Comscore Analytics
Section-Specific Split Button

डिग्री के साथ अब सीधे जॉब! DU के मेगा प्लेसमेंट ड्राइव में उमड़ीं नामी कंपनियां, जानिए किन छात्रों की चमकी किस्मत

DU Placement

DU में सजा प्लेसमेंट ड्राइव 2026’का मंच! 75 से अधिक कंपनियों ने 500 से ज्यादा छात्रों के लिए खोले नौकरी के रास्ते। जानिए कौन-कौन सी कंपनियां पहुंचीं DU कैंपस

DU PhD Admission: बिना मास्टर डिग्री के भी कर सकेंगे PhD; जानिए FYUP के नियम

New Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने छात्रों के लिए एक अहम फैसला लिया है। जो छात्र चार साल का अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम (FYUP) पूरा करेंगे, वे अब बिना मास्टर डिग्री लिए सीधे PhD प्रोग्राम में एडमिशन के लिए अप्लाई कर सकेंगे। यूनिवर्सिटी की एकेडमिक काउंसिल ने इस नए नियम को मंजूरी दे दी है। इस कदम से छात्रों का समय बचेगा और वे जल्द ही अपनी रिसर्च शुरू कर सकेंगे। DU PhD Admission में किन छात्रों को होगा फायदा? PhD के लिए सीधे अप्लाई करने के लिए, छात्र का चार साल का अंडरग्रेजुएट डिग्री कोर्स पूरा होना जरूरी है। साथ ही, उनके कम से कम 75% मार्क्स या उसके बराबर CGPA होने चाहिए। SC, ST, OBC (नॉन-क्रीमी लेयर), EWS और PwBD कैटेगरी के छात्रों को मार्क्स में 5% की छूट दी जाएगी। हालांकि, एडमिशन सिर्फ मार्क्स के आधार पर नहीं होगा; छात्रों को एंट्रेंस एग्जाम और इंटरव्यू भी पास करना होगा। DU PhD Admission के लिए क्या नियम हैं? यह नया नियम सिर्फ उन छात्रों पर लागू होता है जिन्होंने चार साल का अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम पूरा किया है। जिन छात्रों ने तीन साल की अंडरग्रेजुएट डिग्री पूरी की है, उन्हें PhD के लिए अप्लाई करने से पहले मास्टर डिग्री लेनी होगी। पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम में कम से कम 55% मार्क्स जरूरी होंगे और मौजूदा नियमों के अनुसार रिजर्व कैटेगरी के लिए छूट मिलेगी। DU PhD Admission में छात्रों को कैसे फायदा होगा? इस फैसले से छात्रों का एक से दो साल का समय बचेगा। वे कम उम्र में रिसर्च शुरू कर सकेंगे और अपने करियर में तेजी से आगे बढ़ सकेंगे। उम्मीद है कि इस कदम से रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। DU PhD Admission के फैसले को लेकर उठाए गए सवाल हालांकि, कुछ सदस्यों ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनका तर्क है कि सीधे PhD प्रोग्राम में आने वाले छात्रों के लिए रिजर्वेशन के नियमों को और साफ़ करने की जरूरत है। रिसर्च स्कॉलर्स के लिए नॉन-JRF फेलोशिप की राशि बढ़ाने की भी मांग की गई है। अब सबकी नजरें उन गाइडलाइन्स पर हैं जो यूनिवर्सिटी इन मुद्दों पर जारी करेगी। निष्कर्ष यदि आप भी PhD में दाखिला लेना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है। दरअसल, Yuva Dynamite का उद्देश्य आपको सही और सटीक जानकारी पहुंचाना है ताकि आप किसी भी अवसर से न चुकें और हमेशा सफल रहें।

DU में नौकरी का मौका, कई पदों पर भर्ती शुरू, जानें सैलरी और आवेदन प्रक्रिया

DU Recruitment

New Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए एक अच्छा अवसर सामने आया है। विश्वविद्यालय ने ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर, ऑफिस असिस्टेंट और कंप्यूटर लैब असिस्टेंट समेत कई पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। DU में कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर होगी नियुक्ति DU की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार इन पदों पर नियुक्ति पूरी तरह अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) के आधार पर की जाएगी। चयनित उम्मीदवारों को तीन वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 25 जून 2026 रात 11:59 बजे तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। किन पदों पर होगी भर्ती DU की इस भर्ती अभियान के तहत विश्वविद्यालय में ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर, ऑफिस असिस्टेंट और कंप्यूटर लैब असिस्टेंट के पद भरे जाएंगे। प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता और कार्य अनुभव निर्धारित किया गया है। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले आधिकारिक योग्यता मानदंड ध्यानपूर्वक पढ़ने की सलाह दी गई है। DU भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता और अनुभव DU में ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर पद के लिए बीई, बीटेक या एमसीए डिग्री के साथ कम से कम 8 वर्षों का अनुभव अनिवार्य है। ऑफिस असिस्टेंट पद के लिए बीसीए या बीएससी डिग्री के साथ 5 वर्षों का अनुभव मांगा गया है। वहीं कंप्यूटर लैब असिस्टेंट पद के लिए बीसीए, बीएससी या कंप्यूटर इंजीनियरिंग डिप्लोमा के साथ न्यूनतम 3 वर्षों का अनुभव आवश्यक है। सैलरी स्ट्रक्चर की जानकारी इस भर्ती में चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतन दिया जाएगा। ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर को प्रति माह 1,00,000 रुपये, ऑफिस असिस्टेंट को 25,000 रुपये और कंप्यूटर लैब असिस्टेंट को 20,000 रुपये प्रति माह सैलरी दी जाएगी। यह वेतन पद और अनुभव के अनुसार निर्धारित किया गया है। चयन प्रक्रिया कैसे होगी आवेदन प्राप्त होने के बाद उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग की जाएगी। चयनित उम्मीदवारों को ईमेल या फोन के माध्यम से इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। अंतिम चयन पूरी तरह इंटरव्यू में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। हालांकि इंटरव्यू में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को कोई यात्रा भत्ता (TA) या दैनिक भत्ता (DA) नहीं दिया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया उम्मीदवारों को ऑनलाइन गूगल फॉर्म के माध्यम से आवेदन करना होगा। आवेदन फॉर्म में शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और अन्य आवश्यक जानकारी भरनी होगी। इसके साथ ही उम्मीदवारों को अपना अपडेटेड रिज्यूमे और जरूरी दस्तावेजों की स्कैन कॉपी भी अपलोड करनी होगी। निष्कर्ष अगर आप इन पदों में आवेदन करने के लिए इच्छुक है तो फटाफट आवेदन कर लें क्योंकि Yuva Dynamite का उद्देश्य आपको समय पर सही और सटीक जानकारी पहुंचाना है ताकि आप किसी भी अवसर से न चूकें और हमेशा सफल रहे।

दिल्ली विश्वविद्यालय दाखिला: दूसरी CSAS लिस्ट इस दिन होगी जारी, रहें तैयार

Delhi University (Source- Google)

New Delhi: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने अंडरग्रेजुएट कोर्सेज में दाखिले के लिए कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) के तहत अपनी पहली आवंटन सूची जारी कर दी है, जिसने लाखों छात्रों के सपनों को नई उड़ान दी है। इस सूची में जिन छात्रों को सीट आवंटित हुई है, वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी सीट कन्फर्म कर सकते हैं। लेकिन, जिन छात्रों का नाम इस लिस्ट में नहीं आया, उनके लिए अभी उम्मीद बाकी है। विश्वविद्यालय ने घोषणा की है कि दूसरी आवंटन सूची 28 जुलाई को शाम 5 बजे जारी होगी, जो नए अवसरों का द्वार खोलेगी। इतने उम्मीदवारों ने दाखिल की सीटों के लिए प्राथमिकी दरअसल, इस साल DU में दाखिले के लिए रिकॉर्ड तोड़ 239,890 उम्मीदवारों ने 69 कॉलेजों और विभिन्न विभागों में 71,642 सीटों के लिए अपनी प्राथमिकताएं दर्ज की हैं। दाखिला डीन प्रो. हनीत गांधी ने बताया कि पहले राउंड में लगभग 240,000 योग्य उम्मीदवारों के प्रोग्राम और कॉलेज प्राथमिकताओं के आधार पर 93,166 सीटें आवंटित की गई हैं। इसके अलावा, एकल कन्या श्रेणी में 1,325 और अनाथ श्रेणी में 259 सीटें (127 छात्राओं और 132 छात्रों को) आवंटित हुई हैं। 1 अगस्त से शुरू होने वाले सत्र के लिए समय पर प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है। CSAS प्रणाली पारदर्शी और योग्यता आधारित दाखिला सुनिश्चित करती है। प्रवेश के लिए जरूरी दस्तावेज दूसरी आवंटन सूची का इंतजार कर रहे छात्रों के लिए यह एक सुनहरा मौका है। विश्वविद्यालय ने छात्रों को सलाह दी है कि वे 1 अगस्त को शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले अपनी प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर लें। इसके लिए आवश्यक दस्तावेजों में कक्षा 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, पासपोर्ट साइज फोटो, श्रेणी प्रमाण पत्र (अगर लागू हो), फोटो आईडी प्रमाण (जैसे आधार या पैन कार्ड) और सीयूईटी स्कोर कार्ड शामिल हैं। प्रवेश प्रक्रिया के लिए तैयार रखें दस्तावेज छात्रों को सलाह है कि वे समय पर दस्तावेज तैयार रखें और प्रवेश प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करें। डीयू की पारदर्शी और व्यवस्थित सीएसएएस प्रणाली छात्रों को उनकी योग्यता और वरीयता के आधार पर उचित अवसर प्रदान करती है। यह दूसरी सूची का इंतज़ार कर रहे छात्रों के लिए एक नई शुरुआत हो सकती है। इसलिए, धैर्य और तैयारी के साथ अपने सपनों के कॉलेज में दाखिले के सपने को साकार करें।

DU Admission 2025: दिल्ली विश्वविद्यालय ने लॉन्च किया CSAS पोर्टल, UG-PG दाखिले के लिए शुरू प्रक्रिया

Delhi University (Source-Internet)

नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय ने स्नातक और स्नातकोत्तर कोर्सेज में दाखिले के लिए अपनी बहुप्रतीक्षित प्रक्रिया शुरू कर दी है। डीयू ने अपने कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) पोर्टल 2025 को लॉन्च कर दिया है, जिसके माध्यम से इच्छुक छात्र-छात्राएं दाखिले के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, इस पोर्टल का उद्घाटन डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह, कुलसचिव डॉ. विकास गुप्ता, डीन एडमिशन प्रोफेसर हनीत गांधी और स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग की निदेशक प्रो. पायल मांगो ने किया। यह पोर्टल दाखिला प्रक्रिया को और अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। रजिस्ट्रेशन का पहला चरण शुरू हो चुका है और छात्र-छात्राएं अब इस पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। कितना लगेगा आवेदन शुल्क? इस रजिस्ट्रेशन शुल्क इस बार भी सामान्य और ओबीसी वर्ग के लिए 250 रुपये, जबकि एससी, एसटी और दिव्यांग छात्रों के लिए 100 रुपये निर्धारित किया गया है। डीन एडमिशन प्रोफेसर हनीत गांधी ने बताया कि दूसरा चरण तब शुरू होगा, जब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी-यूजी) के परिणाम घोषित होंगे। परिणाम घोषित होने के बाद, छात्र अपने सीयूईटी स्कोर को CSAS पोर्टल पर अपलोड करेंगे, जिसके आधार पर सीट आवंटन होगा। कितनी सीटें होंगी उपलब्ध? डीयू के 69 कॉलेजों और संस्थानों में कुल 71,624 स्नातक सीटें उपलब्ध हैं, जिनमें 79 स्नातक प्रोग्राम और 186 बीए कोर्स कॉम्बिनेशन शामिल हैं। विश्वविद्यालय में कुल 1,550 से अधिक कोर्स कॉम्बिनेशन उपलब्ध हैं। दाखिले के लिए 12वीं पास होना अनिवार्य है और चयन पूरी तरह सीयूईटी-यूजी के स्कोर पर आधारित होगा। एनटीए ने जून 2025 के पहले सप्ताह तक सीयूईटी परीक्षा आयोजित की थी और इसके परिणाम अब जुलाई में आने की उम्मीद है। शुरू होंगे दो नए स्नातकोत्तर कोर्स बता दें कि इस साल डीयू ने दो नए स्नातकोत्तर कोर्स एमए टूरिज्म और एमए हिंदी जर्नलिज्म, जिनमें प्रत्येक में 50 सीटें होंगी शुरू करने की घोषणा की है। इसके अलावा, एमए इंग्लिश जर्नलिज्म कोर्स को भी जल्द शुरू करने की योजना है। इस साल पीजी कोर्सेज में सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए एक अतिरिक्त सीट आरक्षित की गई है। इसके साथ ही, दाखिला प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के लिए कुछ संशोधन किए गए हैं, जिसमें ऑटो एकसेप्ट मोड लागू करना शामिल है ताकि कोई भी आवेदक सीट आवंटन से वंचित न रहे। डीयू के नॉन-कॉलेजिएट महिला शिक्षा बोर्ड (NCWEB) के माध्यम से दिल्ली एनसीटी की महिला उम्मीदवारों के लिए दाखिला प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी, जो 12वीं के मेरिट स्कोर पर आधारित होगी। CSAS पोर्टल मोबाइल पर भी काम करता है, लेकिन बेहतर अनुभव के लिए लैपटॉप या डेस्कटॉप का उपयोग करने की सलाह दी गई है। वहीं शैक्षणिक सत्र 1 अगस्त से शुरू होगा। दाखिला शर्तों में भी बदलाव किए गए हैं। एनटीए द्वारा प्रस्तावित विषयों की सूची में बदलाव को ध्यान में रखते हुए, डीयू ने अधिकांश प्रोग्राम्स की पात्रता शर्तों को संशोधित किया है। अब उम्मीदवार एक भाषा + तीन विषय या दो भाषाओं + दो विषयों का चयन कर सकते हैं और सर्वश्रेष्ठ स्कोर पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा, बीएससी (ऑनर्स) प्रोग्राम्स के लिए भाषाओं में न्यूनतम 30% अंक की अनिवार्यता को हटा दिया गया है।