Student Entrepreneurship India: एक समय था, जब पढ़ाई पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी पाना लाखों युवाओं का सबसे बड़ा सपना होता था। आज भी सरकारी नौकरी की चाह रखने वालों की कमी नहीं है, लेकिन युवाओं के करियर को लेकर सोच में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। अब कई छात्र डिग्री पूरी होने का इंतजार किए बिना अपना बिजनेस शुरू करने और स्टार्टअप बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
IIT मंडी की GUESSS India 2025 National Survey Report के मुताबिक, भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले 22 फीसदी छात्र पहले ही किसी न किसी रूप में अपना कारोबार शुरू कर चुके हैं। यह आंकड़ा दुनिया के औसत 23 फीसदी के करीब है। सर्वे में 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 1,200 से अधिक संस्थानों के 25,783 छात्रों को शामिल किया गया।
43 फीसदी छात्र करना चाहते हैं अपना कारोबार (Student Entrepreneurship India)
रिपोर्ट का एक अहम निष्कर्ष यह है कि 43 फीसदी भारतीय छात्र भविष्य में अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं। इससे पता चलता है कि युवाओं के सामने अब नौकरी के साथ-साथ उद्यमी बनने का विकल्प भी तेजी से उभर रहा है।
पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद कारोबार शुरू करने की इच्छा रखने वाले छात्रों का आंकड़ा भी बढ़ा है। साल 2023 में यह 14 फीसदी था, जो 2025 में बढ़कर 16.2 फीसदी हो गया। रिपोर्ट में सरकारी नौकरी और बड़ी कंपनियों में काम करने की इच्छा में कमी के संकेत भी मिले हैं।
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सिर्फ आइडिया नहीं, कमाई भी कर रहे छात्र (Student Entrepreneurship India)
युवाओं की यह दिलचस्पी केवल बिजनेस शुरू करने के सपने तक सीमित नहीं है। सर्वे में शामिल छात्र उद्यमियों में 35.5 फीसदी ने बताया कि उनके कारोबार में नियमित बिक्री हो रही है। यह वैश्विक औसत 33 फीसदी से अधिक है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 41 फीसदी छात्र उद्यमी पहले कारोबार बंद करने के बाद दोबारा शुरुआत कर चुके हैं। वहीं, करीब 42 फीसदी छात्र उद्यमी एक से ज्यादा बिजनेस चला रहे हैं। इससे संकेत मिलता है कि युवा कारोबार में चुनौतियों का सामना करने के बाद भी नए प्रयास करने को तैयार हैं।
AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी पर युवाओं की नजर (Student Entrepreneurship India)
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), IT और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्र छात्रों को खास तौर पर आकर्षित कर रहे हैं। हालांकि, मौजूदा छात्र कारोबारों में डिजिटल श्रेणी के बिजनेस करीब 10 फीसदी ही हैं।
यह अंतर बताता है कि तकनीक में रुचि रखने वाले छात्रों को अपने आइडिया को बाजार तक पहुंचाने के लिए बेहतर प्रशिक्षण, आर्थिक मदद और सही मार्गदर्शन की जरूरत हो सकती है।
परिवार और दोस्तों का साथ क्यों है जरूरी? (Student Entrepreneurship India)
रिपोर्ट के अनुसार, जिन छात्रों के परिवार, दोस्तों, शिक्षकों या सहपाठियों के बीच पहले से कोई उद्यमी मौजूद है, उनके खुद का कारोबार शुरू करने की संभावना तीन गुना अधिक रहती है। ऐसे में कॉलेजों में मेंटरशिप, अनुभवी कारोबारियों से बातचीत और इंडस्ट्री नेटवर्किंग की अहमियत बढ़ जाती है।
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महिला उद्यमियों के सामने अब भी चुनौती (Student Entrepreneurship India)
महिलाएं भी बिजनेस शुरू करने में दिलचस्पी दिखा रही हैं, लेकिन इरादे को कारोबार में बदलने के मामले में अंतर नजर आता है। उद्यमी बनने की इच्छा रखने वाली महिलाओं में 45 फीसदी ने बिजनेस शुरू किया, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा 53 फीसदी रहा।
कुल मिलाकर, सर्वे युवाओं के बीच उद्यमिता की बढ़ती दिलचस्पी दिखाता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि सरकारी नौकरी का आकर्षण खत्म हो गया है। असली चुनौती युवाओं के अच्छे विचारों को सफल कारोबार में बदलने के लिए पूंजी, प्रशिक्षण और सही अवसर उपलब्ध कराने की है।








