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DU Hostel News: दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों को सस्ते कमरे, 2 नवंबर से शुरू हो सकती है सुविधा

DU Hostel

New Delhi: दिल्ली विश्वविद्यालय(DU) में पढ़ने वाले दूसरे राज्यों के विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। विश्वविद्यालय छात्रों के लिए सस्ते आवास की व्यवस्था करने के उद्देश्य से खाली पड़े स्टाफ क्वार्टर को छात्रावास में बदलने की तैयारी कर रहा है। पोस्ट ग्रेजुएट पुरुष छात्रावास में छह क्वार्टर का नवीनीकरण पूरा हो चुका है। इन्हें 2 नवंबर से विद्यार्थियों के लिए खोलने की योजना है। इसके अलावा रीड्स लाइन और ढाका परिसर में खाली आवासों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। छह क्वार्टर का नवीनीकरण पूरा, जल्द मिल सकते हैं कमरे दिल्ली विश्वविद्यालय(DU) के पोस्ट ग्रेजुएट पुरुष छात्रावास में छह टाइप-1 क्वार्टर का नवीनीकरण पूरा हो चुका है। विश्वविद्यालय की योजना के मुताबिक, इन कमरों को 2 नवंबर से छात्रों के रहने के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है। टाइप-1 क्वार्टर में एक कमरा, रसोई और बाथरूम की सुविधा होती है। विद्यार्थियों को साझा व्यवस्था के तहत यहां ठहराया जा सकेगा। छात्रों के लिए आवास की कमी दूर करने के उद्देश्य से गठित आठ सदस्यीय समिति ने रीड्स लाइन और ढाका परिसर में खाली पड़े क्वार्टर का भी नवीनीकरण कर उन्हें छात्रावास के रूप में इस्तेमाल करने की सिफारिश की है। मौजूदा हॉस्टल में भी बढ़ सकती है क्षमता DU के इंजीनियरिंग विभाग को विभिन्न परिसरों में खाली पड़े अन्य क्वार्टर का सर्वे करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही मौजूदा छात्रावासों की क्षमता बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। जहां जगह उपलब्ध होगी, वहां एक कमरे में दो विद्यार्थियों को ठहराने की व्यवस्था की जा सकती है। इससे अधिक छात्रों को आवास उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है। छात्रों के आवास की जानकारी के लिए बनेगा पोर्टल दिल्ली विश्वविद्यालय(DU) छात्रों के आवास की स्थिति जानने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी तैयार कर रहा है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों के परिवार के साथ रहने या पीजी में रहने से संबंधित जानकारी जुटाई जा सकेगी। साथ ही निजी पेइंग गेस्ट (PG) आवासों में सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा करने में भी मदद मिल सकती है। दूसरे राज्यों की सरकारों से संपर्क का सुझाव समिति ने हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत अन्य राज्यों की सरकारों से संपर्क कर विद्यार्थियों के लिए छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराने की संभावनाएं तलाशने का सुझाव दिया है। दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में छात्र दिल्ली(DU) में पढ़ाई करने आते हैं, ऐसे में उनके लिए किफायती आवास की व्यवस्था महत्वपूर्ण है। हालांकि, नए छात्रावासों के निर्माण का फैसला सरकारी मंजूरी और बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। फिलहाल विश्वविद्यालय खाली क्वार्टर के सर्वे, नवीनीकरण और मौजूदा छात्रावासों की क्षमता बढ़ाने जैसे विकल्पों पर काम कर रहा है। कमरों के आवंटन और आवेदन प्रक्रिया से संबंधित आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। निष्कर्ष अगर आपको सरकारी जॉब वैकेंसी, भर्ती परीक्षाओं और नौकरी से जुड़ी हर जरूरी जानकारी समय पर चाहिए, तो युवा डाइनामाइट न्यूज़ के इस पेज को जरूर फॉलो करें। यहां आपको सरकारी नौकरियों से जुड़े लेटेस्ट अपडेट सबसे पहले मिलते रहेंगे।

Delhi University: बैक लगने पर डिग्री नहीं होगी रद्द! छात्रों के लिए जानना जरूरी है ये नियम, वरना अटक सकती है पढ़ाई

Delhi University: दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान किसी विषय में फेल होना छात्रों के लिए चिंता की बात हो सकती है। कई बार छात्रों को डर रहता है कि एक विषय में बैक आने से उनकी पूरी डिग्री पर असर पड़ेगा। लेकिन ऐसा सीधे तौर पर नहीं होता। बैक आने पर छात्र को संबंधित पेपर दोबारा पास करने का मौका दिया जाता है। हालांकि, इसका मतलब यह भी नहीं है कि बैकलॉग को लंबे समय तक टाला जा सकता है। छात्रों को यूनिवर्सिटी के तय नियमों और समयसीमा के भीतर अपने सभी लंबित पेपर क्लियर करने होते हैं। मार्कशीट में ER लिखा हो तो क्या समझें? अगर छात्र किसी विषय में जरूरी पासिंग मार्क्स हासिल नहीं कर पाता या परीक्षा में शामिल नहीं होता, तो मार्कशीट में ER यानी Essential Repeat दर्ज हो सकता है। इसका सीधा मतलब है कि छात्र को उस विषय की परीक्षा दोबारा देनी होगी। कई मामलों में बैक आने के बावजूद छात्र अगले सेमेस्टर में पढ़ाई जारी रख सकता है। लेकिन डिग्री पूरी करने के लिए संबंधित विषय को पास करना जरूरी रहता है। Subject Back और Year Back में फर्क सब्जेक्ट बैक और ईयर बैक को एक जैसा समझना सही नहीं है। अगर छात्र एक या कुछ विषयों में फेल होता है और प्रमोशन से जुड़ी शर्तें पूरी करता है, तो उसे आगे की पढ़ाई जारी रखने का मौका मिल सकता है। वहीं, जब किसी सेमेस्टर में फेल हुए विषयों की संख्या तय सीमा से ज्यादा हो जाती है और छात्र प्रमोशन की शर्त पूरी नहीं करता, तो ईयर बैक की स्थिति बन सकती है। ऐसे में छात्र को उसी वर्ष की पढ़ाई दोहरानी पड़ सकती है। बैक पेपर के लिए है ऑड-ईवन नियम बैक परीक्षा को लेकर सेमेस्टर के हिसाब से भी व्यवस्था है। फर्स्ट और थर्ड सेमेस्टर से जुड़े बैकलॉग की परीक्षा अगले वर्ष के संबंधित ऑड सेमेस्टर में दी जा सकती है। इसी तरह सेकंड और फोर्थ सेमेस्टर के बैक ईवन सेमेस्टर में क्लियर करने का मौका मिलता है। यानी बैक पेपर कब दिया जा सकता है, यह सेमेस्टर के हिसाब से तय होता है। छात्रों के लिए परीक्षा फॉर्म और यूनिवर्सिटी की आधिकारिक जानकारी पर नजर रखना जरूरी है। कितने साल में खत्म करनी होगी डिग्री? (Delhi University) तीन साल के अंडरग्रेजुएट कोर्स जैसे BA, BSc और BCom को पूरा करने के लिए अधिकतम पांच साल की अवधि बताई गई है। वहीं दो साल के मास्टर कोर्स के लिए चार साल की अवधि होती है। इस तय अवधि के भीतर छात्रों को सभी बैकलॉग क्लियर करने होते हैं। समयसीमा के अंदर कोर्स पूरा नहीं होने पर डिग्री जारी होने में समस्या आ सकती है और एनरोलमेंट भी समाप्त हो सकता है। प्रमोशन के नियम भी समझें (Delhi University) सिर्फ बैक क्लियर करना ही काफी नहीं है। अगले वर्ष प्रमोशन के लिए भी निर्धारित शैक्षणिक शर्तें पूरी करनी होती हैं। पहले और दूसरे सेमेस्टर के कुल पेपरों में कम से कम 50 प्रतिशत पेपर पास करना जरूरी होता है। अगर छात्र यह शर्त पूरी नहीं करता, तो उसे अगले वर्ष प्रमोशन नहीं मिल सकता। ऐसी स्थिति में ईयर रिपीट करने और लंबित पेपर पास करने की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए DU छात्रों के लिए बैक आने पर घबराने के बजाय सबसे जरूरी बात है कि वे अपने ER, प्रमोशन और बैकलॉग क्लियर करने की समयसीमा को ध्यान से समझें।

DU में नौकरी का मौका, कई पदों पर भर्ती शुरू, जानें सैलरी और आवेदन प्रक्रिया

DU Recruitment

New Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए एक अच्छा अवसर सामने आया है। विश्वविद्यालय ने ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर, ऑफिस असिस्टेंट और कंप्यूटर लैब असिस्टेंट समेत कई पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। DU में कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर होगी नियुक्ति DU की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार इन पदों पर नियुक्ति पूरी तरह अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) के आधार पर की जाएगी। चयनित उम्मीदवारों को तीन वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 25 जून 2026 रात 11:59 बजे तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। किन पदों पर होगी भर्ती DU की इस भर्ती अभियान के तहत विश्वविद्यालय में ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर, ऑफिस असिस्टेंट और कंप्यूटर लैब असिस्टेंट के पद भरे जाएंगे। प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता और कार्य अनुभव निर्धारित किया गया है। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले आधिकारिक योग्यता मानदंड ध्यानपूर्वक पढ़ने की सलाह दी गई है। DU भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता और अनुभव DU में ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर पद के लिए बीई, बीटेक या एमसीए डिग्री के साथ कम से कम 8 वर्षों का अनुभव अनिवार्य है। ऑफिस असिस्टेंट पद के लिए बीसीए या बीएससी डिग्री के साथ 5 वर्षों का अनुभव मांगा गया है। वहीं कंप्यूटर लैब असिस्टेंट पद के लिए बीसीए, बीएससी या कंप्यूटर इंजीनियरिंग डिप्लोमा के साथ न्यूनतम 3 वर्षों का अनुभव आवश्यक है। सैलरी स्ट्रक्चर की जानकारी इस भर्ती में चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतन दिया जाएगा। ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर को प्रति माह 1,00,000 रुपये, ऑफिस असिस्टेंट को 25,000 रुपये और कंप्यूटर लैब असिस्टेंट को 20,000 रुपये प्रति माह सैलरी दी जाएगी। यह वेतन पद और अनुभव के अनुसार निर्धारित किया गया है। चयन प्रक्रिया कैसे होगी आवेदन प्राप्त होने के बाद उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग की जाएगी। चयनित उम्मीदवारों को ईमेल या फोन के माध्यम से इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। अंतिम चयन पूरी तरह इंटरव्यू में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। हालांकि इंटरव्यू में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को कोई यात्रा भत्ता (TA) या दैनिक भत्ता (DA) नहीं दिया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया उम्मीदवारों को ऑनलाइन गूगल फॉर्म के माध्यम से आवेदन करना होगा। आवेदन फॉर्म में शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और अन्य आवश्यक जानकारी भरनी होगी। इसके साथ ही उम्मीदवारों को अपना अपडेटेड रिज्यूमे और जरूरी दस्तावेजों की स्कैन कॉपी भी अपलोड करनी होगी। निष्कर्ष अगर आप इन पदों में आवेदन करने के लिए इच्छुक है तो फटाफट आवेदन कर लें क्योंकि Yuva Dynamite का उद्देश्य आपको समय पर सही और सटीक जानकारी पहुंचाना है ताकि आप किसी भी अवसर से न चूकें और हमेशा सफल रहे।

CUET UG 2024 का रिजल्ट जल्द होगा आउट, नए सत्र की शुरूआत 16 या 17 अगस्त से होंगी शुरू

दिल्ली विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर योगेश के मुताबिक दिल्ली विश्वविधालय में नए सत्र की शुरूआत 16 अगस्त या 17 अगस्त के आस-पास हो सकती है। वहीं CUET UG 2024 का रिजल्ट को अभी दो सप्ताह का समय लग सकता है। नई दिल्ली: CUET UG 2024 का रिजल्ट को अभी दो सप्ताह का समय लग सकता है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर योगेश सिंह ने कहा कि अभी रिजल्ट आने में समय है। रिजल्ट आने के बाद ही एडमिशन के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। दिल्ली विश्वविधालय में पढ़ने वाले विधार्थियों के मन में CUET UG 2024 के परिणाम को लेकर चिंता बढ़ती ही जा रही है, कहीं उनका दिल्ली विश्वविधालय में एडमिशन हो पाएगा या नहीं। वाइस चांसलर ने कहा कि दिल्ली विश्वविधालय में नए सत्र की शुरूआत 16 अगस्त या 17 अगस्त के आस-पास हो सकती है। उन्होनें कहा कि जिन अभ्यर्थियों को लगता है कि उनका साल या सेशन में देर हो जाएगी, वे इस बात की चिंता न करें क्योंकि इन सभी के लिए सब कुछ समय पर पूरा हो जाए इसका प्रयास किया जा रहा है। उन्होनें यह भी जानकारी दी है कि सेकेंड और थर्ड ईयर के छात्रों की कक्षाएं 01 अगस्त से शुरू हो जाएंगी। साथ ही बी.टेक और एलएलबी की कक्षाएं 01 अगस्त से शुरू होंगी।

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