Section-Specific Split Button

Success Tips: Advertisement फील्ड में ऐसे बनाएं करियर, ग्रोथ के मौकों के साथ सैलरी भी मिलती है अच्छी

आज के समय में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक एडवरटाइजमेंट से भरा हुआ है। आज के समय में हर ब्रांड एडवरटाइजमेंट के दम पर ज्‍यादा से ज्‍यादा कस्‍टमर तक पहुंच बनाने की कोशिश में लगी रहती हैं। जानिए 12वीं के बाद आप कैसे एडवरटाइजमेंट के क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं। नई दिल्लीः 12वीं कक्षा पास करने के बाद छात्रों को करियर की चिंता सताने लगती है। हर कोई यही चाहता है कि उसका करियर शानदार हो, लेकिन अक्सर स्टूडेंट्स इस बात को लेकर उलझन में रहते है कि वे किस क्षेत्र में करियर बनाएं जिसमें वेतन के साथ-साथ ग्रोथ के भी मौके रहे। चलिए हम आपको 12वीं के बाद Advertisement फील्ड में कैसे बेहतरीन करियर बना सकते हैं। 12वीं पास होना के बाद आप डिप्‍लोमा और ग्रेजुएशन कर सकते हैं। वहीं अगर आप मास्टर कोर्स जैसे मास्टर इन मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म, पीजी डिप्लोमा इन एडवरटाइजिंग एंड पब्लिक रिलेशन कोर्स में दाखिला लेना चाहते हैं, तो किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएट होना जरूरी है। एडवरटाइजमेंट इंडस्ट्री में बहुत सारे करियर विकल्प उपलब्ध हैं। इसमें मुख्‍य रूप से मीडिया रिसर्चर, मीडिया प्लानर, कॉपी राइटर, क्रिएटिव डिपार्टमेंट, प्रोडक्शन मैनेजर, पब्लिक रिलेशन ऑफिसर, डाइरेक्टर ऑफ एडवरटाइजिंग, मीडिया रिसर्चर, मीडिया प्लानर, क्रिएटिव राइटर, स्क्रिप्ट राइटर, कॉपी राइटर, प्रोडक्शन मैनेजर, डायरेक्टर ऑफ एडवरटाइजिंग, पब्लिक रिलेशन ऑफिस, रजिंगल राइटर जैसी प्रोफाइल शामिल हैं। एडवरटाइजिंग के फील्ड में शुरुआती तौर पर आपको 15 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह मिल जाते हैं। 5 साल का अनुभव होने के बाद आप आसानी से 40 से 50 हजार रुपये या इससे ज्यादा सैलेरी ले सकते हैं।

Success Tips: फाइनेंस में करियर बनाना चाहते हैं तो आपके काम की है खबर, जानें कोर्स, जॉब से जुड़ी पूरी डीटेल

आज के समय में फाइनेंस एक बेहतरीन करियर विकल्प है। इस क्षेत्र में ग्रोथ की असीमित संभावनाएं है। लेकिन फाइनेंस के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आपको सही मार्गदर्शन की जरुरत है। जानिए फाइनेंस में करियर से जुड़ी खास बातें। नई दिल्लीः आज के समय में युवा फाइनेंस में अपना करियर बनाने की चाह ज्यादा रख रहे हैं। इसमें कोई शक नहीं है कि फाइनेंस एक बेहतरीन करियर विकल्प है। इस क्षेत्र में ग्रोथ की असीमित संभावनाएं है। लेकिन फाइनेंस के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आपको सही मार्गदर्शन की जरुरत है। जानिए इस करियर से जुड़ी जरूरी बातें। फाइनेंस में छह माह से तीन साल की अवधि के डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा, ग्रेजुएशन व मास्टर स्तर के कई पाठ्यक्रम तमाम संस्थानों में कराए जाते हैं। अगर आप इस क्षेत्र में बेहतरीन करियर चाहते हैं तो आपको एमबीए इन फाइनेंस करना चाहिए। एमबीए कई विषयों में होता है लेकिन एमबीए फाइनेंस की पढ़ाई में सारा फोकस फाइनेंस पर होता है। इसके लिए जरूरी है कि आप एमबीए इन फाइनेंस के लिए कोई अच्छा संस्थान खोजे, जहां की पढ़ाई और प्लेसमेंट का रिकॉर्ड अच्छा हो। फाइनेंस में रोजगार के भरपूर अवसर हैं। बैंकिंग सेक्टर में जहां इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी मैनेजर, रिटेल रिलेशनशिप ऑफिसर, म्युचुअल फंड मैनेजर आदि के रूप में मौके मिलते हैं। केपीओ सेक्टर में युवा डेटा एनालिस्ट, मार्केट रिसर्चर, क्लाइंट डेवलपमेंट एनालिस्ट, बिजनेस एनालिस्ट व रिसर्च एसोसिएट के रूप में सेवाएं दे सकते हैं। इक्विटी रिसर्च फर्म में भी मौके मिलते हैं।

Success Tips: 12वीं के बाद बैंक में बनाना चाहते हैं करियर तो, इन परीक्षाओं की करें तैयारी

अगर आप 12वीं के बाद शानदार करियर के लिए बैंक की तरफ जाना चाहते हैं, तो आपके काम की है ये खबर। नई दिल्लीः क्या आप भी बारहवीं के बाद बैंक में नौकरी करना चाहते हैं, तो आपको इस खबर से काफी मदद मिलने वाली है। 12वीं पास उम्मीदवार प्रत्येक वर्ष IBPS की ओर से आयोजित परीक्षा को पास कर बैंक में नौकरी हासिल कर सकते हैं। इस एग्जाम को पास करने के बाद उम्मीदवारों को क्लर्क और डाटा एंट्री ऑपरेटर की जॉब मिल सकती  है। अगर कोई अभ्यर्थी देश की सबसे बड़ी सरकारी बैंक SBI में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो इसके लिए उन्हें भारतीय स्टेट बैंक द्वारा निकाली जाने वाली जूनियर एसोसिएट क्लर्क लेवल की परीक्षाओं की अच्छी तैयारी करनी पड़ेगी। साथ ही साथ इस एग्जाम में शामिल होने के किए उमीदवारों को ग्रैजुएशन भी पास करना पड़ेगा।  

Success Tips: कैसे बनाएं हॉस्पिटल मैनेजमेंट के क्षेत्र में करियर, जानें जरूरी जानकारी

हॉस्पिटल मैनेजमेंट का संबंध जनता-जनार्दन के लिए हेल्थ सर्विसेज को ऑर्गनाइज, कोआर्डिनेट, प्लान, स्टाफिंग, इवैल्यूएशन और कंट्रोल करने से जुड़े सभी कार्यों से। आज के समय इस फील्ड में करियर बनाना काफी डिमांड में है। नई दिल्लीः हॉस्पिटल मैनेजमेंट का करियर हेल्थ एडमिनिस्ट्रेशन, हेल्थकेयर एडमिनिस्ट्रेशन या हेल्थकेयर मैनेजमेंट के नाम से भी जाना जाता है। मैनेजमेंट के कोर्सेज में यह तुलनात्मक रूप से नया क्षेत्र है। अस्पताल प्रबंधक अस्पताल से संबंधित सभी व्यवस्थाओं पर पैनी नजर बनाए रखता है, ताकि संसाधनों का समुचित और बेहतर इस्तेमाल हो व इलाज के लिए आने वालों को सेवा प्रदान करने का कुशल तंत्र विकसित हो। इस क्षेत्र में एमबीए की डिग्री आपको एक शानदार भविष्य देगी। कैट, मैट, जीमैट, सीमैट जैसी प्रवेश परीक्षाओं के बाद आप अच्छे संस्थान से कोर्स चुनें। इसके बाद आपको एंट्री लेवल या मिड लेयर पदों पर नियुक्ति मिलेगी। बैचलर्स इन हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री में प्रवेश पाने के लिए 12वीं में साइंस स्ट्रीम से बायोलॉजी के साथ कम से कम 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं। इस कोर्स को करने के बाद आप सरकारी या निजी, किसी भी तरह के संस्थान में काम कर सकते हैं। चाहे तो हॉस्पिटल सेक्टर, इंटरनेशनल और डोमेस्टिक हेल्थ केयर इंस्टीट्यूट, हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी, नर्सिंग होम आदि में नियुक्ति हो सकती है। सरकारी संस्थानों में वेतन मानकों के अनुसार मिलता है लेकिन निजी संस्थानों में आप शुरुआती समय में 30 हजार से 40 हजार रुपए महीना तक कमा सकते हैं।

Success Tips: डेंटिस्ट के क्षेत्र में बनाना है करियर तो जानें क्या है तरीका और संभावनाएं

आज के समय में डेंटिस्ट के क्षेत्र में करियर बनाना काफी लोकप्रिय हो रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए डेंटिस्ट्री में भविष्य बनाना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। जानिए इससे जुड़ी कुछ खास बातें नई दिल्लीः हेल्थ केयर के क्षेत्र में दांतों की चिकित्सा एक लोकप्रिय करियर है। इस स्पेशलाइजेशन के बाद आपको देश के साथ-साथ विदेश में भी बेहतरीन करियर ऑप्शन मिल सकता है। विद्यार्थियों के लिए डेंटिस्ट्री में भविष्य बनाना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए छात्र का 12वीं कक्षा में भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के विषयों के साथ कम से कम 50 प्रतिशत अंकों से पास होना जरूरी है। इसके बाद संयुक्त प्रवेश परीक्षा देनी होती है। यह कोर्स चार साल का है। बीडीएस के बाद, छात्र को कम से कम एक साल की इंटर्नशिप पूरी करनी होती है। बीडीएस के कोर्स के लिए नीट-यूजी की परीक्षा आयोजित की जाती है। बीडीएस की डिग्री हासिल करने के बाद सबसे पहले आपको जूनियर डॉक्टर के रूप में नियुक्ति मिलती है। इस क्षेत्र में शुरुआती न्यूनतम आय चार लाख रुपये प्रति वर्ष होती है। धीरे-धीरे अनुभव हो जाने पर यह आय दस लाख रुपये प्रति वर्ष तक हो सकती है।

error: Content is protected !!