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कैसे करें टॉपर्स की तरह पढ़ाई? 90/20 नियम अपनाकर आप भी जरूर हो जाएंगे सफल

Success Tips

New Delhi: आज के समय में प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए छात्रों को सिर्फ मेहनत ही नहीं, बल्कि सही अध्ययन तकनीक की भी आवश्यकता होती है। कुछ टॉपर्स ऐसी विधियों का पालन करते हैं, जो उनके मानसिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद करती हैं। एक ऐसी प्रभावी तकनीक है, जिसे आजकल दुनिया भर के छात्र और पेशेवर 90/20 नियम के रूप में अपना रहे हैं। इस तकनीक को अपनाकर आप भी अपनी पढ़ाई और काम में बेहतर उत्पादकता प्राप्त कर सकते हैं। 90/20 नियम क्या है? 90/20 नियम के अनुसार, किसी भी काम को या पढ़ाई को 90 मिनट तक पूरी तरह से फोकस करके करना चाहिए और इसके बाद 20 मिनट का ब्रेक लेना चाहिए। यह विधि मस्तिष्क के प्राकृतिक चक्र यानी अल्ट्राडियन रिद्म्स पर आधारित है, जो बताता है कि दिमाग की मानसिक स्थिति दिनभर के दौरान उच्च और निम्न के बीच बदलती रहती है। मस्तिष्क एक उच्च फोकस स्थिति में काम करता है और फिर थकान को कम करने के लिए उसे आराम की आवश्यकता होती है। अल्ट्राडियन रिद्म्स का महत्व अल्ट्राडियन रिद्म्स मस्तिष्क की जैविक लय है, जो दिनभर दोहराई जाती है। इस लय में लगभग 90-120 मिनट का चक्र होता है, जिसमें मस्तिष्क उच्च ध्यान और फोकस में काम करता है। फिर 20 मिनट के ब्रेक के बाद मस्तिष्क अपनी गति को धीमा कर लेता है, जिससे थकान और मानसिक दबाव कम होता है। यह विधि शारीरिक रूप से भी लाभकारी है, क्योंकि इसे अपनाने से शरीर और मस्तिष्क दोनों को आराम मिलता है, जो मानसिक थकान को कम करता है। पेशेवरों में भी प्रभावी यह 90/20 विधि केवल छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि पेशेवरों में भी इसका पालन किया जाता है। मनोवैज्ञानिक एंडर्स एरिकसन ने शीर्ष वायलिनवादकों के अध्ययन में पाया कि वे 90 मिनट अभ्यास के बाद विश्राम करते थे। इस तरीके से उन्होंने 40% अधिक उत्पादकता और 50% कम मानसिक थकान पाई। यह साबित करता है कि सही तकनीक का पालन करके कोई भी व्यक्ति अपने मानसिक प्रदर्शन में सुधार कर सकता है। कैसे अपनाएं 90/20 विधि 90/20 विधि को अपनाने के लिए छात्रों और पेशेवरों को अपनी ऊर्जा के पैटर्न को समझना जरूरी है। इस प्रक्रिया को तीन आसान कदमों में अपनाया जा सकता है- ऊर्जा और ध्यान पैटर्न नोट करें: पहले खुद को समझें कि आपके ध्यान और ऊर्जा का स्तर कब उच्च होता है और कब कम। महत्वपूर्ण कार्यों को उच्च फोकस समय में रखें: जब आपका ध्यान सबसे अधिक होता है, उस समय महत्वपूर्ण कार्य करें। ब्रेक लें और डिवाइस-फ्री रहें: 20 मिनट के ब्रेक के दौरान हल्की सैर करें, स्ट्रेचिंग करें या प्रकृति में समय बिताएं। स्क्रीन से दूर रहें। नोट करने योग्य बातें अगर आप जंभाई लेने लगते हैं या मानसिक थकान महसूस करते हैं, तो यह संकेत है कि आपको ब्रेक लेने की जरूरत है। इस विधि के अनुसरण से न केवल आपकी पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि मानसिक थकान भी कम होगी।

Study Tips: पढ़ाई में मन लगाएं, टॉप स्कोरर बन जाएं, अपनाएं ये 10 आसान तरीके

Symbolic picture (Source- Google)

New Delhi: आज के दौर में पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखना किसी चुनौती से कम नहीं। सोशल मीडिया, दोस्तों का शोर और ऑनलाइन गेम्स जैसे कई कारण मन को भटकाते हैं। लेकिन, अगर आप परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करना चाहते हैं, तो पढ़ाई में मन लगाना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं 10 आसान और प्रभावी तरीकों से, जो आपकी पढ़ाई को बनाएंगे मजेदार और सफल। पढ़ाई के लिए सही माहौल बनाएं पढ़ाई का माहौल आपकी एकाग्रता की नींव है। ऐसी जगह चुनें जो शांत और आरामदायक हो। एक अच्छी कुर्सी और टेबल का इंतजाम करें, जहां किताबें व्यवस्थित रहें। कमरे के बाहर “परेशान न करें” का बोर्ड लगाएं और परिवार से अनुरोध करें कि वे पढ़ाई के समय आपको न बुलाएं। पढ़ाई को बनाएं रोज की आदत पढ़ाई को बोझ न समझें, बल्कि इसे अपने दैनिक रूटीन का हिस्सा बनाएं। एक टाइम टेबल बनाएं और उसका सख्ती से पालन करें। हर दिन पढ़ाई के लिए समय निकालें और इसे उत्साह के साथ करें। 45 मिनट से ज्यादा लगातार न पढ़ें, ताकि दिमाग तरोताजा रहे। भटकाव से बचें सोशल मीडिया, मोबाइल, और गेम्स पढ़ाई के सबसे बड़े दुश्मन हैं। इनसे दूरी बनाएं। पढ़ाई शुरू करने से पहले फोन को साइलेंट मोड पर रखें या दूसरी जगह रख दें। इससे आपका कीमती समय बचेगा और आप पढ़ाई पर बेहतर फोकस कर पाएंगे। समझदारी से पढ़ें पढ़ाई का मतलब केवल किताबें रटना नहीं, बल्कि समझना है। हर दिन का लक्ष्य तय करें और उसे पूरा करने के बाद खुद को प्रोत्साहित करें। सकारात्मक सोच रखें और खाली समय में प्रेरणादायक किताबें पढ़ें। धीरे-धीरे पढ़ें, लेकिन समझकर पढ़ें। अनुशासन का जादू पढ़ाई में सफलता का सबसे बड़ा मंत्र है अनुशासन। अगर मन भटकने लगे, तो उसे तुरंत नियंत्रित करें। अपने स्टडी टेबल पर एक नोट चिपकाएं “मैं पढ़ाई के समय सिर्फ पढ़ाई करूंगा!” पढ़ाई को मजेदार बनाएं, इसे बोझ न समझें। ब्रेक लें, तरोताजा रहें लगातार पढ़ाई से दिमाग थक जाता है। हर 45-60 मिनट में 5-10 मिनट का ब्रेक लें। इस दौरान कुछ हल्का-फुल्का करें, जैसे टहलना या पानी पीना। यह दिमाग को ताजगी देगा और पढ़ाई को याद रखने में मदद करेगा। अपनी प्रगति का आकलन करें समय-समय पर अपनी पढ़ाई की प्रगति जांचें। क्या आपने अपने लक्ष्य पूरे किए? अगर नहीं, तो कारण जानें और सुधार करें। इससे आपको प्रेरणा मिलेगी और आप पढ़ाई में और बेहतर करेंगे। अपने शरीर को समझें हर किसी का पढ़ाई का समय और तरीका अलग होता है। कुछ लोग सुबह तरोताजा होकर पढ़ते हैं, तो कुछ रात में ज्यादा फोकस कर पाते हैं। अपने शरीर की लय को समझें और उसी समय पढ़ाई करें, जब आपका दिमाग सबसे ज्यादा सक्रिय हो। नींद को दें प्राथमिकता अच्छी नींद पढ़ाई के लिए अमृत है। 7-8 घंटे की नींद आपके दिमाग को तेज करती है और याददाश्त को मजबूत बनाती है। थके हुए दिमाग से पढ़ाई मुश्किल हो जाती है, इसलिए पर्याप्त नींद जरूर लें। स्वस्थ खानपान का ध्यान रखें पढ़ाई में मन लगाने के लिए स्वस्थ शरीर जरूरी है। फल, सब्जियां, और पौष्टिक आहार खाएं। ज्यादा तला-भुना या मीठा खाने से बचें, क्योंकि यह दिमाग और शरीर को सुस्त करता है। इन 10 तरीकों को अपनाकर आप पढ़ाई में न केवल मन लगा पाएंगे, बल्कि परीक्षा में भी शानदार प्रदर्शन करेंगे। तो, आज से ही शुरू करें और बनें टॉप स्कोरर।

Success Tips: कर रहे हैं क्लर्क परीक्षा की तैयारी, तो पहले जान लें खास टिप्स

अगर आप भी क्लर्क प्रीलिम्स परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो ये खबर आपके लिए ही है। युवा डाइनामाइट उन सभी कैंडिटेड के लिए खास टिप्स लेकर आया है जो क्लर्क प्रीलिम्स परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। नई दिल्ली: क्लर्क प्रीलिम्स परीक्षा की तैयारी कर रहे कैंडिटेड के लिए आज हम कुछ खास टिप्स लेकर आए है। हाल ही में इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सेलेक्शन (IBPS) ने बैंकों में क्लर्क के 1500 से अधिक पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया। ऐसे में हम इस परीक्षा तैयारी कर रहे कैंडिटेड को कुछ टिप्स सुझाने वाले हैं जिससे उन्हें एग्जाम पास करने में मदद मिलेगी। IBPS क्लर्क परीक्षा की तैयारी के लिए टिप्स सही समय पर अच्छी तरह से अभ्यास करें। IBPS क्लर्क परीक्षा की तैयारी के लिए 2-3 महीने का समय पर्याप्त होता है। ऑनलाइन मुख्य परीक्षा के लिए तैयार रहें। IBPS क्लर्क प्रारंभिक परीक्षा में अपेक्षित कट-ऑफ अलग-अलग राज्यों के लिए अलग-अलग है, लेकिन आम तौर पर बोलने वाले को 70 से ऊपर स्कोर करने की कोशिश करनी चाहिए। अंग्रेजी भाषा पर अच्छी पकड़ बनाए। छात्रों को IBPS क्लर्क प्रीलिम्स परीक्षा में बहुत सारे मॉक टेस्ट देने चाहिए। रीजनिंग सेक्शन पर पूरा ध्यान दें और रोज एक सैंपल पेपर हल करें।

Success Tips: Advertisement फील्ड में ऐसे बनाएं करियर, ग्रोथ के मौकों के साथ सैलरी भी मिलती है अच्छी

आज के समय में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक एडवरटाइजमेंट से भरा हुआ है। आज के समय में हर ब्रांड एडवरटाइजमेंट के दम पर ज्‍यादा से ज्‍यादा कस्‍टमर तक पहुंच बनाने की कोशिश में लगी रहती हैं। जानिए 12वीं के बाद आप कैसे एडवरटाइजमेंट के क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं। नई दिल्लीः 12वीं कक्षा पास करने के बाद छात्रों को करियर की चिंता सताने लगती है। हर कोई यही चाहता है कि उसका करियर शानदार हो, लेकिन अक्सर स्टूडेंट्स इस बात को लेकर उलझन में रहते है कि वे किस क्षेत्र में करियर बनाएं जिसमें वेतन के साथ-साथ ग्रोथ के भी मौके रहे। चलिए हम आपको 12वीं के बाद Advertisement फील्ड में कैसे बेहतरीन करियर बना सकते हैं। 12वीं पास होना के बाद आप डिप्‍लोमा और ग्रेजुएशन कर सकते हैं। वहीं अगर आप मास्टर कोर्स जैसे मास्टर इन मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म, पीजी डिप्लोमा इन एडवरटाइजिंग एंड पब्लिक रिलेशन कोर्स में दाखिला लेना चाहते हैं, तो किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएट होना जरूरी है। एडवरटाइजमेंट इंडस्ट्री में बहुत सारे करियर विकल्प उपलब्ध हैं। इसमें मुख्‍य रूप से मीडिया रिसर्चर, मीडिया प्लानर, कॉपी राइटर, क्रिएटिव डिपार्टमेंट, प्रोडक्शन मैनेजर, पब्लिक रिलेशन ऑफिसर, डाइरेक्टर ऑफ एडवरटाइजिंग, मीडिया रिसर्चर, मीडिया प्लानर, क्रिएटिव राइटर, स्क्रिप्ट राइटर, कॉपी राइटर, प्रोडक्शन मैनेजर, डायरेक्टर ऑफ एडवरटाइजिंग, पब्लिक रिलेशन ऑफिस, रजिंगल राइटर जैसी प्रोफाइल शामिल हैं। एडवरटाइजिंग के फील्ड में शुरुआती तौर पर आपको 15 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह मिल जाते हैं। 5 साल का अनुभव होने के बाद आप आसानी से 40 से 50 हजार रुपये या इससे ज्यादा सैलेरी ले सकते हैं।

Success Tips: विदेश में पढ़ना चाहते हैं तो इन बातों का रखें ध्यान

आज-कल विदेश में पढ़ाई करने का ट्रेंड भारतीय स्‍टूडेंट्स में बहुत तेजी से बढ़ रहा है। ज्यादातर स्‍टूडेंट अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए विदेश जाना चाहते हैं। विदेशों संस्थानों में पढ़ने के लिए आवेदन देते समय कई बातों का ख्याल रखना चाहिए ताकि नए देश में जाकर आपको किसी तरह की कोई परेशानी ना हो। नई दिल्लीः विदेश में पढ़ाई के लिए जाने से पहले कुछ चीजों को ध्यान में रखना जरूरी है: विदेश में पढ़ाई के लिए आवेदन देने से पहले कॉलेज का चयन सावधानीपूर्वक करना बेहद जरूरी है। विदेशों में कई कॉलेज वो कोर्स ऑफर कर रहे हैं जो आप पढ़ना चाहते हैं। लेकिन, कॉलेजों की शार्टलिस्टिंग बेहद जरूरी है। पढ़ाई करने जा रहे हैं, तो सबसे पहले इंटरनेशनल स्टूडेंट आईडी कार्ड बनवाएं, जिससे आपकों कई फायदें होंगे। आईडी कार्ड की मदद से आपको विदेश में डिस्काउंट मिलने में आसानी होगी। हर विश्वविद्यालय विदेशी छात्रों को अपनी तरफ से कई तरह की स्कॉलरशिप प्रदान करती है। कोई भी कोर्स चुनने से पहले ये जरूर पता लगा लें कि इस कोर्स को करने के दौरान स्कॉलरशिप मिलती है या नहीं। किसी भी देश में पढ़ाई करने के लिए जाने से पहले उस देश के बारे में अच्छे से जानना जरूरी है।

Success Tips: फाइनेंस में करियर बनाना चाहते हैं तो आपके काम की है खबर, जानें कोर्स, जॉब से जुड़ी पूरी डीटेल

आज के समय में फाइनेंस एक बेहतरीन करियर विकल्प है। इस क्षेत्र में ग्रोथ की असीमित संभावनाएं है। लेकिन फाइनेंस के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आपको सही मार्गदर्शन की जरुरत है। जानिए फाइनेंस में करियर से जुड़ी खास बातें। नई दिल्लीः आज के समय में युवा फाइनेंस में अपना करियर बनाने की चाह ज्यादा रख रहे हैं। इसमें कोई शक नहीं है कि फाइनेंस एक बेहतरीन करियर विकल्प है। इस क्षेत्र में ग्रोथ की असीमित संभावनाएं है। लेकिन फाइनेंस के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आपको सही मार्गदर्शन की जरुरत है। जानिए इस करियर से जुड़ी जरूरी बातें। फाइनेंस में छह माह से तीन साल की अवधि के डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा, ग्रेजुएशन व मास्टर स्तर के कई पाठ्यक्रम तमाम संस्थानों में कराए जाते हैं। अगर आप इस क्षेत्र में बेहतरीन करियर चाहते हैं तो आपको एमबीए इन फाइनेंस करना चाहिए। एमबीए कई विषयों में होता है लेकिन एमबीए फाइनेंस की पढ़ाई में सारा फोकस फाइनेंस पर होता है। इसके लिए जरूरी है कि आप एमबीए इन फाइनेंस के लिए कोई अच्छा संस्थान खोजे, जहां की पढ़ाई और प्लेसमेंट का रिकॉर्ड अच्छा हो। फाइनेंस में रोजगार के भरपूर अवसर हैं। बैंकिंग सेक्टर में जहां इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी मैनेजर, रिटेल रिलेशनशिप ऑफिसर, म्युचुअल फंड मैनेजर आदि के रूप में मौके मिलते हैं। केपीओ सेक्टर में युवा डेटा एनालिस्ट, मार्केट रिसर्चर, क्लाइंट डेवलपमेंट एनालिस्ट, बिजनेस एनालिस्ट व रिसर्च एसोसिएट के रूप में सेवाएं दे सकते हैं। इक्विटी रिसर्च फर्म में भी मौके मिलते हैं।

Success Tips: कर रहे हैं UPSC की तैयारी तो आपके काम की है ये खबर, इंटरव्यू निकालने में मिलेगी मदद

संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा के लिए हर साल लाखों छात्र आवेदन करते हैं। कई बार इस परीक्षा में कुछ उम्मीदवार इस परीक्षा को पास तो कर लेते हैं लेकिन इंटरव्यू निकालने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। जानिए आईएएस के इंटरव्यू से जुड़ी कुछ खास बातें। नई दिल्लीः सिविल सर्विस परीक्षा के इन्‍टरव्‍यू अब से कुछ ही दिनों बाद शुरू होने वाले हैं। यदि इन्‍टरव्‍यू में थोड़ी भी चुक हुई, तो शुरुआत फिर से करनी पड़ेगी। ऐसे में ये खबर आपके काम की है। इंटरव्यू में 5-7 लोगों का पैनल होता है, जो उम्मीदवारों की मानसिक क्षमता को टेस्ट करते हैं। आईएएस टॉपर के अनुसार आपको यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा के इंटरव्यू की तैयारी को दो भागों में बांट लेना चाहिए। पहला डिटेल्ड एप्लीकेशन फॉर्म (डीएएफ) और दूसरा करंट अफेयर की तैयारी। इसलिए डीएएफ से जुड़े सभी सवालों के जवाब अच्छे से तैयार कर लें। इंटरव्यू में आपके हॉबी, आपकी नौकरी से जुड़े सवाल भी पूछे जा सकते हैं। आपके नाम के अर्थ पर भी सवाल पूछे जा सकते हैं। इसके लिए भी पहले से तैयार हो कर जाएं। इंटरव्यू के लिए बेहतर है कि अपने किसी दोस्त के साथ इंटरव्यू का अभ्यास कर लें।

Success Tips: रोबोटिक्स में बनाना चाहते हैं अपना करियर तो जानें उससे जुड़ी खास बातें

इस आधुनिक दुनिया में रोबोटिक्स तेजी से फल-फूल रहे पेशों में से एक बन चुका है। कई स्टूडेंट्स अब रोबोटिक्स में अपना करियर बनाना चाहते हैं। जानिए रोबोटिक्स में करियर से जुड़ी खास बातें। नई दल्लीः रोबोटिक्स इंजीनियरिंग की वह शाखा है जिसके तहत रोबोट की डिजाइनिंग, उनका अनुरक्षण, नए एप्लिकेशन का विकास और अनुसंधान जैसे काम सम्मिलित किए जाते हैं। रोबोटिक्स में मेनिपुलेशन और प्रोसेसिंग के लिए कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है। औद्योगिक क्षेत्रों, एटॉमिक व न्यूक्लियर पावर प्लांट आदि में रोबोट्स के बढ़ते इस्तेमाल से रोबोटिक्स इंजीनियरिंग विद्यार्थियों के लिए बेहतर कॅरियर विकल्प हो सकता है। इसमें छात्रों को रोबोट्स के निर्माण, डिजायनिंग, परीक्षण, रख रखाव, मरम्मत आदि के बारे में विस्तार से पढ़ाया जाता है। इस क्षेत्र में जाने के इच्छुक लोगों के लिए मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, दोनों की समझ होना जरूरी है। रोबोटिक्स की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को स्पेस रिसर्च, मेडिकल क्षेत्र, एंटरटेनमेंट, इनवेस्टिगेशन, बैंकिंग सहित कई अन्य फिल्ड में नौकरी का सुनहरा मौका मिल सकता है। रोबोटिक्स की पढ़ाई के लिए टॉप जगहेंइंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी), दिल्ली/ मुंबई/ कानपुर/ मद्रास/ गुवाहाटी/ खड़गपुर/ रुड़की आदि। इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु।सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एंड रोबोटिक्स, बेंगलुरु। बिड़ला इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (बिट्स), पिलानी। कोचिन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, कोच्चि। वीरमाता जीजाबाई टेक्नोलॉजी इंस्टिट्यूट, मुंबई।थापर इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, पटियाला। यूनिवर्सिटी ऑफ हैदराबाद, हैदराबाद।

Success Tips: जॉब इंटरव्यू और प्रमोशन के दौरान इन चीजों को देखती है कंपनी, आपके काम की है ये खबर

कई बार ऐसा होता है कि एक ही शैक्षणिक योग्यता वालों में से किसी एक को नौकरी या प्रमोशन मिलता है और किसी एक को नहीं। इसके पीछे कई ऐसे कारण हैं, जिस पर आपको भी खास ध्यान देना जरूरी है। जानिए कुछ जरूरी बातें। नई दिल्लीः जॉब इंटरव्यू से लेकर प्रमोशन तक में हमेशा किसी एक का होता है और साथ में काम करने वाले को बराबर की शैक्षणिक योग्यता के बाद भी नहीं मिलती है। इसके पीछे कई सारे कारण हैं। चाहे भारतीय कंपनी हो या बहुराष्ट्रीय कंपनी, अपने काम में मेहनत दिखाने वाला उम्मीदवार ही कंपनी के लक्ष्यों में बराबर योगदान दे पाएगा। इसीलिए मेहनत के आदर्श को बहुत काम का माना जाता है। इंटरव्यू में यह भी देखा जाता है कि उम्मीदवार में सीखने की चाह कितनी है। इसके पीछे सोच यही होती है कि किसी उम्मीदवार को अपेक्षित कौशल का प्रशिक्षण दिया जा सकता है। इंटरव्यू के दौरान अक्सर यह सवाल जरूर पूछा जाता है कि हम आपको इस संस्थान में नौकरी क्यों दें? ऐसे सवालों के जवाब में आपको अपनी मार्केटिंग बहुत अच्छे तरीके से करनी होगी। इंटरव्यूअर के सामने अपनी यूनीक क्वॉलिटी, स्ट्रॉन्ग पॉइंट, किस तरह आप दूसरे कैंडिडेट से अलग हैं, इन सारी बातों को बताना चाहिए।

Success Tips: 12वीं के बाद बैंक में बनाना चाहते हैं करियर तो, इन परीक्षाओं की करें तैयारी

अगर आप 12वीं के बाद शानदार करियर के लिए बैंक की तरफ जाना चाहते हैं, तो आपके काम की है ये खबर। नई दिल्लीः क्या आप भी बारहवीं के बाद बैंक में नौकरी करना चाहते हैं, तो आपको इस खबर से काफी मदद मिलने वाली है। 12वीं पास उम्मीदवार प्रत्येक वर्ष IBPS की ओर से आयोजित परीक्षा को पास कर बैंक में नौकरी हासिल कर सकते हैं। इस एग्जाम को पास करने के बाद उम्मीदवारों को क्लर्क और डाटा एंट्री ऑपरेटर की जॉब मिल सकती  है। अगर कोई अभ्यर्थी देश की सबसे बड़ी सरकारी बैंक SBI में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो इसके लिए उन्हें भारतीय स्टेट बैंक द्वारा निकाली जाने वाली जूनियर एसोसिएट क्लर्क लेवल की परीक्षाओं की अच्छी तैयारी करनी पड़ेगी। साथ ही साथ इस एग्जाम में शामिल होने के किए उमीदवारों को ग्रैजुएशन भी पास करना पड़ेगा।