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संघर्ष से सफलता तक: क्यों बिहार बन गया है UPSC टॉपर्स की भूमि

भारत का टॉपर्स हब क्यों बना बिहार ?

Patna: हर साल जब UPSC का रिज़ल्ट आता है, टॉपर्स की लिस्ट में बिहार के छात्रों की मौजूदगी हमेशा बनी रहती है। कई बार टॉप 10 में तीन से चार नाम सिर्फ बिहार से होते हैं। तो आखिर इस पिछड़े कहे जाने वाले राज्य से इतनी बड़ी संख्या में सिविल सर्विस टॉपर्स क्यों निकलते हैं? इसका जवाब सिर्फ मेहनत नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और मनोवैज्ञानिक पहलुओं में छिपा है। आइए जानते हैं एक अलग नजरिए से। सीमित संसाधन, अनलिमिटेड महत्वाकांक्षाबिहार के अधिकतर छात्र गांव या छोटे कस्बों से आते हैं, जहां प्राइवेट नौकरियों के अवसर सीमित हैं। ऐसे में UPSC उनके लिए सबसे बड़ी उड़ान का प्रतीक बन जाता है। यहां सरकारी नौकरी को न सिर्फ नौकरी, बल्कि सम्मान और सामाजिक सुरक्षा का पर्याय माना जाता है। शिक्षा नहीं, इमेज बनती हैबिहार के समाज में IAS/IPS अफसर की छवि अब भी सबसे ऊंचे दर्जे की है। कई बार बच्चे खुद नहीं, बल्कि परिवार और समाज की इच्छाओं के कारण UPSC की तैयारी शुरू करते हैं। यहां सिविल सेवा केवल करियर नहीं, “स्टेटस सिंबल” है। बौद्धिक बहस की संस्कृतिचाय की दुकानों से लेकर कोचिंग सेंटर्स तक, बिहार में हर जगह राजनीतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक मुद्दों पर चर्चा आम है। ये अनौपचारिक बहसें छात्रों में विश्लेषण क्षमता और करंट अफेयर्स की समझ को निखारती हैं जो UPSC के लिए जरूरी स्किल्स हैं। पटना: मिनी राजेंद्र नगर मॉडलराजधानी पटना का राजेंद्र नगर, UPSC की तैयारी का हब बन चुका है। छोटे शहरों से आए छात्र एक-दूसरे को मोटिवेट करते हैं, नोट्स शेयर करते हैं और सामूहिक अध्ययन करते हैं। यह कम्यूनिटी मॉडल उन्हें अकेलेपन और अवसाद से भी बचाता है। संघर्ष ने सिखाया धैर्यबिजली कटौती, इंटरनेट की कमी, लाइब्रेरी की भीड़ बिहार के छात्रों को ऐसी समस्याएं रोज झेलनी पड़ती हैं। यही संघर्ष उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाता है, जो UPSC जैसी कठिन परीक्षा में निर्णायक साबित होता है। निष्कर्षबिहार का UPSC में दबदबा कोई संयोग नहीं, बल्कि संघर्ष, महत्वाकांक्षा और सामाजिक संरचना का परिणाम है। यहां का हर छात्र सिर्फ एक परीक्षा नहीं, पूरे सिस्टम से लड़ रहा होता है और यही उसे टॉपर बनाता है।

AI में करियर की राह: पढ़ाई के बाद मिल सकते हैं ये टॉप जॉब्स

New Delhi: आज के डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मांग तेजी से बढ़ रही है। चाहे हेल्थकेयर हो, एजुकेशन, फाइनेंस या मैन्युफैक्चरिंग। AI हर सेक्टर में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। ऐसे में AI की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए करियर के अनगिनत रास्ते खुलते हैं। AI एक ऐसा क्षेत्र है जो मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, कंप्यूटर विजन और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग जैसी तकनीकों पर आधारित होता है। अगर आपने AI में डिग्री या सर्टिफिकेट कोर्स किया है, तो आपके लिए कई हाई-लेवल और हाई-पेइंग जॉब्स उपलब्ध हैं। 1. डेटा साइंटिस्टडेटा साइंटिस्ट AI का सबसे लोकप्रिय करियर ऑप्शन है। यह प्रोफेशनल बड़े पैमाने पर डेटा को प्रोसेस करके उसमें से महत्वपूर्ण जानकारी निकालता है, जो कंपनियों के निर्णय लेने में मदद करती है। 2. मशीन लर्निंग इंजीनियरAI के क्षेत्र में मशीन लर्निंग एक अहम हिस्सा है। इस रोल में आपको ऐसे मॉडल बनाने होते हैं जो बिना एक्सप्लिसिट प्रोग्रामिंग के खुद से सीख सकें। 3. एआई रिसर्च साइंटिस्टजो छात्र रिसर्च में रुचि रखते हैं, उनके लिए AI रिसर्च साइंटिस्ट की भूमिका आदर्श होती है। इसमें नई तकनीकों और एल्गोरिद्म्स का विकास किया जाता है। 4. बिग डेटा इंजीनियरबड़े डाटा सेट्स को मैनेज और एनालाइज करने के लिए बिग डेटा इंजीनियर की जरूरत होती है। AI और डेटा एनालिटिक्स में इस रोल की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। 5. रोबोटिक्स इंजीनियरAI के इस्तेमाल से अब स्मार्ट रोबोट बनाए जा रहे हैं। इसमें सेंसर, मशीन लर्निंग और प्रोग्रामिंग का इस्तेमाल होता है। 6. NLP इंजीनियर (नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग)यह प्रोफेशनल ऐसे सिस्टम बनाते हैं जो मानव भाषा को समझ सकें जैसे कि चैटबॉट्स, वॉयस असिस्टेंट आदि। 7. AI एथिक्स और पॉलिसी एक्सपर्टAI के उपयोग के साथ कई नैतिक और कानूनी सवाल भी खड़े होते हैं। इन सवालों का समाधान करने के लिए एथिक्स एक्सपर्ट्स की जरूरत होती है। AI में करियर की तैयारी कैसे करें?इस फील्ड में करियर बनाने के लिए कंप्यूटर साइंस, मैथ्स और स्टैटिस्टिक्स में मजबूत पकड़ होना जरूरी है। B.Tech, M.Tech, या फिर स्पेशलाइज्ड ऑनलाइन कोर्सेज (जैसे Coursera, edX, Udemy) के जरिए AI सीखा जा सकता है। वेतन और स्कोपAI से जुड़े प्रोफेशनल्स की सैलरी भारत में शुरुआती स्तर पर ₹6-10 लाख प्रतिवर्ष होती है, जबकि अनुभव के साथ यह ₹20 लाख से भी ऊपर जा सकती है।

Career Tips: पेंटिंग में करियर की तलाश कर रहे हैं? ये कोर्सेज दे सकते हैं आपको उड़ान

Painting Courses

New Delhi: आज के समय में पेंटिंग केवल एक शौक ही नहीं, बल्कि एक समृद्ध और सम्मानजनक करियर विकल्प भी बन चुका है। अगर आपके पास कल्पनाशीलता है, रंगों से खेलने का हुनर है और चित्रों के माध्यम से अपनी बात कहना चाहते हैं, तो पेंटिंग में करियर आपके लिए सुनहरा मौका हो सकता है। इस क्षेत्र में कई कोर्स ऐसे हैं जो आपको कला के विभिन्न रूपों से परिचित कराते हैं और एक सफल पेंटर बनने की राह खोलते हैं। क्यों करें पेंटिंग में कोर्स?पेंटिंग कोर्स (Painting Courses) करने से छात्र न केवल विभिन्न तकनीकों और माध्यमों को सीखते हैं, बल्कि उन्हें अपनी कला को पेशेवर रूप में प्रस्तुत करने की समझ भी मिलती है। इन कोर्सेज में चित्रकला, स्केचिंग, कैनवास पेंटिंग, जलरंग, ऐक्रेलिक और तेल रंगों की तकनीक, आर्ट हिस्ट्री, पर्सपेक्टिव ड्राइंग जैसी चीजें सिखाई जाती हैं। पेंटिंग से जुड़े प्रमुख कोर्स1. डिप्लोमा इन फाइन आर्ट्स (Diploma in Fine Arts): यह कोर्स 1 से 2 वर्षों का होता है और इसमें पेंटिंग के साथ-साथ मूर्तिकला, प्रिंटमेकिंग और विजुअल आर्ट्स की जानकारी दी जाती है। 2. बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स (BFA): यह स्नातक स्तर का चार वर्षीय कोर्स है, जिसमें पेंटिंग को एक मुख्य विषय के रूप में लिया जा सकता है। इसमें थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों शामिल होते हैं। 3. सर्टिफिकेट इन पेंटिंग (Certificate in Painting): यह कोर्स 6 महीने से 1 वर्ष तक का हो सकता है और शुरुआती लोगों के लिए उपयुक्त है। 4. मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स (MFA): BFA के बाद आप MFA कर सकते हैं, जिसमें आप पेंटिंग को विशेष विषय के रूप में चुन सकते हैं। कहां से करें ये कोर्स?भारत में कई प्रतिष्ठित संस्थान पेंटिंग में डिग्री और डिप्लोमा कोर्स ऑफर करते हैं। जैसे:1. जे जे स्कूल ऑफ आर्ट, मुंबई2. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU)3. दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट4. शांति निकेतन, पश्चिम बंगाल5. जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली करियर विकल्पपेंटिंग कोर्स करने के बाद आप इन क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं।1. प्रोफेशनल आर्टिस्ट2. आर्ट टीचर या लेक्चरर3. आर्ट गैलरी मैनेजर4. इलस्ट्रेटर या डिजाइनर5. फ्रीलांस पेंटर6. आर्ट थेरेपिस्ट अगर आप पेंटिंग में रुचि रखते हैं और इसे करियर के रूप में अपनाना चाहते हैं, तो उपरोक्त कोर्स आपके लिए उपयोगी हो सकते हैं। ये कोर्स आपकी कला को निखारते हैं और आपको एक पेशेवर मंच प्रदान करते हैं। डिस्क्लेमरयह लेख केवल सूचना और मार्गदर्शन के उद्देश्य से लिखा गया है। कोर्स या संस्थान चुनने से पहले संबंधित वेबसाइट और आधिकारिक जानकारी की जांच अवश्य करें। किसी भी निर्णय के लिए लेखक या प्रकाशक जिम्मेदार नहीं होगा।

Study Tips: नौकरी के साथ BCA करने का है सपना, तो जानें कैसे पूरा करें यह कोर्स

New Delhi: आज के डिजिटल युग में शिक्षा के तरीके बदल गए हैं और अब बहुत से विद्यार्थी अपनी नौकरी के साथ अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाने के लिए ऑनलाइन कोर्स का विकल्प चुन रहे हैं। ऐसे ही एक लोकप्रिय कोर्स है BCA (Bachelor of Computer Applications)। अगर आप नौकरी के साथ BCA करना चाहते हैं, तो आपके लिए कई ऑनलाइन संस्थान हैं, जो इस कोर्स को अपने समय और सुविधा के अनुसार करने का अवसर देते हैं। ऑनलाइन BCA क्यों?ऑनलाइन BCA करने के कई फायदे हैं। सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप अपनी नौकरी के साथ शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। यह कोर्स खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयुक्त है, जिनके पास समय की कमी होती है या जो अन्य पारंपरिक शिक्षा विधियों का पालन नहीं कर सकते। इसके अलावा, ऑनलाइन BCA से आप अपने पेस और समय के हिसाब से अध्ययन कर सकते हैं, जिससे आपके जीवन में बेहतर संतुलन बना रहता है। ऑनलाइन BCA करने के प्रमुख प्लेटफ़ॉर्म्स1. Indira Gandhi National Open University (IGNOU)IGNOU एक प्रमुख विश्वविद्यालय है, जो ऑनलाइन BCA कोर्स प्रदान करता है। यह विश्वविद्यालय सरकारी है और इसके प्रमाणपत्र का व्यापक स्तर पर सम्मान है। IGNOU के BCA कोर्स में 3 साल का समय लगता है और इसमें विभिन्न विषयों जैसे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज, वेब डेवलपमेंट, डेटा बेस, और नेटवर्किंग की शिक्षा दी जाती है। 2. Sikkim Manipal University (SMU)SMU भी एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय है, जो ऑनलाइन BCA की सुविधा प्रदान करता है। SMU का BCA कोर्स नौकरीपेशा लोगों के लिए खासतौर पर डिजाइन किया गया है, जिससे छात्र अपने समय के अनुसार कोर्स को कर सकें। यहां प्रैक्टिकल और थ्योरी दोनों का उचित संतुलन दिया जाता है। 3. Amity University Onlineअमिटी विश्वविद्यालय का ऑनलाइन BCA कोर्स भी बहुत प्रसिद्ध है। यहां आपको उन्नत तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ उद्योग की मांग के हिसाब से शिक्षा दी जाती है। अमिटी का BCA कोर्स में विभिन्न क्षेत्रों जैसे सॉफ़्टवेयर डेवलपमेंट, डेटा संरचना, और वेब डेवलपमेंट पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। 4. Kalinga Universityकलींगा विश्वविद्यालय भी ऑनलाइन BCA कोर्स प्रदान करता है, जो उन छात्रों के लिए आदर्श है जो अपनी नौकरी के साथ पढ़ाई करना चाहते हैं। इस विश्वविद्यालय का कोर्स सरल और सुलभ है, और इसमें व्यावहारिक ज्ञान के साथ-साथ सैद्धांतिक शिक्षा भी दी जाती है। 5. University of Madras (Distance Education)मद्रास विश्वविद्यालय के दूरस्थ शिक्षा विभाग में भी BCA कोर्स का आयोजन किया जाता है। यह विश्वविद्यालय नौकरीपेशा लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प है, क्योंकि यहां शिक्षा का समय लचीला होता है। कोर्स में वेब डिजाइनिंग, डेटा बेस, और सॉफ़्टवेयर इंजीनियरिंग जैसे विषयों की पढ़ाई कराई जाती है। ऑनलाइन BCA के फायदे:1. लचीला समयऑनलाइन BCA कोर्स के सबसे बड़े फायदे में से एक है इसका लचीला समय। आप अपनी नौकरी के साथ इस कोर्स को अपनी सुविधानुसार कर सकते हैं। 2. स्वतंत्रताआपको किसी क्लास में जाने की जरूरत नहीं होती। आप घर बैठे अपनी पढ़ाई कर सकते हैं और जब समय मिले तब उसे पूरा कर सकते हैं। 3. आधुनिक तकनीकी शिक्षाऑनलाइन BCA कोर्स में आपको हमेशा नवीनतम तकनीकी ज्ञान दिया जाता है, जो उद्योग की मौजूदा जरूरतों के अनुरूप होता है। 4. कम खर्चपारंपरिक कॉलेजों के मुकाबले, ऑनलाइन कोर्स में लागत कम होती है, क्योंकि आपको परिवहन और अन्य अतिरिक्त खर्चों की चिंता नहीं करनी पड़ती। नौकरी के साथ BCA कोर्स करने के लिए क्या ध्यान रखना चाहिए?1. समय प्रबंधननौकरी के साथ BCA करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है सही समय का प्रबंधन। आपको अपने कार्य और अध्ययन दोनों को संतुलित करना होगा। 2. ऑनलाइन क्लासेस के साथ सक्रिय रहनाऑनलाइन कोर्स में सक्रिय रूप से भाग लेना जरूरी है। अपनी कक्षाओं को नियमित रूप से देखें, और किसी भी शंका को तुरंत समाधान करें। 3. पेशेवर नेटवर्किंगऑनलाइन BCA करने से आप विभिन्न पेशेवर नेटवर्क के साथ जुड़ सकते हैं, जिससे आपकी करियर की संभावनाएं बढ़ती हैं।

डिजिटल युग में बढ़ रही स्टॉक ब्रोकिंग की मांग, 12वीं कॉमर्स पास युवाओं के लिए सुनहरा करियर विकल्प

Stock Broker (Source-Google)

New Delhi: आज के डिजिटल युग में वित्तीय क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है और साथ ही निवेश के प्रति युवाओं में जागरूकता भी बढ़ रही है। ऐसे में अगर आपने 12वीं कॉमर्स से की है और आप शेयर बाजार की दुनिया में अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो स्टॉक ब्रोकर बनना आपके लिए एक बहुत अच्छा विकल्प हो सकता है। स्टॉक ब्रोकर वित्तीय बाजार और निवेशकों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करता है। यह करियर न केवल आकर्षक है, बल्कि इसमें अवसर भी बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। स्टॉक ब्रोकर क्या करता है? स्टॉक ब्रोकर वह व्यक्ति होता है जो निवेशकों और शेयर बाजार के बीच लेन-देन को आसान बनाता है। निवेशक सीधे शेयर बाजार में ट्रेड नहीं कर सकते, इसलिए ब्रोकर उनके लिए डीमैट अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलता है और दैनिक लेन-देन को प्रबंधित करता है। इसके अलावा, ब्रोकर निवेशकों को यह भी सलाह देता है कि बाजार की वर्तमान स्थिति के अनुसार कब और कितना निवेश करना चाहिए। वह बाजार की स्थिति, कंपनियों के प्रदर्शन और संभावित जोखिमों की जानकारी उपलब्ध कराकर निवेशकों को नुकसान से बचाता है। स्टॉक ब्रोकर बनने के लिए आवश्यक कोर्स स्टॉक ब्रोकर बनने के लिए सबसे पहले 12वीं कक्षा कॉमर्स स्ट्रीम से उत्तीर्ण होना जरूरी है। इसके बाद बैंकिंग और फाइनेंस में एक साल का पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया जा सकता है। इस कोर्स में बैंकिंग ऑपरेशंस, ट्रेड फाइनेंस, शेयर बाजार की कार्यप्रणाली और वित्तीय योजना बनाना सिखाया जाता है। इसके अलावा, बिजनेस कम्युनिकेशन और कंप्यूटर की मूल जानकारी होना भी आवश्यक है ताकि ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और डिजिटल टूल्स का सही उपयोग किया जा सके। यह कोर्स छात्रों को यह भी सिखाता है कि किस समय, किन स्टॉक्स में निवेश करना लाभकारी होगा और कब बेचने का सही मौका है। क्यों बढ़ रही है स्टॉक ब्रोकर की मांग? वर्तमान समय में निवेशकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लोग अब केवल बचत नहीं करना चाहते, बल्कि पैसे को सही जगह निवेश कर उसका लाभ उठाना चाहते हैं। इस बदलाव ने स्टॉक ब्रोकरों की मांग में तेज़ी ला दी है। निवेशकों को गाइड करने के लिए अनुभवी और योग्य ब्रोकरों की जरूरत अधिक है। इसलिए इस क्षेत्र में करियर के बेहतर अवसर उपलब्ध हैं। कोर्स कहां से करें? स्टॉक ब्रोकर बनने के लिए कई सरकारी और निजी संस्थान बैंकिंग और फाइनेंस में डिप्लोमा और शेयर मार्केट से जुड़े कोर्स उपलब्ध कराते हैं। इसके अलावा, आप ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे NSE Academy, BSE Institute, Coursera और Udemy से भी स्टॉक मार्केट और फाइनेंस के कोर्स कर सकते हैं। अगर आप कॉमर्स से 12वीं पास कर चुके हैं और फाइनेंस व निवेश की दुनिया में करियर बनाना चाहते हैं, तो स्टॉक ब्रोकर बनना एक सुनहरा अवसर हो सकता है। इस क्षेत्र में मांग बढ़ रही है और सही शिक्षा व प्रशिक्षण के साथ आप अच्छे रोजगार के अवसर पा सकते हैं। निवेशकों की मदद करना और उन्हें सही दिशा दिखाना इस पेशे की खासियत है।

ब्रिटिश काउंसिल ने भारतीय छात्रों के लिए शुरू किया ‘वर्चुअल प्री-डिपार्चर ब्रीफिंग’, जानें आवेदन प्रक्रिया और लाभ

ब्रिटिश काउंसिल

New Delhi: यूके में उच्च शिक्षा हासिल करना भारतीय छात्रों के बीच एक लोकप्रिय सपना है, लेकिन वीजा प्रक्रिया, कॉलेज चयन और विदेश में रहने की तैयारी जैसी जटिलताओं के कारण कई बार छात्र भ्रमित और परेशान हो जाते हैं। इसी समस्या को दूर करने के उद्देश्य से ब्रिटिश काउंसिल ने भारतीय छात्रों के लिए ‘वर्चुअल प्री-डिपार्चर ब्रीफिंग’ कार्यक्रम की घोषणा की है। यह कार्यक्रम छात्रों को यूके में पढ़ाई शुरू करने से पहले आवश्यक दिशा-निर्देश और जानकारी प्रदान करेगा। यह वर्चुअल सेशन 29 जुलाई, 2025 को दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इसमें शामिल होने के लिए छात्र britishcouncil.in वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण करने वाले छात्रों को सेशन का लिंक ईमेल के माध्यम से कुछ दिन पहले भेजा जाएगा। क्या है वर्चुअल प्री-डिपार्चर ब्रीफिंगयह एक विशेष वर्चुअल कार्यक्रम है जिसे उन छात्रों के लिए डिज़ाइन किया गया है जिन्हें यूके के किसी कॉलेज या विश्वविद्यालय से कंडीशनल या अनकंडीशनल ऑफर मिल चुका है। खासतौर पर वे छात्र जो 2025-26 के शैक्षणिक सत्र में शरद ऋतु या सर्दियों से अपनी पढ़ाई शुरू करने की योजना बना रहे हैं, इस कार्यक्रम में भाग ले सकते हैं। सेशन में क्या-क्या मिलेगा?इस दो घंटे के सेशन में छात्रों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। छात्रों को कैसे होगा फायदा?यह कार्यक्रम न सिर्फ छात्रों की शंकाओं का समाधान करेगा, बल्कि उन्हें एक नए देश, संस्कृति और शिक्षा प्रणाली में खुद को ढालने के लिए मानसिक रूप से तैयार भी करेगा। पूर्व छात्रों के अनुभव जानकर नए छात्रों को असली परिस्थितियों को समझने और सही फैसले लेने में मदद मिलेगी। आवेदन कैसे करें?ब्रिटिश काउंसिल द्वारा आयोजित यह सेशन नि:शुल्क है, लेकिन इसके लिए पंजीकरण अनिवार्य है। इच्छुक छात्र www.britishcouncil.in वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। पंजीकरण के बाद उन्हें सेशन लिंक ईमेल के माध्यम से भेजा जाएगा। इस पहल से यूके में पढ़ाई का सपना देख रहे हजारों भारतीय छात्रों को न केवल सही दिशा मिलेगी, बल्कि वे आत्मविश्वास के साथ अपनी विदेश यात्रा की तैयारी कर सकेंगे।

कम स्कोर, कोई चिंता नहीं! जानिए CUET के बाद के विकल्प और करियर बदलने की राह

CUET प्रवेश 2025

New Delhi: कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) ने देशभर में उच्च शिक्षा में दाखिले की प्रक्रिया को एकरूप किया है। लेकिन हजारों छात्र ऐसे हैं जो कम स्कोर के कारण निराश हैं और सोच रहे हैं कि अब उनका भविष्य क्या होगा। वहीं दूसरी ओर, बहुत से स्टूडेंट्स ऐसे भी हैं जिन्होंने मास्टर्स तो किसी एक विषय में किया, लेकिन अब वे अपने करियर की दिशा बदलना चाहते हैं। ऐसे छात्रों के लिए यह रिपोर्ट खास है। CUET में कम स्कोर पर भी मिल सकता है दाखिलाअगर आपका CUET स्कोर अपेक्षा से कम है, तो भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। कई विश्वविद्यालय और कॉलेज अभी भी ऐसे कोर्स ऑफर करते हैं जिनमें कट-ऑफ कम होती है। इसके लिए छात्रों को कुछ बातों पर ध्यान देना होगा: 1. नॉन-केंद्रीय विश्वविद्यालय और प्राइवेट कॉलेज विकल्प हैंकई राज्य विश्वविद्यालय, डीम्ड और प्राइवेट कॉलेज CUET स्कोर के आधार पर प्रवेश देते हैं लेकिन उनकी कट-ऑफ अपेक्षाकृत कम होती है। जैसे – डीएवी कॉलेज, चंडीगढ़, जीएलए यूनिवर्सिटी, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, आदि। 2. वेटिंग लिस्ट और स्पॉट राउंड का रखें ध्यानकुछ केंद्रीय विश्वविद्यालयों में कट-ऑफ की अंतिम सूची में सीटें बच जाती हैं। ऐसे में स्पॉट राउंड या वेटिंग लिस्ट में नाम आने पर आपको मौका मिल सकता है। 3. स्किल-बेस्ड कोर्स पर करें विचारयदि स्कोर बहुत कम है, तो स्किल डेवलेपमेंट कोर्स (डिजिटल मार्केटिंग, डाटा एनालिटिक्स, ग्राफिक डिजाइनिंग आदि) से शुरुआत कर आप करियर बना सकते हैं। मास्टर्स के बाद करियर चॉइस कैसे बदलें?मास्टर्स करने के बाद यह सोचना कि अब करियर तय हो गया है, गलत धारणा है। आज के दौर में स्किल्स और रुचि के आधार पर करियर बदला जा सकता है। यहां कुछ उपाय दिए गए हैं: 1. ब्रिज कोर्स और डिप्लोमा से करें नई शुरुआतअगर आपने मास्टर्स इतिहास में किया है लेकिन अब आपको साइबर सिक्योरिटी में दिलचस्पी है, तो आप 6–12 महीने के प्रोफेशनल कोर्स या पीजी डिप्लोमा से नए क्षेत्र में कदम रख सकते हैं। 2. अपस्किलिंग और सर्टिफिकेशन का सहारा लेंNPTEL, Coursera, Udemy और SWAYAM जैसे प्लेटफॉर्म्स पर आप सर्टिफाइड कोर्स कर सकते हैं, जो इंडस्ट्री में वैल्यूबल माने जाते हैं। 3. इंटर्नशिप और प्रोजेक्ट्स से हासिल करें अनुभवकरियर बदलते समय शुरुआती अनुभव जरूरी होता है। फ्रीलांसिंग प्रोजेक्ट या इंटर्नशिप से अनुभव लेकर नई जॉब्स के लिए खुद को तैयार करें। निष्कर्षCUET में कम स्कोर या मास्टर्स के बाद विचार बदलना कोई असामान्य बात नहीं है। आज के समय में शिक्षा और करियर में लचीलापन है। जरूरी है कि छात्र अपने विकल्पों को समझें, रिसर्च करें और सही दिशा में आगे बढ़ें।

एक अच्छे College में एडमिशन कैसे मिलता है? यहां जानें भारत के पांच बेहतरीन कॉलेज के नाम

एक अच्छे कॉलेज में एडमिशन

New Delhi: हर छात्र का सपना होता है कि वह एक बेहतरीन कॉलेज में पढ़े, जहां अच्छी शिक्षा, अनुभवी फैकल्टी और बेहतर करियर अवसर मिलें। लेकिन किसी टॉप कॉलेज में एडमिशन लेना आसान नहीं होता। इसके लिए सही रणनीति, मेहनत और समय पर सही जानकारी जरूरी होती है। अगर आप जानना चाहते हैं कि एक अच्छे कॉलेज में एडमिशन कैसे लिया जाए और भारत के टॉप कॉलेज कौन-से हैं, तो यह जानकारी आपके लिए है। अच्छे कॉलेज में एडमिशन के लिए ज़रूरी बातें1. अच्छे अंकों के साथ 12वीं पास करें: अधिकतर टॉप कॉलेजों में कट-ऑफ बहुत हाई होती है, खासकर दिल्ली यूनिवर्सिटी, मुंबई यूनिवर्सिटी या स्टीफंस कॉलेज जैसे संस्थानों में। 2. एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी करें: इंजीनियरिंग के लिए JEE, मेडिकल के लिए NEET, लॉ के लिए CLAT और मैनेजमेंट के लिए IPMAT जैसे एग्जाम जरूरी होते हैं। आईआईटी, एनआईटी, एम्स, एनएलयूज जैसे संस्थान इन्हीं एग्जाम्स के आधार पर एडमिशन देते हैं। 3. सही कोर्स और कॉलेज का चयन करें: सिर्फ कॉलेज नहीं, कोर्स का भी सही चुनाव महत्वपूर्ण है। आपके इंटरेस्ट और करियर गोल्स के अनुसार कॉलेज चुनें। 4. सर्च और आवेदन प्रक्रिया को समय पर पूरा करें: हर कॉलेज की एडमिशन प्रक्रिया और समयसीमा अलग होती है। समय पर फॉर्म भरना और डॉक्यूमेंट तैयार रखना जरूरी है। 5. एक्स्ट्रा करिकुलर और स्किल्स भी मायने रखते हैं: कुछ कॉलेज इंटरव्यू, SOP या पर्सनल स्टेटमेंट मांगते हैं। आपके स्किल्स, अनुभव और सामाजिक भागीदारी भी चयन में मदद करते हैं। भारत के 5 बेहतरीन कॉलेज1. आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay): इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के लिए देश का नंबर 1 संस्थान। JEE Advanced के जरिए एडमिशन मिलता है। 2. सेंट स्टीफेंस कॉलेज, दिल्ली (St. Stephen’s College): दिल्ली यूनिवर्सिटी से संबद्ध यह कॉलेज आर्ट्स और साइंस स्ट्रीम में देश के टॉप कॉलेजों में गिना जाता है। कट-ऑफ बहुत हाई होती है। 3. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), दिल्ली: मेडिकल फील्ड के लिए यह भारत का सबसे प्रतिष्ठित संस्थान है। NEET के माध्यम से यहां प्रवेश मिलता है। 4. नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU), बेंगलुरु: लॉ की पढ़ाई के लिए भारत का सबसे प्रतिष्ठित कॉलेज, जहां CLAT के जरिए एडमिशन होता है। 5. श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC), दिल्ली: कॉमर्स और इकोनॉमिक्स के क्षेत्र में देश का अग्रणी कॉलेज। यहां एडमिशन के लिए कट-ऑफ बेहद हाई होती है। निष्कर्षएक अच्छे कॉलेज में एडमिशन पाना कठिन जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं। अगर आपने समय पर तैयारी शुरू की, सही दिशा में मेहनत की और अपने लक्ष्यों पर केंद्रित रहे, तो टॉप कॉलेज आपकी पहुंच से दूर नहीं रहेंगे। अपने सपनों को पूरा करने के लिए आज से ही शुरुआत करें।

Study Tips: सपनों को सच करने का सुपर प्लान, आसानी से बनाएं टाइम टेबल

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New Delhi: छात्र जीवन में समय का सही प्रबंधन सफलता का सबसे बड़ा हथियार है। चाहे आप स्कूल की किताबों में डूबे हों या घर पर सेल्फ-स्टडी कर रहे हों, एक अच्छा टाइम टेबल आपकी पढ़ाई को न सिर्फ आसान बनाता है, बल्कि उसे मजेदार और तनावमुक्त भी बनाता है। यह न केवल आपकी उत्पादकता को बढ़ाता है, बल्कि आत्मविश्वास को भी आसमान छूने का मौका देता है। आइए, जानते हैं कि कैसे एक ऐसा टाइम टेबल बनाएं, जो आपकी जरूरतों के हिसाब से ढले और आपको आपके लक्ष्यों तक पहुंचाए। अपनी जरूरतों का आकलन करें सबसे पहले अपनी पढ़ाई की आदतों और जिम्मेदारियों को समझें। क्या कोई विषय आपको रातों की नींद हराम कर रहा है? क्या आपको खेल, हॉबी या घर के कामों के लिए समय चाहिए? अपनी दिनचर्या का विश्लेषण करें और उसी हिसाब से टाइम टेबल बनाएं। उदाहरण के लिए, अगर विज्ञान में आपको ज्यादा मेहनत चाहिए, तो उसे प्राथमिकता दें और ज्यादा समय दें। छोटे लक्ष्य, बड़े सपने हर टाइम टेबल के पीछे एक मकसद होना चाहिए। क्या आप बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं या किसी खास टॉपिक को समझना चाहते हैं? अपने लक्ष्यों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटें। जैसे, “इंग्लिश पढ़ना” की जगह, “अध्याय 3 के 15 प्रश्न हल करना” जैसा लक्ष्य बनाएं। यह आपको केंद्रित रखेगा और प्रगति को मापना आसान होगा। प्राथमिकताओं का जादू सभी विषयों का वजन एक जैसा नहीं होता। जो विषय कठिन हैं या जिनके प्रोजेक्ट की डेडलाइन करीब है, उन्हें पहले निपटाएं। सुबह का समय, जब आपका दिमाग तरोताजा होता है, कठिन विषयों के लिए बेस्ट है। आसान टॉपिक्स को दोपहर या शाम के लिए छोड़ें। इससे आपकी ऊर्जा का सही इस्तेमाल होगा। यथार्थवादी बनें, सुपर बनें ऐसा शेड्यूल बनाएं, जिसे आप सचमुच फॉलो कर सकें। 10 घंटे लगातार पढ़ाई का प्लान बनाना सपना हो सकता है, लेकिन हकीकत में यह मुश्किल है। इसके बजाय, 45-60 मिनट पढ़ाई के बाद 10 मिनट का ब्रेक लें। यह पॉमोडोरो तकनीक आपकी एकाग्रता को बनाए रखेगी और थकान को दूर रखेगी। ब्रेक का मस्त मंत्र लगातार पढ़ाई से दिमाग थक जाता है। हर घंटे बाद 10-15 मिनट का ब्रेक जरूरी है। इस दौरान टहलें, पानी पिएं, या कोई धमाकेदार गाना सुनें। हफ्ते में कुछ समय दोस्तों, खेल या अपनी पसंदीदा हॉबी के लिए भी निकालें। यह आपको रिचार्ज करेगा और पढ़ाई को बोझिल होने से बचाएगा। संतुलित जीवन, सुपर कामयाबी पढ़ाई के साथ-साथ नींद, खानपान और व्यायाम का भी ख्याल रखें। रात को 7-8 घंटे की नींद लें और सोशल मीडिया जैसे समय चोरों से बचें। एक सही टाइम टेबल में पढ़ाई, आराम और मस्ती का सही तालमेल होना चाहिए। नियमितता है सफलता की चाबी टाइम टेबल बनाना आसान है, लेकिन उसका पालन करना असली चुनौती है। रोज अपने शेड्यूल को फॉलो करें। अगर कुछ काम छूट जाए, तो तनाव न लें। लचीलापन अपनाएं और जरूरत पड़ने पर शेड्यूल में बदलाव करें। समय-समय पर चेक करें हर हफ्ते अपने टाइम टेबल की समीक्षा करें। क्या यह आपके लिए काम कर रहा है? अगर नहीं, तो बेझिझक बदलाव करें। नए टेस्ट, प्रोजेक्ट या अन्य जिम्मेदारियों के लिए अपने शेड्यूल को अपडेट करें। यह लचीलापन आपको हमेशा ट्रैक पर रखेगा। प्रेरणा का तड़का पढ़ाई को मजेदार बनाने के लिए छोटे-छोटे इनाम शामिल करें। जैसे, एक मुश्किल चैप्टर खत्म करने के बाद अपनी पसंदीदा मिठाई खाएं या कोई मजेदार वीडियो देखें। यह आपको प्रेरित रखेगा और पढ़ाई को बोझिल होने से बचाएगा। टूल्स बनाएं आपका साथी डिजिटल कैलेंडर, टू-डू लिस्ट ऐप्स या साधारण नोटबुक का इस्तेमाल करें। ये टूल्स आपके समय को व्यवस्थित करने में मदद करते हैं। रंग-बिरंगे पेन से टाइम टेबल बनाकर उसे और आकर्षक बनाएं। एक स्मार्ट टाइम टेबल आपका सबसे अच्छा दोस्त हो सकता है। यह न केवल आपकी पढ़ाई को आसान बनाता है, बल्कि आपको आत्मविश्वास और प्रेरणा भी देता है। तो देर न करें, आज ही अपना सुपर टाइम टेबल बनाएं और अपने सपनों को सच करने की राह पर चल पड़ें।

Career Tips: बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए चुनें ये बेहतरीन कोर्स, नौकरी के मिलेंगे ढेरों अवसर

लड़कियों के लिए कोर्स (सोर्स- इंटरनेट)

New Delhi: आज के समय में लड़कियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, कला, चिकित्सा, प्रबंधन या रक्षा—हर जगह उनका योगदान उल्लेखनीय है। आज लड़कियां ही देश और अपने माता- पिता का नाम रोशन कर रही है। डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार सही मार्गदर्शन और सही कोर्स चुनकर लड़कियां न सिर्फ आत्मनिर्भर बन सकती हैं बल्कि अपने परिवार और समाज का भी नाम रोशन कर सकती हैं। यहां कुछ ऐसे बेहतरीन कोर्स बताए जा रहे हैं जो लड़कियों के लिए करियर की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी हैं। नर्सिंग और पैरामेडिकल कोर्सस्वास्थ्य क्षेत्र में लड़कियों के लिए नर्सिंग, फार्मेसी, रेडियोलॉजी, फिजियोथेरेपी जैसे कोर्स काफी लोकप्रिय हैं। इन कोर्सेज में रोजगार के अच्छे अवसर होते हैं और समाज में सेवा का भाव भी जुड़ा होता है। बी.एड (B.Ed) और शिक्षण कोर्सशिक्षण एक सम्मानजनक और स्थिर करियर विकल्प है। बी.एड के बाद सरकारी या निजी स्कूलों में शिक्षक के रूप में करियर बनाया जा सकता है। इस क्षेत्र में समय की स्थिरता और कार्य संतुलन भी बेहतर होता है। कंप्यूटर साइंस और आईटी कोर्सतकनीकी क्षेत्र में रुचि रखने वाली लड़कियों के लिए BCA, B.Tech (Computer Science), या Web Development, App Development, Data Analytics जैसे शॉर्ट टर्म कोर्स बहुत ही लाभकारी हैं। यह कोर्स फ्रीलांसिंग के लिए भी रास्ते खोलते हैं। फैशन डिजाइनिंग और इंटीरियर डिजाइनिंगक्रिएटिव सोच और कला में रुचि रखने वाली लड़कियों के लिए यह क्षेत्र बेहतरीन है। ये कोर्स न केवल रोजगार बल्कि स्वरोजगार (self-employment) के भी कई अवसर देते हैं। चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA), कंपनी सेक्रेटरी (CS) और बैंकिंग कोर्सवित्तीय क्षेत्र में करियर बनाने के लिए लड़कियां अब बड़ी संख्या में CA, CS, CFA जैसे प्रोफेशनल कोर्स कर रही हैं। इसके अलावा बैंकिंग की तैयारी भी एक सुरक्षित और सम्मानजनक विकल्प है। लॉ (LLB) और सिविल सर्विसेजकानून की पढ़ाई करने के बाद लड़कियां वकालत, न्यायिक सेवा या कानूनी सलाहकार के रूप में करियर बना सकती हैं। साथ ही UPSC, PCS जैसी परीक्षाएं पास कर प्रशासनिक सेवाओं में भी प्रवेश पा सकती हैं। मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्मयदि किसी लड़की को लिखने, बोलने या कैमरे के सामने काम करने में रुचि है तो पत्रकारिता एक शानदार विकल्प है। इस क्षेत्र में प्रिंट, टीवी, डिजिटल मीडिया सभी में अवसर मौजूद हैं। होटल मैनेजमेंट और टूरिज्म कोर्सयह क्षेत्र लड़कियों के लिए तेजी से बढ़ता हुआ विकल्प है। होटल इंडस्ट्री, एयरलाइंस और टूर कंपनियों में लड़कियों के लिए कई आकर्षक करियर अवसर होते हैं। सही कोर्स का चुनाव लड़कियों को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बनाता है बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता भी प्रदान करता है। सरकार और कई संस्थान लड़कियों के लिए छात्रवृत्ति और विशेष प्रशिक्षण योजनाएं भी चलाते हैं, जिससे उन्हें आगे बढ़ने में सहायता मिलती है। यह जरूरी है कि माता-पिता भी बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें और उन्हें उनके सपनों को उड़ान देने का अवसर दें।