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अमेरिका में तेजी से बढ़ रही ये 5 नौकरियां, डॉक्टर-इंजीनियर नहीं हैं टॉप पर

US Jobs

New Delhi: अमेरिका की सरकारी एजेंसी Bureau of Labor Statistics (BLS) ने 2024–34 तक की जॉब रिपोर्ट जारी करते हुए उन नौकरियों की सूची पेश की है जिनकी मांग अगले दशक में तेजी से बढ़ेगी। इस रिपोर्ट की खास बात यह है कि टॉप ग्रोथ वाली नौकरियों में न डॉक्टर शामिल हैं और न ही पारंपरिक इंजीनियरिंग प्रोफेशन। यह संकेत देता है कि अमेरिका में करियर का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है और स्किल-आधारित नौकरियों की मांग बढ़ रही है। नई टेक्नोलॉजी, क्लीन एनर्जी और डेटा-ड्रिवन इंडस्ट्रीज़ के बढ़ते उपयोग ने ऐसे करियर बनाए हैं जिनके लिए लंबी डिग्री की जरूरत नहीं पड़ती। भारतीय युवाओं के लिए यह रिपोर्ट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इन प्रोफेशन में स्किल्ड वर्कफोर्स की कमी है और 1–2 साल की ट्रेनिंग भी अच्छी कमाई दिला सकती है। पवन टरबाइन सेवा तकनीशियन BLS रिपोर्ट में सबसे तेजी से बढ़ने वाला प्रोफेशन पवन टरबाइन सेवा तकनीशियन बताया गया है। इस नौकरी में बड़े पवन टरबाइनों की जांच, मरम्मत और नियमित मेंटेनेंस शामिल होता है। अमेरिका में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे इस प्रोफेशन की मांग में विस्फोटक बढ़ोतरी हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार इसकी ग्रोथ लगभग 50% है और सालाना कमाई करीब 60,000 डॉलर तक पहुंचती है। इस नौकरी के लिए 1–2 साल का डिप्लोमा या टेक्निकल ट्रेनिंग पर्याप्त होती है, जिससे यह बजट-फ्रेंडली करियर ऑप्शन बन जाता है। आने वाले समय में अमेरिका का ग्रीन एनर्जी मार्केट और बढ़ने वाला है, जिससे इस सेक्टर में नौकरियां लगातार बढ़ेंगी। सोलर पैनल इंस्टॉलर दूसरा बड़ा करियर सोलर पैनल इंस्टॉलर है। अमेरिका के कई राज्य तेजी से क्लीन एनर्जी की ओर बढ़ रहे हैं, जिसके कारण सोलर इंस्टॉलेशन से संबंधित नौकरियों की मांग तेजी से बढ़ी है। इस नौकरी में घरों और कमर्शियल बिल्डिंग्स पर सोलर पैनल इंस्टॉल करना और उनका मेंटेनेंस करना शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक इसकी ग्रोथ 40% से भी अधिक है और सालाना सैलरी लगभग 50,000 डॉलर मिलती है। सोलर इंस्टॉलेशन सर्टिफिकेट और बेसिक ट्रेनिंग इस करियर में प्रवेश के लिए पर्याप्त हैं। क्लीन एनर्जी मिशन को देखते हुए यह नौकरी आने वाले वर्षों में और भी स्थिर और सुरक्षित मानी जा रही है। नर्सिंग विशेषज्ञ अमेरिका का हेल्थकेयर सेक्टर दुनिया के सबसे बड़े सेक्टरों में से है और इसमें Nurse Practitioner (NP) की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है। ये पेशेवर मरीजों की जांच, इलाज और कई मामलों में दवाओं का प्रिस्क्रिप्शन भी देते हैं। रिपोर्ट के अनुसार इसकी ग्रोथ लगभग 40% है और सैलरी 120,000 डॉलर से भी ऊपर पहुंच जाती है। अमेरिका में बढ़ती बुजुर्ग आबादी और डॉक्टरों की कमी इसे और भी अहम बनाती है। इस करियर के लिए BSN के बाद MSN या NP स्पेशलाइजेशन की आवश्यकता होती है। हेल्थकेयर में लगातार बढ़ती जरूरत इसे आने वाले वर्षों में स्थिर और उच्च-आय वाला करियर बनाती है। डेटा वैज्ञानिक डिजिटल दुनिया में डेटा को नया ईंधन माना जाता है और इसी वजह से डेटा साइंटिस्ट की मांग तेजी से बढ़ रही है। यह पेशेवर कंपनियों के लिए डेटा एनालिसिस, AI-ML मॉडल और बिजनेस सॉल्यूशन्स पर काम करते हैं। रिपोर्ट में इसकी ग्रोथ 34% बताई गई है और सैलरी 1 लाख डॉलर से अधिक होती है। डेटा साइंस, कंप्यूटर साइंस, B.Tech या ऑनलाइन सर्टिफिकेट भी इस करियर में प्रवेश कराने में मदद कर सकते हैं। AI, बिग डेटा और मशीन लर्निंग की बढ़ती उपयोगिता के कारण डेटा साइंटिस्ट की भूमिका भविष्य में और भी मजबूत होगी। साइबर सुरक्षा विश्लेषक ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर हमलों में तेजी से बढ़ोतरी होने के कारण सूचना सुरक्षा विश्लेषक या साइबर सिक्योरिटी एनालिस्ट की डिमांड बहुत तेजी से बढ़ रही है। ये एक्सपर्ट कंपनियों के नेटवर्क की सुरक्षा, साइबर अटैक रोकने और सिस्टम की खामियों को पहचानने का काम करते हैं। BLS रिपोर्ट के अनुसार इसकी ग्रोथ 29% है और सालाना सैलरी लगभग 110,000 डॉलर तक पहुंचती है। साइबर सिक्योरिटी, Ethical Hacking, CEH और CompTIA Security+ जैसे कोर्स इस करियर के लिए बेहद उपयोगी हैं। बढ़ते साइबर अटैक इसे भविष्य का सबसे सुरक्षित और उच्च-आय वाला करियर बनाते हैं।

IIT Guwahati ने घोषित किया GATE 2026 शेड्यूल, फरवरी में चार दिन होगी परीक्षा

Exam Schedule

Guwahati: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) गुवाहाटी ने ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) 2026 का आधिकारिक परीक्षा शेड्यूल घोषित कर दिया है। इच्छुक उम्मीदवार gate2026.iitg.ac.in पर जाकर पूरा शेड्यूल और विवरण देख सकते हैं। यह परीक्षा उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है, जो पीजी प्रवेश और PSU नौकरियों के लिए तैयारी कर रहे हैं। परीक्षा तिथियां और शिफ्ट्स GATE 2026 की परीक्षाएं 7 फरवरी से 15 फरवरी 2026 के बीच चार दिनों में आयोजित की जाएंगी। इस बार भी परीक्षा को सुबह और दोपहर की दो शिफ्टों में विभाजित किया गया है।सुबह की शिफ्ट: 9:30 बजे से 12:30 बजे तकदोपहर की शिफ्ट: 2:30 बजे से 5:30 बजे तक परीक्षाएं पूरे देश के विभिन्न शहरों में आयोजित होंगी और पूरे आयोजन की जिम्मेदारी IITs के पास होगी। रिजल्ट 19 मार्च 2026 को घोषित किया जाएगा। पहला दिन सुबह की शिफ्ट में निम्नलिखित विषयों की परीक्षाएं होंगी:1. एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग2. इनवायरोमेंटल साइंस एंड इंजीनियरिंग3. जियोलॉजी एंड जियोफिजिक्स3. इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग4. मैथमेटिक्स5. माइनिंग इंजीनियरिंग6. टेक्सटाइल इंजीनियरिंग एंड फाइबर साइंस7. इंजीनियरिंग साइंसेज़8. लाइफ साइंसेज़ दोपहर की शिफ्ट में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, बायोटेक्नोलॉजी, केमिकल इंजीनियरिंग, केमिस्ट्री, जियोमैटिक्स इंजीनियरिंग, फिजिक्स और ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज की परीक्षाएं होंगी। इस दिन छात्रों के लिए काफी व्यस्त रहेगा क्योंकि हर साल इन विषयों में बड़ी संख्या में उम्मीदवार शामिल होते हैं। दूसरा दिन सुबह की शिफ्ट में कंप्यूटर साइंस एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी पेपर 1 और स्टैटिस्टिक्स की परीक्षाएं आयोजित होंगी। कंप्यूटर साइंस हर साल सबसे लोकप्रिय विषय रहता है, इसलिए लाखों छात्रों के लिए यह दिन महत्वपूर्ण रहेगा। दोपहर की शिफ्ट में कंप्यूटर साइंस एंड IT का दूसरा पेपर, इकोलॉजी एंड इवॉल्यूशन, नेवल आर्किटेक्चर एंड मरीन इंजीनियरिंग और प्रोडक्शन एंड इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग की परीक्षाएं होंगी। उम्मीदवारों को दोनों शिफ्टों के अनुसार अपनी योजना पहले से बनानी होगी ताकि परीक्षा केंद्र पर किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। तीसरा दिन सुबह की शिफ्ट में सिविल इंजीनियरिंग पेपर 1, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और प्रोडक्शन एंड इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग की परीक्षाएं आयोजित होंगी। सिविल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में सबसे अधिक उम्मीदवार शामिल होते हैं, इसलिए यह दिन काफी महत्वपूर्ण है। दोपहर की शिफ्ट में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग पेपर 2, मैकेनिकल इंजीनियरिंग और मेटलर्जिकल एंड मटेरियल्स इंजीनियरिंग की परीक्षाएं होंगी। मैकेनिकल इंजीनियरिंग भी बहुत लोकप्रिय विषय है और इसमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल होते हैं। अंतिम दिन सुबह की शिफ्ट में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की परीक्षा होगी, जो देशभर में सबसे अधिक उम्मीदवारों को आकर्षित करती है। दोपहर की शिफ्ट में आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग और डेटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की परीक्षाएं होंगी। नए जमाने में AI और डेटा साइंस का महत्व बढ़ रहा है, इसलिए इन विषयों में भी बड़ी संख्या में छात्र भाग लेंगे। इस शिफ्ट के साथ GATE 2026 का पूरा परीक्षा कार्यक्रम समाप्त होगा।

CBSE 2021: सीबीएसई के पाठ्यक्रमों में हुआ बदलाव, अब पढ़ाया जाएगा यह नया विषय

सीबीएसई ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अपने पाठ्क्रम में कुछ बदलाव किए हैं। जिसके तहत अब कुछ नए विषय पढ़ाए जाएंगे। नई दिल्लीः राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सीबीएसई ने कक्षा छठवीं से लेकर बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए नए विषय के रूप में कोडिंग और डेटा साइंस को करिकुलम में जोड़ा है। यह जानकारी शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने अपने ट्विटर के माध्यम से साझा की है। शिक्षा मंत्री ने लिखा है कि हमने एनईपी 2020 के तहत स्कूलों में कोडिंग और डेटा साइंस शुरू करने का वादा किया है। आज, मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि सीबीएसई ने वर्ष 2021 के सत्र में ही वादे को पूरा किया। माइक्रोसॉफ्ट के सहयोग से सीबीएसई भारत की भावी पीढ़ियों को नए जमाने के कौशल के साथ सशक्त बना रहा है। कोडिंग और डेटा साइंस जैसे विषय छात्रों और शिक्षकों को डिजिटल की दुनिया में आगे बढ़ने में मदद करेंगे।

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