि बोर्ड परीक्षा में सबसे बड़ा हथियार सेल्फ-बिलीफ ही है।
CA छात्रों की धड़कनें तेज! ICAI इस डेट को कर सकता है रिजल्ट जारी, पूरी डिटेल अंदर

New Delhi: ICAI सितंबर 2025 CA परीक्षा के परिणाम 3 नवंबर, 2025 को घोषित होने की संभावना है। इसमें फाउंडेशन, इंटरमीडिएट और फाइनल कोर्स के छात्र शामिल हैं। अभी तक आईसीएआई ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन परिणाम www.icai.org पर उपलब्ध होंगे। अभ्यर्थी अपनी डिटेल्स भरकर लॉगिन कर सकते हैं और स्क्रीन पर रिजल्ट देख सकते हैं। इसके साथ ही टॉपर्स और मेरिट सूची पीडीएफ डाउनलोड कर भविष्य के लिए सुरक्षित रखी जा सकती है। यह छात्रों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट है। परीक्षा तिथियां 1. CA Final: ग्रुप 1 – 3, 6, 8 सितंबर; ग्रुप 2 – 10, 12, 14 सितंबर 20252. CA Intermediate: ग्रुप 1 – 4, 7, 9 सितंबर; ग्रुप 2 – 11, 13, 15 सितंबर 20253. CA Foundation: 16, 18, 20, 22 सितंबर 2025 आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ICAI ने अभी तक आधिकारिक रूप से परिणाम घोषित नहीं किया है। हालांकि कई सोशल मीडिया पोस्ट्स दावा कर रहे हैं कि नतीजे 3 नवंबर 2025 को जारी हो सकते हैं। परिणाम कैसे चेक करें 1. ICAI की वेबसाइट पर जाएं।2. होमपेज पर CA September 2025 Results लिंक पर क्लिक करें।3. अपनी लॉगिन डिटेल्स (रोल नंबर, पैन नंबर आदि) भरें।4. स्क्रीन पर अपना परिणाम देखें और भविष्य के लिए उसका प्रिंट आउट निकाल लें। टॉपर्स लिस्ट और मेरिट डाउनलोड करें 1. आधिकारिक वेबसाइट icai.nic.in/caresult पर जाएं।2. CA September Topper List PDF लिंक पर क्लिक करें।3. पाठ्यक्रम-वार टॉपर्स और मेरिट सूची पीडीएफ डाउनलोड करें।4. इसे सुरक्षित रखें और हार्ड कॉपी निकालें। जरूरी नोट्स 1. केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही परिणाम और मेरिट सूची की पुष्टि करें।2. सोशल मीडिया पोस्ट्स और अफवाहों पर भरोसा न करें।3. लॉगिन डिटेल्स सही डालें, ताकि परिणाम ठीक से दिखाई दे। ICAI का यह प्रयास सुनिश्चित करता है कि छात्रों को नतीजे पारदर्शी और समय पर मिलें। फाउंडेशन, इंटरमीडिएट और फाइनल कोर्स के अभ्यर्थी 3 नवंबर को अपने रिजल्ट्स चेक कर सकते हैं और अगले अकादमिक या पेशेवर कदम के लिए योजना बना सकते हैं।
ISRO में इंटर्नशिप का सुनहरा मौका, जानें आवेदन से लेकर योग्यता तक की पूरी जानकारी

New Delhi: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने छात्रों के लिए इंटर्नशिप की घोषणा की है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए यह एक स्वर्णिम अवसर है। इंटर्नशिप 1 जनवरी 2026 से शुरू होगी और इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2025 तय की गई है। कौन कर सकता है आवेदन? इसरो की इस इंटर्नशिप के लिए स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी स्तर पर अध्ययनरत छात्र आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, जिन उम्मीदवारों ने आवेदन से छह महीने पहले अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है, वे भी पात्र हैं।1. उम्मीदवार भारत के मान्यता प्राप्त संस्थान से विज्ञान या प्रौद्योगिकी विषय में अध्ययनरत होना चाहिए।2. पिछली कक्षा में कम से कम 60% अंक अनिवार्य हैं।3. इंटर्नशिप की न्यूनतम अवधि 45 दिन रखी गई है। ट्रेनिंग स्कीम की अवधि इस प्रकार होगी 1. BE/BTech (6वां सेमेस्टर पूरा)- 45 दिन2. ME/MTech (1वां सेमेस्टर पूरा)- 120 दिन3. BSc/डिप्लोमा (अंतिम वर्ष)- 5 दिन4. MSc (1वां सेमेस्टर पूरा)- 120 दिन5. PhD (Coursework पूरा)- 30 सप्ताह आवेदन प्रक्रिया: ऐसे करें अप्लाई इसरो की इंटर्नशिप में आवेदन करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:1. ISRO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।2. होमपेज पर “Internship” लिंक पर क्लिक करें।3. “New Registration” पर क्लिक करके अपना अकाउंट बनाएं।4. लॉगिन करके मांगी गई व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरें।5. विवरण भरने के बाद फॉर्म सबमिट करें और उसका एक प्रिंटआउट निकाल लें। जरूरी बातें ध्यान रखें 1. आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2025 है।2. इंटर्नशिप 1 जनवरी 2026 से शुरू होगी।3. आवेदन करने से पहले पात्रता और दस्तावेजों को अच्छी तरह जांच लें।4. इस इंटर्नशिप का उद्देश्य छात्रों को ISRO के कार्य वातावरण और शोध कार्यों का व्यावहारिक अनुभव देना है। यह क्यों है खास? ISRO जैसी अग्रणी संस्था में इंटर्नशिप करने से न केवल छात्रों को अत्याधुनिक तकनीकी ज्ञान मिलेगा, बल्कि उन्हें स्पेस रिसर्च, सैटेलाइट डेवलपमेंट और मिशन प्लानिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रत्यक्ष अनुभव भी मिलेगा। यह इंटर्नशिप उनके करियर को नई ऊंचाई दे सकती है और उन्हें भविष्य में इसरो या अन्य वैज्ञानिक संस्थानों में रोजगार के अवसर दिला सकती है।