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यूपी के इस स्कूल में चार साल से लगा है “नो एडमिशन का बोर्ड”

यूपी के भदोही में फत्तूपुर प्राथमिक विद्यालय में बीते चार सालों से “नो एडमिशन का बोर्ड” लगा है। पढ़िये इस स्कूल की खासियत। भदोही: जिले का एक ऐसा विद्यालय है जो सुविधाओं में कॉन्वेंट को टक्कर देता है। स्कूल में एडमिशन की मारामारी ऐसी है कि बीते चार सालों से भदोही ब्लॉक के फत्तूपुर में नो एडमिशन का बोर्ड टांगना पड़ रहा है। प्रधानाध्यापक धीरज सिंह राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनितस्कूल के शैक्षणिक और भौगोलिक परिवेश को बदलने में प्रधानाध्यापक धीरज सिंह की प्रमुख भूमिका रही। बीते चार सालों से लगातार यहां 300 प्लस बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। प्रधानाध्यापक धीरज सिंह इस साल राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित हुए हैं। 90 प्रतिशत छात्रों की उपस्थितिभदोही ब्लॉक के फत्तूपुर प्राथमिक विद्यालय में बीते चार सालों से 300 प्लस बच्चों का नामांकन हो रहा है। स्कूल की कक्षाएं मार्बल युक्त हैं। वहीं सभी कक्षाओं में स्मार्ट क्लास, मंच एवं आरओ वाटर कूलर की व्यवस्था है। इनके द्वारा थीम बेस्ड वाल पेंटिंग, मनोरंजक गतिविधि, स्वच्छ विद्यालय परिसर और नवाचारी गतिविधियों का प्रयोग से निरंतर 90 प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति रहती है। शिक्षकों के सहयोग से बेहतर हुआ परिवेशभदोही ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय फत्तूपुर के प्रधानाध्यापक धीरज सिंह ज्ञानपुर तहसील क्षेत्र के दशरथपुर पलवार गांव के मूल निवासी हैं। इनकी शिक्षक पद पर प्रथम नियुक्ति 16 दिसम्बर 2002 को प्राथमिक विद्यालय जोरई में हुई थी। प्राथमिक विद्यालय फत्तूपुर में प्रधानाध्यापक पद पर वर्ष 2018 से कार्यरत हैं। राज्य पुरस्कार मिलने पर धीरज सिंह ने कहा कि इस तरह के पुरस्कार प्रेरणा देते हैं। स्कूल के शैक्षणिक व भौगोलिक परिवेश में सुधार के लिए वे सभी शिक्षकों के सहयोग को श्रेय देते हैं।

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