Comscore Analytics
Section-Specific Split Button

पिता की पहचान से अलग कैसे बनाई अपनी जगह? जानें सुजीत पांडेय के सफर की इनसाइड स्टोरी

Sujit Pandey IPS Story - new

Lucknow: देश के सबसे प्रतिष्ठित पुलिस प्रशिक्षण संस्थान, सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA), हैदराबाद की कमान अब उत्तर प्रदेश कैडर के बेहद काबिल और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुजीत पांडेय के हाथों में सौंप दी गई है। केंद्र सरकार की कैबिनेट नियुक्ति समिति (ACC) ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की सिफारिश पर उन्हें अकादमी का नया डायरेक्टर नियुक्त किया है। तीन दशक से भी लंबे अपने शानदार करियर में यूपी के कई संवेदनशील जिलों में कानून-व्यवस्था सुधारने से लेकर सीबीआई (CBI) जैसी केंद्रीय एजेंसी में अपनी धाक जमाने वाले सुजीत पांडेय अब देशभर के भावी आईपीएस अधिकारियों को तराशने की बड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे। इस बड़ी नियुक्ति के बाद हर कोई जानना चाहता है कि आखिर आईपीएस सुजीत पांडेय कौन हैं, कहां के रहने वाले हैं और उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि क्या है। कौन हैं IPS सुजीत पांडेय और क्या है पारिवारिक पृष्ठभूमि? आईपीएस सुजीत पांडेय का जन्म 1 अगस्त 1968 को बिहार की राजधानी पटना में हुआ था। उनका शुरुआती जीवन और परवरिश पूरी तरह से एक प्रशासनिक और अनुशासित माहौल में हुई, क्योंकि उनका परिवार सीधे तौर पर सिविल सर्विसेज से जुड़ा रहा है। उनके पिता नरेंद्र कुमार पांडेय बिहार कैडर के एक बेहद सम्मानित भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी थे। घर में बचपन से ही प्रशासनिक व्यवस्थाओं और देश सेवा के माहौल को करीब से देखने के कारण सुजीत पांडेय ने भी अपने पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए सिविल सेवा को ही अपने करियर और जीवन का मुख्य लक्ष्य चुना। ये भी पढ़ें: IPS अफसरों की तैनाती में मचेगा हड़कंप: DGP मुख्यालय में मंथन शुरू, प्रमोट हुए 28 अफसरों को मिलेगी कमान क्या पढ़ाई की है सुजीत पांडेय ने? अकादमिक स्तर पर सुजीत पांडेय हमेशा से बेहद मेधावी रहे हैं। उन्होंने इतिहास विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन यानी एमए (M.A. History) की डिग्री हासिल की है। इतिहास की गहरी समझ रखने वाले सुजीत पांडेय ने अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने के ठीक बाद देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा को क्रैक किया। वे 4 सितंबर 1994 को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) का हिस्सा बने, जहां उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर आवंटित किया गया। वर्ष 1996 में उनकी सेवाएं स्थायी कर दी गईं, जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। यूपी एसटीएफ से लेकर सीबीआई तक का बेदाग सफर सुजीत पांडेय का पुलिसिंग करियर बेहद रसूखदार और उपलब्धियों से भरा रहा है। वे उत्तर प्रदेश के गाजीपुर, मुरादाबाद, वाराणसी, मैनपुरी और बुलंदशहर जैसे बड़े जिलों में बतौर एसपी और एसएसपी तैनात रहे। उन्होंने यूपी पुलिस की सबसे खतरनाक विंग ‘स्पेशल टास्क फोर्स’ (STF) में रहते हुए कई बड़े आपराधिक नेटवर्कों को नेस्तनाबूद किया। इसके अतिरिक्त, वे करीब सात वर्षों तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीबीआई (CBI) में भी रहे, जहां उन्होंने कई हाई-प्रोफाइल और बेहद संवेदनशील मामलों की जांच की। लखनऊ और वाराणसी के एसएसपी रहने के बाद वे मेरठ, आगरा और लखनऊ रेंज के आईजी (IG) भी रहे। ये भी पढ़ें: ससुराल है या अफसरों की खान? बरेली की लेडी सिंगम IPS अंशिका वर्मा के पति, जेठ और चारों ननदें सभी हैं सरकारी पदों पर तैनात राष्ट्रपति पदक से सम्मानित और अब महा-निदेशक की कमान 1 जनवरी 2019 को एडिशनल डायरेक्टर जनरल (ADG) बनने के बाद उन्होंने प्रयागराज जोन संभाला और फिर यूपी फायर सर्विसेज को पूरी तरह आधुनिक बनाया। 1 दिसंबर 2025 को सुजीत पांडेय को उनके उत्कृष्ट रिकॉर्ड के लिए पुलिस महानिदेशक (DG) के पद पर प्रमोट किया गया था। उन्हें साल 2010 में पुलिस मेडल, सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम डीजी कमेंडेशन डिस्क, साल 2024 में ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ (President’s Police Medal for Distinguished Service) और साल 2025 में ‘अति उत्कृष्ट सेवा पदक’ से सम्मानित किया जा चुका है। अब साल 2026 में वे देश के सबसे बड़े पुलिसिंग संस्थान के मुखिया के तौर पर नई इबारत लिखने को तैयार हैं।

PCS की तैयारी करने वालों के लिए खुशखबरी, इस तारीख तक करें आवेदन, ऐसे होगा एग्जाम पैटर्न

Lucknow: उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक सेवाओं में जाने का सपना देख रहे और पीसीएस परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए एक बेहद अहम और बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (PCS) प्रारंभिक परीक्षा के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। जो उम्मीदवार इस प्रतिष्ठित परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, वे आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से अपनी आवेदन प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, इस भर्ती प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 27 जुलाई, 2026 निर्धारित की गई है। इसके अलावा, यदि किसी उम्मीदवार के फॉर्म में कोई गलती हो जाती है, तो वे 03 अगस्त, 2026 तक अपने फॉर्म में सुधार (करेक्शन) कर सकते हैं। श्रेणीवार निर्धारित आवेदन शुल्क यूपी पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होने के लिए अलग-अलग कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए अलग-अलग रजिस्ट्रेशन फीस यानी आवेदन शुल्क निर्धारित किया गया है। आयोग के अनुसार, अनारक्षित (सामान्य), ओबीसी और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए रजिस्ट्रेशन फीस 125 रुपये तय की गई है। वहीं, अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के उम्मीदवारों के लिए यह शुल्क 65 रुपये रखा गया है। इसके अलावा, दिव्यांग (PH) कैटेगरी के उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए केवल 25 रुपये की रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी। SSC CGL 2026: 12 हजार से ज्यादा सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन का आखिरी मौका, दो दिन बाद बंद हो जाएगी वेबसाइट आवेदन के लिए जरूरी शैक्षणिक योग्यता इस भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों के पास कुछ अनिवार्य योग्यताओं का होना आवश्यक है। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास भारत के किसी भी सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से स्नातक (Graduation) की डिग्री होनी चाहिए। आयु-सीमा वहीं, आयु-सीमा के तहत आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित की गई है। इसके साथ ही, सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 40 वर्ष से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। हालांकि, नियमों के मुताबिक उत्तर प्रदेश के आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु-सीमा में विशेष छूट भी प्रदान की जाएगी। ऐसे होगा चयन का आधार और परीक्षा पैटर्न यूपी पीसीएस परीक्षा में योग्य उम्मीदवारों का अंतिम चयन तीन मुख्य चरणों के आधार पर किया जाएगा। इसमें सबसे पहले प्रारंभिक परीक्षा (Prelims), उसके बाद मुख्य परीक्षा (Mains) और अंतिम चरण में साक्षात्कार (Interview) आयोजित किया जाएगा। प्रारंभिक परीक्षा कुल 400 अंकों के लिए आयोजित कराई जाएगी, जिसमें दो अनिवार्य पेपर होंगे। SBI PO Notification: सरकारी नौकरी का गोल्डन चांस; एसबीआई में प्रोबेशनरी ऑफिसर के लिए आवेदन शुरू, डायरेक्ट लिंक यहां पेपर-1 (सामान्य अध्ययन): यह पहली पाली में सुबह 9:30 बजे से लेकर दोपहर 11:30 बजे तक आयोजित होगा। इसमें कुल 150 बहुविकल्पीय (MCQ) प्रकार के सवाल पूछे जाएंगे। पेपर-2 (सीसैट): यह दूसरी पाली में दोपहर 2:30 बजे से लेकर शाम 4:30 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इसमें कुल 100 सवाल पूछे जाएंगे और यह पेपर क्वालिफाइंग प्रकृति का होगा।

UPPSC का बड़ा ऐलान: UP PCS 2026 का ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी, आज ही करें रजिस्ट्रेशन

UPPSC PCS Pre 2026

UPPSC ने PCS प्रारंभिक परीक्षा 2026 का ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। योग्य उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 27 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

UPSC Success Story: IPS की नौकरी छोड़ ऐसे IAS बनीं अर्पिता थुबे, जानें उनकी सक्सेस स्टोरी

Arpita Thube, IAS Success Story- news

New Delhi: कहते हैं कि मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती और जो लोग लगातार प्रयास करना जानते हैं, वे एक न एक दिन इतिहास जरूर रचते हैं। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। इसे पास करने के लिए उम्मीदवारों को दिन-रात एक करके पढ़ाई करनी पड़ती है। हर साल लाखों युवा इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन सफलता केवल उन्हीं को मिलती है जिनके इरादे फौलादी होते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है आईएएस (IAS) अधिकारी अर्पिता थुबे की है, जिन्होंने साबित कर दिया कि अगर संकल्प दृढ़ हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। इंजीनियरिंग से सिविल सेवा तक का सफर मूल रूप से महाराष्ट्र के ठाणे की रहने वाली अर्पिता थुबे बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज थीं। उन्होंने अपने स्कूल और कॉलेज के दिनों में हमेशा बेहतरीन एकेडमिक रिकॉर्ड बनाए रखा। अर्पिता ने मुंबई के प्रतिष्ठित सरदार पटेल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में अपनी बी.टेक (B.Tech) की डिग्री पूरी की थी। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने देश की सेवा करने और सिविल सर्वेंट बनने का मन बना लिया था, जिसके बाद उन्होंने पूरी शिद्दत से यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। पहले ही प्रयास में लगा बड़ा झटका साल 2019 में अर्पिता ने पहली बार यूपीएससी की परीक्षा दी थी। बड़ी उम्मीदों के साथ बैठी अर्पिता को पहले ही प्रयास में एक बड़ा झटका लगा, जब वह प्रीलिम्स (प्रारंभिक परीक्षा) भी क्वालीफाई नहीं कर पाईं। इस असफलता से वह काफी निराश हुईं, लेकिन उन्होंने हार मानने की बजाय अपनी कमियों को पहचानने का प्रयास किया। उन्होंने अपनी गलतियों से सीखा और दोगुनी ताकत के साथ दोबारा तैयारी में जुट गईं। UPSC Prelims 2026: गोरखपुर में कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण परीक्षा, हजारों उम्मीदवार शामिल आईपीएस बनने के बाद भी लक्ष्य पर टिकी रहीं नजरें अर्पिता की कड़ी मेहनत साल 2020 के दूसरे प्रयास में रंग लाई। इस बार उन्होंने शानदार वापसी करते हुए देश भर में 383वीं रैंक हासिल की। इस रैंक के साथ उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए हो गया। हालांकि, अर्पिता का असली सपना एक आईएएस अधिकारी बनने का था। अपने इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्होंने नौकरी के साथ तैयारी जारी रखी। साल 2021 में उन्होंने अपना तीसरा प्रयास किया, लेकिन इस बार वह अपने मनमुताबिक रैंक हासिल करने से चूक गईं। ड्यूटी से ब्रेक लिया और आखिरी प्रयास में रचा इतिहास लगातार मिल रही चुनौतियों के बावजूद अर्पिता का संकल्प अडिग रहा। साल 2022 में अपने चौथे और आखिरी प्रयास के लिए उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया। अपनी पढ़ाई पर पूरी तरह फोकस करने के लिए उन्होंने आईपीएस की ड्यूटी से ब्रेक (छुट्टी) ले लिया। उन्होंने अपनी पूरी ऊर्जा रिवीजन और मॉक टेस्ट पर लगाई। उनकी यह तपस्या सफल रही और यूपीएससी 2022 के नतीजों में उन्होंने 214वीं रैंक हासिल कर आखिरकार अपना आईएएस बनने का ख्वाब पूरा कर लिया। वर्तमान में अर्पिता महाराष्ट्र के नासिक उपमंडल में आईटीडीपी (ITDP) परियोजना अधिकारी-सह-सहायक कलेक्टर के रूप में तैनात हैं।